राष्ट्रीय समाचार
आईबीएम और सर्वम ने किया साझेदारी का ऐलान, भारत में एआई इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती
दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी आईबीएम और भारतीय एआई स्टार्टअप सर्वम ने भारत में सॉवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीकों के विकास और अपनाने में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को साझेदारी का ऐलान किया। यह विशेष रूप से सरकारी एजेंसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों और विनियमित उद्यमों पर केंद्रित होगी।
इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां नागरिक सेवाओं, शिकायत निवारण, दस्तावेज प्रसंस्करण और प्रशासनिक कार्यप्रवाह (वर्कफ्लो) जैसे उपयोग मामलों के लिए सॉवरेन एआई तकनीकों को संयुक्त रूप से पेश करेंगी और पायलट परियोजनाएं संचालित करेंगी।
यह सहयोग आईबीएम के विशेष रूप से सॉवरेन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किए गए एआई सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म ‘आईबीएम सॉवरेन कोर’ को सर्वम के ‘इंडिया-फर्स्ट’ सॉवरेन एआई स्टैक के साथ जोड़ेगा। सर्वम के इस एआई स्टैक में भारत में विकसित और प्रशिक्षित रीजनिंग मॉडल, बहुभाषी भाषा मॉडल और वॉयस एआई तकनीक शामिल हैं।
दोनों कंपनियों का संयुक्त समाधान संगठनों को डेटा, गवर्नेंस, सुरक्षा और अनुपालन पर अधिक नियंत्रण बनाए रखते हुए भारत की नियामकीय और परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप एआई लागू करने में मदद करेगा।
इसके अलावा, इस पहल का उद्देश्य इनोवेशन पायलट, सॉल्यूशन एक्सेलरेटर, तकनीकी सलाहकार सेवाओं और ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से सॉवरेन एआई को तेजी से अपनाने को बढ़ावा देना है।
लखनऊ स्थित आईबीएम गॉवटेक एआई इनोवेशन सेंटर संयुक्त इनक्यूबेशन और डेमोंस्ट्रेशन हब के रूप में कार्य करेगा। यहां सरकारी विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन और उद्यम बड़े पैमाने पर तैनाती से पहले सॉवरेन एआई के व्यावहारिक उपयोग, तकनीकी, परिचालन और गवर्नेंस संबंधी आवश्यकताओं का मूल्यांकन कर सकेंगे।
आईबीएम सॉफ्टवेयर इंडिया और सॉफ्टवेयर इनोवेशन लैब के जनरल मैनेजर श्रीराम राघवन ने कहा, “सॉवरेन एआई केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि एआई कहां संचालित होता है। इसका उद्देश्य संगठनों को यह नियंत्रण देना है कि एआई का संचालन, प्रबंधन और तैनाती कैसे की जाए।”
उन्होंने कहा कि आईबीएम सॉवरेन कोर एक एंटरप्राइज-ग्रेड प्लेटफॉर्म है, जिसे सरकारों और विनियमित उद्यमों को गवर्नेंस, सुरक्षा और अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करते हुए बड़े पैमाने पर एआई लागू करने में सहायता के लिए तैयार किया गया है।
सर्वम के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा कि सॉवरेन एआई को उन प्रणालियों के भीतर काम करना चाहिए, जिन पर सरकारें और उद्यम पहले से निर्भर हैं, साथ ही बड़े पैमाने पर संचालन का भी समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारा एआई स्टैक इन प्रणालियों के ऊपर मॉडल, वॉयस और भाषा तकनीक उपलब्ध कराता है, ताकि कोई भी नागरिक अपनी मातृभाषा में फोन कॉल के जरिए सरकारी लाभ प्राप्त कर सके या अपनी शिकायत का समाधान कर सके।”
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम बंगाल में बनेंगे चार नए रीजनल एयरपोर्ट, 23 सितंबर को साइन होगा एमओयू

पश्चिम बंगाल में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य में चार और रीजनल एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए अगले हफ्ते केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होगा।
यह एमओयू साइनिंग प्रोग्राम 23 सितंबर को राज्य सचिवालय नबन्ना के मुख्य सभागार नबन्ना सभागार में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मौजूद रहेंगे। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
प्रस्तावित चार रीजनल एयरपोर्ट पुरुलिया जिले के छर्रा, दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट, अलीपुरद्वार के हासीमारा और पश्चिम मिदनापुर के कलाईकुंडा में बनेंगे। इनमें हासीमारा और कलाईकुंडा भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण बेस भी हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “राज्य सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन, बिजली, पानी और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। केंद्र सरकार एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे का विकास करेगी और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एयर ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभालेगी।”
इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन और संबंधित जिलों के सांसद व विधायक भी मौजूद रहेंगे।
यह एमओयू केंद्र सरकार की संशोधित ‘उड़ान 6.0’ योजना के तहत साइन किया जाएगा। बता दें कि मॉडिफाइड उड़ान योजना भारत की रीजनल एयर कनेक्टिविटी स्कीम का अगला चरण है।
अधिकारी के अनुसार, इस एमओयू के साइन होने से पुरुलिया, दक्षिण दिनाजपुर, अलीपुरद्वार और पश्चिम मिदनापुर में हवाई संपर्क के बुनियादी ढांचे और रीजनल हवाई सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
केंद्र की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत समझौते के अनुसार राज्य सरकार जरूरी जमीन, संपर्क सड़कें, बिजली आपूर्ति, पानी की आपूर्ति और बुनियादी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, जबकि केंद्र सरकार एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा तैयार करेगी।
राष्ट्रीय समाचार
यूपीआई में एमडीआर आने से इंडस्ट्री को 20,000 करोड़ रुपए तक का हो सकता है फायदा: ब्रोकरेज

