Connect with us
Wednesday,19-August-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज को एक ग्लोबल टेक कंपनी से मिला 75 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट

Published

on

इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास सेवाएं प्रदान करने वाली एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (एलटीटीएस) ने बुधवार को घोषणा की कि उसे एक अग्रणी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी से 75 मिलियन डॉलर (करीब 650 करोड़ रुपए) से अधिक मूल्य का पांच वर्षीय अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) प्राप्त हुआ है। यह सौदा कंपनी की वैश्विक इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी में बताया कि इस परियोजना के तहत वह अपने इंजीनियरिंग इंटेलिजेंस (ईआई) समाधान का उपयोग करते हुए ग्राहक की उत्पाद विकास और इंजीनियरिंग प्रक्रिया को और अधिक दक्ष बनाएगी। यह अनुबंध उत्पाद के संपूर्ण जीवनचक्र में तकनीकी समर्थन और डिजिटल इंजीनियरिंग सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित होगा।

एलटीटीएस के अनुसार, इस समझौते में उत्पाद इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर विकास, परीक्षण एवं सत्यापन, रखरखाव इंजीनियरिंग, प्लेटफॉर्म संचालन और अन्य डिजिटल इंजीनियरिंग सेवाएं शामिल हैं। कंपनी अपने उन्नत इंजीनियरिंग इंटेलिजेंस समाधानों की मदद से ग्राहक के लिए एक समर्पित इंजीनियरिंग केंद्र भी स्थापित करेगी, जो उसकी तकनीकी और डिजिटल आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

हालांकि कंपनी ने अनुबंध प्राप्त करने वाली वैश्विक संस्था का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, एलटीटीएस ने कहा कि गोपनीयता और संविदात्मक दायित्वों के कारण ग्राहक का नाम उजागर नहीं किया जा सकता। कंपनी ने केवल इतना बताया कि यह अनुबंध एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी द्वारा प्रदान किया गया है और अगले पांच वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

यह बड़ा ऑर्डर ऐसे समय मिला है जब एलटीटीएस वैश्विक बाजारों में अपनी इंजीनियरिंग, डिजिटल परिवर्तन और एआई-आधारित सेवाओं का विस्तार कर रही है। कंपनी लगातार उन्नत तकनीकों पर निवेश बढ़ा रही है और विनिर्माण, प्रौद्योगिकी तथा औद्योगिक क्षेत्रों के ग्राहकों को नई पीढ़ी के समाधान उपलब्ध करा रही है।

वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर भी कंपनी ने हाल ही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एलटीटीएस का समेकित शुद्ध लाभ 17.4 प्रतिशत बढ़कर 352 करोड़ रुपए हो गया। इसी अवधि में कंपनी की आय 11.5 प्रतिशत बढ़कर 2,940 करोड़ रुपए रही।

हालांकि स्थिर मुद्रा (कॉन्स्टेंट करेंसी) के आधार पर कंपनी की आय वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 12.8 प्रतिशत की वृद्धि से कम है। इसके बावजूद कंपनी का मानना है कि नए अनुबंध और एआई आधारित समाधान भविष्य में विकास को नई गति देंगे।

पिछले सप्ताह एलटीटीएस ने ‘एजेंटिकआईक्यू’ नामक एक उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया था। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों को बड़े पैमाने पर स्वायत्त एआई एजेंट तैनात करने में मदद करने के लिए विकसित किया गया है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में एआई-संचालित इंजीनियरिंग समाधान उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी शक्ति साबित होंगे।

बुधवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई पर एलटीटीएस का शेयर 3,517.65 रुपए के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

गौरतलब है कि एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) समूह की सहायक कंपनी है और दुनिया भर के ग्राहकों को इंजीनियरिंग अनुसंधान, विकास तथा डिजिटल इंजीनियरिंग सेवाएं प्रदान करती है। यह कंपनी ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, दूरसंचार, स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय है।

व्यापार

रियलमी पी4एस 5जी: स्पेसिफिकेशन से अनुभव की ओर से बढ़ते भारत में शानदार डिस्प्ले बनेगा स्मार्टफोन की पहचान

