राष्ट्रीय समाचार
वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला, आरबीआई एमपीसी के फैसले का इंतजार
वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स 626.43 अंक या 0.80 प्रतिशत की मजबूती के साथ 79,055.38 और निफ्टी 54.30 अंक या 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,669.20 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी को सहारा रियल्टी और इन्फ्रा शेयरों से मिल रहा था। सूचकांकों निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इन्फ्रा टॉप गेनर्स थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑटो, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी पीएसई जैसे सूचकांकों में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था।
निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, ट्रेंट, भारती एयरटेल, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, एसबीआई, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और एनटीपीसी गेनर्स थे। सन फार्मा, टाइटन, टीसीएस और बीईएल लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का बयान बाजार में तेजी की एक अहम वजह है, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए ईरान के साथ जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी कमी आई है और यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है।
इससे अलावा, भारतीय बाजार में निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमेटी (आरबीआई-एमपीसी) के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं, जिसका ऐलान 10 बजे किया जाएगा।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। हांगकांग में सपाट कारोबार हो रहा था। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार के सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 1.71 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 2.59 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.35 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78.29 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.50 डॉलर प्रति बैरल पर था।
विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार खरीदार बने हुए हैं। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 2,446.47 करोड़ रुपए इक्विटी बाजार में निवेश किए, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 936.14 करोड़ रुपए की इक्विटी बाजार से निकासी की।
राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने से गोरखा समाज को मिले नौकरी और उच्च शिक्षा के अवसर

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर गोरखा समुदाय ने जश्न मनाया और एक-दूसरे को केक खिलाकर बधाई दी। इसके साथ ही आर्टिकल 370 हटने के बाद हुए बदलावों पर बात की और अधिकारों के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।
गोरखा समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह पक्का किया कि अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद उन्हें वे अधिकार मिलें जिनसे वे लंबे समय से वंचित थे। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं था, उनके बच्चे डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं बनवा पाते थे और उन्हें सरकारी नौकरी पाने में भी मुश्किल होती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें आठ फीसदी आरक्षण दिया है।
समुदाय के लोगों ने कहा कि भले ही कुछ राजनीतिक पार्टियां 5 अगस्त को “काला दिवस” के तौर पर मना रही हैं, लेकिन उनका मानना है कि ये पार्टियां उनके जैसे समुदायों को भेदभाव के अंधेरे में वापस धकेलना चाहती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा कभी नहीं होगा और कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी पीएम पद पर हैं, वे उनका समर्थन करते रहेंगे और उन्हें भरोसा है कि वे ऐसी स्थिति को दोबारा नहीं आने देंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे यह पक्का करें कि ऐसी ताकतें जम्मू-कश्मीर में कभी वापस न आ पाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार भी जताया और कहा कि इस दिन लिए गए फैसलों ने उन्हें आजादी और बराबरी के अधिकार दिए हैं।
गोरखा समुदाय की करुणा क्षेत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद सबका साथ-सबका विकास के तहत काम किए जा रहे हैं। इसी पहल के तहत जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर हमें मुख्य धारा में लाया। विभिन्न राजनीतिक दलों ने गोरखा समुदाय के लिए पिछले 70 सालों में कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले 370 हटाया और हमारे समुदाय को स्थानीय निवासी बनाया और ओबीसी में 8 फीसदी आरक्षण दिया। डोमिसाइल मिलने के कारण हमें लोन मिल रहे हैं, जिससे युवा स्वरोजगार कर पा रहे हैं।”
गोरखा समुदाय के एक व्यक्ति ने कहा, “5 अगस्त 2019 हमेशा याद रहेगा। इस दिन हमें दोहरी खुशी मिली थी। 5 अगस्त को 2019 को धारा 370 हटने से हमें अधिकार मिला। वहीं, 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ।”
एक अन्य युवा मनीष अधिकारी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा किया है। धारा 370 हटने से गोरखा समाज को एक नई पहचान मिली है। इससे पहले करीब 70 सालों से हमें कोई पहचान नहीं मिली थी। जब हम नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते थे, तो हमारे समाज को नजरअंदाज किया जाता था। हमें बाहरी कहा जाता था जबकि हमारे पूर्वज 200 सालों से यहां रह रहे हैं लेकिन धारा 370 हटने के बाद हमारे समाज को अधिकार और पहचान मिली।”
