राष्ट्रीय
‘कुछ लोगों के लिए, चिकन बिरयानी के बदले कारसेवकों का खून भी सौदा करने योग्य है’: इफ्तार पार्टी में उपस्थिति के बाद भाजपा की प्रीति गांधी ने संजय राउत की आलोचना की
मुंबई: शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत के मुंबई में महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी द्वारा आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल होने का एक वीडियो भाजपा नेता प्रीति गांधी द्वारा साझा किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
X पर क्लिप पोस्ट करते हुए गांधी ने सभा में राउत की उपस्थिति की आलोचना की। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि शिवसेना यूबीटी नेता राउत राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश देने वाले व्यक्ति के बेटे के साथ खड़े होकर जाफर भाई की हलाल बिरयानी का आनंद लेते हुए देखे गए।
गांधी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, “कुछ लोगों के लिए, उनके नैतिक मूल्य, उनकी विचारधारा और यहां तक कि कारसेवकों का खून भी चिकन बिरयानी की एक थाली के बदले में सौदेबाजी के योग्य है।”
इस पोस्ट ने ऑनलाइन तेजी से ध्यान आकर्षित किया और राजनीतिक विचारधाराओं से परे उपयोगकर्ताओं से प्रतिक्रियाएं प्राप्त कीं।
दावत-ए-इफ्तार में शामिल होने के बाद मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने इस कार्यक्रम को एक सामाजिक मिलन समारोह बताया, जहां मेहमानों ने एक-दूसरे से बातचीत की और साथ में समय बिताया।
“सभी लोग मिले, बातचीत की और आनंद लिया। हमने राजनीति की बात नहीं की। यह अच्छी बात है,” शिवसेना के यूबीटी सांसद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा।
राउत ने वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस पर कोई टिप्पणी नहीं की। अबू आसिम आज़मी द्वारा आयोजित दावत-ए-इफ्तार में कई राजनीतिक नेताओं और विभिन्न पृष्ठभूमियों के अतिथियों ने भाग लिया।
इस तरह के आयोजन अक्सर रमजान के पवित्र महीने के दौरान आयोजित किए जाते हैं और इनमें सार्वजनिक हस्तियां, सामुदायिक नेता और राजनीतिक प्रतिनिधि एक शाम के भोजन और बातचीत के लिए एक साथ आते हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वीडियो और उससे जुड़ी टिप्पणियों के प्रसार ने एक बार फिर इस बात को उजागर किया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में राजनीतिक उपस्थिति कितनी जल्दी ऑनलाइन व्यापक राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन सकती है।
राजनीति
ममता बनर्जी पर भाजपा का हमला, ‘मुख्यमंत्री टेंशन में, इसलिए करती हैं गलत बयानबाजी’

नई दिल्ली, 19 मार्च : आईपैक छापेमारी मामले में दखलअंदाजी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि ममता बनर्जी टेंशन में हैं और इसलिए गलत बयानबाजी करती हैं।
पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता दिलीप घोष ने गुरुवार को मिदनापुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “टीएमसी हमसे (भाजपा) से लड़ नहीं पाती है, इसलिए बार-बार चुनाव आयोग जाती है। यही लोग चुनाव आयोग को गाली देते हैं, काला झंडा दिखाते हैं और अब दिलीप घोष से लड़ने के लिए टीएमसी के आयोग के पैरों में पड़ते हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो वे सामने आएं।”
आईपैक मामले में दिलीप घोष ने कहा कि मामला अदालत में चल रहा है। वहां उसे चलने दीजिए। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गलत बयानबाजी कर रही हैं, क्योंकि वे टेंशन में हैं। उन्होंने आगे कहा, “बंगाल की जनता ने टीएमसी का शासन देख लिया है। वे भाजपा को चुनेंगे। जिस तरह कांग्रेस और माकपा का हाल हुआ, टीएमसी का उससे भी बुरा हाल होगा। इस चुनाव से पश्चिम बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है।”
इसी बीच, बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने ममता बनर्जी को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह देश में पहली घटना होगी, जब ईडी ने किसी गंभीर मामले में छापा मारा और उस स्थल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गईं और अपने साथ फाइल समेटकर ला रही थी, पूरे देश ने देखा। उन्होंने जिस तरह के बयान दिए, वे किसी मुख्यमंत्री का अच्छा आचरण नहीं था।”
संजय सरावगी ने आगे कहा, “उन्होंने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अपमान किया। बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ मुख्यमंत्री का आचरण अमर्यादित है। ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की है, जो बिल्कुल सही है। ईडी संवैधानिक संस्था है और वह अपनी कार्रवाई कर रही थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां खुद अधिकारियों के साथ पहुंची और फाइलें लेकर आईं। यह बिल्कुल गलत था।”
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, “बंगाल में टीएमसी की कथित गुंडागर्दी की समीक्षा करते हुए, स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं कि वहां ‘जंगल राज’ जैसी स्थिति बनी हुई है। यह कहा जा रहा है कि ऐसी अराजकता कानून और संविधान से ऊपर उठती जा रही है।
राजनीति
‘राहुल गांधी के राजनीति करने का तरीका अभी अपरिपक्व’, कंगना रनौत के बचाव में आए बिहार भाजपा के नेता