Published

on

भारत में स्मार्टफोन खरीदते समय वर्षों से उपभोक्ताओं का मुख्य ध्यान कैमरा, प्रोसेसर और डिजाइन पर रहा है, लेकिन अब यह बदल रहा है। फ्लिपकार्ट और काउंटरपॉइंट की स्मार्टफोन इनसाइट्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, कंटेंट की बढ़ती खपत और ऐप्स के भारी इस्तेमाल के कारण डिस्प्ले की गुणवत्ता स्मार्टफोन खरीदने के फैसले में तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है।

उपभोक्ता दिन का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन पर बिताते हैं, जिसमें ओटीटी स्ट्रीमिंग, मोबाइल गेमिंग, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग या वीडियो कॉल शामिल हैं। ऐसे में बैटरी लाइफ और परफॉर्मेंस के साथ डिस्प्ले भी स्मार्टफोन के कुल अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। खास बात यह है कि डिस्प्ले को अब एक अलग फीचर के तौर पर नहीं, बल्कि ओवरऑल परफॉर्मेंस के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

करीब 45 प्रतिशत उपभोक्ता चिपसेट को बेहतर डिस्प्ले फीचर्स, जैसे बेहतर रंग सटीकता और बेहद तेज टच रिस्पॉन्स, से जोड़ते हैं। यह दिखाता है कि प्रोसेसिंग पावर और विजुअल व इंटरैक्टिव अनुभव की गुणवत्ता के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहा है।

इसके चलते खरीदार अब रिजॉल्यूशन, रिफ्रेश रेट, ब्राइटनेस और कलर एक्यूरेसी जैसी चीजों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, बजाय इसके कि डिस्प्ले को एक सामान्य फीचर मान लिया जाए। यह भारतीय उपभोक्ताओं के बीच एक बड़े बदलाव को दर्शाता हैं, जहां अपग्रेड का आधार सिर्फ स्पेसिफिकेशंस नहीं, बल्कि अनुभव बनता जा रहा है। अब परफॉर्मेंस का आकलन इस आधार पर भी हो रहा है कि स्मार्टफोन के अलग-अलग हार्डवेयर कितनी सहजता से एक साथ काम करते हैं।

गेमिंग, स्ट्रीमिंग और रोजमर्रा के स्मार्टफोन इस्तेमाल के लिए प्राथमिक इंटरफेस होने के कारण डिस्प्ले अब पूरे परफॉर्मेंस अनुभव का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है।

यह अनुभव-केंद्रित बदलाव रियलमी पी सीरीज के विकास में भी दिखाई देता है। यह सीरीज भारत के युवा और ऑनलाइन-केंद्रित स्मार्टफोन खरीदारों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो प्रीमियम लुक और स्मूथ रोजमर्रा की परफॉर्मेंस चाहते हैं, लेकिन पैसे की अच्छी वैल्यू भी चाहते हैं। ऐसे बाजार में जहां कीमत और ऑफर्स हर महीने यह बदल सकते हैं कि क्या चीज “किफायती” महसूस होती है, रियलमी पी सीरीज ऐसे डिस्प्ले-केंद्रित अनुभव पर जोर देती है जिसे उपयोगकर्ता रोजमर्रा के इस्तेमाल में महसूस कर सकें, वो भी बिना बजट से ज्यादा खर्च किए।

रियलमी पी1 सीरीज ने साबित किया कि कीमत को बहुत ज्यादा बढ़ाए बिना परफॉर्मेंस और डिजाइन को साथ लाया जा सकता है। इसके बाद पी2 सीरीज ने बेहतर डिस्प्ले और बिल्ड क्वालिटी से जुड़े अपग्रेड के साथ स्तर को और ऊंचा किया। वहीं पी3 सीरीज ने वैश्विक स्तर पर गति पकड़ी और इसकी शिपमेंट तीन मिलियन यूनिट को पार कर गई। इसे ऐसे बढ़ते समुदाय का समर्थन मिला, जो पावर और डिजाइन दोनों को महत्व देता है।

