Connect with us
Saturday,03-October-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

‘मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में राजपाल यादव को भगाया नहीं था’, सामने आई वायरल वीडियो की ‘सच्चाई’

Published

on

दिवंगत अभिनेता मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में अभिनेता राजपाल यादव को लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिस पर कंटेंट क्रिएटर नजमा शेख ने अब इस बात को लेकर सफाई दी है।

दरअसल प्रेयर मीट के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला को यह कहते हुए सुना गया, “आपको अब बाहर भेजा जाएगा, ये कोई जगह है सेल्फी लेने की?” यह महिला नजमा शेख हैं और इस वीडियो को देखकर ये अफवाह फैल गई कि राजपाल यादव को प्रेयर मीट से बाहर निकाला गया या उनका अपमान किया गया।

नजमा शेख ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि प्रेयर मीट की आड़ में कुछ लोग सेलेब्स के साथ सेल्फी ले रहे थे और भीड़ बढ़ती जा रही थी, जिस वजह से उन्हें गुस्सा आया था। उनका गुस्सा उन लोगों पर था, राजपाल यादव पर नहीं।

उन्होंने ये भी साफ किया कि राजपाल यादव मुश्ताक खान के छोटे भाई जैसे हैं और वे खुद राजपाल को अपना भाई मानती हैं। नजमा शेख ने कहा, “आज मैं मुश्ताक खान सर की प्रेयर मीट के वायरल हुए राजपाल यादव के वीडियो पर बात करने आई हूं, क्योंकि लोगों ने मनगढ़ंत बातें फैला दी हैं, जिसकी कोई हद नहीं है बल्कि, सच कुछ और है। दरअसल, राजपाल यादव मुश्ताक खान के बहुत करीब थे, वह उनके छोटे भाई जैसे थे और मुश्ताक खान के निधन से दो घंटे पहले तक राजपाल यादव उनके साथ ही थे, उनके जनाजे में भी आए हुए थे और प्रेयर मीट में भी।

नजमा खान ने प्रेयर मीट के वायरल वीडियो का सच बताते हुए कहा, “प्रेयर मीट में कई सेलेब्रिटी आए हुए थे और वहां कुछ लोग सिर्फ सेलेब्स के साथ सेल्फी लेने आए थे, जबकि वह जगह फोटो खिंचवाने या सेल्फी लेने की नहीं थी, वह तो दुआ मांगने की जगह थी।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रेयर मीट में लोग ऋषिकेश, उपासना और राजपाल समेत कई सेलेब्स के साथ सेल्फी ले रहे थे और भीड़ बहुत थी। वहीं, सेल्फी लेने की वजह से भीड़ बढ़ने लगी थी।”

नजमा खान ने साफ किया कि उनका गुस्सा राजपाल यादव पर नहीं, बल्कि उन लोगों पर था जो वहां सेल्फी लेने आए थे। उन्होंने कहा, “मेरा गुस्सा उन लोगों पर था जो सिर्फ फोटो खिंचवाने आए थे, उन्हें ये भी नहीं पता था कि वो किस माहौल में हैं। मैंने अपना गुस्सा उन लोगों पर निकाला था, राजपाल यादव पर नहीं। मैं मीडिया में अपने दोस्तों से अनुरोध करती हूं कि गलत बातें न फैलाएं और पूरा सच दिखाएं।”

दरअसल, राजपाल यादव 30 सितंबर को मुंबई में आयोजित मुश्ताक खान की प्रार्थना सभा में उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। उन्होंने वहां शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और दिवंगत अभिनेता को याद करते हुए भावुक भी हुए।

व्यापार

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

Published

on

अक्टूबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगाई का नया झटका लेकर आई है। त्योहारों के सीजन में जहां उपभोक्ता खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं, वहीं कई महत्वपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ), घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पासपोर्ट सेवाओं की लागत बढ़ने से होटल कारोबार, हवाई यात्रा और घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,810 रुपए हो गई है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 2,764 रुपए पहुंच गई है। पटना में सबसे अधिक 71.50 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्तरां, ढाबा और कैटरिंग उद्योग पर पड़ने की संभावना है। त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में खाद्य सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच व्यवसायियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।

इसके अलावा, अक्टूबर से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने हवाई ईंधन की कीमत में प्रति लीटर 16 रुपए तक का इजाफा किया है।

विमानन उद्योग में ईंधन कुल परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। ऐसे में एटीएफ महंगा होने से एयरलाइंस पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग के बीच एयरलाइंस किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में हवाई सफर पहले के मुकाबले और महंगा पड़ सकता है।

वहीं, त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं के लिए एक और झटका घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती कीमतों के रूप में सामने आया है। वैश्विक बाजार में कॉपर, स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण कंपनियों ने कई उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं।

उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, स्मार्ट टीवी, स्प्लिट एसी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसी वस्तुओं की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद के अनुसार लगभग 1,200 रुपए से 3,500 रुपए तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।

