महाराष्ट्र
मुंबई में लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जनरल हॉस्पिटल और केईएम हॉस्पिटल में लेटेस्ट इक्विपमेंट के साथ अलग-अलग डेडिकेटेड मेडिकल सुविधाओं का उद्घाटन
मुंबई मुझे बहुत खुशी है कि मुंबई के लोगों को लेटेस्ट इक्विपमेंट और मेडिकल सुविधाएं देने के लिए कई सर्विसेज़ शुरू की गई हैं। इन सुविधाओं से लोगों को अच्छी हेल्थ सुविधाएं मिलेंगी। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने कहा कि मुंबई के लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी को बेहतर बनाने के लिए लेटेस्ट इक्विपमेंट का होना ज़रूरी है। रितु तावड़े (आज, 8 मई, 2026) सेठ गोरधनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और राजे एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल (परेल) में हुए एक प्रोग्राम में। के.ई.एम. हॉस्पिटल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) के साथ-साथ एक मैमोग्राफी मशीन, सर्जिकल पैथोलॉजी सेमिनार हॉल और फिजियोलॉजी सेमिनार हॉल का उद्घाटन किया गया। तावड़े ने इससे पहले, लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जनरल हॉस्पिटल से जुड़े धारावी में लोक नाइट एकनाथ राव गायकवाड़ अर्बन हेल्थ सेंटर में पीडियाट्रिक्स, ब्लड डिसऑर्डर, कैंसर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर का भी उद्घाटन किया। पब्लिक हेल्थ कमेटी के चेयरमैन हरीश भांडेरगे, लोकल कॉर्पोरेटर करण तावड़े, लोकल कॉर्पोरेटर रचना शिंदे, डिप्टी कमिश्नर (पब्लिक हेल्थ) शरद उदय, डायरेक्टर (मेडिकल एजुकेशन और मेजर हॉस्पिटल) डॉ. शैलेंद्र मोहते, डीन डॉ. प्रमोद अंगले, डीन डॉ. हरीश पाठक, वाहा फाउंडेशन की रूमाना हमीद और दूसरे गणमान्य लोग मौजूद थे। इस मौके पर मेयर रितु तावड़े ने कहा कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की मेडिकल सुविधाओं से मुंबई के लोगों को बहुत फायदा होगा। मुझे गर्व है कि बुरहान मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन हॉस्पिटल के ज़रिए लेटेस्ट और क्वालिटी सर्विस मिल रही हैं। मुझे खुशी है कि मुझे मैमोग्राफी प्लांट का उद्घाटन करने का मौका मिला जो महिलाओं की हेल्थ के लिए बहुत ज़रूरी है। ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं की हेल्थ के लिए एक गंभीर चुनौती है। लेकिन समय पर स्क्रीनिंग, समय पर डायग्नोसिस और सही इलाज से इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। हॉस्पिटल में मैमोग्राफी इक्विपमेंट होने से महिलाओं को स्क्रीनिंग के लिए कहीं और जाने की ज़रूरत नहीं है। यह इक्विपमेंट महिलाओं में रेगुलर स्क्रीनिंग की आदत को मज़बूत करेगा। मेयर ने कहा कि डायग्नोसिस में होने वाली देरी कम होगी और परिवार की हेल्थ सिक्योरिटी मजबूत होगी। नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट को मजबूत बनाने के मकसद से आज एक साफ, सुरक्षित और टेक्निकली सक्षम इंटेंसिव केयर यूनिट सर्विस उपलब्ध कराई गई। समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले या जन्म के बाद तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत वाले नवजात इस डिपार्टमेंट से इलाज करा सकेंगे। मेयर श्रीमती रितु तावड़े ने यह भी बताया कि इस सुविधा से नवजात बच्चों की देखभाल ज्यादा बेहतर होगी और इन्फेक्शन कंट्रोल में मदद मिलेगी।
‘वर्ल्ड थैलेसीमिया डे’ (8 मई) के मौके पर, मेयर श्रीमती रितु तावड़े ने आज (8 मई 2026) लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जनरल हॉस्पिटल, लोकनेते एकनाथ राव गायकवाड़ अर्बन हेल्थ सेंटर (धारवी) में पीडियाट्रिक्स, ब्लड डिसऑर्डर, कैंसर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर का उद्घाटन किया। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और ‘वेहा फाउंडेशन’ के मिले-जुले प्रयासों से गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को सर्विस दी गई है। इस सेंटर के ज़रिए 6 हॉस्पिटल बेड, डे केयर कीमोथेरेपी रूम, इनपेशेंट की सुविधाएँ दी गई हैं। यह सुविधा खास तौर पर आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए उपलब्ध कराई गई है। गर्वित मेयर श्रीमती रितु तावड़े ने कहा कि लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जनरल हॉस्पिटल को बोन मैरो ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट देने वाला पहला हॉस्पिटल होने पर गर्व है। थैलेसीमिया डे के मौके पर, लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जनरल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के बायोकेमिस्ट्री डिपार्टमेंट की तरफ से हॉस्पिटल के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए थैलेसीमिया स्क्रीनिंग की पहल शुरू की गई। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ज़रिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी वाली सर्विसेज़ मिलने के साथ-साथ, समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को भी इन सुविधाओं का फ़ायदा मिलेगा। पब्लिक हेल्थ कमिटी के चेयरमैन हरीश भांडेरगे ने कहा कि मुंबईकरों की हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए यह बहुत ज़रूरी कदम है।
