राष्ट्रीय
अजित पवार के विमान हादसे को लेकर भ्रामक वीडियो बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार
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मुंबई, 8 अप्रैल : महाराष्ट्र के जालना जिले के एक युवक को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस वीडियो में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की छवि धूमिल की गई है और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान दुर्घटना के संबंध में भ्रामक जानकारी फैलाई गई है।
पश्चिमी क्षेत्रीय पुलिस विभाग की साइबर सेल ने आरोपी की पहचान उद्धव भगवान काप्से के रूप में की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया। बांद्रा की एक स्थानीय अदालत ने आरोपी को 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मुंबई पुलिस के अनुसार, काप्से द्वारा अपलोड किए गए आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर हटाए जाने से पहले लगभग 1.5 लाख बार देखा गया था। जांच में पता चला कि वीडियो में मुख्यमंत्री को निशाना बनाते हुए भ्रामक और आपत्तिजनक कंटेंट था। साथ ही, विमान दुर्घटना से संबंधित तथ्यों को भी गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था।
वायरल वीडियो का गंभीर संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने साइबर सेल को केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। पुलिस ने सोशल मीडिया से वीडियो को हटवाकर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ फर्जी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और सार्वजनिक हस्तियों को बदनाम करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।
जांच के दौरान, तकनीकी विश्लेषण से वीडियो के स्रोत का पता जालना जिले से चला। इस सूचना पर पुलिस की एक टीम ने बुट्टेगांव गांव से काप्से को हिरासत में लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि काप्से बुट्टेगांव का निवासी है और उसने कक्षा 10 तक पढ़ाई की है। वह अपने माता-पिता के साथ रहता है। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर उपलब्ध फुटेज को संकलित करके एआई टूल्स का उपयोग करके वीडियो बनाने और साझा करने की बात स्वीकार की है।
गिरफ्तारी के बाद काप्से को मंगलवार दोपहर बांद्रा अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
इसके पहले, 26 मार्च को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि 28 जनवरी को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान लेने वाले विमान दुर्घटना के संबंध में बेंगलुरु में दर्ज की गई शून्य एफआईआर पड़ोसी राज्य की कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य को ‘बदनाम’ करने का कथित प्रयास था।
राष्ट्रीय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी का करेंगे लोकार्पण

New Delhi : Prime Minister Narednra Modi addresses a programme marking 20 years of completion of SWAGAT initiative in Gujarat through video conferencing onThursday, April 27, 2023. (Photo:IANS/Video Grab)
जयपुर, 8 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा में स्थित पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। यह एक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है।
अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर यह जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री के राज्य दौरे पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन करने के लिए राजस्थान की धरती पर आ रहे हैं।”
मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मुझे यह जानकारी देते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व की अनुभूति हो रही है कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता, हम सभी के मार्गदर्शक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल 2026 को पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण के लिए वीरधरा राजस्थान पधार रहे हैं। यह रिफाइनरी मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के आर्थिक कायाकल्प और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने वाली ‘भाग्यरेखा’ सिद्ध होगी। प्रधानमंत्री का राजस्थान की समस्त जनता की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।”
गौरतलब है कि यह रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम है। पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक रिफाइनिंग सुविधाओं में से एक है और बीएस-वीआई मानकों का पूर्णतया पालन करती है।
विशेषता यह है कि इस साइट पर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल संयंत्र दोनों एक साथ विकसित किए जा रहे हैं। ‘जीरो लिक्विड एफ्लुएंट डिस्चार्ज’ परियोजना के रूप में डिजाइन की गई यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि कच्चे तेल के शोधन प्रक्रिया के दौरान कोई तरल अपशिष्ट उत्सर्जित न हो, जो पर्यावरण संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रिफाइनरी की वार्षिक कच्चे तेल प्रसंस्करण क्षमता नौ मिलियन टन है, साथ ही इसमें दो मिलियन टन क्षमता वाला एक एकीकृत पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी है।
लगभग 80,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने और आर्थिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। शोधन प्रक्रिया और पेट्रो-आधारित उत्पादों के उत्पादन से क्षेत्र में माल ढुलाई में भी वृद्धि होगी। इस विकास को गति देने के लिए बालोतरा और पचपदरा के बीच संपर्क को पुनर्जीवित करने की योजनाएं चल रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 28 फरवरी को अजमेर का दौरा किया था। वे पिछले दो महीनों में दूसरी बार राजस्थान का दौरा कर रहे हैं। अजमेर दौरे के दौरान उन्होंने राज्य भर में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे।
राजनीति
मुद्रा योजना ने 11 साल में छोटे उद्यमियों, महिलाओं और हुनरमंद हाथों को दिया आत्मनिर्भरता का भरोसा: पीएम मोदी

