अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश का माहौल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अच्छा संकेत नहीं: शशि थरूर
नई दिल्ली, 20 दिसंबर : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को हिंसा प्रभावित बांग्लादेश में जाने-माने मीडिया हाउस पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई। साथ ही, बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच खुलना और राजशाही में भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन में वीजा सेवाओं को जबरन बंद करने की भी निंदा की।
कट्टरपंथी इस्लामी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में अशांति की एक नई लहर देखने को मिली है। हादी 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान चर्चा में आए थे, जिसके कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था।
इस हत्या के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। ढाका समेत देश के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें सामने आई हैं।
इंकलाब मंचो नेता हादी की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं और भीड़ ने प्रमुख मीडिया संगठनों और बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष विरासत से जुड़ी जगहों को निशाना बनाया है। मीडिया संस्थानों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरों ने देश के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी है।
इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि प्रेस पर हमले लोकतांत्रिक मूल्यों की बुनियाद पर हमला हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “बांग्लादेश से आ रही खबरों से मैं बहुत चिंतित हूं। प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों पर टारगेट करके भीड़ के हमले और आगजनी सिर्फ दो मीडिया हाउस पर हमला नहीं हैं। ये प्रेस की आजादी और एक बहुलवादी समाज की नींव पर हमला हैं।”
कांग्रेस सांसद ने सीनियर एडिटर्स समेत पत्रकारों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वे एडिटर महफूज अनम और बढ़ते मुश्किल हालात में काम कर रहे दूसरे मीडिया प्रोफेशनल्स की भलाई को लेकर चिंतित हैं।
अशांति के बीच, भारत को सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए बांग्लादेश में दो वीजा एप्लीकेशन सेंटर बंद करने पड़े। राजशाही में ‘जुलाई 36 मंच’ नाम के एक ग्रुप ने भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन की ओर मार्च निकाला। जुलूस डिप्लोमैटिक मिशन की ओर बढ़ा, लेकिन पुलिस के दखल के बाद उसे बीच में ही रोक दिया गया।
खुलना में भी इसी तरह के प्रदर्शनों की खबरें आईं, जिसके बाद अधिकारियों ने दोनों जगहों पर वीजा से जुड़े काम रोक दिए। थरूर ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि सेवाओं को रोकने के दूरगामी परिणाम होंगे।
उन्होंने कहा कि बढ़ते सुरक्षा खतरों के कारण खुलना और राजशाही में भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन में वीजा सेवाओं को जबरन बंद करना एक बड़ा झटका है। इस रुकावट का सीधा असर उन छात्रों, मरीजों और परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें आखिरकार सीमा पार आने-जाने में सामान्य स्थिति की झलक दिख रही थी।
बांग्लादेश में 12 फरवरी, 2026 को राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में थरूर ने चेतावनी दी कि हिंसा और असहिष्णुता का यह माहौल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
कांग्रेस नेता ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के लिए देश में स्थिरता और लोकतांत्रिक निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए कदम भी बताए। निर्णायक कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पत्रकारों की सुरक्षा: पत्रकारों को अपने दफ़्तर जलते समय अपनी जान बचाने के लिए घबराए हुए मैसेज पोस्ट नहीं करने चाहिए। भीड़तंत्र को हावी नहीं होने देना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि लोगों के बीच अहम संबंधों को बनाए रखने के लिए डिप्लोमैटिक सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। निशाना बनाई गई एम्बेसी और कॉन्सुलेट को अतिरिक्त सुरक्षा दी जानी चाहिए।
शांति बहाल करने की जरूरत पर जोर देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर देश को लोकतंत्र की किसी भी झलक के साथ इस बदलाव से बचना है, तो भीड़तंत्र की जगह रचनात्मक बातचीत होनी चाहिए। अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस को यह सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व करना चाहिए।
थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश में शांति का महत्व उसकी सीमाओं से कहीं ज्यादा है। पूरे दक्षिण एशिया के लिए देश में स्थिरता बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि हम शांति की वापसी और एक सुरक्षित माहौल की उम्मीद करते हैं, जहां लोगों की आवाज हिंसा और धमकी से नहीं, बल्कि वोट के जरिए सुनी जाए।
अंतरराष्ट्रीय
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना देने पर इजरायल के राष्ट्रपति और पीएम नेतन्याहू को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा धन्यवाद

नई दिल्ली, 16 अगस्त: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति हर्जोग की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुभकामना दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका धन्यवाद अदा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत-इजरायल की विशेष रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हो, जिससे नए अवसर खुलें और हमारे देशों के लोगों के बीच गहरे संबंध बनें।
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग की ओर से शुभकामना देने पर पीएम मोदी ने उनको धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा गया, “राष्ट्रपति हर्जोग, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत इजरायल के साथ अपनी दोस्ती को बहुत महत्व देता है। हम अपने लोगों के फायदे के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बीते दिन शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा गया था, “भारत और मेरे प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई। भारत और इजरायल को एक साल के अंतर से आजादी मिली। हम दो प्राचीन देश हैं जो अपने लोगों के लिए बेहतर जीवन लाने के लिए मिलकर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। हमारी इनोवेशन और दोस्ती की कोई सीमा नहीं है। सबसे अच्छा समय तो अभी आना बाकी है!”
