राष्ट्रीय समाचार
रेलवे ने स्वच्छ पीने के पानी की सुविधाओं के लिए विशेष अभियान शुरू किया
भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क पर एक विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और साफ पीने का पानी लगातार उपलब्ध कराना है, जिसके लिए पीने के पानी की टंकियों और फिल्ट्रेशन सिस्टम की सफाई और उन्हें कीटाणु-मुक्त करने का काम किया जा रहा है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में सोमवार को दी गई।
यह पहल इंडियन रेलवे में पीने के पानी की क्वालिटी मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए एक बड़े एक्शन प्लान का हिस्सा है। इसमें सिर्फ आखिरी पॉइंट पर पानी की टेस्टिंग करने के बजाय, पूरे पीने के पानी के सिस्टम की बार-बार जांच और रखरखाव पर जोर दिया गया है। साथ ही, पानी के सोर्स और इस्तेमाल की जगह, दोनों ही जगहों पर पानी की क्वालिटी की टेस्टिंग करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इस अभियान के दौरान, जोनल रेलवे पानी के सोर्स, ट्रीटमेंट और फिल्टरेशन प्लांट, जमीन के नीचे और ऊपर बने टैंक, पीवीसी टैंक, वॉटर बूथ, नल और पानी निकालने वाली जगहों की पूरी जांच करेगी। पीने के पानी के सभी टैंक खाली किए जाएंगे, उनकी गाद निकाली जाएगी, उन्हें रगड़कर साफ किया जाएगा और कीटाणु-मुक्त किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि टैंक के ढक्कन कसकर बंद हों और वेंट व ओवरफ्लो पॉइंट को पक्षियों, जानवरों और काई से बचाने के लिए जरूरी उपाय भी किए जाएंगे।
इस अभियान में उन कमियों की भी पहचान की जाएगी जिन्हें ठीक करने की जरूरत है। जहां भी जरूरत होगी, वहां खराब टैंक, पाइपलाइन और फिल्टर की मरम्मत की जाएगी या उन्हें बदला जाएगा। साथ ही, यह भी पक्का किया जाएगा कि पीने लायक और पीने लायक न होने वाले पानी के सिस्टम के बीच कोई क्रॉस-कनेक्शन न हो। पीने के पानी के सिस्टम से जुड़ी सभी पाइपलाइनों में लीकेज की जांच की जाएगी और पानी की बर्बादी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
उन जगहों पर खास ध्यान दिया जाएगा जहां पीने का पानी निकालने के लिए हैंड पंप और बोरवेल का इस्तेमाल हो रहा है। जोनल रेलवे यह पक्का करेगा कि ऐसे सिस्टम से मिलने वाला पानी दूषित न हो और पीने के लिए सुरक्षित हो।
रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को वॉटर कूलर और पानी साफ करने वाले सिस्टम की अच्छी तरह से जांच करने का निर्देश दिया है। कूलर में लगे पानी के टैंकों की अच्छी तरह सफाई की जाएगी, कूलर, पाइपलाइन और नल में लीकेज को तुरंत ठीक किया जाएगा और वॉटर-कूलर से पानी लेने वाली जगहों के आस-पास पूरी तरह साफ-सफाई बनाए रखी जाएगी।
वॉटर कूलर के लिए यूवी/आरओ प्यूरिफिकेशन सिस्टम ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच की जाएगी और जहां जरूरत होगी, वहां इन्हें लगाया जाएगा। जहां भी जरूरी होगा, वहां तय समय पर मेंटेनेंस, सर्विसिंग, ओवरहॉलिंग और फिल्टर कैंडल व अन्य पुर्जों को समय पर बदलने का काम किया जाएगा। सिस्टम की हालत और जरूरत के आधार पर, नए यूवी/आरओ सिस्टम लगाने या पुराने सिस्टम को बदलने का काम भी तेजी से (मिशन मोड में) किया जाएगा।
सफाई, प्यूरिफिकेशन और क्वालिटी की निगरानी के लिए तय नियम वॉटर वेंडिंग मशीनों पर भी लागू होंगे, ताकि यह पक्का किया जा सके कि इन मशीनों से मिलने वाला पीने का पानी सुरक्षा और साफ-सफाई के जरूरी मानकों को पूरा करता हो।
अधिकारी चुनिंदा जगहों से पानी के सैंपल की फिजिकल, केमिकल और बैक्टीरियोलॉजिकल जांच करेंगे। इन जगहों में पानी के स्रोत, ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाली जगह (आउटलेट), टैंक, कूलर, वेंडिंग मशीन और कुछ खास नल या बूथ शामिल होंगे, जहां भी ऐसा करना मुमकिन हो। रोजाना पानी में बचे क्लोरीन (रेसिडुअल-क्लोरीन) की निगरानी भी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत दोबारा क्लोरीन मिलाया जाएगा या कोई और जरूरी कदम उठाया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को यह भी निर्देश दिया है कि वे नए ओवरहेड और अंडरग्राउंड टैंक बनाने और पुराने टैंक बदलने के लिए पहले से मंजूर हो चुके कामों की निगरानी करें और उन्हें तेजी से पूरा करें। इन मंजूर कामों का ब्यौरा तैयार किया जाएगा और जहां भी जरूरत होगी, नए कामों की मंजूरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जोनल रेलवे स्टेशन के हिसाब से उन कमियों का ब्यौरा और उन्हें ठीक करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देंगे। इस व्यवस्था से कमियों की व्यवस्थित निगरानी में मदद मिलेगी और यह पक्का हो सकेगा कि स्पेशल ड्राइव के दौरान पहचानी गई समस्याओं को तय समय के भीतर हल किया जाए।
बयान में कहा गया है कि इस एक्शन प्लान में रेलवे कॉलोनियों और काम करने की जगहों पर पीने के पानी की सुविधाओं के लिए भी ऐसे ही उपाय करने की योजना है, ताकि यात्रियों के लिए बनी जगहों के अलावा सुरक्षित और साफ-सुथरे पीने के पानी पर भी ध्यान दिया जा सके।
राजनीति
चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: राजस्थान राज्य चुनाव आयुक्त

