Connect with us
Monday,28-September-2026
ताज़ा खबर

आपदा

तमिलनाडु में एलपीजी की कमी से एक लाख रेस्तरां बंद होने के कगार पर: वेंकटसुब्बू

Published

on

gas

चेन्नई, 11 मार्च : तमिलनाडु होटल ओनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि राज्यभर में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी के कारण अगले दो दिनों के भीतर लगभग एक लाख रेस्तरां बंद हो सकते हैं। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाना पकाने की गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने का आग्रह किया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. वेंकटसुब्बू ने कहा कि व्यावसायिक खाना पकाने की गैस की आपूर्ति में व्यवधान का असर कई जिलों के रेस्टोरेंट पर पड़ना शुरू हो गया है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बड़े रेस्टोरेंट से लेकर छोटे चाय-स्टॉलों तक, सभी को अपना संचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि लगभग 50 लाख श्रमिक प्रत्यक्ष रूप से रेस्तरांओं पर निर्भर हैं, जबकि अन्य 50 लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। अगर गैस की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो पूरा उद्योग संकट में आ जाएगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से रेस्तरांओं और होटलों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल युद्धस्तर के उपाय करने का आग्रह किया।

वेंकटसुब्बू ने बताया कि यहां तक कि बड़े रेस्तरांओं को कारखाना अधिनियम के तहत कारखानों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, फिर भी उन्हें औद्योगिक इकाइयों को दी जाने वाली बिजली दरों में छूट नहीं मिलती है। उन्होंने सरकार से रेस्तरांओं को वैकल्पिक रूप से निजी स्रोतों से कम दरों पर बिजली खरीदने की अनुमति देने का अनुरोध किया।

इस बीच अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से गैस आपूर्ति में बाधा का असर तमिलनाडु के कई जिलों पर पड़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को चेन्नई और वेल्लोर जैसे जिलों में स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही लेकिन अगर आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो पर्यटन पर निर्भर रेस्तरां और होटल बुधवार से बंद होने शुरू हो सकते हैं।

विलुपुरम और कल्लकुरुची से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे डिलीवरी के लिए प्रतीक्षा अवधि 21 दिन से बढ़कर 25 दिन हो गई है। गैस वितरकों ने कहा कि अब सिलेंडर केवल उन्हीं ग्राहकों को दिए जा सकते हैं जिन्होंने पहले से बुकिंग करा रखी है।

तिरुची, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, करूर, पेरम्बालूर और अरियालूर के रेस्तरां मालिकों ने बताया कि उनके पास व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक केवल दो दिनों के लिए ही बचा है क्योंकि इन जिलों में आपूर्ति ट्रक नहीं पहुंचे हैं। तिरुवनमलाई और कुड्डालोर में भी कमी की सूचना मिली है, जहां व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है।

कोयंबटूर में कई बड़े रेस्तरां ने गैस की बचत करने के लिए पहले ही मेनू में शामिल वस्तुओं की संख्या कम कर दी है और संचालन के घंटे भी घटा दिए हैं। इस संकट का असर मदुरै, रामनाथपुरम, दिंडीगुल, थेनी, शिवगंगा और विरुधुनगर जैसे जिलों पर भी पड़ रहा है, जहां सोमवार से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति कथित तौर पर बंद है।

रामेश्वरम में लगभग 90 प्रतिशत रेस्तरां एलपीजी सिलेंडरों पर पूरी तरह निर्भर हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की गई तो तमिलनाडु भर में रेस्तरां के बड़े पैमाने पर बंद होने की आशंका है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल

Published

on

मनीला, 11 जून: फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप क्षेत्र मिंडानाओ तट के पास सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, इस आपदा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, 31 लापता हैं और 688 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल (एनडीआरआरएमसी) ने गुरुवार को बताया कि 75,000 से अधिक परिवार भूकंप पीड़ित हैं, जबकि लगभग 3.46 लाख लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा है। 45,000 से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और 12,600 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

भूकंप के बाद 45 अन्य घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से जुड़ी थीं। कई सड़कें, पुल, एक हवाई अड्डा और दो बंदरगाह प्रभावित हुए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा कृषि, पशुपालन और मत्स्य उद्योग को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 48 शहरों और नगरपालिकाओं में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।

फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्कैनोलॉजी एंड सिसमोलॉजी के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आया। इसका केंद्र मासिम तट से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और 33 किलोमीटर की गहराई पर था।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में जनरल सैंटोस शामिल है, जहां कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। एक दो-मंजिला स्कूल भवन ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारी घटना की पुष्टि और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

ऑनलाइन सामने आए वीडियो में विश्वविद्यालयों, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक इमारतों के ढहने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर इमारतों के शीशे टूट गए और साइनबोर्ड गिर गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए स्थानीय निवासी तुरंत घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

यह भूकंप ऐसे समय आया जब गर्मियों की छुट्टियों के बाद पूरे फिलीपींस में स्कूल दोबारा खुलने शुरू हुए थे। कई स्कूलों के सीसीटीवी फुटेज में भूकंप के दौरान तेज झटके महसूस होते दिखाई दिए, जहां शिक्षक और छात्र या तो तुरंत बाहर निकले या फिर मेज के नीचे शरण लेते नजर आए।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक छह क्षेत्रों के 43 शिक्षा प्रभागों के कुल 8,642 स्कूलों को किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचा है।

राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, जबकि अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

Published

on

नई दिल्ली, 9 जून: दक्षिणी फिलीपींस के सारंगनी प्रांत में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि लगभग 20 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

