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Tuesday,08-September-2026
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व्हाइट हाउस डिनर अटैक से पहले हमलावर ने परिवार से मांगी थी माफी, कैलिफोर्निया से खरीदे थे हथियार

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व्हाइट हाउस के संवाददाता रात्रिभोज के दौरान फायरिंग मामले की जांच में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने हथियारों के साथ आरोपी कोल टॉमस एलन को हिरासत में ले लिया था और उससे व्यापक पूछताछ जारी है। इस बीच अधिकारियों ने बताया है कि संदिग्ध बंदूकधारी राष्ट्रपति और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाने वाला था और इसके लिए उसने बड़ी सावधानीपूर्वक साजिश रची थी।

अधिकारियों ने ये भी बताया कि आरोपी एलन जो करने जा रहा था, इस बारे में उसने हमले के कुछ समय पहले ही परिवार के सदस्यों और एक पूर्व नियोक्ता को ईमेल के माध्यम से जानकारी दी थी, जिसमें “माफी और स्पष्टीकरण शीर्षक वाला एक दस्तावेज संलग्न था।

ईमेल में एलन ने लिखा, “मैंने जो भी परेशानी पैदा की है, उसके लिए मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं और साथ ही यह भी कहा कि वह जो करने वाला है उसके लिए उसे माफी की उम्मीद नहीं है। मेरे प्रतिनिधियों के कार्यों का मुझ पर प्रभाव पड़ता है और मैं अब अपराधों को बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हूं।”

अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने कहा कि लिखित दस्तावेज को देखने के बाद इसमें कोई संदेह नहीं है कि एलन ने राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश की। एलन ने अपने संदेश में यह संकेत दिया गया था कि वह सीक्रेट सर्विस से जुड़े लोगों को केवल तभी निशाना बनाया जाएगा जब जरूरी हो।

होटल के कर्मचारी और मेहमान इसके निशाने पर नहीं होंगे। अगर बिलकुल जरूरी हुआ तो वह लगभग हर किसी को मार डालेगा। उसकी यह स्वीकारोक्ति खतरे की संभावित भयावहता को जाहिर करता है। जांचकर्ताओं ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ईमेल को हमले से पहले एक विशिष्ट समय पर भेजने के लिए शेड्यूल किया गया था।

इतना ही नहीं आरोपी ने इसके लिए कई जगहों की यात्रा की थी और हमले को अंजाम देने से पहले होटल के अंदर अपनी स्थिति का जायजा लिया था। अधिकारियों ने बताया कि कोल टॉमस एलन ने 25 अप्रैल के कार्यक्रम से काफी पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। वह राष्ट्रपति के तय आगमन पर नजर रख रहा था और उसी स्थान पर अपने आवास की व्यवस्था कर ली थी।

एक संघीय हलफनामे के अनुसार, एलन ने 6 अप्रैल को वाशिंगटन हिल्टन में 24 से 26 अप्रैल तक तीन रातों के लिए बुकिंग कराइए थी। यह बुकिंग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सार्वजनिक रूप से रात्रिभोज में शामिल होने की पुष्टि के हफ्तों बाद की गई थी। एलन ने 21 अप्रैल को लॉस एंजिल्स के पास स्थित अपने घर से ट्रेन से यात्रा शुरू की और 23 अप्रैल को शिकागो पहुंचा। इसके बाद वह वाशिंगटन डीसी के लिए रवाना हुए, जहां वे 24 अप्रैल को दोपहर लगभग 1 बजे पहुंचा।

दोपहर लगभग 3 बजे वह होटल पहुंचा और रातभर वहीं रुका रहा, उसने खुद को उसी इमारत के अंदर रखा, जहां वह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम आयोजित होने वाला था। अधिकारियों ने बताया कि कोल टॉमस एलन को रात्रिभोज के कार्यक्रम और वरिष्ठ अमेरिकी नेताओं की उपस्थिति की जानकारी थी। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम होटल के कॉनकोर्स तल पर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रात लगभग 8 बजे शुरू हुआ।

लगभग 40 मिनट बाद एलन ने अपना काम शुरू किया। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लेंच ने कहा, “लगभग 8.40 बजे एलन होटल के टेरेस लेवल पर एक सुरक्षा चौकी के पास पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि वह एक लंबी बंदूक लेकर मैग्नेटोमीटर से होकर गुजरा। कुछ ही क्षणों बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। चेकपॉइंट पर तैनात एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी को सीने में गोली लगी थी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण वह बच गया।

