मनोरंजन
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: दो महिलाओं को पैसे देकर भेजा मुंबई, 20 दिन तक शहर में रहकर रेकी करता रहा आरोपी
मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपी कुणाल ने हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं को पैसे दिए थे। दोनों को काम के सिलसिले में मुंबई घूमने का लालच भी दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, हथियार पहुंचाने के बाद दोनों महिलाओं के मुंबई में कुछ जगहों पर घूमने की जानकारी सामने आई है। अब क्राइम ब्रांच इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल आरोपियों के मोबाइल फोन से डेटा रिकवर करने में जुटी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने मोबाइल फोन फेंक दिए थे। अब इन फोन का डेटा वापस हासिल करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकाले जा रहे हैं ताकि पता चल सके कि वे किन लोगों के संपर्क में थे और वारदात से पहले और बाद में किससे उनकी बातचीत हुई थी।
इस मामले में दिल्ली और सोनीपत से गिरफ्तार चार आरोपियों को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल की ओर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हथियारों की सप्लाई और फायरिंग की तैयारी से जुड़ी कड़ियां जोड़ रही है।
जांच में सोनीपत से गिरफ्तार अंकित राजेश खटक की भूमिका भी सामने आई है। मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, अंकित करीब 20 दिनों तक मुंबई में रुका था। पूछताछ में सामने आया कि इस दौरान उसने शूटरों के साथ मिलकर फायरिंग वाली जगह और उसके आसपास के इलाकों की रेकी की थी। उसने इलाके की निगरानी करने के साथ हमले की तैयारी में भी भूमिका निभाई थी।
जांच एजेंसी का कहना है कि अंकित इस नेटवर्क से जुड़े बड़े स्तर के लोगों के भी लगातार संपर्क में था। पुलिस अब उसकी गतिविधियों, शूटरों के साथ उसके संपर्क और कथित साजिश में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
बता दें कि 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद पुष्पा नरसी ग्राउंड से अपनी कार में जा रहे थे। इसी दौरान बाइक से आए हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं। घटना में टाइगर बाल-बाल बचे लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस गोली लगने से घायल हो गए।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। बाद में हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करते हुए दिल्ली और सोनीपत से भी गिरफ्तारियां हुईं। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार को मुंबई तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग लोगों की मदद ली गई थी।
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तीन-चार साल की उम्र में पुलिस के चक्कर में फंस गई थीं उमा थर्मन, लाल हाई हील्स खरीदने के लिए घर से चुराए थे पैसे

हॉलीवुड एक्ट्रेस उमा थर्मन ने बचपन का एक ऐसा किस्सा शेयर किया है, जिसके जिक्र से आज भी उन्हें अपना डर याद आ जाता है। एक्ट्रेस ने बताया कि जब वह महज तीन या चार साल की थीं, तब लाल रंग की हाई हील्स खरीदने के लिए उन्होंने घर से 75 सेंट चुरा लिए थे।
वह अकेले जूते की दुकान पर पहुंच गईं और दुकानदार को पैसे देकर जूते खरीदने की कोशिश की। लेकिन दुकानदार को शक हो गया कि इतनी छोटी बच्ची अकेले कैसे आई है। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और उमा को लगा कि अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उमा थर्मन ने यह किस्सा जिमी फैलन के शो ‘द टुनाइट शो विद जिमी फैलन’ में सुनाया।