इजरायल के राष्ट्रपति की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया था, “इजरायल की ओर से, मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के शानदार लोगों को आपके 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं! हम इजरायल और भारत के बीच की खूबसूरत दोस्ती को और मजबूत करते रहें।”
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभर में जश्न का माहौल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण किया था। इस दौरान उन्होंने 75 मिनट तक देशवासियों को संबोधित किया था। देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि आज हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक पल है। 80 साल बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया। हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में काम करेंगे। यह 140 करोड़ से ज्यादा देशवासियों की सामूहिक आवाज है।
व्यापार
फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया उड़ान में 4 सेकंड के लिए फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम ने काम करना बंद किया, विमान 300 फीट नीचे गिरा: रिपोर्ट

एयर इंडिया की फुकेट से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई2379 से जुड़े 4 अगस्त के घटनाक्रम में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयरबस ए320नियो विमान ने उड़ान के दौरान लगभग चार सेकंड के लिए अपने प्रमुख फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम पर नियंत्रण खो दिया था, जिसके चलते विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया और कम से कम 24 यात्री एवं चालक दल के सदस्य घायल हो गए।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी विमान निर्माता एयरबस द्वारा विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) के प्रारंभिक विश्लेषण से सामने आई है। घटना के समय विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य, यानी कुल 145 लोग सवार थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ असामान्यता आने के कारण विमान के महत्वपूर्ण नियंत्रण तंत्र प्रभावित हो गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विमान के एलेवेटर और एलेरॉन, जो विमान की ऊंचाई और रोल नियंत्रित करते हैं, कुछ समय के लिए सामान्य हाइड्रोलिक नियंत्रण से बाहर हो गए थे। इसके अलावा स्पॉइलर सिस्टम के संचालन पर भी असर पड़ा।
एयरबस के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, लगभग चार सेकंड तक एलेवेटर और एलेरॉन बिना पायलट के निर्देश के स्वतः विचलित होते रहे। इस दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में गड़बड़ी दर्ज की गई।
घटना के दौरान विमान का ऑटोपायलट सिस्टम स्वतः डिस्कनेक्ट हो गया। इसके बाद विमान उड़ा रहे सह-पायलट ने स्टॉल वार्निंग मिलने पर नियंत्रण संभालते हुए साइड-स्टिक को आगे की ओर दबाया। हालांकि उस समय हाइड्रोलिक शक्ति उपलब्ध नहीं होने के कारण नियंत्रण संबंधी इनपुट का अपेक्षित प्रभाव तुरंत नहीं पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही कुछ सेकंड बाद हाइड्रोलिक सिस्टम दोबारा सक्रिय हुए, पायलट द्वारा दिए गए नियंत्रण इनपुट प्रभावी हो गए। इसके परिणामस्वरूप विमान अचानक नीचे की ओर झुक गया, जिससे केबिन के भीतर कई यात्री और क्रू सदस्य अपनी सीटों से उछल गए और कई लोग घायल हो गए।
घटना के बाद विमान के फ्लाइट डेटा को विश्लेषण के लिए एयरबस के फ्रांस स्थित टूलूज में मौजूद तकनीकी सहायता केंद्र एआईआरटीएसी को भेजा गया। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