अब रियलमी पी4 सीरीज उसी वादे को आगे बढ़ा रही है। इसमें लगातार बेहतर परफॉर्मेंस, व्यावहारिक उपयोगिता और ज्यादा इमर्सिव व्यूइंग एक्सपीरियंस पर फोकस रखा गया है, ताकि यूजर्स को फोन, डिजाइन और रोजमर्रा की परफॉर्मेंस के बीच समझौता न करना पड़े। यह इसे इस सेगमेंट में संपूर्ण, डिस्प्ले-केंद्रित स्मार्टफोन अनुभव चाहने वाले खरीदारों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाता है।

बाजार की व्यापक चुनौतियों के बावजूद, रियलमी पी सीरीज 2026 की पहली छमाही में फ्लिपकार्ट पर सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्मार्टफोन लाइनअप बनकर उभरी है। इसी गति को आगे बढ़ाते हुए आने वाला रियलमी पी4एस 5जी 26 अगस्त को फ्लिपकार्ट और रियलमीडॉटकॉम पर लॉन्च होगा। रियलमी इस फोन के जरिए इस सेगमेंट में ज्यादा प्रीमियम व्यूइंग और गेमिंग अनुभव पेश करने जा रही है।

फोन के केंद्र में 17.22 सेमी (6.78 इंच) का सैमसंग 1.5के एमोलेड डिस्प्ले है, जो 144 हर्ट्स रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें सैमसंग डिस्प्ले की नई एम14 ल्यूमिनसेंट मटेरियल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आमतौर पर ज्यादा प्रीमियम मोबाइल फोन में देखने को मिलती है।

यह पैनल बेहतर दक्षता और टिकाऊपन के लिए डिजाइन किया गया है। यह पारंपरिक एमोलेड की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक ल्यूमिनस एफिशिएंसी और 50 प्रतिशत तक लंबी स्क्रीन लाइफ देने का दावा करता है।

वास्तविक इस्तेमाल में बेहतर विजिबिलिटी के लिए यह 1400 निट्स ग्लोबल पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करता है, जिससे बाहर तेज रोशनी में स्क्रीन देखना आसान होता है। एचडीआर कंटेंट के लिए इसमें 6500 निट्स तक लोकल पीक ब्राइटनेस दी गई है। इससे तेज रोशनी वाली परिस्थितियों में भी गेम और वीडियो ज्यादा जीवंत दिखाई देने में मदद मिलती है।

डिस्प्ले अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए रियलमी पी4एस 5जी में एचडीआर10 प्लस और नेटफ्लिक्स एचडीआर का सपोर्ट दिया गया है। इससे इसके मूल 1.5के रिजॉल्यूशन पर बेहतर कॉन्ट्रास्ट, ज्यादा बारीक डिटेल और ज्यादा वास्तविक रंग देखने को मिलते हैं। इन फीचर्स के चलते यह इस सेगमेंट के बेहतर डिस्प्ले वाले फोन में शामिल हो सकता है।

ब्राइटनेस और कलर एक्यूरेसी पूरी कहानी नहीं हैं—गेमिंग परफॉर्मेंस में रिस्पॉन्सिवनेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। रियलमी पी4एस 5जी का 144 हर्ट्स रिफ्रेश रेट स्वाइप, एनिमेशन और गेमप्ले को लगातार स्मूथ बनाने में मदद करता है। वहीं 3000 हर्ट्स इंस्टेंटेनियस टच सैंपलिंग रेट तेज और प्रतिस्पर्धी गेमिंग के दौरान ज्यादा सटीक कंट्रोल देने के लिए डिजाइन किया गया है।

फोन के अंदर रियलमी ने अपने हाइपर विजन प्लस एआई क्लिप को मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 अल्ट्रा के साथ जोड़ा है। यह डुअल-चिप सेटअप गेमिंग के दौरान विजुअल और मोशन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह आर्किटेक्चर एआई-पावर्ड फ्रेम इंटरपोलेशन को सपोर्ट करता है, जिससे गेमिंग के दौरान ज्यादा स्मूथ ग्राफिक्स, बेहतर प्रभावी फ्रेम रेट और ज्यादा जीवंत एचडीआर विजुअल मिल सकते हैं। इसका उद्देश्य केवल ज्यादा ताकत का इस्तेमाल करने के बजाय एआई की मदद से गेमिंग में क्लैरिटी और फ्लूडिटी बेहतर करना है।