उन्होंने कहा, ”मेरा परिवार मैसाचुसेट्स के एमहर्स्ट शहर में शिफ्ट हुआ था। मेरे पिता वहां टीचर थे। नए शहर में पहुंचते समय मेरी नजर एक जूते की दुकान की खिड़की में रखी लाल रंग की हाई हील्स पर पड़ी थी। उस वक्त मैं करीब तीन या चार साल की थी और मुझे उन जूतों को देखकर खरीदने का मन हो गया।”
एक्ट्रेस ने आगे कहा, ”अगले दिन मेरी मां दोपहर में सो रही थीं, तभी मैंने टेबल से करीब 75 सेंट उठाए और अकेली ही जूते खरीदने निकल पड़ी। मुझे दुकान का रास्ता याद था, इसलिए मैं वहां पहुंच भी गई। दुकान में मैंने जूते पहने और दुकानदार को भरोसा दिलाया कि मेरी मां भी आने वाली हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था। मैंने जूते ट्राई किए, और फिर दुकानदार को 75 सेंट दे दिए। लेकिन दुकानदार को मेरी बात पर भरोसा नहीं हुआ।”
एक्ट्रेस ने कहा, ”मुझसे दुकानदार ने पूछताछ शुरू कर दी। वह समझ गया था कि इतनी छोटी बच्ची की मां शायद दुकान पर आने वाली नहीं है। उसने वहां पुलिस वालों को बुला लिया। पुलिसवालों ने मुझसे मेरे घर का पता पूछा, लेकिन मुझे मेरे घर की सड़क का नाम तक नहीं पता था। मैंने पुलिसवालों से कहा कि मैं खुद घर लौट जाऊंगी, क्योंकि मेरा घर पास में ही है। हालांकि, पुलिस ने मेरी बात नहीं मानी और मुझे अपने साथ ले गई।”
उमा ने कहा, ”मुझे आज भी यह घटना अच्छी तरह याद है, क्योंकि उस दिन मैं अपनी जिंदगी में पहली बार इतना डरी थी। मुझे सच में लग रहा था कि पुलिस मुझे गिरफ्तार करने जा रही है। पुलिस का एक अधिकारी मुझे अपनी गोद में लेकर गाड़ी में बैठा हुआ था। पुलिस की गाड़ी शहर में घूमती रही, लेकिन अब मैं अपना घर पहचान नहीं पा रही थी।”
उमा ने कहा, ”कुछ देर बाद मुझे सड़क पर अपनी मां दिखाई दी। वह घबराकर सड़क पर चिल्ला रही थीं। उन्हें देखते ही पुलिसवालों को समझ आ गया कि यही बच्ची की मां हैं।”
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‘बिग बॉस 20’ के सफर पर बोले अमन गांधी, कहा- मैं खुद को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पाया

हाल ही में रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ से बाहर हुए टेलीविजन अभिनेता अमन गांधी ने शो में अपने सफर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वह शो के दौरान खुद को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पाए।
अमन ने कहा कि जो लोग उन्हें अच्छी तरह जानते हैं, उन्हें भी लगा कि घर के अंदर उनका असली व्यक्तित्व देखने को नहीं मिला। अभिनेता ने यह भी माना कि ‘बिग बॉस’ के घर में रहते हुए वह खुद से बार-बार यही सवाल करते थे कि आखिर वह वैसे क्यों नहीं रह पा रहे हैं, जैसे आमतौर पर रहते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं खुद को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पाया। मैं खुद को जितना जानता हूं और लोग मुझे जितना जानते हैं, सभी का यही कहना था कि कहीं न कहीं अमन गायब था। यानी घर में असली अमन दिखाई नहीं दे रहा था। मैं भी अंदर बैठकर सोचता था कि लोग तुम्हें जिस वजह से पसंद करते हैं, तुम वैसा क्यों नहीं कर पा रहे हो। मुझे लगता है कि बहुत ज्यादा दबाव, थोड़ी नकारात्मकता और कई चीजों का मिला-जुला असर दिमाग पर हावी हो जाता है। अंदर बहुत कुछ चल रहा था और मैं खुद को ठीक से व्यक्त नहीं कर पाया।”
अमन गांधी शो में केवल पांच सप्ताह का सफर तय कर सके। उन्हें अन्य नामित प्रतियोगियों की तुलना में कम वोट मिले, जिसके कारण उन्हें शो से बाहर होना पड़ा। लगातार दूसरे सप्ताह वह बॉटम में रहे थे। उनके साथ मैरी कॉम और उदिति सिंह भी बॉटम-थ्री में शामिल थीं।
इस सीजन में एक लाइफलाइन सिस्टम भी शुरू किया गया था, जिसके तहत हर प्रतियोगी को एलिमिनेशन से बचने के लिए दो अतिरिक्त मौके दिए गए थे, हालांकि अमन पहले ही एक वोटिंग राउंड में अपनी पहली लाइफलाइन गंवा चुके थे।