मोनिका ने कहा, “धारा 370 हटने से काफी बदलाव हुआ है। अब हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और अच्छा होगा क्योंकि हमें पहचान मिल गई है। अब हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा और नौकरी के अवसर मिलेंगे।”
राष्ट्रीय समाचार
वित्त वर्ष 27 में महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान, छोटी अवधि में होगी बढ़ोतरी: आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 के लिए खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया है। साथ ही कहा कि वैश्विक अस्थिरता के कारण छोटी अवधि में महंगाई दर में बढ़ोतरी हो सकती है।
आरबीआई एमपीसी के फैसलों का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि लगातार 16 महीनों तक केंद्रीय बैंक के लक्ष्य 4 प्रतिशत से नीचे रहने के बाद खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में महंगाई दर आरबीआई के पहले के अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जिससे पता चलता है कि इनपुट लागत के दबाव का असर सीमित रहा।
खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, कोर महंगाई (जिसमें खाने-पीने की चीजें और ईंधन शामिल नहीं हैं) मई और जून के दौरान 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही।
कीमती धातुओं को छोड़कर, कोर महंगाई और भी कम, यानी 2.3-2.5 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि मांग-पक्ष से जुड़ी महंगाई का दबाव कम बना हुआ है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इसे घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की लगातार गतिविधियों, अच्छे निवेश ट्रेंड और मजबूत निर्यात का सहारा मिल रहा है।
गवर्नर ने कहा कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5 प्रतिशत लगाया है, जिसमें दूसरी तिमाही महंगाई 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
वहीं, वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान 5.3 प्रतिशत है।
मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई के अनुमान पर जोखिम अभी भी बने हुए हैं, जो बारिश पर अल-नीनो के असर, ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े हैं।
राजनीति
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा की मांग की

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा सचिव को पत्र भेजकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। सांसद ने दलबदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा करने की मांग की है।
लोकसभा महासचिव को लिखे पत्र में मनीष तिवारी ने कहा, “मैं तत्काल महत्व के एक निश्चित विषय पर चर्चा करने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही स्थगित करने का प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगने के अपने इरादे की सूचना देता हूं। मेरा प्रस्ताव है कि यह सदन प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी निर्धारित कार्यों को स्थगित करे ताकि एक नए दलबदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा की जा सके।”
मनीष तिवारी ने कहा, “यह कानून अवसरवाद से प्रेरित और बिना किसी वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद के बड़े पैमाने पर होने वाले राजनीतिक दल-बदल को रोके और साथ ही संसद व विधानसभाओं के भीतर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी गुंजाइश रखे। इसलिए, मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि आज की कार्यवाही स्थगित की जाए और तत्काल महत्व के इस विषय पर पूरी चर्चा की अनुमति दी जाए।”
इसके पहले 28 जुलाई को कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था। उन्होंने 20 जुलाई को संसद तक छात्रों के मार्च के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों द्वारा कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर चर्चा की मांग की गई थी। उन्होंने कहा था कि परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन में 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
लोकसभा के महासचिव को संबोधित अपने नोटिस में तिवारी ने सदन से निर्धारित कार्यवाही स्थगित करने और इस मुद्दे को अत्यावश्यक जनहित का मामला मानते हुए इस पर विचार करने का आग्रह किया था। कांग्रेस नेता ने नोटिस में कहा था, “मैं सदन की कार्यवाही स्थगित करने के लिए एक प्रस्ताव लाने की अनुमति का अनुरोध करता हूं, ताकि एक अत्यावश्यक मामले पर चर्चा की जा सके।”
पत्र में मनीष तिवारी ने लिखा था, “मैं प्रस्ताव रखता हूं कि यह सदन प्रश्न काल, शून्य काल और दिन के अन्य सभी निर्धारित कामकाज को स्थगित करे ताकि 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च के दौरान निहत्थे छात्र प्रदर्शनकारियों पर रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर चर्चा की जा सके, जिसमें 80 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कम से कम बल का प्रयोग किया जाना चाहिए था, फिर भी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हुए अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही और पीड़ितों को मुआवजा देने के मुद्दे पर तत्काल संसदीय चर्चा जरूरी हो गई है।”
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