यूपीआई भुगतान में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लागू करने से बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए आय के नए स्रोत खुल जाएंगे और इससे पूरी इंडस्ट्री का रेवेन्यू पूल 10,000 करोड़ रुपए से 20,600 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यह जानकारी ब्रोकरेज फर्मों की ओर से दी गई।
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) का संचालन करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 2,000 रुपए से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (पीटूएम) यूपीआई के लिए 0.4 प्रतिशत का एमडीआर 15 अक्टूबर से लगाने का ऐलान किया है। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति लेनदेन निर्धारित की गई है। इसका भुगतान मर्चेंट करेगा, न कि ग्राहक।
यूबीएस का अनुमान है कि बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए सालाना रेवेन्यू पूल 10,000–15,000 करोड़ रुपए का होगा। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि बैंक इसमें से लगभग 60–70 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखेंगे, जबकि बाकी हिस्सा भुगतान कंपनियों को मिलेगा। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि फिनटेक कंपनियों की कमाई पर इसका असर ज्यादा होगा।
गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि इंडस्ट्री का संभावित रेवेन्यू पूल 20,600 करोड़ रुपए का हो सकता है। यह अनुमान इस कैलकुलेशन पर आधारित है कि कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन वैल्यू का लगभग आधा हिस्सा पूरे 40 आधार अंक एमडीआर के दायरे में आ सकता है। जेपी मॉर्गन के अनुसार, अधिकतम रेवेन्यू पूल लगभग 17,000 करोड़ रुपए का हो सकता है, जिसमें इश्यूइंग और एक्वायरिंग बैंकों के लिए लगभग 11,700 करोड़ रुपए शामिल हैं। यह रकम लिस्टेड कमर्शियल बैंकों के वित्त वर्ष 26 के शुद्ध मुनाफे का 2.1 प्रतिशत है।
सिटी का अनुमान है कि सालाना इंडस्ट्री रेवेन्यू पूल 16,000-17,000 करोड़ रुपए का होगा, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत बैंकों को, 25 प्रतिशत यूपीआई एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स को और 15 प्रतिशत नॉन-बैंक पेमेंट एग्रीगेटर्स को मिलेगा।
राष्ट्रीय समाचार
भारत का वस्तु निर्यात अगस्त में 26 प्रतिशत बढ़ा, व्यापार घाटे में आई कमी

भारत का वस्तु निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 26.1 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो गया है। यह निर्यात में देश का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। यह इस बात की भी पुष्टि करता है कि देश का निर्यात क्षेत्र लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को दी गई।
इस दौरान देश के व्यापार घाटे में भी कमी देखने को मिली है, जो कि अगस्त में 26.86 अरब डॉलर पर रहा है, जो कि एक साल पहले समान अवधि में 27.22 अरब डॉलर पर था। इस साल जुलाई में व्यापार घाटा 32 अरब डॉलर था।
अगस्त में वस्तु आयात सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 72.67 अरब डॉलर पर रहा है, जो कि इस साल जुलाई में 76.22 अरब डॉलर था। मासिक आधार पर अगस्त में निर्यात में भी कमी दर्ज की गई है, जो कि जुलाई में 44.24 अरब डॉलर पर था।
वाणिज्य मंत्रालय में सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, “निर्यात में बढ़ोतरी इंजीनियरिंग के सामान, पेट्रोलियम उत्पादों, केमिकल और टेक्सटाइल की वजह से हुई और इनकी सबसे ज्यादा मांग अमेरिका, ईयू और ब्रिक्स देशों से थी।”
आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अगस्त में सोने का आयात गिरकर 2.3 अरब डॉलर रह गया, जो अगस्त 2025 के 5.4 अरब डॉलर के आंकड़े से आधे से भी कम था।
आरबीआई के इस महीने की शुरुआत में जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) 4.2 अरब डॉलर रहा। पश्चिमी एशिया संकट के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल, एलपीजी और फर्टिलाइजर की कीमतें बढ़ने के बावजूद यह जीडीपी का 0.5 प्रतिशत बना रहा।
पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में सीएडी का अनुमान जीडीपी का 0.4 प्रतिशत था।
ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) या एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट स्कीम की वजह से डॉलर के इनफ्लो में जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद, भारत दुनिया में विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है।
डेटा से पता चलता है कि 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 44.9 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 785.7 अरब डॉलर हो गया, जिससे भारत ने रूस को चौथे स्थान से हटा दिया और अब वह चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद चौथे स्थान पर है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