शो के दौरान वाइल्ड कार्ड प्रतियोगी नकुल ढुल ने अमन के यौन अनुभवों को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं, जिससे अभिनेता असहज महसूस करने लगे थे, हालांकि अमन ने उस समय सीधे तौर पर नकुल का सामना नहीं किया, लेकिन बाद में उन्होंने इस बारे में अन्य घरवालों से चर्चा की।
कुछ प्रतियोगियों ने अमन से यह सवाल भी किया था कि उन्होंने उसी समय नकुल की टिप्पणी का विरोध क्यों नहीं किया।
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दलेर मेहंदी के साथ हुए बर्ताव पर भड़के राजपाल यादव, बोले-‘कला को खरीदा नहीं जा सकता’

उत्तराखंड के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायक दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर हुए विवाद के बीच एक्टर राजपाल यादव ने सिंगर के साथ सार्वजनिक मंच पर किए गए बर्ताव को गलत बताया और राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस कलाकार की आवाज ने दशकों तक देश और दुनिया के लोगों का मनोरंजन किया है, उसके साथ हजारों लोगों के सामने इस तरह का व्यवहार करना ठीक नहीं है।
राजपाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज के जरिए अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने मंत्री के सामने दलेर मेहंदी के अपमान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता क्योंकि कला एक जिंदगी है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
राजपाल यादव ने वीडियो में कहा, ”नमस्कार दोस्तों, मैं आपका राजपाल हूं। एक कला के विद्यार्थी के तौर पर मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं। जिस तरह एक सम्मानित मंत्री ने हजारों लोगों के सामने ऐसे दिग्गज सिंगर को अपमानित किया, जिसकी आवाज ने दशकों तक देश और दुनिया की सेवा की है, वह स्वीकार करने लायक नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, ”जिस तरह एक सम्मानित मंत्री ने हजारों लोगों के सामने एक दिग्गज सिंगर के लिए इतने खराब शब्दों का इस्तेमाल किया, वह हैरान करने वाला था। माननीय मंत्री जी, यह आपको शोभा नहीं देता।”
राजपाल ने कहा कि इस घटना से ऐसा लगा, जैसे कला को खरीदा जा सकता है। उन्होंने इस सोच पर सवाल उठाते हुए कहा, ”ऐसा लगा जैसे आपने कला को खरीद लिया हो। कला कभी खरीदी नहीं जा सकती। कला एक जिंदगी है। जिंदगी का सम्मान कीजिए।”
राजपाल यादव ने दलेर मेहंदी के शराब पीने के आरोप को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सिंगर शराब नहीं पीते हैं और उनकी सेहत भी ठीक नहीं चल रही है। राजपाल ने बताया कि वह फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में दलेर मेहंदी के साथ काम कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, ”आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं। मैंने भी उनके साथ ‘वेलकम टू द जंगल’ में काम किया है। उनकी सेहत बिगड़ रही है और हर कोई उन्हें जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश कर रहा है। कला आती-जाती रहती है लेकिन कला का स्थान हमेशा बना रहता है। कला के इस स्थान का सम्मान कीजिए। भगवान आपका भला करे।”
बता दें कि दलेर मेहंदी को लेकर यह विवाद रविवार को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। दलेर मेहंदी स्टेज पर परफॉर्म कर रहे थे, तभी उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे। उन्होंने सिंगर की परफॉर्मेंस पर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि वह शराब के नशे में हैं और ठीक से गा नहीं पा रहे हैं। मंत्री ने सिंगर को कथित तौर पर दी गई फीस को लेकर भी सवाल उठाए।
इस घटना के बाद कई कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए। उनके भाई मीका सिंह, एक्टर अनुपम खेर और कॉमेडियन कपिल शर्मा समेत कई हस्तियों ने सिंगर के प्रति समर्थन जताया।
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