महाराष्ट्र
मुंबई की सड़कों पर गड्ढों को वैज्ञानिक तरीकों और तय मानकों के अनुसार भरा जाना चाहिए : अतिरिक्त नगर आयुक्त
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में करीब 1700 केएम सड़कों की सीमेंट कंक्रीटिंग पूरी हो चुकी है, और बाकी सड़कों की कंक्रीटिंग का काम चल रहा है। इस बड़ी पहल की वजह से, इस मॉनसून सीजन में सड़कों पर गड्ढों की संख्या और उनसे होने वाली दिक्कतें काफी कम हो गई हैं। इससे गड्ढों को भरने के खर्च में भी काफी बचत हुई है। म्युनिसिपल लिमिट के अंदर सड़कों पर मॉनसून सीजन में होने वाले गड्ढों की समस्या से असरदार तरीके से निपटने के लिए, रोड डिपार्टमेंट के इंजीनियरों को और ज़्यादा सतर्कता और ज़िम्मेदारी से काम करना चाहिए। गड्ढों से जुड़ी हर शिकायत का 24 घंटे के अंदर निपटारा किया जाना चाहिए। खराब जगहों को तुरंत सामने लाया जाना चाहिए। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने निर्देश दिया कि संबंधित इंजीनियर यह पक्का करें कि ज़ोन के हिसाब से नियुक्त कॉन्ट्रैक्टर तय टेक्निकल स्टैंडर्ड और साइंटिफिक तरीके का पालन करते हुए सड़कों पर गड्ढे अच्छी क्वालिटी के साथ भरें। बांगर ने यह भी स्पष्ट किया कि बैट-बाय-बैट आधार पर नियुक्त सेकेंडरी इंजीनियर अपने क्षेत्र की सड़कों का नियमित रूप से दो पहियों पर दौरा करें, सड़कों की वर्तमान स्थिति जानें और आवश्यक मरम्मत के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। मनपा मुख्यालय में सड़क एवं परिवहन विभाग के सहायक इंजीनियरों की एक बैठक हुई जिसमें मानसून पूर्व कार्यों की प्रगति, तैयारियों और आवश्यक उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। उस समय अतिरिक्त मनपा आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने विभिन्न निर्देश दिए। डिप्टी कमिश्नर (इंफ्रास्ट्रक्चर) गिरीश निकम, चीफ इंजीनियर (सड़कें) श्री. मंटिया स्वामी सहित इंजीनियर मौजूद थे।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि मनपा ने सड़कों पर गड्ढों की समस्या को हल करने/सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए सड़क कंक्रीटिंग कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत लगभग 1700 किलोमीटर सीमेंट सड़कों की कंक्रीटिंग पूरी हो चुकी है। बाकी सड़कों की कंक्रीटिंग मानसून के बाद की जाएगी। इसलिए, भविष्य में ज़्यादा से ज़्यादा सड़कें सीमेंट की बनेंगी और गड्ढों की समस्या ज़रूर कम होगी। इसके अलावा, खर्च भी बचेगा।
अगर यूटिलिटी चैनल के लिए खोदी गई खाई को टेक्निकल स्टैंडर्ड के हिसाब से दोबारा नहीं भरा जाता है, तो मानसून के दौरान पानी सड़क के स्ट्रक्चर में घुस जाता है। जिससे सड़क की मज़बूती कम हो जाती है और सड़क टूटने का प्रोसेस शुरू हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन लोगों को परेशानी से बचाने के लिए कई कदम उठा रहा है। यह गारंटी है कि मैस्टिक से एक बार भरा गया गड्ढा दोबारा नहीं खुलेगा। इसलिए, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सड़कों के मेंटेनेंस के लिए ज़ोन के हिसाब से कॉन्ट्रैक्टर रखे हैं। इंजीनियरों को समय-समय पर अपने मैनपावर, मशीनरी और मटीरियल स्टॉक का रिव्यू करना चाहिए। खास तौर पर, मैस्टिक कुकर की उपलब्धता, गड्ढे भरने का शेड्यूल, मैस्टिक कुकर राउंड को कोऑर्डिनेट किया जाना चाहिए। यह सख्ती से पक्का किया जाना चाहिए कि सड़कों पर गड्ढे तय टेक्निकल स्टैंडर्ड और साइंटिफिक तरीकों से भरे जाएं। बांगर ने निर्देश दिया कि गड्ढे तब भरे जाने चाहिए जब वे छोटे साइज़ (6 इंच) के हों। बांगर ने कहा कि रोड इंजीनियरों के साथ-साथ मनपा में कुल 227 बैट (हर चुनावी वार्ड के लिए एक) के लिए 227 सेकेंडरी इंजीनियरों को नियुक्त किया गया है। इन सेकेंडरी इंजीनियरों को अपने तय सेक्शन की सड़कों का रोज़ाना निरीक्षण करना चाहिए और अगर कोई गड्ढा मिले तो उसे तुरंत एक आयत का इस्तेमाल करके भरना चाहिए। उन्हें दोपहिया वाहन पर घूमकर अपने काम के इलाके की सड़कों का निरीक्षण करना चाहिए। गड्ढों की शिकायतों को सेंट्रल सिस्टम और डिपार्टमेंट ऑफिस के ज़रिए कोऑर्डिनेट करके समय पर हल किया जाना चाहिए। शिकायतों का इंतज़ार करने के बजाय, गड्ढों को खुद ही रिकॉर्ड करके भरना चाहिए। मुंबई में ईस्टर्न एक्सप्रेसवे (18.6 केएम – मुलुंड से शिव) और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे (27.6 केएम – दहिसर चेकपॉइंट से माहिम) दोनों की ज़िम्मेदारी मनपा की है। इसके साथ ही ईस्टर्न फ्रीवे (17 केएम) की ज़िम्मेदारी भी मनपा पर आती है। रोड डिपार्टमेंट को पूरा ध्यान रखना चाहिए कि इन तीनों हाईवे पर गड्ढे न हों। बांगर ने यह भी कहा कि मुंबई में दूसरी सरकारी अथॉरिटीज़ को भी अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों का ठीक से ध्यान रखना चाहिए और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन को भी ऐसा ही करना चाहिए ताकि गड्ढे तुरंत भर दिए जाएं। अगर डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के दौरान सड़कों पर गड्ढे होते हैं, तो कोई प्रीमियम नहीं देना चाहिए। इसके अलावा, प्रोजेक्ट की सड़कों और रास्तों को संबंधित कॉन्ट्रैक्टर द्वारा टेंडर की शर्तों के अनुसार एक तय समय में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के अंदर मुफ्त में भरा जाना चाहिए। इन गड्ढों को भरने के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को कोई हर्जाना/प्रीमियम नहीं देना चाहिए। क्योंकि मेंटेनेंस/अपकीप की शर्त कॉन्ट्रैक्ट में ही शामिल है। इसके उलट, अगर डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान सड़कों पर गड्ढों की संख्या बढ़ी है, तो सज़ा वाली कार्रवाई की जानी चाहिए, बांगर ने कहा, प्रोजेक्ट की सड़कों, डिफेक्ट्स के बारे में बताते हुए और सड़क को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
