Connect with us
Wednesday,30-September-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

उधमपुर में ड्रग तस्कर की 70 लाख की संपत्ति जब्त, इस साल 12.70 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी हुई अटैच

Published

on

उधमपुर, 26 नवंबर: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। पुलिस ने बुधवार को कुख्यात ड्रग पेडलर तारिक हुसैन की करीब 70 लाख रुपए की अचल संपत्ति एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त कर ली।

आरोपी तारिक हुसैन पुत्र शाह मोहम्मद, निवासी चक (उधमपुर) लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त था। पुलिस स्टेशन रहम्बल में उसके खिलाफ इस साल दर्ज एफआईआर नंबर 135/2025 (धारा 8/21/22 एनडीपीएस एक्ट) की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि चक क्षेत्र में खसरा नंबर 1624/1625 पर बना उसका आलीशान मकान पूरी तरह ड्रग्स की काली कमाई से बनाया गया है।

जांच अधिकारी ने ठोस सबूत जुटाने के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(एफ) के तहत यह संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया। बुधवार सुबह पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रॉपर्टी पर कुर्की का बोर्ड लगा दिया और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं।

पुलिस ने बताया कि ड्रग माफिया की कमर तोड़ने के लिए हम उनकी अवैध संपत्ति को लगातार जब्त कर रहे हैं। तारिक हुसैन लंबे समय से युवाओं को नशे की लत में धकेल रहा था। अब उसकी गाढ़ी कमाई का यह घर सरकारी खजाने में जाएगा।

गौरतलब है कि साल 2025 में उधमपुर पुलिस ने अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 12.70 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की है। इसमें घर, दुकानें, जमीन और लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि नशे के कारोबार से कमाई गई एक-एक पाई अब बख्शी नहीं जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े ड्रग तस्करों की संपत्ति कुर्क की जाएगी। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी तेज कर दिए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

इजरायली फ्लाइट सऊदी एयरपोर्ट पर हुई लैंड, हाईजैकिंग की आशंका से तेल अवीव का इनकार

Published

on

इजरायल ने बुधवार को 150 से ज्यादा यात्रियो को लेकर दुबई से तेल अवीव आ रही फ्लाइट के सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड होने का ऐलान किया। इससे पहले आशंका जताई गई थी कि प्लेन को हाइजैक कर लिया गया है।

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के हवाले से द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि पायलटों के बीच हुई बहस के परिणामस्वरूप विमान को “गैर-कानूनी दखल” और एक सामान्य इमरजेंसी सिग्नल जारी करना पड़ा था। सेना का कहना है कि आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने इस घटना पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

इन अधिकारियों में इजरायली वायु सेना के प्रमुख मेजर जनरल ओमर टिशलर, ऑपरेशन्स डायरेक्टरेट के प्रमुख मेजर जनरल इत्जिक कोहेन और इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट के प्रमुख मेजर जनरल श्लोमी बाइंडर शामिल थे। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाइट ने उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही इमरजेंसी का सिग्नल दिया था। विमान ने ट्रांसपोंडर पर 7700 कोड इस्तेमाल किया। इसका मतलब होता है कि विमान में किसी तरह की इमरजेंसी है।

कुछ फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर थोड़ी देर के लिए 7500 कोड भी नजर आया। आमतौर पर यह कोड विमान के हाइजैक होने पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस कोड के इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, फ्लाईदुबई की फ्लाइट ने शुरू में 7700 का “स्क्वॉक कोड” भेजा, जो एक इंटरनेशनल इमरजेंसी सिग्नल है।

इसके कुछ समय बाद, उसने 7500 कोड भेजा, जिसका मतलब हाईजैकिंग या गैर-कानूनी दखल होता है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इजरायली वायु सेना ने तुरंत फाइटर जेट्स को प्लेन की ओर भेजा था।

इजरायल का एयरस्पेस भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, और बाद में सऊदी अरब में विमान के उतरने के बाद उसे फिर से खोल दिया गया।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

आठ सरकारी विभागों पर 38,000 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया: कर्नाटक ठेकेदार संघ

Published

on

कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ ने बुधवार को आरोप लगाया कि आठ सरकारी विभागों में लगभग 38,000 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है। संघ ने चेतावनी दी कि अगर नवंबर तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे कमीशन के तौर पर ली गई रिश्वत से जुड़े दस्तावेज जारी करेंगे। संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके फंड का इस्तेमाल कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं के लिए किया गया है।

एसोसिएशन ने यह भी दावा किया है कि जिन ठेकेदारों ने कमीशन दिया, उनके बिलों के भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही थी।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के अध्यक्ष आर. मंजूनाथ ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की तुलना में ठेकेदारों से मांगे जाने वाले कमीशन में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान का इस्तेमाल राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं के लिए किया जा रहा है।

मंजूनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पहले ठेकेदारों को भरोसा दिलाया था कि उनके बकाया बिल 30 जून तक चुका दिए जाएंगे लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपना वादा पूरा करने में नाकाम रही।

उन्होंने ठेकेदारों की चिंताओं को संभालने के तरीके को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के खिलाफ 40 प्रतिशत कमीशन के आरोपों को लेकर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष केम्पाना के नेतृत्व में हुए आंदोलन का भी जिक्र किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद भी हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।अध्यक्ष ने कहा कि शिवकुमार और पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने आंदोलन के दौरान ठेकेदारों से मुलाकात की थी और भरोसा दिलाया था कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद सभी बकाया भुगतान कर दिए जाएंगे।

