राष्ट्रीय समाचार
मुंबई मसाला: शहर को बीएमसी पर एक मजबूत, निष्पक्ष नागरिक निगरानी की आवश्यकता है
COURT
राजनेता बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। लेकिन अतीत की तरह, उनके वादे टूटना तय है। चूंकि उम्मीदवारों का चुनाव जाति और लिंग के आधार पर होगा, इसलिए योग्यता को प्राथमिकता मिलना आश्चर्यजनक होगा। ऐसे में, एक सक्रिय और निष्पक्ष नागरिक आंदोलन शुरू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ध्यान उस सर्वशक्तिशाली स्थायी समिति पर केंद्रित होना चाहिए जिसके पास हजारों करोड़ के ठेकों को मंजूरी देने का अधिकार है। इस समिति की हर बैठक के एजेंडे की गहन जांच होनी चाहिए और संदिग्ध प्रस्तावों पर रोक लगानी चाहिए। मुंबई निश्चित रूप से बेहतर स्थिति का हकदार है।
अगर आप तमिलनाडु के चेत्तिनाड क्षेत्र के असली व्यंजनों का स्वाद लेना चाहते हैं, तो खार स्थित यूनियन पार्क में तंजोर टिफिन रूम (टीटीआर) आपके लिए सबसे बढ़िया जगह है। यहाँ का स्वाद लाजवाब है। मेरा सुझाव है कि लिंक रोड के बजाय कार्टर रोड से जाएं… इससे आप जल्दी पहुंच जाएंगे। खाने की बात करें तो, यहाँ शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है, जिन्हें बड़ी बारीकी से तैयार किया जाता है। हमने अरबी 65 (300 रुपये) और कटहल के कटलेट (400 रुपये) के साथ लाजवाब टमाटर की चटनी मंगवाई और उसके बाद अप्पम, इडियाप्पम, मद्रास मिलिट्री करी और मसालेदार ग्रेवी में झींगे का ऑर्डर दिया।
मुख्य व्यंजन ऑर्डर करने से पहले, एक चखने की रस्म होती है जिसमें सभी व्यंजनों के नमूने परोसे जाते हैं, जिससे आपको सोच-समझकर चुनाव करने में मदद मिलती है। मीनाक्षी का वेत्थकोझाम्बू (200 रुपये), उमा अथाई की करी (495 रुपये) और नारियल चावल (275 रुपये) विशेष रूप से स्वादिष्ट थे। हमने भोजन का अंत अडाप्रधमन और मूंग पायसम से किया, जो ठीक-ठाक थे। माहौल में पुराने जमाने का आकर्षण झलकता है और सेवा बेहद कुशल है। आपको पैसे का पूरा मूल्य मिलता है, जो आजकल दुर्लभ है।
बीएमसी चुनाव के एक उम्मीदवार ने 120 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। अन्य उम्मीदवार भी धनी प्रतीत होते हैं। यह मुझे पुराने जमाने के उन पार्षदों की याद दिलाता है जो सादा जीवन जीते थे। माहिम के श्याम शेट्टी अविवाहित थे और एक चॉल की सीढ़ियों के नीचे एक छोटे से कमरे में रहते थे। हमेशा सूती पतलून और कमीज पहने शेट्टी कम बोलने वाले व्यक्ति थे। लेकिन वे अपने क्षेत्र के नागरिकों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहते थे। फिर माज़गाँव के सिरिल डी’क्रूज़ थे, जो सुधार समिति में सक्रिय थे और उन्होंने उद्यानों और खेल के मैदानों के लिए आरक्षित भूखंडों को हटाने के प्रयासों का पुरजोर विरोध किया था। दिनकर जरपकर, कमला रमन, नागेश पवार, सलीम ज़कारिया आदि सभी समर्पित नगर नेता थे। इस बीच, भाजपा द्वारा घाटकोपर के प्रवीण छेड़ा को टिकट न देने से कई लोग हैरान हैं। वे एक बहुत ही गतिशील पार्षद थे जिन्होंने अच्छा काम किया। उम्मीद है कि चुनाव के बाद उन्हें मनोनीत श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में ईयू के राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा परिचय पत्र

भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र सौंपा। इससे पहले वे जापान में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राजदूत एरिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ अपनी तस्वीर साझा की। एरिक ने पोस्ट में लिखा, ”भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने अपना परिचय-पत्र पेश करना मेरे लिए सम्मान की बात है। व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और रिसर्च एवं इनोवेशन (आरएंडआई) जैसे क्षेत्रों में रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण और उत्साह भरे समय में भारत में यूरोपीय संघ (ईयू) का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे गर्व है। हमारी साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर सहयोग करने और काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।”
राष्ट्रपति भवन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाकेट से परिचय पत्र स्वीकार किए।”
भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी व्यापार, रक्षा और सुरक्षा तथा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में प्रगति कर रही है। एरिक भारत में यूरोपीय संघ के राजनयिक प्रतिनिधि के तौर पर भारत-ईयू संबंधों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यूरोपीय आयोग में व्यापार से जुड़े नीतिगत क्षेत्रों, रिसर्च और इनोवेशन, ट्रांसपोर्ट, ग्रीन पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी कई वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभाली हैं।
इससे पहले एरिक 2018 से 2022 के बीच वे ‘यूरोपीय आयोग’ में रिसर्च एंड इनोवेशन के डायरेक्टर-जनरल रहे। 2004 से 2007 तक वे मॉरिटानिया में ईयू के राजदूत/प्रतिनिधिमंडल प्रमुख रहे। यूरोपीय संघ ने बताया कि पैकेट ने भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को ’21वीं सदी के सबसे अहम रिश्तों’ में से एक बताया।
