राष्ट्रीय
आखिर क्यों मनरेगा की जगह विकसित भारत जी राम जी योजना लाई गई, प्रतुल शाह देव ने बताई बड़ी वजह
रांची, 19 मार्च : भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने मनरेगा कानून को ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ में तब्दील करने की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कई बड़े कारण थे। जिसमें सबसे प्रमुख कारण था कि श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देना। हमने जी राम जी योजना में कई ऐसे प्रावधान किए हैं, जिनका सीधा असर आगामी दिनों में श्रमिकों पर पड़ेगा।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले मनरेगा के तहत श्रमिकों को 100 की जगह 125 दिनों का रोजगार देने का प्रावधान कर दिया गया है। इसके इतर, केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लिए 185 दिनों तक के लिए रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। इस पूरी प्रणाली की ऑनलाइन मॉनिटिरिंग की भी व्यवस्था की गई है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि पहले मनरेगा की योजना इतनी केंद्रित नहीं थी, लेकिन अब हमने विकसित भारत जी राम जी योजना को काफी ज्यादा केंद्रित बना दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ही श्रमिकों के हितों को विस्तारित करना है और इस दिशा में हम अब पूरी तरह प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पहले मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ सीमित कार्यों तक ही था, लेकिन विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत यह प्रावधान किया गया है कि कैसे ग्रामीण इलाकों में बुनियादी कार्यों को मजबूत किया जा सकते। इस दिशा में हमने पूरी रूपरेखा भी निर्धारित कर ली है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। इस दिशा में हम किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में विकसित भारत जी राम जी योजना काफी अहम साबित होने वाली है। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में हमें इसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे। इससे प्रदेश के विकास को भी नई गति मिलेगी, जिसका हम दिल खोलकर स्वागत करते हैं।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने जम्मू-कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 की भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह बात समझ से परे है कि अनुच्छेद 370 को जम्मू-कश्मीर से हटाया गया है। इस तरह से इसे देखे तो यह केंद्र का विषय है। लेकिन, इस संबंध में रेज्यूलेशन झारखंड सररकार की तरफ से पेश किया जा रहा है। यह पूरा मुद्दा समझ से परे मालूम पड़ता है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को इस बात का एहसास हो चुका है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि इस संदर्भ में उन्होंने राज्य में एक पूरा सर्वे भी कराया है, जिसमें यह बात साफ जाहिर हो रही है कि प्रदेश में ममता बनर्जी की हार इस विधानसभा चुनाव में होने जा रही है। इसी वजह से उन्होंने अपनी पार्टी के कई नेताओं का टिकट काटकर उन्हें चलता कर दिया है।
उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेताओं का टिकट काटे जाने के बाद अब ममता बनर्जी के खिलाफ रोष बढ़ता ही जा रहा है। उनका कहना है कि हम इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। पार्टी की कलह अब सड़क पर आ चुकी है। ऐसी स्थिति में ममता बनर्जी के लिए यह बेहतर रहेगा कि वो भाजपा से मुकाबला करने से पहले खुद की पार्टी में उभर रहे असंतोष से लड़े। इसके बाद आगे की स्थिति उनके लिए बेहतर हो पाएगी। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हवा किस ओर बह रही है।
राष्ट्रीय
मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुए के अंतरराष्ट्रीय तस्कर रहेंगे जेल में

भोपाल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुआ की तस्करी करने वाले आरोपी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि सागर के अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपील खारिज करते हुए सजा और अर्थ दंड को बरकरार रखा है। दरअसल, स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने अत्यंत दुर्लभ जलीय जीव रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के मामले में शेखर दास और मोहम्मद सुल्तान को गिरफ्तार किया था, जिस पर उन्होंने अपील की थी।
इस अपील को विशेष न्यायालय द्वारा खारिज किया गया है। सजा एवं अर्थदंड को बरकरार रखा है। न्यायालय ने आरोपियों की अपील को निरस्त करते हुए उन दोनों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी किए हैं। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य एवं उसके पारिस्थितिकी क्षेत्र से दुर्लभ लाल तिलकधारी कछुओं तथा पैंगोलिन शल्क की तस्करी का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे, जो चंबल नदी से इन दुर्लभ कछुओं को एकत्र कर कोलकाता तथा भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से विदेशों में अवैध रूप से भेजता था। गिरोह द्वारा वन्यजीव तस्करी के साथ हवाला के जरिये अवैध वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायालय सागर ने 29 मार्च 2022 को दोनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन 2022) के उल्लंघन का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके विरुद्ध आरोपियों ने अपील की थी।
अपीलीय न्यायालय ने एसटीएसएफ द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों को तथ्यपरक मानते हुए कहा कि विशेष न्यायालय के निर्णय में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं है। अपीलीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपीलें निरस्त कर उन्हें सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
दुर्घटना
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चार वाहनों की टक्कर, 18 अमरनाथ यात्री हुए घायल