त्योहारी ऑफर्स और डिस्काउंट के बावजूद कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी ग्राहकों के बजट को प्रभावित कर सकती है।

वहीं इसके अतिरिक्त, अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे हैं, तो अब इसके लिए अधिक खर्च करना पड़ सकता है।

सरकार ने सामान्य श्रेणी के पासपोर्ट आवेदन शुल्क में वृद्धि की है। नई व्यवस्था के तहत पासपोर्ट बनवाने की लागत में 1,000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे विदेश यात्रा, शिक्षा या रोजगार के लिए आवेदन करने वाले लोगों की लागत बढ़ेगी।

अक्टूबर और नवंबर का समय आमतौर पर त्योहारों, शादी-विवाह और यात्रा के लिहाज से सबसे व्यस्त सीजन माना जाता है। ऐसे में गैस सिलेंडर, हवाई ईंधन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का असर व्यापक रूप से दिखाई दे सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे माल और ऊर्जा की लागत ऊंची बनी रहती है, तो आने वाले समय में अन्य उत्पादों और सेवाओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल त्योहारों के बीच उपभोक्ताओं को खरीदारी और यात्रा की योजना बनाते समय बढ़ी हुई लागत को ध्यान में रखना होगा।

कुल मिलाकर, अक्टूबर की शुरुआत ने आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों और यात्रियों के लिए खर्च बढ़ाने वाले कई बदलाव लेकर आई है, जिससे त्योहारी सीजन के दौरान बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

Continue Reading

व्यापार

जी20 व्यापार मंत्रियों ने भोजन को हथियार बनाने की निंदा की, जबरन मजदूरी पर नहीं बनी सहमति

Published

on

जी20 के व्यापार मंत्रियों ने राजनीतिक या आर्थिक दबाव के लिए भोजन को हथियार बनाने की सर्वसम्मति से निंदा की है। खास बात यह है कि ये इस बैठक में बनी एक दुर्लभ आम सहमति है, क्योंकि जबरन श्रम, औद्योगिक अति-क्षमता और वैश्विक व्यापार नियमों के भविष्य जैसे मुद्दों पर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मतभेद सामने आए हैं।

यह समझौता अमेरिका की अध्यक्षता में मिल्वौकी में दो दिन तक चली जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हुआ। मंत्रियों ने भोजन को हथियार बनाने का मतलब बताया कि जब कोई सरकार जानबूझकर किसी दूसरे देश से राजनीतिक फायदा लेने के लिए खाने-पीने की चीजों, खेती के सामान या खेती में इस्तेमाल होने वाली चीजों के व्यापार को धीमा कर दे, रोक दे या अपने फायदे के लिए मोड़ दे।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा, “रचनात्मक चर्चा के बाद, जी20 व्यापार मंत्रियों ने भोजन को हथियार बनाने की निंदा करने पर सहमति जताई, क्योंकि यह एक बड़ा मानवीय और आर्थिक खतरा है।”

उन्होंने कहा, “दशकों से, भोजन, कृषि उत्पादों और कृषि इनपुट के व्यापार को आर्थिक या राजनीतिक कारणों से दबाव बनाने के लिए हथियार बनाया गया है। यह लक्षित देशों में लोगों की आजीविका को खतरे में डालता है, प्रतिस्पर्धा को बिगाड़ता है और वैश्विक व्यापार प्रणाली में विश्वास को कमजोर करता है।”

सहमति वाले बयान में कहा गया कि इस तरह की कार्रवाइयां कृषि और खाद्य आपूर्ति शृंखला को बाधित कर सकती हैं, खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं, खासकर कमजोर आबादी के लिए और किसानों की आजीविका को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि मंत्रियों ने दबाव बनाने वाली व्यापारिक कार्रवाइयों और वैध घरेलू उपायों के बीच फर्क किया। समझौते में कहा गया कि उनकी चिंता उन उपायों पर लागू नहीं होती जो पारदर्शी तरीके से अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार अपनाए गए हैं और वैध घरेलू नीतिगत उद्देश्यों (जिसमें खाद्य सुरक्षा भी शामिल है) को आगे बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं। यह फर्क मिल्वौकी चर्चा के मुख्य मुद्दों में से एक था।

मंत्रियों ने खाने के मुद्दे पर सहमति बना ली, वे वैश्विक सप्लाई चेन से जबरन मजदूरी को खत्म करने पर सहमति नहीं बना पाए। अमेरिका, मैक्सिको और अर्जेंटीना ने इसके बजाय जबरन मजदूरी से बने सामानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए एक अलग बयान जारी किया।

जैमीसन ग्रीर ने कहा, “मैं नैतिक और आर्थिक वास्तविकता के साथ खड़े होने और यह मानने के लिए मैक्सिको और अर्जेंटीना के अपने सहयोगियों की सराहना करता हूं कि जबरन मजदूरी का जारी रहना एक घृणित मानवाधिकार मुद्दा है जो वैश्विक सप्लाई चेन को बिगाड़ता है।”