उन्होंने बदलती वैश्विक आर्थिक, तकनीकी और भू-राजनीतिक स्थितियों के बीच इस साझेदारी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्रों में अभूतपूर्व तेजी के साथ ऐसे बदलाव वाले दौर में भारत में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात है। हमारा साझा एजेंडा सिर्फ उम्मीदों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ठोस प्रतिबद्धता है, जो दोनों तरफ के नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर, इनोवेशन, समृद्धि और मजबूती को बढ़ावा देगा।
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बैंक यूनियनों के प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह देने पर पुलिस सोमवार तक ले फैसला: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक यूनियनों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर के अलावा किसी वैकल्पिक जगह की मांग पर फैसला किया जाए। जस्टिस अमित महाजन ने पुलिस को निर्देश दिया कि बैंक यूनियनों के वैकल्पिक स्थल पर प्रदर्शन की मांग पर सोमवार तक फैसला लिया जाए।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जंतर-मंतर पर कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या है। बैंक यूनियनों ने पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। वैकल्पिक तौर पर दिल्ली में किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की गई है।
कोर्ट ने साफ कहा कि पुलिस अपने फैसले की जानकारी बैंक यूनियनों के वकील को सोमवार शाम 4 बजे तक दे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन की अनुमति देने में देरी या अनुमति नहीं देने से यूनियनों के शांतिपूर्ण सभा और प्रदर्शन के मौलिक अधिकार प्रभावित हुए हैं।
यूनियनों के मुताबिक, 11 सितंबर के प्रदर्शन के लिए 27 अगस्त को ही अनुमति मांगी गई थी। बाद में रामलीला मैदान, राजेंद्र प्लेस और द्वारका में प्रदर्शन की अनुमति के लिए भी संपर्क किया गया।
द्वारका में सेक्टर-10 में प्रदर्शन की अनुमति ब्रिक्स समिट का हवाला देकर नहीं दी गई थी। याचिका में बताया गया है कि 18 सितंबर के प्रदर्शन के लिए 1 सितंबर को डीसीपी, पार्लियामेंट स्ट्रीट को आवेदन दिया गया था, लेकिन 17 दिन तक कोई जवाब नहीं मिला। 17 सितंबर की रात करीब 10 बजे अनुमति खारिज किए जाने की जानकारी दी गई।
बैंक यूनियनों का कहना है कि बार-बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें समय पर अनुमति नहीं मिल रही है, जिससे उनके विरोध प्रदर्शन की योजना प्रभावित हो रही है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को सोमवार तक वैकल्पिक जगह को लेकर अपना फैसला लेना होगा।
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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 36 सीनियर असिस्टेंट इंजीनियर पदों पर निकली वैकेंसी, 50 वर्ष के उम्मीदवारों के पास मौका

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) में नौकरी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, बीईएल ने ई-I ग्रेड में फिक्स्ड टेन्योर (निश्चित अवधि) के आधार पर सीनियर असिस्टेंट इंजीनियर के कुल 36 पदों पर योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर रिक्तियों की घोषणा की है।
बीईएल की ओर से सीनियर असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट के लिए जारी 36 रिक्तियों में जनरल के 15, ओबीसी (एनसीएल) के 8, एससी के 9 और एसटी के 4 पद शामिल हैं। इन सभी रिक्तियों के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर तक तय की गई है। ऐसे में एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय सीमा के अंदर अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर लें।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 3 वर्ष का डिप्लोमा या इसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट्स के पास भारतीय वायु सेना में जूनियर वारंट ऑफिसर (जेसीओ) या उससे ऊपर के पद पर 15 वर्षों की सेवा का अनुभव होना चाहिए।
आवेदकों की अधिकतम आयु 50 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य उम्मीदवारों का चयन आवेदनों की स्क्रीनिंग, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद सीनियर असिस्टेंट इंजीनियर पद पर चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 30,000 से 1,20,000 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसके अलावा, अभ्यर्थियों को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां संबंधित पोस्ट के लिए दिए गए अधिसूचना लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नोटिफिकेशन में दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स को आवेदन के साथ अटैच करें। इसके बाद सभी को एक लिफाफे में डालकर उसे ‘डिप्टी जनरल मैनेजर (एचआर और एडमिनिस्ट्रेशन), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, गाजियाबाद’ पते पर रजिस्टर्ड पोस्ट/स्पीड पोस्ट/कूरियर के माध्यम से तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले पहुंचा दें।
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