रोजमर्रा के इस्तेमाल में आंखों के आराम को ध्यान में रखते हुए डिस्प्ले को टीयूवी राइनलैंड लो ब्लू लाइट सर्टिफाइड किया गया है, जिससे हानिकारक ब्लू लाइट के संपर्क को कम करने में मदद मिलती है। इसमें फुल-ब्राइटनेस डीसी डिमिंग भी है, जो अलग-अलग ब्राइटनेस लेवल पर फ्लिकर को कम करने में मदद करती है। यह लंबे समय तक स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग और गेमिंग के दौरान उपयोगी हो सकता है।

कुल मिलाकर, रियलमी पी4एस 5जी का डिस्प्ले पैकेज—फ्लैगशिप-ग्रेड पैनल मटेरियल, हाई पीक ब्राइटनेस, एचडीआर सपोर्ट, हाई रिफ्रेश रेट और आई-केयर सर्टिफिकेशन—यह संकेत देता है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब स्क्रीन का मूल्यांकन सिर्फ उसके आकार से नहीं, बल्कि रोजमर्रा में मिलने वाले व्यूइंग और गेमिंग अनुभव के आधार पर भी किया जा रहा है।

Continue Reading

व्यापार

फ्री डिलीवरी के लिए जेप्टो ने बढ़ाई न्यूनतम ऑर्डर राशि, अब 199 रुपए से लेकर 299 रुपए तक करना होगा ऑर्डर

Published

on

क्विक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो ने फ्री डिलीवरी पाने के लिए न्यूनतम ऑर्डर मूल्य (मिनिमम ऑर्डर वैल्यू) बढ़ा दिया है। कंपनी ने सामान्य समय में इसे 149 रुपए से बढ़ाकर 199 रुपए कर दिया है, जबकि अधिक मांग (पीक डिमांड) के दौरान यह सीमा 299 रुपए तक पहुंच रही है। इस बदलाव के साथ जेप्टो की फ्री डिलीवरी नीति अब प्रतिस्पर्धी कंपनियों ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट के समान स्तर पर आ गई है।

ग्राहकों के अनुसार, पहले जहां 149 रुपए के ऑर्डर पर फ्री डिलीवरी मिल जाती थी, वहीं अब सामान्य परिस्थितियों में कम से कम 199 रुपए का ऑर्डर देना होगा। मांग अधिक होने के समय यह न्यूनतम सीमा बढ़कर 299 रुपए तक हो जाती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्विक-कॉमर्स कंपनियां अपने कारोबार की लाभप्रदता बढ़ाने और डिलीवरी लागत को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। बढ़ी हुई न्यूनतम ऑर्डर राशि से ग्राहकों को अपनी खरीदारी सूची में अधिक उत्पाद जोड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे औसत ऑर्डर मूल्य बढ़ सकता है और कंपनियों की प्रति ऑर्डर कमाई में सुधार हो सकता है।

हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो केवल कुछ आवश्यक वस्तुओं की त्वरित डिलीवरी के लिए छोटे मूल्य के ऑर्डर देते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की खरीदारी आदतों की परीक्षा अब इस नई व्यवस्था में हो सकती है।

जेप्टो का यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है। फ्री डिलीवरी लिमिट को लेकर कंपनियां लगातार अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रही हैं, ताकि ग्राहक बनाए रखने के साथ-साथ लाभप्रदता भी बढ़ाई जा सके।

इस वर्ष मार्च में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। शुल्क बढ़ाकर प्रति ऑर्डर लगभग 14.90 रुपए कर दिया गया था, जो पहले 12.50 रुपए था।

जोमैटो के बाद स्विगी ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई थी। कंपनी ने शुल्क को लगभग 17 प्रतिशत बढ़ाकर 17.58 रुपए प्रति ऑर्डर कर दिया था, जो पहले 14.99 रुपए था।

ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां लगातार डिलीवरी शुल्क, न्यूनतम ऑर्डर सीमा और अन्य मूल्य निर्धारण उपायों में बदलाव कर रही हैं, जिसका उद्देश्य बढ़ती परिचालन लागत के बीच मुनाफा सुधारना है, जबकि दूसरी ओर ग्राहकों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण बना हुआ है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस : माइक्रोन के सेमीकंडक्टर प्लांट को 48 घंटे साप्ताहिक कार्य सीमा के साथ 12 घंटे की शिफ्ट की मंजूरी

Published

on

भारत के सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में गुजरात की स्थिति अधिक मजबूत बने, इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। इस निर्णय के अंतर्गत माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साणंद स्थित प्लांट में 12 घंटे की कार्य शिफ्ट चलाने की मंजूरी दी गई है।

गुजरात में इस प्रकार की यह पहली मंजूरी है। राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग को प्रोत्साहन देकर नए रोजगार पैदा होंगे। इस 12 घंटे की शिफ्ट में कर्मचारियों के लिए सप्ताह में कुल कामकाज का समय 48 घंटे ही रहेगा।

यह मंजूरी ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (ओएसएच) कोड, 2020 के प्रावधानों के तहत दी गई है, जो 21 नवंबर, 2025 से समग्र देश में लागू हुआ है। यह कोड राज्य सरकारों को आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों के साथ कुछ परिस्थितियों में फैक्ट्रियों को निश्चित प्रावधानों से छूट देने का अधिकार देता है, परंतु यह भी सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों के साप्ताहिक कार्य के घंटे निर्धारित सीमा से अधिक न हों।

गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा, ”ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (ओएसएच) कोड का मुख्य उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ कंप्लायंस को प्रोत्साहन देना है। कोड में सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे के कामकाज का प्रावधान है, लेकिन उपयुक्त सरकार को फैक्ट्रियों के संदर्भ में छूट देने का अधिकार भी दिया गया है। गुजरात सरकार ने राज्य के व्यापक सार्वजनिक हित, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए इस प्रावधान का उपयोग किया है।”

बावलिया ने स्पष्टता करते हुए जोड़ा, “किसी भी औद्योगिक इकाई को कर्मचारियों के लिए 12 घंटे की शिफ्ट रखने के लिए सरकार की पूर्वानुमति लेना अनिवार्य है। मंजूरी के बिना कोई भी औद्योगिक समूह कर्मचारियों से 12 घंटे की शिफ्ट नहीं करा सकेगा। इस प्रकार का प्रावधान निश्चित उद्योगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।”

गुजरात भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपना नेतृत्व अधिक मजबूत करने के प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में यह मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी तथा मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अग्रसर बनाने के विजन में सेमीकंडक्टर को रणनीतिक क्षेत्र के रूप में स्थान दिया है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश का सबसे आकर्षक निवेश केंद्र बना है, जहां फैब्रिकेशन, असेंबली, पैकेजिंग, टेस्टिंग और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन जैसे क्षेत्रों में निरंतर निवेश हो रहा है।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी का साणंद प्लांट कंपनी के वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रोजेक्ट के पहले चरण में 5 लाख वर्ग फीट से अधिक क्लीनरूम क्षेत्र शामिल होगा, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-फ्लोर सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट क्लीनरूम में से एक क्लीनरूम होगा। वर्ष 2026 के दौरान यहाँ करोड़ों सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली एवं टेस्टिंग शुरू होने की अपेक्षा है, जबकि 2027 से उत्पादन क्षमता हर वर्ष सैकड़ों मिलियन चिप्स तक पहुंचने की संभावना है।