जम्मू, 13 जुलाई: रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर सोमवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस सड़क हादसे में अमरनाथ यात्रा के 18 यात्री घायल हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, रामबन के चंदरकोट में लंगर पॉइंट पर पहलगाम जा रहे काफिले में शामिल दो एसआरटीसी बसों, एक कार और एक प्राइवेट बस की टक्कर हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले एसआरटीसी की बस (जेके 01वाई-1044) दूसरी एसआरटीसी (जेके 01 वाई-1052) बस से टकरा गई। टक्कर की वजह से दूसरी बस एक कार (जेके21के-8115) से जा टकराई और फिर उस कार ने एक प्राइवेट बस (जेके02 सीएल-5499) को टक्कर मार दी। 4 वाहनों में टक्कर के कारण 18 अमरनाथ यात्री घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी 18 घायल तीर्थयात्रियों को इलाज के लिए तुरंत रामबन के ज़िला अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है।
अभी तक 10 घायलों की पहचान हुई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले कमलेश राजपूत के 23 वर्षीय बेटे हर्ष राजपूत, सुरेश गुप्ता के 18 वर्षीय बेटे विशाल गुप्ता, हीरा लाल शंकर के 23 वर्षीय बेटे पंकज सुवनकर, महाराष्ट्र के यवतमाल के जीवन मोवाडे के 29 वर्षीय बेटे सुहास जीवन मोवाडे, राजस्थान के गंगानगर के रतन के 45 वर्षीय बेटे भारत भूषण, शिव के 51 वर्षीय बेटे विनोद कुमार घायल हुए हैं। वहीं, राजस्थान के बीकानेर के सत्तासर के रतन, राजस्थान के विनोद बागला की 48 वर्षीय पत्नी किरण, पंजाब के अक्षय कुमार की 50 वर्षीय पत्नी सीमा रानी, राजस्थान के शिव रतन के 67 वर्षीय बेटे पवन कुमार और राजस्थान के जनता सिंघा के 41 वर्षीय बेटे गंगा सिन्हा भी हादसे में घायल हुए हैं। बाकी 8 घायलों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
हादसे के बाद जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ। पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और आगे की जांच चल रही है।
3 जुलाई को शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा 57 दिनों के बाद 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों के साथ संपन्न होगी। इस साल की यात्रा शुरू होने के बाद से, कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में 2.45 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं।
अपराध
कर्नाटक: ब्लैकमेल कर व्यापारी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता और उसका साथी गिरफ्तार

मंगलुरु, 9 जून: कर्नाटक के मंगलुरु में जबरन वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रमुख व्यापारी को ब्लैकमेल करने और लगभग दो साल में 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मंगलुरु यूथ कांग्रेस के महासचिव निजाम और जितेश के तौर पर हुई है। आरोप है कि जितेश ने पहले व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और बाद में उसकी अश्लील तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस ने बताया कि जितेश ने शुरू में 35 लाख की मांग की और वीडियो को पीड़ित की पत्नी को दिखाने की धमकी दी। अपनी बदनामी के डर से व्यापारी ने चेक के जरिए यह रकम दे दी।
जब पैसों की मांग जारी रही तो व्यापारी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया, हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और जबरन वसूली के इस रैकेट में शामिल हो गया।
इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की एक झूठी कहानी रची। निजाम ने मई 2024 में व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम लिखा है। कहानी को सच साबित करने के लिए आरोपियों ने जितेश की मौत और अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं और व्यापारी को आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से व्यापारी पैसे देता रहा। पुलिस ने बताया कि 2024 से 2026 के बीच पीड़ित से कुल 2.77 करोड़ रुपए वसूले गए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जिंदा देखा। जिस व्यक्ति को वह मरा हुआ समझ रहा था, उसे जिंदा देखकर वह हैरान रह गया और उसने उरवा पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की और जानकारी के लिए आगे की जांच चल रही है। इस बीच गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु और पूरे कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ निजाम की तस्वीरें वायरल हो गई हैं।
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