राजनीति
अमेरिका राजदूत के कश्मीर दौरे पर उमर अब्दुल्ला बोले- ‘किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत नहीं’
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बुधवार को प्रस्तावित कश्मीर यात्रा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही। हमारे मुद्दों का समाधान वाशिंगटन नहीं करेगा, बल्कि हमारी केंद्र सरकार को करना है।
पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमारी समस्याओं का उनसे (अमेरिकी राजदूत) कोई खास लेना-देना नहीं है। किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही। हमारे मुद्दों का समाधान वाशिंगटन में नहीं, बल्कि हमारी केंद्र सरकार के पास है।”
उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत से अपने ही देश के बारे में शिकायत करना मेरे लिए बहुत गलत होगा। यह मेरी आदत नहीं है। मैं निश्चित रूप से जम्मू-कश्मीर और हमारी स्थिति के बारे में बात करूंगा, लेकिन न तो शिकायत करूंगा और न ही उनसे समाधान खोजने की कोशिश करूंगा।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को श्रीनगर शहर का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चल रही विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया, सार्वजनिक सुविधाओं का जायजा लिया और शहरी बुनियादी ढांचे तथा सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे महत्वपूर्ण नागरिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
श्रीनगर का दौरा करने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “श्रीनगर शहर जम्मू-कश्मीर की पहचान है। हम देश का एकमात्र ऐसा क्षेत्र हैं, जिसकी दो राजधानियां हैं। गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू। जाहिर है, दोनों शहरों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। श्रीनगर शहर में कुछ अहम प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण करने के लिए हम आज सुबह 6.30 बजे से ही निकले हुए हैं। डाउनटाउन से लेकर अपटाउन तक पूरे शहर में लगभग 10 से 12 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। अधिकतर प्रोजेक्ट्स में संतोषजनक प्रगति हो रही है। एक-दो प्रोजेक्ट्स को थोड़ी और तेजी की जरूरत है, और हम उस पर ध्यान देंगे।”
अब्दुल्ला ने कहा कि इन दौरों का फायदा यह होता है कि जो हमें विधानसभा में बताया जाता है और जो जमीनी हकीकत है, दोनों की तुलना का मौका मिलता है। मैं श्रीनगर के निवासियों को यही भरोसा दिलाऊंगा कि आगे भी प्रोजेक्ट्स हाथ में लिए जाएंगे और बड़ी-बड़ी समस्याओं को दूर करेंगे। खासकर भीड़ और ट्रैफिक की समस्याओं के मद्देनजर भी कदम उठाने की जरूरत है। यहां पार्किंग की भी एक बड़ी मुसीबत रहती है। इसका हल निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “श्रीनगर के कुछ हिस्सों में जल-जमाव की समस्या पुरानी है। यह पिछले दो या पांच सालों में पैदा नहीं हुई है। कॉलोनियां कहां बनीं, किसने इजाजत दी और कैसे बनीं, यह न तो आप जानते हैं और न ही मैं। जब ये कॉलोनियां बनीं, तो इन्हें विकसित करने वालों ने जल निकासी (ड्रेनेज) का कोई इंतजाम नहीं किया। जब कॉलोनी विकसित की जा रही थी, तब जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? अब हमें इन कॉलोनियों में जल निकासी की व्यवस्था करनी पड़ रही है, और हम ऐसा कर भी रहे हैं। हालांकि, यह काम रातों-रात नहीं हो जाएगा।”
नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणापत्र पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “क्या पांच साल बीत चुके हैं? क्योंकि अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं। मैंने पहले दिन से ही कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का घोषणापत्र एक दिन, एक हफ्ते, एक महीने या एक साल के लिए नहीं था। यह पांच साल का रोडमैप है। पांच साल बाद मुझसे यह सवाल पूछिए और मैं आपको विस्तार से जवाब दूंगा। लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि हमने अब तक अपने घोषणापत्र को नजरअंदाज किया है। हर मुद्दे पर किसी न किसी तरह से काम किया गया है और जो भी काम बाकी है, उसे हम आने वाले समय में पूरा करेंगे।”
राष्ट्रीय समाचार
सीबीआई की कार्रवाई: मुंबई की कंपनी पर 93 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज, कई ठिकानों पर छापेमारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ 93 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इसी के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी ने कंपनी के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया।
दरअसल, सीबीआई ने मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ 93.44 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया है और मुंबई में हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों से जुड़ी कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
इसे लेकर सीबीआई ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह मामला 30 सितंबर को पंजाब नेशनल बैंक, एसएएम ब्रांच, मुंबई की शिकायत पर दर्ज किया। यह केस हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टरों और गारंटर, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात प्राइवेट व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए दर्ज किया गया है।
इन अपराधों के कारण शिकायतकर्ता बैंक को लगभग 93.44 करोड़ रुपए का कथित गलत नुकसान हुआ। आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची, अपनी संबंधित पार्टी के इनवॉइस पर 135 करोड़ रुपए का टर्म लोन लिया और उस पैसे को उन कामों में इस्तेमाल किया या दूसरी जगह भेज दिया, जिनके लिए मंजूरी नहीं मिली थी, जिससे बैंक को नुकसान हुआ।
