Connect with us
Wednesday,28-October-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

आरक्षित श्रेणियों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में निकली भर्ती, सीनियर मैनेजर सहित 11 पदों पर आवेदन शुरू, जानें कौन पात्र

Published

on

बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जो लोग नौकरी की तलाश में जुटे हैं, उनके लिए एक खास मौका सामने आया है। दरअसल, बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने विशेष भर्ती अभियान-2026 के तहत आरक्षित श्रेणियों (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग) के उम्मीदवारों के लिए बैकलॉग रिक्तियों के अंतर्गत नियमित आधार पर विभिन्न 11 पदों पर भर्ती की घोषणा एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके की है।

बीओबी की ओर से जारी 11 रिक्तियों में सीनियर मैनेजर – प्रोजेक्ट फाइनेंस – इंफ्रास्ट्रक्चर और ईएसजी (एमएमजी/एस-III) का 1, सीनियर मैनेजर – एमएसएमई क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट (एमएमजी/एस-III) का 1, सीनियर मैनेजर – एंटरप्राइज और ऑपरेशनल रिस्क मैनेजमेंट (एमएमजी/एस-III) का 1, सीनियर मैनेजर – फ्रॉड इंसिडेंस और रूट कॉज एनालिसिस (एमएमजी/एस-III) का 1, मैनेजर – डिजिटल फ्रॉड (एमएमजी/एस-II) के 2, सीनियर मैनेजर – एमएसएमई रिलेशनशिप (एमएमजी/एस-III) का 1, सीनियर मैनेजर – बिजनेस फाइनेंस (एमएमजी/एस-III) के 2 और चीफ मैनेजर – इंटरनल कंट्रोल्स (एसएमजी/एस-IV) के 2 पद शामिल हैं।

इन सभी पदों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर तक तय की गई है। जो पात्र और इच्छुक उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे बीओबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर सकते हैं।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से सीनियर मैनेजर – प्रोजेक्ट फाइनेंस – इंफ्रास्ट्रक्चर और ईएसजी, सीनियर मैनेजर – एमएसएमई क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट और सीनियर मैनेजर – एंटरप्राइज और ऑपरेशनल रिस्क मैनेजमेंट के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) या संबंधित क्षेत्र में फुल-टाइम एमबीए/पीजीडीएम या इसके समकक्ष योग्यता; सीनियर मैनेजर – फ्रॉड इंसिडेंस और रूट कॉज एनालिसिस के लिए एनालिटिक्स, डेटा साइंस, फाइनेंस या अकाउंटिंग के क्षेत्र में बैचलर या मास्टर डिग्री या चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) या कंपनी सेक्रेटरी (सीएस); मैनेजर – डिजिटल फ्रॉड के लिए कंप्यूटर साइंस/आईटी/डेटा साइंस/एमसीए में ग्रेजुएशन/पोस्ट-ग्रेजुएशन डिग्री; सीनियर मैनेजर – एमएसएमई रिलेशनशिप के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री; सीनियर मैनेजर – बिजनेस फाइनेंस और चीफ मैनेजर – इंटरनल कंट्रोल्स के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन और योग्यता से चार्टर्ड अकाउंटेंट होने चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट्स के पास पद के अनुसार प्रासंगिक क्षेत्र में निर्धारित न्यूनतम 3 से 8 वर्षों का अनुभव होना जरूरी है।

आवेदकों की न्यूनतम आयु पोस्ट के अनुसार 24 से 30 वर्षों के बीच और अधिकतम आयु 34 से 40 वर्षों के बीच तय की गई है, जिसकी गणना 1 अक्टूबर 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की जांच, ऑनलाइन टेस्ट, साइकोमेट्रिक टेस्ट या अन्य टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन और/या इंटरव्यू (या इंटरव्यू के कई दौर) और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित की सैलरी 64,820 से 1,20,940 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसके अलावा, अभ्यर्थियों को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।

आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो ओबीसी के लिए 850 रुपए और एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी, ईएसएम/डीईएसएम और महिला उम्मीदवारों के लिए 175 रुपए तय किया गया है।

राजनीति

जम्मू-कश्मीर में साइबर हमलों से निपटने की तैयारी, सरकार ने सभी विभागों को सुरक्षा मजबूत करने का दिया आदेश

