राष्ट्रीय समाचार
भारत में 2026 के त्योहारी सीजन में कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचने का अनुमान: कैट
भारत में 2026 के त्योहारी सीजन (नवरात्रि से लेकर दीपावली तक) में कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने का अनुमान है, यह पिछले साल के आंकड़े से 15-18 प्रतिशत है। यह जानकारी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से दी गई।
कैट के नेशनल सेक्रेटरी जनरल और चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह अनुमान अलग-अलग राज्यों के व्यापार संघों और बाजारों से मिली जानकारी, ग्राहकों की मांग, त्योहारों के दौरान खरीदारी के ट्रेंड और ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में बढ़ी हुई कमर्शियल गतिविधियों पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि पिछले साल त्योहारों के दौरान कुल कारोबार लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें 5.40 लाख करोड़ रुपए का सामान और 65,000 करोड़ रुपए की सेवाएं शामिल थीं।
कैट के अनुसार, मौजूदा त्योहारी सीजन में सर्विस सेक्टर में 20-25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है और इसका कारोबार 80,000 करोड़ रुपए से 1 लाख करोड़ रुपए के बीच रहने का अनुमान है।
त्योहारों के समय बढ़ने वाली मांग से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, वेयरहाउसिंग, होटल, रेस्टोरेंट, टूरिज्म, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट और लोकल ट्रांसपोर्टेशन जैसे सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है।
कैट के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान होने वाले व्यापार में ग्रोसरी और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, इसके बाद सोना, चांदी और ज्वेलरी का नंबर आता है जिनकी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत होगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल सामान की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रेडीमेड कपड़े और गिफ्ट आइटम की हिस्सेदारी 7-7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
व्यापारी संगठन ने कहा कि होम डेकोर और फर्नीचर व फर्निशिंग की हिस्सेदारी 5-5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
बाकी कैटेगरी में टेक्सटाइल और फैब्रिक, मिठाई और नमकीन, पूजा का सामान, फल और ड्राई फ्रूट्स, बेकरी और कन्फेक्शनरी, जूते-चप्पल और अन्य सामान व उनसे जुड़े बिजनेस शामिल हैं।
खंडेलवाल ने कहा कि त्योहारों के मौसम में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और कमर्शियल इवेंट्स – जैसे रामलीला, दुर्गा पूजा सेलिब्रेशन, गरबा और डांडिया इवेंट्स, मेले, एग्जीबिशन और कम्युनिटी गैदरिंग – के जरिए भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के बिजनेस में होने वाली संभावित बढ़ोतरी से पता चलता है कि कंज्यूमर अब स्थानीय स्तर पर बने प्रोडक्ट्स, हैंडीक्राफ्ट, भारतीय ब्रांड और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) द्वारा बनाए गए सामान को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
खंडेलवाल ने इस ट्रेंड के लिए कुछ हद तक ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे इनिशिएटिव्स को मिली बढ़ती स्वीकार्यता को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने कंज्यूमर्स से त्योहारों के मौसम में भारतीय प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि इससे व्यापारियों, कारीगरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और स्थानीय सर्विस प्रोवाइडर्स को फायदा होगा।
कैट ने भरोसा जताया कि नवरात्रि से दीपावली 2026 तक चलने वाला त्योहारों का मौसम देश के व्यापार, सर्विस सेक्टर और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
राष्ट्रीय समाचार
हरियाणा सरकार ने 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की

हरियाणा सरकार ने लक्ष्य का 27 प्रतिशत यानी 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की और किसानों को 1,221 करोड़ रुपए वितरित किए।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई। बैठक में धान की आवक, खरीद, उत्खनन, किसानों को भुगतान और खरीद प्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों की प्रगति का भी आकलन किया गया।
समीक्षा में कटाई के पूरे मौसम में सुचारू खरीद संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और चावल मिल मालिकों के बीच निर्बाध समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने बताया कि हरियाणा की मंडियों में अब तक 21.27 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है, जिसमें से 15.52 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और 7.69 लाख मीट्रिक टन धान उठाया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा खरीफ ऋतु 2026-27 के लिए निर्धारित 58 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लक्ष्य के मुकाबले राज्य लगभग 27 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर चुका है।
