खेल
अभिषेक नायर ने शाई होप की मैथ्यू हेडन से की तुलना, बोले- भारतीय गेंदबाजों का आसानी से कर रहे सामना
भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने टीम इंडिया के खिलाफ शाई होप के शानदार प्रदर्शन की तुलना 2000 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैथ्यू हेडन के प्रभाव से की है। उन्होंने होप की तारीफ करते हुए कहा कि वे मौजूदा दौरे पर वेस्टइंडीज की ओर से तीनों फॉर्मेट में बेहतरीन खेल दिखा रहे हैं, जिसमें उन्होंने कंट्रोल, पावर और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की शानदार क्षमता दिखाई है।
तेज गति और बेहतरीन स्पिन का सामना करने के बावजूद, होप ने भारत के खिलाफ खूब रन बनाए हैं। उनकी खासियत यह है कि वह सिर्फ पावर-हिटिंग या सिर्फ टच-प्ले पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि जरूरत के हिसाब से अपना खेल बदल लेते हैं, जिससे उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाज के लिए मुश्किल हो जाता है।
नायर ने ‘जियोस्टार’ से बात करते हुए कहा, “मुझे याद है कि आखिरी बार 2000 के दशक में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई थी, तब मैथ्यू हेडन हमारे गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते थे। शाई होप भी बिल्कुल वैसा ही कर रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी कमाल की रही है, न सिर्फ इसलिए कि उन्होंने बहुत रन बनाए हैं, बल्कि इस वजह से भी कि उन्होंने यह रन किस तरह से बनाए हैं। आप उन्हें सिर्फ एक ‘पावर प्लेयर’ या सिर्फ ‘टच प्लेयर’ नहीं कह सकते। उन्होंने एक बेहतरीन संतुलन बना लिया है। वह गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल भी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पूरी ताकत लगाकर बड़े छक्के भी जड़ सकते हैं।”
नायर ने बताया कि होप को किसी भी तरह की गेंदबाजी से कोई परेशानी नहीं हुई है। उन्होंने मयंक यादव की तेज गति का बखूबी सामना किया, और साथ ही कुलदीप यादव व अक्षर पटेल की गेंदों में किए गए बदलावों को भी अच्छे से समझा है। इस तरह उन्होंने भारत को लगातार दबाव बनाने का कोई मौका नहीं दिया है।
अभिषेक नायर ने आगे कहा, “शाई होप ने तेज गेंदबाजों का भी शानदार सामना किया। मयंक यादव 145 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन होप ने उन्हें आसानी से खेला है। उन्होंने कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे स्पिनरों के खिलाफ भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। इस दौरे पर उन्होंने हर फॉर्मेट में भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। 200 के स्ट्राइक रेट से शतक लगाना उनकी क्षमता को दिखाता है।”
नायर ने कहा कि कप्तानी और विकेटकीपिंग जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बावजूद होप लगातार अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, किसी खिलाड़ी का विकेटकीपिंग करना, टीम की कप्तानी संभालना और फिर बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना बहुत कम देखने को मिलता है। होप का योगदान सिर्फ उनके रन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपनी नेतृत्व क्षमता और लगातार अच्छे प्रदर्शन से भी वेस्टइंडीज टीम के लिए बेहद अहम साबित हो रहे हैं।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला शनिवार (17 अक्टूबर) को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है।
खेल
वेन मैडसेन ने डर्बीशायर के साथ साइन किया एक साल का रेड-बॉल कॉन्ट्रैक्ट, कप्तानी की भी संभालेंगे जिम्मेदारी

इटली के अनुभवी बल्लेबाज वेन मैडसेन ने इंग्लैंड के डर्बीशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के साथ एक साल का नया रेड-बॉल कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। 2009 से क्लब का हिस्सा रहे मैडसेन टीम के लंबे समय से कप्तान हैं। उन्होंने डर्बीशायर के लिए सभी फॉर्मेट में 24,000 से ज्यादा रन बनाए हैं और 52 शतक लगाए हैं।
मैडसेन के इसी शानदार प्रदर्शन ने उन्हें काउंटी चैंपियनशिप के महान बल्लेबाजों की सूची में जगह दिलाई है। वह आगे भी डर्बीशायर की रेड-बॉल टीम की कप्तानी करते रहेंगे। 2025 सीजन से पहले वह दोबारा इस जिम्मेदारी में लौटे थे। इससे पहले, मैडसेन ने 2012 में डर्बीशायर को काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन टू का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