महाराष्ट्र
बैंक ऑफ महाराष्ट्र फ्रॉड केस : पूर्व मैनेजर राम भरोस मीणा को 7 साल की कठोर कैद

जयपुर की सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 3.61 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले में तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम भरोस मीणा को दोषी ठहराते हुए सात साल की कठोर कैद (आरआई) की सजा सुनाई है।
अदालत ने उन पर 2,85,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
इसी मामले में एक निजी व्यक्ति माखन लाल मीणा को भी दोषी ठहराया गया है और उसे तीन साल की कठोर कैद तथा 25,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र के जोनल ऑफिस, जयपुर की ओर से 3 जून 2016 को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 9 नवंबर 2016 को दर्ज किया था।
शिकायत में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम भरोस मीणा पर अपने पद का दुरुपयोग करने और धोखाधड़ी एवं जालसाजी के जरिए बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।
आरोप के मुताबिक, 15 जनवरी 2015 से 6 मई 2015 के बीच उन्होंने बिना वैध लोन आवेदन, जरूरी दस्तावेज और पर्याप्त सिक्योरिटी के 17 अकाउंट्स में अवैध तरीके से ऋण मंजूर किए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुताबिक, इन अनियमितताओं के चलते बैंक को करीब 3.61 करोड़ रुपए का गलत नुकसान हुआ। जांच एजेंसी ने मामले की जांच पूरी करने के बाद राम भरोस मीणा और माखन लाल मीणा के खिलाफ 9 जुलाई 2020 को चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट दाखिल करने के बाद अदालत ने 1 दिसंबर 2021 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए और मामले की सुनवाई आगे बढ़ी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष जांच एजेंसी की ओर से आरोपों से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद सीबीआई अदालत, जयपुर ने दोनों आरोपियों को मामले में दोषी ठहराया।
अदालत ने राम भरोस मीणा को सात साल की कठोर कैद के साथ 2.85 लाख रुपए का जुर्माना और माखन लाल मीणा को तीन साल की कठोर कैद के साथ 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
महाराष्ट्र
किसानों की बढ़ती मुश्किलों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों से मानसून की वापसी की आधिकारिक घोषणा के बाद सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से चेतावनी दी गई कि महाराष्ट्र को गंभीर सूखे का सामना करना पड़ सकता है।
पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में ठाकरे गुट की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि बिना बारिश के मॉनसून के चले जाने से राज्यभर के किसानों की आखिरी उम्मीदें भी टूट गई हैं और महाराष्ट्र का आधे से ज्यादा हिस्सा बुरी तरह सूख गया है।
संपादकीय के अनुसार, इस सीजन में महाराष्ट्र के 36 में से 20 से ज्यादा जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई। मानसून के देर से आने के कारण शुरुआती बुआई में रुकावट आई। लगभग दो महीने तक लगातार बारिश नहीं होने से बुआई की कोशिशें भी बेकार गईं जिससे मराठवाड़ा, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र में फसलें बर्बाद हो गईं।
‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया, “राज्य में सबसे ज्यादा कमी सोलापुर में 58 प्रतिशत दर्ज की गई। बीड में बारिश की कमी 51 प्रतिशत रही। हिंगोली में 49 प्रतिशत, जालना में 48 प्रतिशत और अहिल्यानगर व धाराशिव दोनों में 46 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यहां तक कि तटीय सिंधुदुर्ग, जो आमतौर पर ज्यादा बारिश के लिए जाना जाता है, वहां भी 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।”
