व्यापार
अमेरिका-ईरान युद्धविराम के संकेतों से शेयर बाजार को मिली मजबूती, हफ्ते के दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में करीब 6 प्रतिशत की उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी देखने को मिली। शॉर्ट कवरिंग के चलते बाजार में जोरदार खरीदारी हुई और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
सप्ताह के दौरान निफ्टी में 5.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और आखिरी कारोबारी दिन यह 1.16 प्रतिशत चढ़कर 24,050 पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स 918 अंक या 1.20 प्रतिशत बढ़कर 77,550 पर बंद हुआ और इस तरह पूरे हफ्ते में सेंसेक्स ने 5.8 प्रतिशत की तेजी दिखाई।
बैंक निफ्टी ने भी व्यापक बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया और शुक्रवार को 1.99 प्रतिशत बढ़कर 55,912 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इसमें 8.47 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई।
साप्ताहिक चार्ट पर बैंक निफ्टी ने मजबूत बुलिश कैंडल बनाई है, जो आगे भी तेजी जारी रहने के संकेत देती है, अगर मौजूदा मोमेंटम बना रहता है।
इस तरह घरेलू बाजार में पिछले छह हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया। सेंसेक्स और निफ्टी में इस पूरे हफ्ते के दौरान करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जो इसके पिछले पांच साल का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन है। यह फरवरी 2021 के बाद से इनका सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन रहा।
सेक्टर के लिहाज से निफ्टी रियल्टी, कैपिटल मार्केट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा तेजी रही, जहां क्रमशः 12.97 प्रतिशत, 11.7 प्रतिशत और 10.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
बड़े सूचकांकों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप में 7.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 7.2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
बैकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में मजबूत खरीदारी और ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के चलते इस तेजी को सहारा मिला।
इंडिया वीआईएक्स 7.72 प्रतिशत गिरकर 18.85 पर बंद हुआ, जो बाजार में डर कम होने का संकेत देता है। हालांकि, अमेरिका-ईरान सीजफायर की स्थिरता को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है, जिससे वोलैटिलिटी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम से ग्लोबल बाजारों में स्थिरता आई, जिससे घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला।
इस दौरान, बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) करीब 6.5 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 451.23 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं इस पूरे हफ्ते निवेशकों की संपत्ति में करीब 28.85 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू पिछले हफ्ते के अंत में 422.37 करोड़ रुपए रही थी।
विश्लेषकों के अनुसार, बैंक निफ्टी को 53,700-53,000 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 56,700-57,700 के बीच रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।
निफ्टी के लिए 23,500-23,150 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है, जबकि ऊपर की ओर 24,500-25,000 के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी की चाल से बाजार में मजबूत खरीदारी और सकारात्मक रुझान का संकेत मिलता है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान बातचीत, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर बनी रहेगी, जो आगे बाजार की दिशा तय करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय
फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

नई दिल्ली, 9 जून: दक्षिणी फिलीपींस के सारंगनी प्रांत में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि लगभग 20 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
भूकंप में करीब 500 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और अनेक क्षेत्रों में स्कूलों तथा उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। भूकंप के बाद जापान सहित कई देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
फिलीपींस के सिविल डिफेंस कार्यालय की प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो ने बताया कि साउथ कोटाबाटो के जनरल सैंटोस शहर में 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। यह पोर्ट सिटी 7 लाख से अधिक आबादी वाला क्षेत्र है। यहां कम से कम 12 लोगों के लापता होने की भी सूचना है। अधिकांश मौतें मलबा गिरने, इमारतों के ढहने और भूस्खलन के कारण हुई हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फिलीपींस नेशनल पुलिस ने पहले बताया था कि कम से कम 134 लोग घायल हुए हैं। जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल भवन भी ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि वे घटना से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी और रेस्टोरेंट की बिल्डिंगें गिर गईं। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ, साइनबोर्ड गिर गए और खिड़कियों के शीशे टूट गए। भूकंप के झटकों के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
फिलीपींस में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद स्कूल खुले ही थे कि यह शक्तिशाली भूकंप आ गया। कई स्कूलों के सर्विलांस फुटेज में भूकंप के दौरान जोरदार झटके दिखे। शिक्षकों और छात्रों को या तो तुरंत निकाला गया या वे डेस्क के नीचे छिप गए। देश के शिक्षा विभाग ने कहा कि जिन स्कूलों पर असर पड़ा है, उनमें 5,800 से ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। इन स्टूडेंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लास रोकने का आदेश दिया गया है।
जनरल सैंटोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पूरी सुरक्षा जांच के लिए स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 8:45 बजे से दोपहर 3 बजे तक ऑपरेशन रोक दिया। तीन एयरलाइनों ने कुल 17 घरेलू उड़ानें कैंसिल कर दीं। सिविल एविएशन अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेकऑफ ऑपरेशन अभी सोमवार दोपहर 3 बजे से 11 जून शाम 6 बजे तक सरकारी, मिलिट्री और मानवीय मदद वाली उड़ानों तक ही सीमित हैं।
राजनीति
पीएम मोदी राष्ट्र धर्म निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे : सीएम मोहन यादव