Published

on

जम्मू-कश्मीर सरकार ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के सभी विभागों में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने का आदेश दिया।

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, सरकार ने सभी सरकारी विभागों और संगठनों को साइबर सुरक्षा मजबूत करने और सरकारी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को उभरते साइबर खतरों से बचाने का निर्देश दिया है।

सर्कुलर में सभी सरकारी विभागों और संगठनों को ‘यूनिफाइड एंडपॉइंट मैनेजमेंट’ (यूईएम) और ‘एंडपॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पॉन्स’ (ईडीआर) समाधानों के अपग्रेडेड वर्जन लागू करने का निर्देश दिया गया है।

सुरक्षित और जवाबदेह ई-गवर्नेंस के हित में सभी विभागों, पीएसयू और निगमों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे यूईएम और ईडीआर के नए वर्जन को इंस्टॉल करने के लिए एनआईसी टीम को पूरा सहयोग दें।

यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सरकारी विभागों और संगठनों में अपग्रेडेड साइबर सुरक्षा समाधान लागू करने के संबंध में भेजे गए एक संदेश के बाद उठाया गया है।

सरकार ने कहा कि सरकारी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष रूप से ‘नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर नेटवर्क’ (एनआईसीएनईटी) और ‘जम्मू-कश्मीर स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क’ (जेकेएसडब्ल्यूएएन) से जुड़े एंडपॉइंट्स पर बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए, यूईएम और ईडीआर समाधानों को लागू करना बहुत महत्वपूर्ण है।

ये अपग्रेडेड सिस्टम सरकारी एंडपॉइंट्स का सेंट्रलाइज्ड मैनेजमेंट प्रदान करेंगे, सुरक्षा नियमों के पालन और कमजोरियों की निगरानी में मदद करेंगे, साइबर खतरों का जल्द पता लगाने में सक्षम होंगे और सुरक्षा घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में सहायता करेंगे। सर्कुलर में यह भी बताया गया है कि मौजूदा यूईएम और ईडीआर समाधानों के लाइसेंस सपोर्ट की अवधि समाप्त होने वाली है।

इसके अनुसार, सुरक्षा सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और उभरते साइबर खतरों से बचाव के लिए एनआईसी मुख्यालय ने इनके अपग्रेडेड वर्जन हासिल कर लिए हैं। एनआईसी के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम, जिसे ‘साइबर वॉरियर्स’ नाम दिया गया है, संबंधित सरकारी विभागों और संगठनों में जाएगी। यह टीम एनआईसीएनईटी-जेकेएसडब्ल्यूएएन से जुड़े सभी एंडपॉइंट्स पर इन अपग्रेडेड समाधानों को इंस्टॉल और लागू करेगी।

इसे चरणों में लागू किया जाएगा। प्रशासनिक सचिवों और विभागों, पीएसयू और निगमों के प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक ये निर्देश पहुंचाएं और अपग्रेडेड सिस्टम को इंस्टॉल करने के लिए एनआईसी टीम को पूरा सहयोग दें।

सरकार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, स्थापित आईटी गवर्नेंस नियमों का पालन सुनिश्चित करना और पूरे जम्मू-कश्मीर में एक सुरक्षित तथा जवाबदेह ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है।

Continue Reading

राजनीति

मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सीएम शर्मा का पलटवार, बोले- हार पर आत्ममंथन करे कांग्रेस

Published

on

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी से लगातार चुनावी हार पर आत्मनिरीक्षण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को दूसरों को दोष देने के बजाय अपनी आंतरिक कमियों को पहचानना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में की गई टिप्पणी की भी आलोचना की और इसे राजनीतिक चर्चा में अनुचित बताया।