राज्य प्रशासन पर निशाना साधते हुए ठाकरे गुट की ओर से आरोप लगाया गया कि सूखे से प्रभावित सोलापुर में स्थानीय अधिकारियों ने गार्डियन मिनिस्टर को सिंचाई वाले हरे-भरे खेत का मुआयना कराया जबकि दूसरी जगहों पर फसलें सूख चुकी थीं। इसे उन्होंने पीड़ित किसानों का क्रूर मजाक बताया।
असामान्य मौसम के कारण यह संकट और भी गंभीर गया है। आम तौर पर अक्टूबर में होने वाली गर्मी अगस्त के मध्य में ही शुरू हो गई और राज्य भर में तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। संपादकीय में कहा गया है कि इस लगातार गर्मी ने हरे-भरे चरागाहों, कुओं और स्थानीय जल स्रोतों को सुखा दिया है, जिससे पीने के पानी और मवेशियों के चारे की भारी कमी हो गई है।
संपादकीय में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारी आर्थिक तंगी के कारण विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे इलाकों में किसानों की आत्महत्या का नया दौर शुरू हो चुका है। राजनीतिक नेताओं पर सीधा निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा कि सिर्फ सूखा घोषित कर देने से सरकार अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो जाती।
संपादकीय में कहा गया है कि मॉनसून के लौटने के साथ ही, वे मंत्री और नेता भी सचिवालय लौट गए हैं जो पहले फोटो खिंचवाने के लिए खेतों की मेड़ों का दौरा करते थे और किसान अब भी तुरंत राहत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
महाराष्ट्र
मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना इजाजत जमा होने पर सीजेपी समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना इजाजत के इकट्ठा होने, नारे लगाने और घोषणाएं करने के आरोप में शनिवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई पुलिस के अनुसार, लगभग 400 से 500 अज्ञात समर्थक और प्रदर्शनकारी, जिनमें सीजेपी सदस्य अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहीरे, आशुतोष रंका, अभिजीत दिपके, सौरव दास, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मलंगी और योगेश इंगले शामिल थे, ने दादर वेस्ट में मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के सामने शिवाजी पार्क ग्राउंड के गेट नंबर 6 पर बिना अनुमति के जमा हुए।
बताया जा रहा है कि यह जमावड़ा 2 अक्टूबर की शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुआ।
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारी एक सार्वजनिक सड़क पर जमा हुए और नारे लगाए, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। बिना जरूरी अनुमति के लाउडस्पीकर भी लगाए गए थे।
शुक्रवार को सीजेपी ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए अपना ‘जेल भरो’ विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।
भारी पुलिस तैनाती और शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करने की औपचारिक अनुमति न मिलने के बावजूद हजारों नागरिक और समर्थक कार्यक्रम स्थल पर जमा हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाना बनाते हुए नारे लगाए गए।
आयोजकों द्वारा अपने आंदोलन का ‘सीजन 2’ बताए गए इस विरोध प्रदर्शन को मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि दादर इलाके के कई हिस्सों में बैरिकेड्स लगाए गए थे।
इस प्रदर्शन को सार्वजनिक हस्तियों, बुद्धिजीवियों और बॉलीवुड हस्तियों का भी समर्थन मिला, जिन्होंने कार्यक्रम में भाग लिया और मतदान के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थानों के महत्व के बारे में बात की।
मौजूद लोगों में अभिनेता शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह के साथ-साथ संगीतकार विशाल ददलानी भी शामिल थे। इस सभा में शामिल लोगों ने वोटिंग के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
अभिनेता प्रकाश राज ने भी एक रिकॉर्डेड वीडियो मैसेज के जरिए अपना समर्थन दिया और नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की।
दिपके ने औपचारिक रूप से ‘जेल भरो’ आंदोलन का आह्वान किया और कहा कि वोटिंग के अधिकार की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होना एक मौलिक संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने के खिलाफ पुलिस की चेतावनियों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को चुनौती भी दी।
दिपके ने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आपने हमें सिर्फ तीन दिन के लिए जेल में डालने की बात कही थी। अगर आपने तीन महीने कहा होता तो पूरा मुंबई शहर पूरी तरह ठप हो जाता।”
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