सेमीकंडक्टर उत्पादन परंपरागत फैक्ट्रियों से अलग है, क्योंकि यहां अत्यंत नियंत्रित क्लीनरूम परिस्थिति में उत्पादन प्रक्रिया निरंतर चलती है। चिप असेंबली तथा टेस्टिंग के लिए अत्याधुनिक ऑटोमेटेड मशीनें 24 घंटे कार्यरत रहती हैं, जिसके कारण निरंतर उत्पादन बनाए रखना कार्यदक्षता एवं गुणवत्ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार 12 घंटे की शिफ्ट विश्वभर की सेमीकंडक्टर उत्पादन इकाइयों में स्वीकृत कार्य पद्धति है। लंबी शिफ्ट के कारण शिफ्ट बदलने की संख्या कम होती है, क्लीनरूम में प्रवेश कम होता है, मशीनों का अधिक कार्यक्षम उपयोग होता है और अरबों रुपए के निवेश वाले प्लांट में निरंतर उत्पादन बनाए रखा जा सकता है। साथ ही, कर्मचारी सप्ताह में कम दिन काम करते हैं, जिससे कुल साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे ही रहता है।

राज्य सरकार ने इस मंजूरी के साथ श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए कड़ी शर्तें लागू की हैं। वयस्क कर्मचारी प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे काम कर सकेंगे, परंतु सप्ताह में कुल कामकाज का समय 48 घंटे से अधिक नहीं होगा। शेष दिनों को सवेतन अवकाश माना जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल अपनी स्वैच्छिक लिखित सहमति देने वाले कर्मचारी ही 12 घंटे की शिफ्ट में काम कर सकेंगे। राज्य सरकार ने यह भी निर्धारित किया है कि आराम के अंतराल सहित कुल कार्य समय प्रतिदिन 12 घंटे से अधिक नहीं होगा।

कंपनी के लिए इस व्यवस्था के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारियों का अलग रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। साथ ही फैक्ट्रियों के चीफ इंस्पेक्टर-कम-फैसिलिटेटर द्वारा लागू की गईं अतिरिक्त शर्तों का भी पालन करना होगा। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होगा, तो दी गई मंजूरी रद्द कर दी जाएगी और संबंधित संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया ने कहा, ”यह छूट राज्य की औद्योगिक प्रगति को गति देने, आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने, नए रोजगार का सृजन करने और विशेष रूप से राष्ट्रीय रणनीतिक महत्व वाले सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।”

सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए विशेष नीति घोषित करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य था। इस नीति के तहत उद्योगों को व्यापक प्रोत्साहन एवं सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके परिणामस्वरूप इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूर हुए छह बड़े प्रोजेक्ट गुजरात को मिले हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इन प्रोजेक्टों से लगभग 50,000 प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की अपेक्षा है, जो भारत के उभरते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के केन्द्र के रूप में गुजरात की स्थिति को और मजबूत बनाएगा।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार16 minutes ago

टैक्स नियमों के पालन के लिए भारत टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल : एक्सपर्ट

खेल1 hour ago

‘उन्होंने हम पर दबाव बनाया,’ हार के बाद श्रीलंकाई कप्तान ने राहुल-पड्डिकल की साझेदारी को सराहा

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

भारत की ऑटो इंडस्ट्री ने लागत दबाव के बावजूद पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया : रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

ईरान ने यूएई के दावे को किया खारिज, मिसाइल दागने का लगाया था आरोप

महाराष्ट्र2 hours ago

मुंबई की मेयर रितु तावड़े मीडिया पर 25 लाख रुपये खर्च करने के आरोप से बरी

मनोरंजन3 hours ago

कभी ‘बेबी नाज’ बनकर जीता था दिल, फिर बनीं श्रीदेवी की आवाज, ऐसा था कुमारी नाज का सफर

व्यापार3 hours ago

एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज को एक ग्लोबल टेक कंपनी से मिला 75 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

दिल्ली में 10 से 12 जनवरी तक होगा ‘विकसित भारत यंग इंडिया डायलॉग 2027’, एक करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

दिल्ली में 10 से 12 जनवरी तक होगा ‘विकसित भारत यंग इंडिया डायलॉग 2027’, एक करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

मनोरंजन4 hours ago

गोविंदा से विवाद के बीच बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं सुनीता आहूजा, बेटे यशवर्धन ने पैपराजी पर जताई नाराजगी

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन2 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

व्यापार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

राजनीति3 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

व्यापार1 week ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

रुझान