इस बीच, एयर इंडिया ने सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के लिए 13 अगस्त से समूह के सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। यह कदम हालिया घटना के बाद उठाया गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एआई2379 के पायलट-इन-कमांड ने बाद में किए गए पुष्टिकरण परीक्षण में मारिजुआना के लिए सकारात्मक परिणाम दिया। हालांकि इस संबंध में एयर इंडिया या नियामक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत टिप्पणी सामने नहीं आई है।
व्यापार
भारत में स्थापित ऊर्जा क्षमता 552 गीगावाट हुई, गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी करीब 54 प्रतिशत

भारत की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता बढ़कर जुलाई 2026 तक 552 गीगावाट हो गई है, जो कि 2014 में 249 गीगावाट थी। इसमें गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा की हिस्सेदारी 300.50 गीगावाट (31 जुलाई, 2026 तक) हो गई है, जो कि कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता का 54 प्रतिशत से अधिक है। वैश्विक स्तर पर स्थापित रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में भारत तीसरे स्थान पर है और भारत में स्थापित सोलर एनर्जी क्षमता 164.59 गीगावाट (31 जुलाई, 2026) है, जो कि 2014 में 2.8 गीगावाट थी।
फैक्टशीट के अनुसार, “सोलर अब भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का सबसे बड़ा हिस्सा है। 2025 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर ग्रोथ मार्केट बन गया। इसने 37 गीगावाट से ज्यादा सोलर क्षमता जोड़ी, जबकि अमेरिका ने 34 गीगावाट क्षमता जोड़ी थी।” फरवरी 2024 में 1 करोड़ घरों के लिए कुल 75,021 करोड़ रुपए के बजट के साथ शुरू की गई पीएम-सूर्या घर मुफ्त बिजली योजना के तहत, देश भर में 51.58 लाख घरों (12 अगस्त, 2026 तक) को रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का फायदा मिला है।
लाभार्थियों को लगभग 28,024 करोड़ रुपए की सब्सिडी ट्रांसफर की गई है। अब लगभग 19 लाख घरों का बिजली बिल जीरो आ रहा है। फैक्टशीट के अनुसार, इस स्कीम के तहत अब तक कुल 14.8 गीगावाट की रूफटॉप सोलर क्षमता लगाई जा चुकी है। 58.14 गीगावाट की स्थापित क्षमता (31 जुलाई तक) के साथ, विंड एनर्जी भारत के रिन्यूएबल एनर्जी विस्तार का एक अहम हिस्सा बनी हुई है। स्थापित विंड पावर क्षमता के मामले में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर है। इस सेक्टर में सालाना बढ़ोतरी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में भी तेजी देखी जा रही है।
भारत ने वित्त वर्ष 2025–26 में 6.05 गीगावाट क्षमता जोड़ी, जो अब तक की सबसे ज्यादा सालाना विंड क्षमता बढ़ोतरी है और वित्त वर्ष 2024–25 की तुलना में 46 प्रतिशत ज्यादा है। लगभग 28 गीगावाट की अतिरिक्त विंड क्षमता पर काम चल रहा है। खास बात यह है कि विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 2014 में 10 गीगावाट से बढ़कर लगभग 24 गीगावाट (मार्च 2026) हो गई है। इस सेक्टर ने मुख्य कंपोनेंट्स में 70–80 प्रतिशत स्वदेशीकरण हासिल कर लिया है। इस बीच, भारत की एनर्जी सिक्योरिटी और बिजली सप्लाई में कोयला अहम भूमिका निभाता आ रहा है। यह देश की प्राथमिक ऊर्जा जरूरतों का लगभग 55 प्रतिशत पूरा करता है और बिजली उत्पादन में 70 प्रतिशत से ज्यादा योगदान देता है।
भारत के पास लगभग 4,00,715 मिलियन टन कोयले का भंडार है और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और उपभोक्ता देश है। देश ने वित्त वर्ष 2024-25 में 1,047.52 मिलियन टन और वित्त वर्ष 2025-26 में 1,040.08 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जबकि वित्त वर्ष 2014-15 में यह उत्पादन 609.18 मिलियन टन था।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
