महाराष्ट्र
नायर हॉस्पिटल में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इमरजेंसी वार्ड और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन, मेयर रितु तावड़े और दूसरे लोगों ने फैसिलिटी का इंस्पेक्शन किया
मुंबई: सेंट्रल में मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा मैनेज किए जाने वाले और नायर चैरिटेबल हॉस्पिटल में बने स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट, नए बने ‘एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज़ कॉम्प्लेक्स’ का आज (13 जुलाई, 2026) मुंबई BYL में उद्घाटन हुआ।
मुंबई की मेयर रितु तावड़े की मौजूदगी में नए कॉम्प्लेक्स और उसके डिपार्टमेंट्स के इंस्पेक्शन के बाद सर्विसेज़ का उद्घाटन किया गया। रितु तावड़े, विपक्ष की नेता किशोरी पेडनेकर, समाजवादी पार्टी के ग्रुप लीडर और लोकल कॉर्पोरेटर अमरीन अब्रहानी, इम्प्रूवमेंट कमेटी की चेयरपर्सन सिंधिया दोशी, पब्लिक हेल्थ कमेटी के चेयरपर्सन प्रहरीश भंडारगे, महिला और बाल कल्याण कमेटी के चेयरपर्सन परमानेंट टू डेज़, कॉर्पोरेटर रोहिदास लोखंडे और अजय पाटिल, डिप्टी कमिश्नर (पब्लिक हेल्थ) शरद उगाडे, डायरेक्टर (मेडिकल एजुकेशन और मेजर हॉस्पिटल्स) और नायर हॉस्पिटल के डीन डॉ. शैलेश मोहते, चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चंद्रकांत पवार, दूसरे बड़े लोग और संबंधित अधिकारी मौजूद थे। इस बीच, नायर हॉस्पिटल में एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज़ कॉम्प्लेक्स के लिए एक फॉर्मल उद्घाटन समारोह की योजना बनाई गई थी। लेकिन, यह सेरेमनी कैंसिल कर दी गई क्योंकि केंद्र सरकार ने कतर के ‘फादर अमीर’ पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद 12 जुलाई, 2026 को भारत में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। इस मौके पर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को श्रद्धांजलि दी गई। हालांकि, मेडिकल सर्विस शुरू करने की प्राथमिकता और ज़रूरत को देखते हुए, गणमान्य लोगों ने नए कॉम्प्लेक्स का इंस्पेक्शन किया और सर्विस शुरू की गईं।
नायर हॉस्पिटल में कैजुअल्टी और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (EMS) कॉम्प्लेक्स के बारे में जानकारी
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा तय मिनिमम स्टैंडर्ड ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नायर हॉस्पिटल में एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट कैजुअल्टी और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस डिपार्टमेंट बनाया गया है।
यह नायर हॉस्पिटल एक्सपेंशन प्रोजेक्ट के तहत ‘प्राइम प्रोजेक्ट्स डेवलपमेंट’ के हिस्से के तौर पर शुरू किया गया एक बड़ा और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। एक्सपेंशन स्कीम में एक आने वाली ऑन्कोलॉजी (कैंसर) बिल्डिंग, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) क्वार्टर और एक L-शेप की बिल्डिंग भी शामिल है। 24 घंटे चलने वाले कैजुअल्टी डिपार्टमेंट और मॉडर्न इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के जुड़ने से मरीज़ों को तेज़ और अच्छी क्वालिटी का मेडिकल इलाज मिल पाता है। कंस्ट्रक्शन के सफलतापूर्वक पूरा होने और सभी कानूनी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बाद, यह कॉम्प्लेक्स 25 जून 2026 को नायर हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन को सौंप दिया गया। यह नया कॉम्प्लेक्स हॉस्पिटल के डेवलपमेंट के अगले फेज़ का रास्ता बनाता है। रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) के लिए एक मॉडर्न, 20-मंज़िला रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए अब पुरानी कैजुअल्टी डिपार्टमेंट की बिल्डिंग को गिरा दिया जाएगा।
ऑपरेशन का फेज़ शुरू
मरीज़ों की सबसे अच्छी सुरक्षा और क्लिनिकल एफिशिएंसी पक्का करने के लिए, इस पूरी तरह (सेंट्रल) एयर-कंडीशन्ड डिपार्टमेंट में ऑपरेशन दो अलग-अलग फेज़ में शुरू होंगे। फेज़ 1 (तुरंत चालू) इस शुरुआती फेज़ में, ज़रूरी मेडिकल सर्विस — जैसे एक्सीडेंट डिपार्टमेंट, इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, ट्राइएज वार्ड, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक्स, सर्जरी, और एक माइनर ऑपरेशन थिएटर (माइनर OT) — तुरंत शुरू कर दी गई हैं। फेज़ 2 (आने वाला)
मॉडर्न इमरजेंसी डायग्नोस्टिक और टेस्टिंग सर्विस जल्द ही शुरू की जाएंगी।
फैसिलिटी का लेआउट और खास बातें
डिपार्टमेंट को दो मंज़िल पर सोच-समझकर डिज़ाइन किया गया है, जिसका मकसद मरीज़ का तेज़ी से असेसमेंट, समय पर इमरजेंसी इलाज, और बिना किसी रुकावट के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑपरेशन पक्का करना है।
ग्राउंड फ्लोर को मरीज़ का तेज़ी से असेसमेंट और स्टेबिलाइज़ेशन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें तुरंत असेसमेंट, इलाज और शुरुआती डायग्नोसिस पर फोकस किया गया है।
एडमिनिस्ट्रेटिव और ट्राइएज सेंटर मरीज़ के रजिस्ट्रेशन और शुरुआती स्क्रीनिंग को आसान बनाने के लिए यहां एक खास ‘स्कीम रजिस्ट्रेशन ऑफिस’ है। इसके अलावा, मेडिको-लीगल मामलों को संभालने के लिए एक ‘कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (CMO) रूम’ भी है। स्पेशलिस्ट कंसल्टेशन रूम – इस एरिया में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक्स और ऑर्थोपेडिक्स के स्पेशलिस्ट के लिए अलग-अलग कमरे हैं, साथ ही एक ‘जनरल एग्ज़ामिनेशन रूम’ भी है।
इमरजेंसी ट्रीटमेंट: छोटी-मोटी इमरजेंसी सर्जिकल प्रोसीजर के लिए एक पूरी तरह से इक्विप्ड ‘माइनर ऑपरेशन थिएटर’ (माइनर OT) उपलब्ध है। ‘गोल्डन आवर’ मैनेजमेंट – इमरजेंसी के पहले घंटे में इंटेंसिव केयर देने की सुविधाओं से लैस एक 8-बेड वाला इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (EMS) वार्ड बनाया गया है।
डायग्नोस्टिक्स और सेफ्टी: इस फैसिलिटी में तुरंत इमेजिंग के लिए एक एक्स-रे रूम और टॉक्सिक या खतरनाक सब्सटेंस के संपर्क में आए मरीज़ों के सुरक्षित डीकंटैमिनेशन के लिए एक ‘पेशेंट-फ्री डीकंटैमिनेशन रूम’ शामिल है।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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