राजस्थान के राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि आगामी शहरी स्थानीय निकाय आम चुनाव-2026 के लिए चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कुछ जिलों द्वारा गंभीरता न दिखाए जाने पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चुनाव आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए सौंपे गए सभी कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करें।
यह चेतावनी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दी गई। सिंह की अध्यक्षता में यह सत्र सरकारी सचिवालय स्थित राज्य चुनाव आयोग के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें सभी जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया।
सिंह ने चुनावों से संबंधित तैयारियों और काम की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य भर के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने जिलेवार तैयारियों का जायजा लिया, अधिकारियों को आ रही चुनौतियों पर चर्चा की और निर्देश जारी किए।
आयुक्त ने मतदाता सूची में संशोधन और उसे अपडेट करने की स्थिति, मतदान केंद्रों पर दिव्यांगजनों के लिए व्यवस्थाओं और संवेदनशील व अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मतदाता सूची में सभी पात्र मतदाताओं को शामिल करना सुनिश्चित करें और दिव्यांगजनों व सहायता की आवश्यकता वाले अन्य लोगों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
सिंह ने कुछ जिलों में गंभीरता की कमी पर अपनी नाराजगी फिर से जाहिर की और साफ कहा कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिटर्निंग अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों—जैसे नामांकन, वोटिंग और वोटों की गिनती—और उनकी खास जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए गए और उन्हें जरूरी निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से कराने के लिए सभी अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और पूरी गंभीरता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने चुनाव से जुड़े कामों की नियमित निगरानी और समस्याओं के समय पर समाधान के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय समाचार
मध्य प्रदेश के धार में कांवड़ यात्रियों को ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल से नीचे गिरी, 20 लोग घायल

मध्य प्रदेश के धार जिले में सोमवार को कांवड़ियों को ले जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली के पुल से नीचे गिर जाने से लगभग 20 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
पवित्र सावन महीने के चौथे और अंतिम सोमवार को कांवड़ यात्रा के तहत श्रद्धालु जल लेने के लिए पुराने चिखलदा के पास नर्मदा नदी जा रहे थे। इसी दौरान कुक्षी पुलिस स्टेशन के निसारपुर पुलिस चौकी इलाके में कड़मल गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एक पुल पर हादसा हो गया।
पुलिस ने बताया कि जब ट्रैक्टर पुल पर पहुंचा तो स्टीयरिंग फेल हो गई, जिससे ड्राइवर का कंट्रोल छूट गया और ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल से नीचे गिर गई।
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस ने बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल पहुंचाया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “श्रद्धालुओं को ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पुल से गिरने की सूचना मिली थी। पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय निवासियों की मदद से घायलों को इलाज के लिए भेजा।”
कुछ श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर होने के कारण इंदौर रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 30 श्रद्धालु सवार थे।
बड़वानी जिला अस्पताल के डॉ. एस.एन. पाटीदार ने आईएएनएस को बताया कि धार से 20 घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छह से सात मरीजों की हालत गंभीर है। उन्हें सिर, कमर, हाथ और पेट में चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।”
पुलिस ने कहा कि हादसे की सही वजह का पता लगाने और यह जानने के लिए जांच की जा रही है कि क्या इसमें अन्य कारण भी शामिल थे।
राष्ट्रीय समाचार
केरल में ओणम त्योहार के बीच बारिश की संभावना, 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी

केरल में ओणम का उत्साह अपने चरम पर है, लेकिन मौसम इसमें खलल डाल सकता है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण त्योहार के दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।
पहला ओणम 25 अगस्त को है और उत्सव का सबसे बड़ा दिन ‘थिरुवोणम’ 26 अगस्त को है, जिसके बाद तीसरा और चौथा ओणम मनाया जाएगा।
उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। सोमवार को आठ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कासरगोड, कन्नूर, त्रिशूर, इडुक्की, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम शामिल हैं।
मंगलवार को भी तीन जिलों में यह अलर्ट जारी रहेगा, जबकि राज्य के कई हिस्सों में मौसम के हालात अस्थिर रहने की उम्मीद है। इस समय बारिश की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि राज्य ओणम उत्सव के मुख्य दौर की तैयारी कर रहा है।
सड़कों, बाजारों और शॉपिंग सेंटरों में त्योहार की रौनक है और परिवार पारंपरिक ओणम दावत व उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। त्योहार के दौरान राज्य भर में सार्वजनिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और लोगों का जमावड़ा भी होगा।
केरल में ओणम जितना पारिवारिक त्योहार है, उतना ही सार्वजनिक उत्सव भी है। इसी बीच, अधिकारी मौसम की बदलती स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि त्योहार अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है।
वहीं, बारिश के खतरे के साथ-साथ तटीय इलाकों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए केरल और लक्षद्वीप के तटों पर मछली पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने ‘कल्लकाडल’ की घटना के कारण तटीय इलाकों में पानी भरने की संभावना के बारे में भी चेतावनी दी है। सोमवार रात 11.30 बजे तक केरल तट पर 0.9 से 1.3 मीटर ऊंची लहरें उठने की उम्मीद है।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चेतावनी वापस लिए जाने तक समुद्र तट पर जाने और समुद्र से जुड़ी मनोरंजक गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है। मछली पकड़ने वाली नावों को भी सुरक्षित रूप से बंदरगाहों पर खड़े रहने की सलाह दी गई है।
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