सीबीआई की ओर से की गई तलाशी के दौरान जांच से जुड़े बैंक के जरूरी दस्तावेज और प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद और जब्त किए गए। वहीं, कंपनी की ओर से की गई साजिश की पूरी हद का पता लगाने, सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट व्यक्तियों सहित इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पहचान करने और लोन के पैसे का आखिर में कहां इस्तेमाल हुआ, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
फ्लाईदुबई फ्लाइट में घायल पायलट कैप्टन स्मित की हालत में सुधार, भारत ने यूएई सरकार का जताया आभार

यूएई से इजरायल जा रहे अमीराती विमान फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में बुधवार को हुई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का यूएई में इलाज चल रहा है। यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”भारतीय बहादुर कैप्टन स्मित का बेहतरीन इलाज चल रहा है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। हम उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और उनके जल्द ठीक होने में मदद कर रहे हैं। उनकी देखभाल के लिए हम यूएई सरकार का धन्यवाद करते हैं। हम भी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने वालों के साथ शामिल हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार से बात की थी। उन्होंने स्मित मच्छार से उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने स्मित मच्छार से कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। महामृत्युंजय के जाप चल रहे हैं। आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने लोगों की जान बचाई है। आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं है, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।
स्मित ने पीएम मोदी से कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे मेरी बात होगी।” स्मित के भावुक होने पर पीएम मोदी ने कहा, “आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी और पूरी दुनिया के लोग आपको देखने, आपसे बात करने के लिए आतुर हैं। आपने सचमुच में पूरे देश का नाम रोशन किया है।”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपका स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा (आप सभी की जान न बचाते) न करते तो पता नहीं, पूरे देश और भारत के पायलटों पर क्या-क्या बीतती। सभी पायलटों को किस तरह से देखा जाता। आपने सभी को बचा लिया है।”
इस दौरान पीएम मोदी ने सऊदी और यूएई सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने स्मित की बहुत देखभाल की। मैं उनका बहुत आभारी हूं।
फ्लाइट में हुए हादसे के दौरान कैप्टन स्मित ने बहादुरी और साहस का काम था। हमलावर साथी पायलट के हमले के बाद गर्दन और हाथों में गंभीर चोट लगने के बावजूद वह रेंगते हुए आगे बढ़े, कॉकपिट खोला और इजरायली लोगों को अंदर मौजूद आतंकवादी पर काबू पाने का मौका दिया।
राष्ट्रीय समाचार
एआईएमई 2026 में भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्रि और कुलिश की भागीदारी संपन्न

भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने फिलीपींस में आयोजित बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास एआईएमई 2026 में अपनी भागीदारी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस अभ्यास की थीम “भरोसे की नींव, समुद्र में एकजुट” यानी “विश्वास में जड़ें, समुद्र में एकजुट” थी।
एआईएमई 2026 के दौरान भारतीय नौसेना के जहाजों ने हार्बर और सी फेज में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य पेशेवर संवाद, संचालन संबंधी समन्वय और समुद्री प्रशिक्षण के जरिए भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच सहयोग और आपसी तालमेल को मजबूत करना था।
अभ्यास के उद्घाटन समारोह के बाद हार्बर फेज आयोजित किया गया। इसमें प्रमुख अधिकारियों के बीच संवाद, खेल गतिविधियां, योग, सामुदायिक संपर्क और विशेषज्ञ स्तर पर विचार-विमर्श जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। इसके अलावा टेबल-टॉप एक्सरसाइज, ऑपरेशनल सिंक्रोनाइजेशन और प्री-सेल ब्रीफ के जरिए समुद्री चरण के लिए योजनाओं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
सी फेज के दौरान आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने विभिन्न समन्वित समुद्री अभ्यासों में हिस्सा लिया। इनमें मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर), विजिट-बोर्ड-सर्च-सीजर (वीबीएसएस) और अंडरवे रीप्लेनिशमेंट ड्रिल शामिल थीं।
इसके अलावा हेलीकॉप्टर से जुड़े अभ्यासों में क्रॉस-डेक लैंडिंग, वर्टिकल रीप्लेनिशमेंट और केसवैक (घायल या बीमार लोगों को चिकित्सा निकासी) ड्रिल भी की गईं। इन गतिविधियों के जरिए भाग लेने वाली समुद्री सेनाओं के बीच संचालन संबंधी समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिला।
एआईएमई 2026 के हार्बर और सी फेज ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने के साथ समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाया। इससे प्रभावी समुद्री साझेदारी को और मजबूती मिली।
आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की इस भागीदारी ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर के विजन के अनुरूप साझेदार समुद्री सेनाओं के साथ निरंतर सहयोग और जुड़ाव के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया।
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