जयपुर के सेंट्रल पार्क में सुबह की सैर के दौरान मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व, संगठनात्मक कमजोरियों और जनता से जुड़ाव का आकलन करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपनी कमियों को पहचानना चाहिए। कोई और आपकी कमजोरियों को दूर नहीं कर सकता। जनता के बीच जाएं और उनके दिलों में जगह बनाएं। आपसी आरोप-प्रत्यारोप से कुछ हासिल नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस लंबे समय से चुनाव हार रही है और उसे अपनी चुनावी हार के कारणों की जांच करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री शर्मा के अनुसार, पार्टी को अपने नेतृत्व की गुणवत्ता और नेताओं द्वारा जनता के बीच बिताए जाने वाले समय का मूल्यांकन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनाव हारने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर सवाल उठाने और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से संबंधित आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे तर्क आंतरिक मूल्यांकन का विकल्प नहीं हो सकते।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में खड़गे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को संयम बरतना चाहिए और दिवंगत परिवार के सदस्यों से संबंधित व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहना चाहता हूं कि राजनीति में ऐसी भाषा का कोई स्थान नहीं है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। किसी को भी किसी के भी दिवंगत माता-पिता के बारे में ऐसी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तुष्टीकरण से संबंधित मुद्दों को बार-बार उठाने और आरोप फैलाने का भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से विवेकपूर्ण निर्णय लेने और राष्ट्रहित में काम करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा राजस्थान पंचायत चुनावों में पर्याप्त बहुमत हासिल करेगी। राज्य सरकार की ‘एक राज्य, एक चुनाव’ पहल के प्रति प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रस्ताव की घोषणा के समय हुई आलोचनाओं को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव पहले ही हो चुके हैं और पंचायत चुनाव अब चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों के कल्याण पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हमें राजस्थान की जनता पर पूरा भरोसा है। भाजपा पंचायत चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।

Continue Reading

राजनीति

यूपी चुनाव 2027: कानपुर नगर की इन विधानसभा सीटों पर 2022 में ऐसे रहे थे समीकरण

Published

on

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानपुर नगर जिले का बड़ा महत्व है। कानपुर भारत के उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक नगर है। यह गंगा नदी के दक्षिणी तट पर बसा हुआ है और प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 80 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।

कानपुर नगर जिले में कुल 10 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें बिल्हौर, बिठूर, कल्याणपुर, गोविंदनगर, सीसामऊ, आर्यनगर, किदवई नगर, कानपुर कैंट, महाराजपुर और घाटमपुर के नाम शामिल हैं।

बिल्हौर (सुरक्षित) सीट उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 209वें नंबर की है। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और कानपुर नगर जिले में आती है। लोकसभा चुनाव में यह क्षेत्र मिश्रिख संसदीय सीट के अंतर्गत आता है। 2022 के चुनाव में इस सीट पर लगभग 3,92,993 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के मोहित सोनकर बच्चा हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की रचना सिंह को हराया था।

बिठूर के मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के अभिजीत सिंह सांगा हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में उन्होंने करीब 44.46 प्रतिशत वोट प्राप्त कर समाजवादी पार्टी के मुनींद्र शुक्ला को हराया था। यहां मतदान प्रतिशत 65.63 प्रतिशत रहा था।

कल्याणपुर उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से 211वीं सीट है और कानपुर नगर जिले में स्थित है। यह एक सामान्य अनारक्षित सीट है। पिछले चुनाव में इस सीट पर लगभग 3,55,100 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी की नीलिमा कटियार हैं।

गोविंद नगर से मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के सुरेंद्र मैथानी हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में करीब 61.13 प्रतिशत वोट प्राप्त कर समाजवादी पार्टी के सम्राट विकास यादव को बड़े वोटों के अंतर से हराया था। यहां मतदान प्रतिशत 54.87 प्रतिशत रहा था।

2022 के विधानसभा चुनाव में सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार इरफान सोलंकी जीते थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सलिल विश्नोई को हराया था।

आर्य नगर सीट उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 214वें नंबर की है और कानपुर नगर जिले में आती है। यह सामान्य अनारक्षित सीट है और लोकसभा में कानपुर संसदीय सीट के अंतर्गत आती है। मौजूदा विधायक समाजवादी पार्टी के अमिताभ बाजपेयी हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में करीब 50.56 प्रतिशत वोट प्राप्त कर भाजपा के सुरेश अवस्थी को हराया था। यहां मतदान प्रतिशत 50.97 प्रतिशत रहा था।

किदवई नगर 403 सीट में से 215वीं सीट है और कानपुर नगर में स्थित है। यह सामान्य अनारक्षित सीट है। पिछले चुनाव में यहां लगभग 3,48,846 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के महेश त्रिवेदी हैं।

