राष्ट्रीय समाचार
गौतम अदाणी ने इनोवेटर्स और कारोबारियों को सपोर्ट करने के लिए शुरू की ‘वंदे भारतम्’ पहल
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को इनोवेटर्स, कारोबारियों और समस्याओं का समाधान करने वाले लोगों का समर्थन करने के लिए ‘वंदे भारतम्’ पहल शुरू की है।
गौतम अदाणी के 64वें जन्मदिन पर लॉन्च की गई यह पहल देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और 800 ज्यादा जिलों और कई भारतीय भाषाओं में संचालित की जाएगी।
गौतम अदाणी ने कहा, “जब मैंने अपना सफर शुरू किया था, तो मेरे पास कुछ भी नहीं था। आज मैं जो कुछ भी हूं और मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह सब मुझे भारत की मिट्टी से मिला है। हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन देश के हर कोने तक हमेशा मौके नहीं पहुंच पाए हैं।”
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, “भारत ने दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बनाया है, फिर भी अधिकतर संस्थापक अभी भी कुछ ही शहरों से आते हैं। ‘वंदे भारतम्’ उन इनोवेटर्स, प्रॉब्लम-कारोबारियों और समस्याओं का समाधान करने वाले लोगों को खोजने की हमारी कोशिश है, जिनके विचार पहचान, सपोर्ट और एक बड़े प्लेटफॉर्म के हकदार हैं। हम हर उस भारतीय को आगे आने और हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिसमें कुछ बनाने का साहस और कुछ नया करने का संकल्प है।”
यह पहल उन सभी लोगों के लिए खुली है जिनके पास कोई आइडिया, इनोवेशन, समाधान या कारोबारी बनने की चाहत है। इसमें उम्र, पेशे, पढ़ाई-लिखाई या डेवलपमेंट के चरण की कोई पाबंदी नहीं है। प्रतिभागी किसी कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप, शुरुआती चरण के वेंचर या पहले से चल रहे बिजनेस के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्टर्ड स्टार्टअप होना जरूरी नहीं है।
बयान के अनुसार, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबिलिटी, खेती, पारंपरिक शिल्प और समुदाय-आधारित समाधान जैसे कई क्षेत्रों से प्रवेश आमंत्रित की जाती हैं। महिलाओं, आदिवासियों, ग्रामीण इनोवेटर्स, दिव्यांग उद्यमियों और समुदाय-आधारित इनोवेटर्स की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए खास रास्ते बनाए जाएंगे, जो स्थानीय चुनौतियों का समाधान करेंगे।
आवेदन की एक व्यवस्थित मूल्यांकन प्रक्रिया होगी, जिसमें इनोवेशन, उद्यमिता की क्षमता, प्रभाव और स्केलेबिलिटी पर ध्यान दिया जाएगा। मूल्यांकन के मानदंडों, जूरी के गठन और चयन के चरणों के बारे में अतिरिक्त जानकारी समय आने पर दी जाएगी।
राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर मूल्यांकन के बाद, 75 फाइनलिस्ट को अहमदाबाद में एक खास प्रोग्राम के लिए बुलाया जाएगा। इस प्रोग्राम में मेंटरशिप, इंडस्ट्री के लोगों से बातचीत और इन्वेस्टर्स व बिजनेस लीडर्स के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। ये सभी अलग-अलग क्षेत्रों, सेक्टर और समुदायों से आए टैलेंट का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बयान के अनुसार, फाइनलिस्ट को मेंटर्स, इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, इनक्यूबेशन सपोर्ट और रणनीतिक पार्टनरशिप का लाभ मिलेगा, जो उनके आइडिया को बिजनेस में बदलने में मदद कर सकते हैं। इस प्रोग्राम में इनाम की राशि और कैटेगरी के आधार पर सम्मान भी शामिल होगा, जिसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस के आस-पास होने वाला ग्रैंड फिनाले एक ऐसे प्लेटफॉर्म की शुरुआत करेगा जो पार्टिसिपेंट्स को मेंटर्स, इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और दूसरे इनोवेटर्स से जोड़ेगा।
गौतम अदाणी ने कहा, “अगर मैं यह कर सकता हूं, तो कोई भी भारतीय यह कर सकता है। उन्हें बस एक मौके और एक मंच की जरूरत है।”
आज भारत दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है। फिर भी, 80 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स सिर्फ पांच शहरों से ही आते हैं, जिससे कई उभरते इनोवेटर्स को पहचान, मेंटरशिप और नेटवर्क नहीं मिल पाता है।
बयान में कहा गया है कि जैसे-जैसे भारत 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन में भागीदारी बढ़ाना आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार पैदा करने और स्थानीय चुनौतियों को हल करने के लिए बहुत जरूरी होगा।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कीमती धातुओं ने पकड़ी रफ्तार, सोने-चांदी में 2 प्रतिशत से ज्यादा तक की बढ़ोतरी