साउथ अफ्रीका में जन्मे इस बल्लेबाज ने जुलाई में लीसेस्टरशायर फॉक्सेस के खिलाफ अपना आखिरी टी20 ब्लास्ट मैच खेलने के बाद घरेलू टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इस नए करार का मतलब है कि 2027 में वह डर्बीशायर के लिए केवल रेड-बॉल क्रिकेट ही खेलेंगे।मैडसेन ने गुरुवार को क्लब द्वारा जारी एक बयान में कहा, “काउंटी चैंपियनशिप मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और मैं जानता हूं कि यह हमारे सदस्यों और समर्थकों के लिए क्या मायने रखती है। डिवीजन वन में वापस लौटना मेरा लक्ष्य है, और इसे हासिल करने के लिए मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “डर्बीशायर के साथ अपने 19वें सीजन में प्रवेश करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मुझे इस क्लब में बिताया गया अपना समय बहुत पसंद आया है और मैं डर्बीशायर का प्रतिनिधित्व करने और टीम में अपना योगदान देने का मौका पाकर बहुत उत्साहित हूं।” पिछले साल सर्दियों में साउथ अफ्रीका वापस लौट चुके मैडसेन ने बताया कि यह नया करार उनके परिवार के लिए भी सुविधाजनक है। मैडसेन इस साल की शुरुआत में भारत में हुए पुरुषों के टी20 विश्व कप में इटली की टीम का हिस्सा थे, लेकिन कंधे की चोट के कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा था।
मैडसेन ने कहा, “मैं अक्सर कहता हूं कि डर्बीशायर मेरे और मेरे परिवार के लिए एक दूसरे घर जैसा बन गया है। इस नए करार से हमें यहां समय बिताने का मौका मिलेगा,इसके साथ ही हम साउथ अफ्रीका में भी रह सकेंगे, जहां हम पिछली सर्दियों में वापस चले गए थे। मैं डर्बीशायर के समर्थकों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि वे हमेशा टीम और मेरे साथ खड़े रहे। मेरे पूरे करियर में उनके समर्थन का बहुत बड़ा महत्व रहा है। डर्बीशायर के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की मेरी भूख और उत्साह आज भी उतना ही है, जितना 2009 में पहली बार टीम से जुड़ते समय था।”
2026 के मिले-जुले सीजन को याद करते हुए मैडसेन ने आगामी सीजन को लेकर काफी सकारात्मक हैं। उन्होंने कहा, “भले ही 2026 में नतीजे हमेशा हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, लेकिन कई सकारात्मक संकेत भी मिले। मुझे हमारी टीम की काबिलियत पर पूरा भरोसा है। मैं अगले समर सीजन को लेकर बहुत उत्साहित हूं और हम प्रमोशन की दौड़ में शामिल होने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे।”
डर्बीशायर के हेड ऑफ क्रिकेट मिकी आर्थर ने कहा कि इस अनुभवी खिलाड़ी के पास अभी भी टीम को देने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने कहा, “वेन की लीडरशिप और उनका कौशल हमारे लिए बहुत अहम है। मुझे खुशी है कि वह 2027 में वापसी करेंगे। इस समर सीजन में उन्होंने दो शानदार शतक लगाए, जो दिखाता है कि हमारी रेड बॉल टीम में वह अभी भी किस उच्च स्तर पर खेलने की क्षमता रखते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “वेन मैडसेन को कोई गलतफहमी नहीं है, वह जानते हैं कि उनका करियर अब शुरुआत की तुलना में अपने अंतिम पड़ाव के ज्यादा करीब है। हालांकि, जब तक वह खेल रहे हैं, वह डर्बीशायर के लिए अपना सब कुछ झोंक देंगे। उन्हें अपनी टीम में पाकर हम बेहद खुश हैं।”
खेल
एशियन गेम्स में शामिल भारतीय दल से मिलेंगे पीएम मोदी, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में होगा कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के दल से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी सभी एथलीटों से नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में मिलेंगे।
भारतीय समयानुसार यह मुलाकात लगभग 4 बजकर 30 मिनट पर होगी। प्रधानमंत्री इस दौरान मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे। इस कार्यक्रम में भारतीय दल के खिलाड़ी, उनके कोच और सपोर्ट स्टाफ, भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि और युवा मामले और खेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। यह एशियाई खेलों में शीर्ष पांच देशों में भारत का लगातार दूसरा स्थान था, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
भारत ने इस संस्करण के एशियाई खेलों में कई ऐतिहासिक और यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे बड़ी सफलता रिकर्व तीरंदाजी में मिली, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रचा। इसके अलावा, पहली बार एक ही एशियाई खेलों में भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
भारत ने सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में भी पहली बार पदक जीतकर नए खेलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। निशानेबाजी में महिला ट्रैप स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक मिला, जो एक बड़ी उपलब्धि रही। वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 28 साल बाद एशियाई खेलों में भारत ने इस खेल में रजत पदक जीता।