अधिकारी ने जवाबी फायरिंग की और इसके बाद एलन को तुरंत काबू कर लिया गया। ब्लेंच ने कहा कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि वेल प्लांड था। जांचकर्ताओं ने बताया कि एलन के पास कई हथियार थे, जिनमें 12-गेज शॉटगन और 38 कैलिबर की पिस्तौल शामिल थी। एलन ने ये हथियार कैलिफोर्निया में खरीदे थे और वाशिंगटन पहुंचने से पहले उन्हें राज्य की सीमाओं के पार ले गया था।

अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने कहा कि घटनाक्रम से स्पष्ट इरादा जाहिर होता है। उन्होंने कहा, वह पूरी तरह से सचेत था। उसने बैंक्वेट हॉल में घुसने का फैसला किया लेकिन कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने मुख्य कार्यक्रम में पहुंचने से पहले ही उसे रोक दिया। जांचकर्ताओं ने बताया कि संदिग्ध के होटल के कमरे, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और यात्रा इतिहास से अतिरिक्त सबूतों की समीक्षा की जा रही है। आरोपी की इस काम में किसी ने मदद की थी या नहीं, उसकी भी जांच की जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

साउथ कोरिया ने कहा- होर्मुज की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बातचीत जारी, ईरान से संपर्क भी बरकरार

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साउथ कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से सभी जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है। लंदन स्थित ‘मिडिल ईस्ट आई’ वेबसाइट के अनुसार, यह बयान ईरानी शिक्षाविद मोहम्मद मारंडी की उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर सियोल, जलडमरूमध्य में नौवहन (नेविगेशन) को सुरक्षित करने के अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रयास में शामिल होता है, तो तेहरान सियोल को दुश्मन मान सकता है और क्षेत्र में दक्षिण कोरियाई संपत्तियों को निशाना बना सकता है।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सभी जहाजों – जिनमें हमारे देश के जहाज भी शामिल हैं – की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ निकटता से संवाद कर रहे हैं।” राजनयिक सूत्रों ने बताया कि दक्षिण कोरियाई सरकार ने ईरान के साथ राजनयिक बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से संबंधित मुद्दों पर बातचीत जारी रखी है।

सोमवार को बाद में, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कोरियाई भाषा में एक संदेश पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि सियोल और तेहरान के बीच संबंध आपसी सम्मान के आधार पर विकसित हुए हैं और ईरान दक्षिण कोरिया के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। कोरियाई भाषा में किए गए इस पोस्ट में कहा गया, “फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी अन्य देश की सैन्य उपस्थिति या अभियानों में भागीदारी को केवल उस पक्ष के लिए प्रत्यक्ष समर्थन माना जा सकता है जो आक्रामकता के लिए जिम्मेदार है, और इसके गंभीर परिणाम होंगे।”

प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान और दक्षिण कोरिया के बीच 64 वर्षों से राजनयिक संबंध हैं और तेहरान सियोल के साथ अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों को बहुत महत्व देता है। पोस्ट में एक तस्वीर भी शामिल थी जिसमें कोरियाई भाषा में संदेश लिखा था: “खतरनाक फैसलों के परिणाम भी होते हैं।” दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। मध्य पूर्व में फिर से बढ़े तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सियोल पर दबाव बढ़ाया है कि वह जलडमरूमध्य में नौवहन को सुरक्षित करने के प्रयासों में सैन्य योगदान दे। दक्षिण कोरिया अपने योगदान के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस और दूसरे देशों के साथ संभावित सहयोग भी शामिल है। सियोल के राष्ट्रपति कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उस जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में सैन्य बल या संसाधन भेजने के बारे में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और विभिन्न विकल्पों की व्यापक समीक्षा अभी भी चल रही है। अधिकारी ने यह भी कहा कि सियोल के योगदान में गैर-लड़ाकू और खोज-और-बचाव बल शामिल हो सकते हैं, और इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार ऐसे विकल्पों पर विचार करेगी जिनसे कोरियाई प्रायद्वीप पर देश की रक्षा तैयारियों से कोई समझौता न हो।

खबरों के अनुसार, सेना संभावित तैनाती के लिए कई तरह के संसाधनों की समीक्षा कर रही है, जिनमें समुद्री गश्ती विमान, विस्फोटक आयुध निपटान (ईओडी) टीमें और नौसैनिक बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें हटाने के लिए मानवरहित सिस्टम शामिल हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “हम परिचालन संबंधी ज़रूरतों के आधार पर विभिन्न विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं।” “हम सीधे लड़ाई में शामिल हुए बिना सुरक्षित रूप से योगदान करने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।”

सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सांसदों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सैनिकों की किसी भी तैनाती का सार्वजनिक रूप से विरोध किया है, जबकि अन्य प्रगतिशील दलों और कुछ नागरिक समूहों ने संभावित तैनाती के खिलाफ़ और भी कड़ा रुख अपनाया है। दक्षिण कोरियाई कानून के तहत, सैन्य बलों की किसी भी विदेशी तैनाती के लिए संसदीय मंज़ूरी की आवश्यकता होती है।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