नई दिल्ली/पटना, 19 मार्च : बिहार भाजपा के नेताओं ने पार्टी सांसद कंगना रनौत का बचाव करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के राजनीति करने का तरीका अपरिपक्व और लापरवाह है। महिलाएं उनके नेतृत्व में असहज महसूस करती हैं।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी के वक्तव्य जो आते हैं, चाहे वह लोकसभा के अंदर हों या बाहर, उनका बातों में गंभीरता नहीं झलकती है। कांग्रेस देश की मुख्य विपक्षी पार्टी है और राहुल गांधी उसके नेता हैं। उनकी बातों में गंभीरता नहीं झलकती है। उनका आचरण भी नेता प्रतिपक्ष जैसा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रही लड़ाई में दर्जनभर देश शामिल हैं, तब भी उनका (राहुल गांधी) बयान देशहित में नहीं आता है। वे भाजपा का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगते हैं। उनका अमर्यादित वक्तव्य या आचरण होता है, वह बिल्कुल भी देशहित में नहीं है। इसलिए आज कांग्रेस में भगदड़ की स्थिति है, चाहे वह राज्यसभा के चुनाव हों या असम और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव। राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। कुछ जगह उनके विधायक अनुपस्थित थे।
संजय सरावगी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी अपने नेताओं व विधायकों को संभाल कर नहीं रख सकते हैं। ये सब उनके खुद के आचरण के कारण हो रहा है।
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, “राहुल गांधी के बारे में यह कहा गया है कि वे अभी भी परिपक्व नहीं हैं। उनके राजनीति करने का तरीका अपरिपक्व और लापरवाह माना जाता है। यही कारण है कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और महिलाएं उनके नेतृत्व में असहज महसूस करती हैं।”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद अपनी पार्टी का धीरे-धीरे धरातल समाप्त करते जा रहे हैं।
इससे पहले, भाजपा सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर प्रश्न खड़े किए थे। कंगना रनौत ने कहा, “हम महिलाओं को बहुत ज्यादा देखकर असहज महसूस होता है। क्योंकि एकदम जैसे ‘टपोरी’ की तरह वो आते हैं और किसी को भी ‘ये तू ऐसे करके, तू तड़ाक कर’ कहते हैं। कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो उसे शूटिंग कॉल देते हैं।”
राष्ट्रीय
आखिर क्यों मनरेगा की जगह विकसित भारत जी राम जी योजना लाई गई, प्रतुल शाह देव ने बताई बड़ी वजह

रांची, 19 मार्च : भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने मनरेगा कानून को ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ में तब्दील करने की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कई बड़े कारण थे। जिसमें सबसे प्रमुख कारण था कि श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देना। हमने जी राम जी योजना में कई ऐसे प्रावधान किए हैं, जिनका सीधा असर आगामी दिनों में श्रमिकों पर पड़ेगा।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले मनरेगा के तहत श्रमिकों को 100 की जगह 125 दिनों का रोजगार देने का प्रावधान कर दिया गया है। इसके इतर, केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लिए 185 दिनों तक के लिए रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। इस पूरी प्रणाली की ऑनलाइन मॉनिटिरिंग की भी व्यवस्था की गई है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि पहले मनरेगा की योजना इतनी केंद्रित नहीं थी, लेकिन अब हमने विकसित भारत जी राम जी योजना को काफी ज्यादा केंद्रित बना दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ही श्रमिकों के हितों को विस्तारित करना है और इस दिशा में हम अब पूरी तरह प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पहले मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ सीमित कार्यों तक ही था, लेकिन विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत यह प्रावधान किया गया है कि कैसे ग्रामीण इलाकों में बुनियादी कार्यों को मजबूत किया जा सकते। इस दिशा में हमने पूरी रूपरेखा भी निर्धारित कर ली है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। इस दिशा में हम किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में विकसित भारत जी राम जी योजना काफी अहम साबित होने वाली है। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में हमें इसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे। इससे प्रदेश के विकास को भी नई गति मिलेगी, जिसका हम दिल खोलकर स्वागत करते हैं।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने जम्मू-कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 की भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह बात समझ से परे है कि अनुच्छेद 370 को जम्मू-कश्मीर से हटाया गया है। इस तरह से इसे देखे तो यह केंद्र का विषय है। लेकिन, इस संबंध में रेज्यूलेशन झारखंड सररकार की तरफ से पेश किया जा रहा है। यह पूरा मुद्दा समझ से परे मालूम पड़ता है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को इस बात का एहसास हो चुका है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि इस संदर्भ में उन्होंने राज्य में एक पूरा सर्वे भी कराया है, जिसमें यह बात साफ जाहिर हो रही है कि प्रदेश में ममता बनर्जी की हार इस विधानसभा चुनाव में होने जा रही है। इसी वजह से उन्होंने अपनी पार्टी के कई नेताओं का टिकट काटकर उन्हें चलता कर दिया है।
उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेताओं का टिकट काटे जाने के बाद अब ममता बनर्जी के खिलाफ रोष बढ़ता ही जा रहा है। उनका कहना है कि हम इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। पार्टी की कलह अब सड़क पर आ चुकी है। ऐसी स्थिति में ममता बनर्जी के लिए यह बेहतर रहेगा कि वो भाजपा से मुकाबला करने से पहले खुद की पार्टी में उभर रहे असंतोष से लड़े। इसके बाद आगे की स्थिति उनके लिए बेहतर हो पाएगी। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हवा किस ओर बह रही है।
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