GOLD
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं की कीमतों (सोने-चांदी) में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबारी में पीले धातु (सोने) की कीमतों में 1.5 प्रतिशत यानी 2,000 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में 2 प्रतिशत से ज्यादा यानी 5,000 रुपए से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
मंगलवार को अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,53,099 रुपए से 1.04 प्रतिशत यानी 1,600 रुपए की बढ़त के साथ 1,54,699 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं सत्र के दौरान इसने 2,338 रुपए यानी 1.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,55,437 रुपए का इंट्रा-डे हाई टच किया।
हालांकि खबर लिखे जाने तक पीली धातु 895 रुपए यानी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,53,994 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करते हुए नजर आई।
वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,36,867 रुपए से 3,132 रुपए यानी 1.32 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,39,999 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली और दिन के दौरान इसने 5,132 रुपए यानी 2.16 प्रतिशत का उच्चतम स्तर छुआ।
हालांकि खबर लिखे जाने तक यह सफेद धातु 371 रुपए यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,36,496 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
दरअसल, सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक व्यापक आर्थिक बदलावों, भू-राजनीतिक जोखिमों और घरेलू मांग में परिवर्तन का गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
अमेरिका की उदार मौद्रिक नीति की उम्मीदें बढ़ने से सोने की कीमतों में नई मजबूती आई है, वहीं डॉलर के कमजोर होने से इसकी मांग और भी बढ़ गई है।
वहीं, सिल्वर में निवेश में रुचि और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के समर्थन से इसकी कीमतों को सपोर्ट मिला। हालांकि, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के संकेतों के प्रति दृष्टिकोण संवेदनशील बना हुआ है, जिससे कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है। साथ ही, सोने की ऊंची कीमतों का असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
इन सभी कारकों के संयोजन से आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के बाजार की दिशा तय होने की उम्मीद है।
राजनीति
लोकसभा और राज्यसभा में फिर हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

राज्यसभा और लोकसभा में मंगलवार को एक बार फिर हंगामा व नारेबाजी हुई। संसद में जारी गतिरोध और हंगामे के कारण राज्यसभा व लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, वहीं राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही स्थगित किए जाने से पहले, राज्यसभा में हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए सदन में खड़े हुए। हालांकि राज्यसभा में जारी हंगामे के कारण वह अपनी बात नहीं रख सके।
दरअसल राज्यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर तक शांति बनी रही। इस दौरान संसद की विभिन्न समितियों से जुड़ी कई रिपोर्टों व पेपर सदन में रखे गए। कई सदस्यों ने यहां अपनी अपनी समितियों से जुड़ी रिपोर्ट व पेपर सदन में प्रस्तुत किए। इस कार्यवाही के बाद राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही शुरू की जानी थी। लेकिन तभी विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्ष के कई सांसद दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के उपयोग का मुद्दा सदन में उठाना चाहते है। वहीं कई सांसद राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा उठा रहे हैं। इसको लेकर सदन में लगातार हंगामा व नारेबाजी होती रही। राज्यसभा व लोकसभा दोनों ही सदनों में मंगलवार को यह हंगामा जारी रहा।
लोकसभा में सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के साथ ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी को देखते हुए कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वहीं राज्यसभा में भारी हंगामे व नारेबाजी के बीच कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही संचालित की गई। लेकिन कुछ ही देर बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
गौरतलब है कि संसद में लगातार हंगामा व गतिरोध बना हुआ है जिससे विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दोनों सदनों में विशेष उल्लेख शून्यकाल व प्रश्न काल जैसी महत्वपूर्ण कार्यवाही प्रभावित हुई हैं। मानसून सत्र के दौरान लगातार यह स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्रीय समाचार
झारखंड छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी ने बल प्रयोग को बताया गलत, बातचीत से समाधान की अपील

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को गलत बताते हुए राज्य सरकार से छात्रों की बात सुनने और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान करने की अपील की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि झारखंड में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल गलत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। उन्होंने झारखंड सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की।
इससे पहले भी राहुल गांधी ने झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया था। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से फोन पर बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी थीं और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया था।
इधर, झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि झारखंड में जंतर-मंतर जैसी बर्बरता और संवादहीनता की स्थिति नहीं बनी है। सरकार ने छात्रों के आंदोलन से पहले ही मामले में कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच, गिरफ्तारियों और डिजिटल समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच जारी है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई दोषी बच न पाए।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि भर्ती व्यवस्था में मौजूद कमियों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सीधी नजर है। उन्होंने कहा कि छात्रों को व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया गया है। उनके अनुसार, सरकार ने छात्रों से दोबारा बातचीत का आग्रह किया है और वह संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। मंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट रुख है कि समस्याओं का समाधान संवाद से ही निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने भी माना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर राज्य सरकार ने सकारात्मक कार्रवाई की है। यह कदम कई अन्य राज्यों में देखने को नहीं मिला है। मंत्री ने कहा कि विधानसभा के मौजूदा सत्र में भी सरकार छात्रों के मुद्दे को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन पहले से तय था और सरकार ने उनसे बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन छात्र इसके लिए तैयार नहीं हुए।
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