मुख्य सचिव की समीक्षा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किसानों को खरीद केंद्रों पर कुशल सेवाएं मिलें और आवक जारी रहने के साथ-साथ खरीदे गए धान की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
बैठक में खरीद एजेंसियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच समन्वय सुधारने, पर्याप्त उठान व्यवस्था बनाए रखने, पारदर्शी वजन और नमी परीक्षण की सुविधा प्रदान करने और खरीद संबंधी दस्तावेजों की कुशल प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
समीक्षा के दौरान खरीद प्रणाली के महत्वपूर्ण पहलुओं में समय पर भुगतान, सुचारू गेट-पास प्रक्रिया और प्रभावी डिजिटल सत्यापन शामिल थे। उपायुक्तों से बातचीत करते हुए मुख्य सचिव ने उन्हें बाधाओं को दूर करने और समन्वय को मजबूत करने का निर्देश दिया ताकि खरीद और उठान कार्यों में और तेजी लाई जा सके।
जिलावार समीक्षा में कई जिलों में खरीद के उत्साहजनक संकेतक सामने आए। कुरुक्षेत्र में आवक-से-नीलामी अनुपात 88.2 प्रतिशत रहा, इसके बाद यमुनानगर में 81.8 प्रतिशत और अंबाला में 80.7 प्रतिशत रहा।
राज्य का औसत 74.7 प्रतिशत रहा। नीलामी से खरीद में रूपांतरण के मामले में, पंचकुला में 93.7 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में 92.4 प्रतिशत और कैथल में 90.9 प्रतिशत रहा, अंबाला में 89.3 प्रतिशत, यमुनानगर में 85.4 प्रतिशत और करनाल में 78.5 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि राज्य का औसत 86 प्रतिशत था। नीलामी से खरीद में रूपांतरण के मामले में, पंचकुला में 57.1 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में 55 प्रतिशत और कैथल में 52.2 प्रतिशत रहा, जबकि अंबाला में 49.4 प्रतिशत रहा।
राष्ट्रीय समाचार
गुजरात में स्वच्छ तीर्थ अभियान को सफलता, 2024 से अब तक 906 टन तीर्थयात्रा कचरे का किया प्रसंस्करण

गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) ने 2024 से राज्य भर में प्रमुख तीर्थयात्राओं के दौरान उत्पन्न लगभग 906 मीट्रिक टन कचरे को इकट्ठा किया है और उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया है। साथ ही, स्वच्छता अभियानों और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बोर्ड 1.43 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचा है।
‘स्वच्छ पर्यावरण यात्रा’ नामक इस पहल में कई धार्मिक आयोजन शामिल रहे, जिनमें वार्षिक अंबाजी पदयात्रा, उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा और द्वारका का फुलडोल महोत्सव प्रमुख हैं।
इसका उद्देश्य तीर्थ मार्गों पर कचरा फैलाना कम करना, कचरे को अलग-अलग करने और उसके प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) को बढ़ावा देना, तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक के विकल्पों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है।
हाल ही में संपन्न हुई अंबाजी पदयात्रा के दौरान जीपीसीबी (गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने 38.8 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा किया और उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया।
इस अभियान के तहत 300 ‘सेवा केंद्र’ स्थापित किए गए, और साफ-सफाई तथा कचरा प्रबंधन के लिए 13 वाहन, 90 सफाई कर्मचारी और फील्ड स्टाफ तैनात किए गए।
तीर्थयात्रा के दौरान प्लास्टिक की खपत कम करने के प्रयासों के तहत, बोर्ड ने 31,000 कंपोस्टेबल (खाद में बदलने योग्य) बैग, 1,500 कपड़े के थैले और 4,850 स्टील की बोतलें वितरित कीं।
एक ‘बोतल-एक्सचेंज’ (बोतल बदलने वाले) कार्यक्रम के माध्यम से 38,466 प्लास्टिक की बोतलें भी एकत्र की गईं।
वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री प्रवीण माली ने कहा, “जन-जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को कचरे के जिम्मेदार निपटान के तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि तीर्थ मार्ग साफ-सुथरे बने रहें।”
अंबाजी अभियान में 70 नुक्कड़ नाटक, दो ‘दायरा’ कार्यक्रम, चार लाख जागरूकता बैंड और 50,000 से अधिक पर्चे (पैम्फलेट) वितरित किए गए।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, इस पहल से 27.58 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने और 3.25 लाख किलोवाट-घंटा ऊर्जा बचाने में मदद मिली।
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के प्रयासों के तहत बोर्ड ने 31,000 कंपोस्टेबल बैग, 1,500 कपड़े के थैले और 4,850 स्टील की बोतलें बांटीं।”
जीपीसीबी ने 2024 से अपने ‘बोतल-एक्सचेंज’ कार्यक्रम का विस्तार विभिन्न तीर्थ आयोजनों तक किया है। इसके तहत 15,600 स्टील की बोतलें बांटी गईं और रीसाइक्लिंग तथा अन्य उपयोगी कार्यों के लिए 1.37 लाख से अधिक इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलें एकत्र की गईं। 31 दिनों तक चली ‘उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा’ के दौरान, जो लगभग 23-24 किलोमीटर के रास्ते को कवर करती है, बोर्ड ने साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे को नर्मदा के इकोसिस्टम में जाने से रोकने के लिए 65 सफाई कर्मचारियों और चार वाहनों को तैनात किया।