उनके बयान में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के अनुमान का हवाला दिया गया कि 2021 में दुनियाभर में 28 मिलियन लोग जबरन मजदूरी में थे, जो पिछले पांच सालों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि है। इसमें देशों से जबरन मजदूरी के जरिए पूरी तरह या आंशिक रूप से उत्पादित आयात के खिलाफ सहयोग और उपायों को मजबूत करने का आह्वान किया गया।

अध्यक्ष के बयान में कहा गया कि इस प्रस्ताव को कुछ सदस्यों को छोड़कर सभी ने समर्थन दिया, कुछ ने सामूहिक कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।

मंत्रियों ने डब्ल्यूटीओ के मोस्ट-फेवर्ड नेशन (एमएफएन) सिद्धांत में सुधार पर भी चर्चा शुरू की। कई सदस्यों ने एमएफएन को बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की आधारशिला बताया, जबकि बढ़ती संख्या ने संकेत दिया कि इस सिद्धांत के काम करने के तरीके की जांच करने में ही भलाई है।

यह बैठक 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को अमेरिकी जी20 अध्यक्षता के तहत हुई थी। इसमें चार मुख्य विषयों- भोजन को हथियार बनाना, जबरन मजदूरी, संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और एमएफएन सिद्धांत में सुधार पर चर्चा हुई। अमेरिका 2027 में जी20 की अध्यक्षता ब्रिटेन को सौंपेगा।

Continue Reading

व्यापार

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

Published

on

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गांधी जयंती के चलते बंद रहेगा। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सभी सेगमेंट में कारोबार नहीं होगा।

दोनों एक्सचेंजों पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (एसएलबी), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग आज बंद रहेगी।

कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट भी सुबह और शाम दोनों सत्र में बंद रहेगा।

भारतीय शेयर बाजार 3 और 4 अक्टूबर को शनिवार और रविवार होने के चलते 5 अक्टूबर को खुलेगा।

इसके अलावा, भारतीय शेयर बाजार में अगली छुट्टी दशहरा के अवसर पर 20 अक्टूबर को होगी। वहीं, 10 नवंबर को दिवाली-बलिप्रतिपदा, 24 नवंबर को प्रकाश गुरपर्व ​​और 25 दिसंबर को क्रिसमस पर शेयर बाजार बंद रहेगा।

भारतीय शेयर बाजार ऊंची ऊर्जा की कीमतें और बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में वृद्धि के चलते गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान निफ्टी 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, श्रीराम फाइनेंस, टाटा स्टील, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई लाइफ, मैक्स हेल्थ और टीसीएस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली।

जानकारों के मुताबिक, बाजार में गिरावट की मुख्य वजह बाहरी कारण रहे हैं; बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे 2026-27 के आर्थिक आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं, देश के भीतर भी निवेशक दूसरी तिमाही के नतीजों और अगले हफ्ते आने वाली आरबीआई की पॉलिसी को लेकर सतर्क हैं।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि उम्मीद है कि दूसरी तिमाही की कमाई पहली तिमाही के मुकाबले कमजोर रहेगी, क्योंकि पहली तिमाही में ऑपरेटिंग कॉस्ट के असर का फायदा मिला था, जो इस बार शायद वैसा न हो।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार27 minutes ago

इंडिया ब्लॉक के दल संतरे की तरह एक जैसे दिखते हैं, पर अंदर से सब अलग हैं : रामकृपाल यादव

राजनीति58 minutes ago

राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म किया लॉन्च, बोले- देशभर में लोग अपने हक के लिए अकेले लड़ रहे हैं

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

पीयूष गोयल ने भारत को ग्लोबल डेटा हब के तौर पर पेश किया

राजनीति1 hour ago

टीवीके नेताओं ने पार्टी उम्मीदवार सत्यभामा के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर स्टालिन से माफी की मांग की

खेल2 hours ago

2027 वनडे विश्व कप क्रिकेटरों की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा: एबी डिविलियर्स

व्यापार2 hours ago

‘मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में राजपाल यादव को भगाया नहीं था’, सामने आई वायरल वीडियो की ‘सच्चाई’

व्यापार2 hours ago

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

व्यापार2 hours ago

जी20 व्यापार मंत्रियों ने भोजन को हथियार बनाने की निंदा की, जबरन मजदूरी पर नहीं बनी सहमति

राजनीति18 hours ago

अखिलेश को निशाद-दानिश की नसीहत, विपक्षी एकता से पहले जमीनी हकीकत देखें

व्यापार18 hours ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

मनोरंजन3 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राजनीति4 weeks ago

दिल्ली में इमारत गिरने का मामला: मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी

मनोरंजन4 weeks ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ रिलीज पर इमोशनल हुए अली फजल, टीम और फैंस का जताया आभार

रुझान