भूकंप में करीब 500 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और अनेक क्षेत्रों में स्कूलों तथा उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। भूकंप के बाद जापान सहित कई देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।

फिलीपींस के सिविल डिफेंस कार्यालय की प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो ने बताया कि साउथ कोटाबाटो के जनरल सैंटोस शहर में 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। यह पोर्ट सिटी 7 लाख से अधिक आबादी वाला क्षेत्र है। यहां कम से कम 12 लोगों के लापता होने की भी सूचना है। अधिकांश मौतें मलबा गिरने, इमारतों के ढहने और भूस्खलन के कारण हुई हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फिलीपींस नेशनल पुलिस ने पहले बताया था कि कम से कम 134 लोग घायल हुए हैं। जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल भवन भी ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि वे घटना से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन कर रहे हैं।

सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी और रेस्टोरेंट की बिल्डिंगें गिर गईं। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ, साइनबोर्ड गिर गए और खिड़कियों के शीशे टूट गए। भूकंप के झटकों के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।

फिलीपींस में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद स्कूल खुले ही थे कि यह शक्तिशाली भूकंप आ गया। कई स्कूलों के सर्विलांस फुटेज में भूकंप के दौरान जोरदार झटके दिखे। शिक्षकों और छात्रों को या तो तुरंत निकाला गया या वे डेस्क के नीचे छिप गए। देश के शिक्षा विभाग ने कहा कि जिन स्कूलों पर असर पड़ा है, उनमें 5,800 से ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। इन स्टूडेंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लास रोकने का आदेश दिया गया है।

जनरल सैंटोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पूरी सुरक्षा जांच के लिए स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 8:45 बजे से दोपहर 3 बजे तक ऑपरेशन रोक दिया। तीन एयरलाइनों ने कुल 17 घरेलू उड़ानें कैंसिल कर दीं। सिविल एविएशन अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेकऑफ ऑपरेशन अभी सोमवार दोपहर 3 बजे से 11 जून शाम 6 बजे तक सरकारी, मिलिट्री और मानवीय मदद वाली उड़ानों तक ही सीमित हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

अमेरिका के साथ जंग के हालात के बीच ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप, तिब्बत में भी हिली धरती

Published

on

नई दिल्ली, 19 फरवरी : दुनिया के दो हिस्सों में गुरुवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। तिब्बत में एक बार फिर से गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई और इसकी गहराई 130 किलोमीटर रही। अमेरिका के साथ जंगी हालात के बीच दक्षिणी ईरान में भी 5.5 तीव्रता का भूकंप आया।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप 19 फरवरी को सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर तिब्बत में अक्षांश 33.57 उत्तर और देशांतर 81.86 पूर्व में महसूस किया गया। हालांकि, इस भूकंप से जानमाल का कितना नुकसान हुआ है, इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

एक तरफ न्यूक्लियर डील को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच भारी तनाव चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि जंग के आसार भी बनते नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ भूकंप के झटके महसूस होने के बाद ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ईरान ने न्यूक्लियर परीक्षण तो नहीं कर लिया, जिसकी वजह से धरती हिली।

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने एक अलग रीडिंग जारी की, जिसमें ईरान में आए भूकंप की तीव्रता 4.4 बताई गई। हालांकि, अधिकारियों की तरफ से फिलहाल तीव्रता को लेकर कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने कहा कि दक्षिणी ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर था।

बता दें, इससे पहले रविवार, 1 फरवरी, की सुबह दक्षिणी ईरान में रिक्टर स्केल पर 5.3 तीव्रता का एक हल्का भूकंप आया। इस भूकंप को यूएई के समय के अनुसार सुबह 8:11 बजे महसूस किया गया।

हालांकि, इसकी तीव्रता को देखते हुए इसे हल्का भूकंप माना जा सकता है, लेकिन इसकी जगह और गहराई ने इस बात में अहम भूमिका निभाई कि एनर्जी पूरे इलाके में कैसे फैली। ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जो ईरानी पठार में टेक्टोनिक एक्टिविटी के लिए एक आम गहराई है, जो अक्सर पड़ोसी अरब प्रायद्वीप के लिए एक बफर का काम करता है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार25 minutes ago

एफडीए की सख्ती के बीच उगाही का आरोप, संजय राउत ने कमिश्नर तुकाराम मुंढे को लिखा पत्र, 2 लाख तक वसूली का दावा

राजनीति52 minutes ago

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी वितरित की

राजनीति1 hour ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

खेल1 hour ago

‘यह मेडल आपके खेल सफर में गर्व की एक और उपलब्धि’, सिल्वर जीतने पर राष्ट्रपति ने दी ईशा सिंह को बधाई

व्यापार2 hours ago

सोने और चांदी खरीदारों के लिए खुशखबरी, कीमतें 2.5 प्रतिशत तक गिरीं

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

सरकार 25 करोड़ लोगों को दे रही ईएसआईसी हेल्थ सिक्योरिटी : डॉ. मनसुख मंडाविया

खेल3 hours ago

एमएलएस: मेसी का गोल भी नहीं टाल सका इंटर मियामी की हार, कोलंबस क्रू ने 2-1 से दर्ज की जीत

व्यापार3 hours ago

एनएसई के शेयर आईपीओ इश्यू प्राइस से नीचे फिसले, ऑल-टाइम हाई से 6 प्रतिशत नीचे

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सचिव से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

मनोरंजन4 hours ago

अमिताभ बच्चन ने अभिषेक संग रिश्ते पर कही बात, बोले- विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल एक ही है

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

मनोरंजन3 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

रुझान