इस अभियान के तहत 60 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा किया गया और उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया गया। इसमें 15 टन प्लास्टिक कचरा और 45 टन बायोडिग्रेडेबल (सड़ने वाला) कचरा शामिल थे।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, इससे कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 41 टन के बराबर कमी आई और लगभग 85,000-86,000 किलोवाट-घंटा ऊर्जा की बचत हुई।
इस अभियान में जनभागीदारी भी एक अहम हिस्सा थी। श्रद्धालुओं को कचरा न फैलाने और कचरे का जिम्मेदारी से निपटान करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, एक लाख से अधिक ‘अवेयरनेस बैंड’ (जागरूकता बैंड) बांटे गए। इन बैंडों पर गुजराती भाषा में लिखा था, “ये हाथ कचरा नहीं फेंकेंगे।”
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बढ़ावा दिए जा रहे ‘सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट’ (टिकाऊ कचरा प्रबंधन) के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। साथ ही, राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर साफ-सफाई और कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों का भी यह एक हिस्सा है।
राजनीति
ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार ने पूरा तंत्र झोंका, सीईसी इतने महत्वपूर्ण क्यों: अभिजीत दिपके

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई का मकसद सिर्फ एक व्यक्ति मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को बचाना था।
दिपके ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “जब से चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों को लेकर मीडिया रिपोर्ट छपी है, तब से सरकार अपने पूरे तंत्र और मशीनरी का इस्तेमाल ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कर रही है। पिछले कुछ दिनों से सभी छात्र संगठन और युवा दिल्ली की सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ एक व्यक्ति ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सड़कों पर घसीटा जा रहा है।”
अभिजीत दिपके ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि विपक्षी नेताओं को भी नहीं बख्शा गया। उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) और पूर्व मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन तक को हिरासत में ले लिया गया।”
10 अक्टूबर को सीजेपी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए दिपके ने कहा, “शायद देश में यह पहली बार था जब रेलवे को बंद कर दिया गया और यह भी सिर्फ ज्ञानेश कुमार के लिए। रेलवे बंद करने से भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने पूरी दिल्ली में मेट्रो और मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया। किसके लिए? ज्ञानेश कुमार के लिए। इतने पर भी जब उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों को बुला लिया।”
उन्होंने टिप्पणी की, “और तो और अब तो सरकार अपने ही देशवासियों के खिलाफ जंग छेड़ रही है।”
सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “आपने तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन बता दिया। सिर्फ ज्ञानेश कुमार के लिए? आपने दिल्ली को ठप कर दिया है। शहर को भारत-पाकिस्तान सीमा की तरह एक बॉर्डर में बदल दिया है। आपने दिल्ली में तमाम सुरक्षा बलों को बुला लिया है। क्या यह सब सिर्फ एक ज्ञानेश कुमार के लिए है? सरकार के लिए ज्ञानेश कुमार इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं? अगर वह भाजपा को चुनाव जीतने में मदद नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दे रहे हैं?”
सीजेपी प्रमुख ने आगे कहा, “‘एक देश, एक चुनाव’ तो बस एक नारा है, असल मकसद ‘एक देश, एक पार्टी’ है। अगर आप छात्र नेताओं, कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को इस तरह हिरासत में रखना चाहते हैं, तो आधिकारिक तौर पर आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दीजिए, आप किस बात से डर रहे हैं?”
दिपके ने ‘तिरंगा सभा’ के लिए अपनी अपील दोहराई और लोगों से आग्रह किया कि वे कल शाम 5 बजे नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में इकट्ठा हों। यह सभा उनकी पार्टी के सह-संयोजकों, सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा लहराने के लिए आयोजित की जा रही है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज के सदस्यों, मजदूर और किसान यूनियनों से अपील की कि वे अपनी राजनीतिक विचारधाराओं को एक तरफ रखकर इस सभा में शामिल हों।
अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होना होगा। अगर हमारा वोट सुरक्षित रहेगा, तभी लोकतंत्र बचेगा। आशुतोष और सौरव को तिरंगा लहराने के लिए जेल में डाल दिया गया है। राष्ट्रीय ध्वज लहराना कोई अपराध नहीं हो सकता। तिरंगे से बढ़कर कुछ भी नहीं है और ज्ञानेश कुमार तो बिल्कुल भी नहीं।”
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज और अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