सऊदी अरब के साथ संबंध मजबूत करने में भारतीय कामगारों की अहम भूमिका: विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 

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विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोमवार को भारत और सऊदी अरब के बीच संबंधों को मजबूत करने में भारतीय कामगारों की भूमिका की सराहना की।

सिंह ने सऊदी अरब में अल फनार कंपनी के लेबर कैंप में भारतीय कामगारों से मुलाकात के बाद यह बयान दिया और विदेशों में रहने वाले भारतीयों, खासकर कामगारों के कल्याण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अल फनार कंपनी के लेबर कैंप में भारतीय कामगारों से मिलकर खुशी हुई। हमारे कामगार सऊदी अरब के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीयों, खासकर भारतीय कामगारों का कल्याण भारत सरकार की प्राथमिकता है।”

कीर्ति वर्धन सिंह सऊदी अरब की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह उनकी सऊदी अरब की पहली आधिकारिक यात्रा है।

रविवार को सिंह ने सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री और जलवायु दूत आदेल अल-जुबेर से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों की “बेहतरीन” स्थिति की समीक्षा की।

बैठक के बाद, राज्य मंत्री सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा: “सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री और जलवायु दूत आदेल अल-जुबेर के साथ गर्मजोशी भरी और सार्थक बैठक हुई। भारत-सऊदी द्विपक्षीय संबंधों की बेहतरीन स्थिति की समीक्षा की और जलवायु कार्रवाई पर सहयोग पर चर्चा की।”

राज्य मंत्री सिंह ने सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्री अहमद बिन सुलेमान अल-राजही से भी मुलाकात की और श्रम और जनशक्ति क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “श्रम और जनशक्ति क्षेत्र में भारत-सऊदी अरब सहयोग को और मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाता है। निमंत्रण और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए अहमद बिन सुलेमान अल-राजही का आभारी हूं।”

विदेश मंत्रालय (एम ई ए) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान वह सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि उप मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाकात करेंगे।

बयान में कहा गया है, “यह यात्रा दोनों पक्षों को मानव संसाधन, कौशल विकास, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय मामलों के क्षेत्रों में आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा करने और भारत और सऊदी अरब के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।”

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

मियामी एयरपोर्ट पर अमेज़न का कार्गो प्लेन क्रैश, 5 लोगों की मौत

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अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेज़न का एक कार्गो प्लेन रनवे से आगे निकलकर क्रैश हो गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। मियामी-डेड काउंटी की शेरिफ रोजी कॉर्डेरो-स्टुट्ज़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह हादसा रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:58 बजे (1758 जीएमटी) हुआ। मियामी-डेड काउंटी की मेयर डेनिएला लेविन कावा के अनुसार, घायल हुए पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वीडियो फुटेज में विमान से घना धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मियामी-डेड फायर रेस्क्यू ने ‘X’ पर बताया कि 60 से ज़्यादा यूनिट और लगभग 200 फायरफाइटर्स मौके पर पहुंचे।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने एक बयान में कहा कि एयर फ्लाइट 7598 रविवार को पूर्वी समयानुसार दोपहर 2 बजे (1800 जीएमटी) एयरपोर्ट पर उतरने के बाद रनवे से आगे निकल गई।

एजेंसी ने बताया कि बोइंग 767-300 कार्गो प्लेन ने प्यूर्टो रिको के सैन जुआन में लुइस मुनोज़ मारिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले की जांच की जाएगी।

एफएए के बयान में अमेज़न की प्रवक्ता केली नेंटेल ने कहा कि विमान के साथ “उतरने की कोशिश के दौरान एक घटना हुई।” उन्होंने कहा, “यह तेज़ी से बदलती स्थिति है और हम अभी भी जानकारी जुटा रहे हैं।”

इससे पहले शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के फ्रेस्नो शहर में एक छोटा विमान क्रैश हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।

फ्रेस्नो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने एक बयान में कहा कि बचाव दल को “सैन जोकिन नदी के किनारे एक ऊंची जगह (ब्लफ) पर आग की लपटों में घिरा एक फिक्स्ड-विंग सिंगल-इंजन विमान मिला।” बयान में कहा गया, “फायरफाइटर्स आग बुझाने और उसे आस-पास के घरों तक फैलने से रोकने में कामयाब रहे।”

विमान में चार लोग सवार थे। बयान के अनुसार, दो बच्चों को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया और गंभीर हालत में दो वयस्कों को अस्पताल ले जाया गया।

अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड क्रैश के कारणों की जांच कर रहा है।

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