कानपुर कैंट (छावनी) से समाजवादी पार्टी के मोहम्मद हसन रूमी विधायक हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में करीब 49.99 प्रतिशत वोटों से जीत हासिल की और भाजपा के रघुनंदन सिंह भदौरिया को हराया था। यहां का मतदान प्रतिशत 52.40 प्रतिशत रहा था।

महाराजपुर 403 में से 217वीं सीट है और कानपुर नगर जिले में स्थित है। यह सामान्य अनारक्षित सीट है। पिछले चुनाव में यहां लगभग 4,48,458 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के सतीश महाना हैं।

घाटमपुर सुरक्षित सीट है। यहां से अपना दल (सोनेलाल) की सरोज कुरील विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में सरोज कुरील ने समाजवादी पार्टी के भगवती सागर को 14,474 वोटों के अंतर से हराया था।

अगर इस जिले की बात करें तो वायु मार्ग से लखनऊ का अमौसी यहां का निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर है। कानपुर का अपना भी एक हवाई अड्डा है चकेरी एयरपोर्ट। रेल मार्ग से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ा है। दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ, हावड़ा, गोरखपुर, झांसी, कन्नौज, मथुरा, आगरा, बांदा, मुंबई, चेन्नई, जबलपुर, भोपाल, मानिकपुर आदि शहरों के लिए नियमित रेलगाड़ियां हैं। शताब्दी, राजधानी, नीलांचल, मगध, विक्रमशिला, वैशाली, गोमती, संगम, पुष्पक आदि ट्रेनें कानपुर से होकर गुजरती हैं। सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग 2 इसे दिल्ली, प्रयागराज, आगरा और कोलकाता से जोड़ता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 25 कानपुर को लखनऊ, झांसी और शिवपुरी से जोड़ता है।

इसे प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस शहर की स्थापना सचेंदी राज्य के राजा हिंदू सिंह ने की थी। कानपुर का मूल नाम कान्हपुर था। जिले के बारे में इतिहास बताता है कि अवध के नवाबों के शासनकाल के अंतिम चरण में यह नगर पुराना कानपुर, पटकापुर, कुरसवां, जुही और सीमामऊ गांवों के मिलने से बना था।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति20 minutes ago

जम्मू-कश्मीर में साइबर हमलों से निपटने की तैयारी, सरकार ने सभी विभागों को सुरक्षा मजबूत करने का दिया आदेश

राजनीति33 minutes ago

मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सीएम शर्मा का पलटवार, बोले- हार पर आत्ममंथन करे कांग्रेस

महाराष्ट्र40 minutes ago

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिवाली 2026 के लिए 33,000 रुपये का बोनस मिलेगा

मनोरंजन1 hour ago

सुशांत सिंह राजपूत के घर में रहने के लिए हिम्मत की जरूरत नहीं: अदा शर्मा

राजनीति1 hour ago

यूपी चुनाव 2027: कानपुर नगर की इन विधानसभा सीटों पर 2022 में ऐसे रहे थे समीकरण

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

आरक्षित श्रेणियों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में निकली भर्ती, सीनियर मैनेजर सहित 11 पदों पर आवेदन शुरू, जानें कौन पात्र

व्यापार2 hours ago

पीयूष गोयल ने यूएई का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार मिलने पर कैप्टन स्मित मच्छार को दी बधाई

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

केदारनाथ धाम में बीकेटीसी कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, मांगों को लेकर मंदिर के सामने निकाली रैली

मनोरंजन2 hours ago

कपिल शर्मा के शो में फैमिली संग पहुंचे शाहिद कपूर, ईशान के साथ ‘जिंगाट’ पर किया डांस

व्यापार3 hours ago

अदाणी एंटरप्राइजेज का दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन, राजस्व 74 प्रतिशत बढ़कर 38,023 करोड़ रुपए पहुंचा

बॉलीवुड4 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध3 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

राजनीति3 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल4 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

मनोरंजन3 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

व्यापार4 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन3 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति3 weeks ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

खेल3 weeks ago

‘कोई नाराजगी नहीं, टीम के दरवाजे उनके लिए खुले हैं’, रोनाल्डो संग विवाद को लेकर बोले कोच जॉर्ज जीसस

रुझान