भोपाल, 9 जून: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं को हमेशा प्रधान सेवक मनाया माना है और वे अपना राष्ट्र धर्म निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुड़े हुए हैं । दरअसल, नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री का पद संभाला था।
सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 12 वर्ष पूर्व देश ने जोश और अटूट विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को अपना ‘प्रधानमंत्री’ चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक ‘प्रधानसेवक’ माना। इसी रूप में वे अपना ‘राष्ट्रधर्म’ निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों की सेवा को ही ईश्वर की सेवा मानते हुए सुशासन और प्रगति के नए-नए रिकॉर्ड बनाए हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग- विशेषकर गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के जीवन में समृद्धि का नित नया सवेरा लाकर उनका भरोसा जीता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्ति दिलाकर उनके आत्मसम्मान की रक्षा की। कोविड महामारी के संकटकाल में हर पात्र नागरिक को मुफ्त राशन और देशव्यापी मुफ्त टीकाकरण की सुरक्षा दी। कई देशों को भी टीके देकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव से दुनिया का परिचय कराया। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है।
मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाएं और सपने पूरे हो रहे हैं। देश विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा हो रहा है। ये युगांतरकारी परिवर्तन इसलिए संभव हो पाए हैं, क्योंकि सरकार की हर नीति, नीयत और निर्णय के मूल में मानवीय संवेदना रही है।
अपराध
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता उगाही और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार

कोलकाता, 9 जून: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के दो बार विधायक रहे और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सब्यसाची दत्ता को मंगलवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया है। दत्ता पर भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अपने इलाके में लोगों को लगातार धमकाने के आरोप हैं।
सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में बिधाननगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 31 के पार्षद सब्यसाची दत्ता ने कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित सॉल्ट लेक के एक व्यापारी की लिखित शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया। यह इलाका बिधाननगर सिटी पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है।
पहले भी दत्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और गुंडागर्दी में शामिल होने की कई शिकायतें मिल चुकी थीं।
व्यापारी की शिकायत के बाद बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन की टीम ने सोमवार आधी रात के बाद राजारहाट के रायगाची इलाके में दत्ता के घर पर छापा मारा। बाद में उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, दत्ता को आज सुबह उनके घर पर लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
दत्ता 2011 से 2021 तक नॉर्थ 24 परगना जिले की राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के दो बार विधायक रहे थे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।
2021 में दत्ता ने जिले की बिधाननगर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और उन्हें तृणमूल कांग्रेस के तीन बार के विधायक और पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने हराया था।
दिलचस्प बात यह है कि बोस भी न्यायिक हिरासत में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने पिछले महीने उन्हें राज्य में नगर पालिकाओं में नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में दत्ता ने उसी जिले की बारासात विधानसभा सीट से टीएमसी की टिकट पर चुनाव लड़ा और हार गए।
बिधाननगर सिटी पुलिस के सूत्रों ने बताया कि दत्ता को पहले मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाएगा और उसके बाद उत्तर 24 परगना जिला अदालत में पेश किया जाएगा। सरकारी वकील उनकी न्यायिक हिरासत की मांग करेंगे।
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