वहीं, ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत पदक जीतकर भारत ने 64 साल पुराना इंतजार खत्म किया और इस स्पर्धा में पहली बार इतने लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय पहलवान फाइनल में पहुंचने में सफल रहा। इन उपलब्धियों ने दिखाया कि भारत अब पारंपरिक खेलों के साथ-साथ नए खेलों में भी लगातार प्रगति कर रहा है और एशियाई मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
खेल
आईटी शेयरों के दम पर सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 16 अंक चढ़ा; निफ्टी में मामूली गिरावट

पिछले कारोबारी सत्र में 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के बाद वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला। निवेशक एक ओर घरेलू सकारात्मक संकेतों का आकलन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर वैश्विक चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।
बीएसई सेंसेक्स 73,049.76 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 73,033.78 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 50 22,715.75 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 22,721.95 पर बंद हुआ था। इस तरह, सेंसेक्स 15.98 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है, जबकि निफ्टी 50 6.20 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट को दर्शाता है।
निफ्टी50 इंडेक्स में श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और बीएसई सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई, तो वहीं निफ्टी मिड कैप इंडेक्स में 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी आईटी ने अपनी बढ़त जारी रखी और शीर्ष लाभ कमाने वाला (1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि) सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम और निफ्टी एफएमसीजी में 0.38 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मीडिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.67 प्रतिशत गिर गया। हेल्थकेयर से जुड़े सूचकांकों पर भी दबाव बना रहा और इनमें 0.6 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक भी दबाव में ट्रेड करता नजर आया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार को निफ्टी में आई तेज तेजी एक कमजोर और गिरावट वाले बाजार में अप्रत्याशित रही, जिसका प्रमुख कारण शॉर्ट कवरिंग गतिविधियां थीं।
विशेषज्ञों ने कहा कि इस तेजी की मुख्य वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की वह टिप्पणी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) पर हितधारकों की राय की सावधानीपूर्वक समीक्षा करेगी।
इन टिप्पणियों से संभावित नीतिगत बदलावों की उम्मीद बढ़ी, जिससे निवेशकों की धारणा को बल मिला।
विश्लेषकों ने यह भी कहा कि मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा हाल में उठाए गए कदमों से रुपये को मजबूती मिली है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में रुपया करीब 1.5 प्रतिशत मजबूत हुआ है।
हालांकि, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड लगभग 5.2 प्रतिशत पर बनी हुई है और ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 106 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जिसे शेयर बाजार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ये कारक मौजूदा तेजी की स्थिरता को सीमित कर सकते हैं। इसके बावजूद दूसरी तिमाही के बेहतर नतीजों की उम्मीद के चलते वित्तीय, दूरसंचार, धातु और ऑटोमोबाइल क्षेत्र अपेक्षाकृत मजबूत बने रह सकते हैं।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि हालिया तेजी ने निफ्टी के 23,200 के स्तर तक पहुंचने की उम्मीदों को फिर से मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि सूचकांक एक ऐसे क्षेत्र के करीब पहुंच रहा है जहां आगे की तेजी को चुनौती मिल सकती है। तत्काल समर्थन (सपोर्ट) 22,550 के आसपास दिखाई दे रहा है, जबकि 22,787 से 22,880 के अवरोध क्षेत्र के ऊपर निर्णायक बढ़त तेजी के रुख को और मजबूत कर सकती है।
इस बीच, एशियाई बाजार लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद संभलते हुए दिखाई दिए। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले वर्ष ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर कम आक्रामक रुख अपना सकता है।
कारोबारी यमन के ईरान समर्थित हूती समूह और सऊदी अरब से जुड़े घटनाक्रमों से आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित असर का आकलन कर रहे हैं। साथ ही वैश्विक बाजारों में रूसी डीजल आपूर्ति बढ़ने की संभावना पर भी नजर बनी हुई है।
निवेशक घरेलू बाजार के दृष्टिकोण के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए भारत के अगस्त के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मुद्रास्फीति आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे।
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