PM MODI
नई दिल्ली, 8 अप्रैल : ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की मकसद से लाई गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने 11 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस योजना की सफलता बताती है कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने बीते 11 वर्षों में बिना गारंटी ऋण देकर छोटे उद्यमियों, महिलाओं और हुनरमंद हाथों को आत्मनिर्भरता का भरोसा दिया। आज यही योजना छोटे कारोबार, नए अवसर और मजबूत भारत की पहचान बन चुकी है। आज से ठीक 11 वर्ष पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं के स्वरोजगार में बहुत मददगार साबित हुई है। इस योजना की सफलता बताती है कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है।”
इस अवसर पर उन्होंने एक ‘संस्कृत सुभाषितम्’ भी शेयर किया। उन्होंने लिखा, “आत्मज्ञानं समारम्भस्तितिक्षा धर्मनित्यता। यमर्था नापकर्षन्ति स वै पण्डित उच्यते॥”
इस ‘संस्कृत सुभाषितम्’ में कहा गया है, “जो व्यक्ति अपनी योग्यता से भली-भांति परिचित हो, आत्मनिर्भर होकर कल्याणकारी कर्म करने में तत्पर हो, विपरीत परिस्थितियों को धैर्यपूर्वक सहन करता हो और सदा सदाचार का पालन करता हो, जिसे लोभ अपने मार्ग से विचलित नहीं कर पाता, वही वास्तव में बुद्धिमान कहलाता है।”
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मुद्रा योजना में मोदी सरकार ने छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार और लघु उद्योग को नई शक्ति दी है। इन 11 वर्षों में इस कल्याणकारी योजना के तहत 40 लाख करोड़ रुपए से अधिक के 58 करोड़ लोन वितरित किए जा चुके हैं, जिससे 12 करोड़ युवा लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर भारत की निर्माण यात्रा को नई ऊर्जा दे रहे हैं। हर 3 में से 2 मुद्रा ऋण महिलाओं को मिलना नारी शक्ति के स्वावलंबन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।”
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) का शुभारंभ किया था। योजना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आय अर्जित करने वाली गतिविधियों के लिए आसानी से और बिना किसी जमानत के 10 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान करती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इच्छुक उद्यमियों को मजबूती से सहयोग देने के लिए 23 जुलाई 2024 को केंद्रीय बजट 2024-25 में इस ऋण की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की घोषणा की। यह नई सीमा 24 अक्टूबर, 2024 को लागू हुई। ये ऋण बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं (एनबीएफसी), एमएफआई और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से दिए जाते हैं।
राष्ट्रीय
महाराष्ट्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई का नया विभाग बनाने को कैबिनेट की मंजूरी

मुंबई, 7 अप्रैल : विकसित भारत 2047 के विजन के तहत ‘विकसित महाराष्ट्र’ का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए एक नया स्वतंत्र विभाग बनाने की मंजूरी दे दी।
सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय को अब इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई निदेशालय में बदल दिया जाएगा। राज्य में आईटी, एआई और डिजिटल गवर्नेंस को तेज करने के लिए एक नया आईटी कैडर बनाया जाएगा, जिसमें मंत्रालयी विभागों, कमिश्नर के दफ्तर और सभी जिलों के लिए स्थायी पद शामिल होंगे।
राज्य कैबिनेट का यह कदम उस समय आया है, जब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में राज्य विधानसभा में बताया कि महाराष्ट्र एआई स्टार्टअप्स के क्षेत्र में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फिनटेक और एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, क्योंकि वह राज्य को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी इस आर्थिक विकास की नींव का काम करेगी और सरकार राज्य को स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी सेक्टर में लीडर के रूप में स्थापित कर रही है।
राज्य कैबिनेट ने राज्य की बिजली वितरण कंपनी महावितरण के वित्तीय पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। इसके तहत 32,679 करोड़ के राज्य-गारंटी वाले कर्ज के लिए सरकारी बॉन्ड जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा, कृषि वितरण कारोबार का डीमर्जर किया जाएगा और महावितरण को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा। कैबिनेट ने भू-स्थानिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रशासन में तेजी और कुशलता लाने के लिए महाराष्ट्र जियो टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन सेंटर बनाने की भी मंजूरी दी।
यह केंद्र आधुनिक टेक्नोलॉजी, रिसर्च, भू-स्थानिक इनोवेशन और उद्यमिता पर ध्यान देगा, जिससे छात्रों, पेशेवरों और शोधकर्ताओं के लिए शैक्षिक कार्यक्रम संचालित करना संभव होगा।
राज्य कैबिनेट ने महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के पुनर्गठन को भी मंज़ूरी दे दी है। अब यह एक कंपनी के रूप में स्थापित होगा। इसके तहत 1860 के सोसायटीज एक्ट के तहत इसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा और इसे कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 8 के तहत एक कंपनी के रूप में पंजीकृत किया जाएगा।
इस फैसले से सड़क सूचना प्रणालियों, शहरी नियोजन, जलयुक्त शिवार (वॉटरशेड) विकास, पहाड़ी क्षेत्र विकास, ई-पंचनामा, महा एग्री टेक, मैंग्रोव अध्ययन, भूजल प्रबंधन और खनिज/खनन अध्ययन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी।
इसके अलावा राज्य कैबिनेट ने महाराष्ट्र रेजिलियंस डेवलपमेंट प्रोग्राम को लागू करने की भी मंज़ूरी दी है। इस कार्यक्रम का मकसद निजी पूंजी की मदद से आपदा प्रबंधन कोष जुटाना है।
इसमें विश्व बैंक से मिलने वाला 165 करोड़ रुपए का कोष भी शामिल है। यह प्रोग्राम आपदा प्रभावित नागरिकों को होम लोन पर राहत, और एमएसएमई (लघु और मध्यम उद्यमों) को ऋण रियायतें और बीमा सुरक्षा प्रदान करेगा।
बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए, कृष्णा बेसिन—जिसमें कोल्हापुर, सांगली और इचलकरंजी शहर शामिल हैं, के लिए रोकथाम की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
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