मंजूनाथ ने सरकार से आग्रह किया कि ठेकेदारों के बिलों के लिए तय फंड का इस्तेमाल गारंटी योजनाओं के लिए न किया जाए। उन्होंने कहा कि गारंटी योजनाओं से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। सरकार को दूसरे स्रोतों से फंड का इंतजाम करना चाहिए और हमारा पैसा जारी करना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार नवंबर तक बकाया भुगतान जारी नहीं करती है, तो एसोसिएशन कथित कमीशन भुगतान से जुड़े दस्तावेज जारी करेगी।

एसोसिएशन ने जिला स्तर पर अपने आंदोलन को तेज करने की योजना की भी घोषणा की। मंजूनाथ ने कहा कि अगर शिवकुमार उनके साथ बैठक नहीं बुलाते हैं, तो ठेकेदार डिप्टी कमिश्नर के कार्यालयों तक पदयात्रा करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। एक और मुद्दा उठाते हुए मंजूनाथ ने कर्नाटक वन विभाग द्वारा 13बी और 13सी प्रावधानों के तहत काम सौंपने की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि सैकड़ों करोड़ रुपए के काम अधिकारियों को सौंपे गए थे और कहा कि एसोसिएशन के पास पिछले चार वर्षों में इस प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने हाल ही में इस प्रथा को रोक दिया था और बताया कि 13बी और 13सी प्रावधानों में टेंडर के जरिए काम देने के बजाय सीधे काम सौंपने की व्यवस्था थी।

मंजूनाथ ने कहा कि जब टेंडर निकाले जाते थे, तो अक्सर कॉन्ट्रैक्टरों को यह पता नहीं होता था कि फंड मंजूर हुआ है या नहीं। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि अगर स्थानीय कॉन्ट्रैक्टर इसमें हिस्सा नहीं लेते, तो दूसरे राज्यों के ज्यादा मजबूत आर्थिक स्थिति वाले कॉन्ट्रैक्टर ये काम हासिल कर सकते थे।

उन्होंने दावा किया कि पेमेंट में देरी की वजह से पिछले चार-पांच सालों से लगभग 1.5 लाख कॉन्ट्रैक्टर आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

मंजूनाथ ने कहा कि पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली कॉन्ट्रैक्टरों के मददगार रहे हैं और पीडब्ल्यूडी उन्हें कुछ राहत दे रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा भी एसोसिएशन का सहयोग कर रहे हैं।

कॉन्ट्रैक्टरों की एसोसिएशन बकाया बिलों को लेकर कांग्रेस सरकार के साथ लंबे समय से विवाद में उलझी हुई है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

कर्नाटक: सौजन्या मामले में न्याय सुनिश्चित करेगी सरकार, एसआईटी अधिकारी ने मांगा तबादला

Published

on

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कहा कि सरकार सौजन्या के परिवार या किसी अन्य की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती और 2012 के कथित धर्मस्थल सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी बीच मामले की नए सिरे से जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में शामिल बेंगलुरु ग्रामीण के एएसपी वेंकटेश प्रसन्ना ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर टीम से खुद को मुक्त करने का अनुरोध किया है।

कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 24 सितंबर को मामले की नए सिरे से जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता आईजीपी एन. शशिकुमार को सौंपी गई है। टीम में मंगलुरु सिटी के पुलिस आयुक्त सी.एच. सुधीर कुमार रेड्डी, इंटेलिजेंस एसपी निशा जेम्स, सीआईडी एसपी लोकेश जगलसर और बेंगलुरु ग्रामीण के एएसपी वेंकटेश प्रसन्ना शामिल हैं।

एसआईटी के गठन के बाद कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और सौजन्या के परिवार के सदस्यों ने टीम में शामिल कुछ अधिकारियों को लेकर आपत्ति जताई थी। खासतौर पर एएसपी वेंकटेश प्रसन्ना की नियुक्ति पर सवाल उठाए गए और उनके खिलाफ आरोप लगाए गए। इसके बाद प्रसन्ना ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर विशेष जांच दल से उन्हें मुक्त करने का अनुरोध किया है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि एसआईटी का गठन मामले की निष्पक्ष और उचित जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है और सरकार की किसी को नुकसान पहुंचाने की कोई मंशा नहीं है।

उन्होंने कहा, “एसआईटी का गठन बेहतरीन इरादे से किया गया था। हमारी किसी के खिलाफ बुरी मंशा नहीं है और न ही किसी को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा है। एसआईटी के गठन के बाद कुछ लोगों, खासकर परिवार के सदस्यों ने आपत्तियां जताई हैं। यह बात मेरे संज्ञान में लाई गई है।”

खड़गे ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य मामले को उसके निष्कर्ष तक पहुंचाना, सच्चाई सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा, “हम किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते। हमारा उद्देश्य है कि इस मामले में निष्कर्ष निकले, आखिरकार सच्चाई सामने आए और न्याय सुनिश्चित हो।”

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर जनता और परिवार की ओर से उठाई गई चिंताओं पर सरकार विचार करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “अगर जनता और परिवार को कुछ अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर कोई आपत्ति है तो सरकार उसे भी जांचने के लिए तैयार है। आखिरकार हम लोगों के लिए हैं। इस मामले में हमारा कोई कठोर रुख नहीं है। हम उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकते। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई करेंगे।”

सौजन्या मामले में नए सिरे से एसआईटी जांच सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद शुरू हुई है, जिसमें मामले की दोबारा जांच की मांग वाली याचिका पर निर्देश दिए गए थे। एसआईटी को जांच पूरी कर सक्षम अदालत के समक्ष रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार3 hours ago

मुंबई के रियल एस्टेट बाजार ने सितंबर में बनाया नया रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 12,600 के पार; 14 वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर

व्यापार3 hours ago

वित्त मंत्री सीतारमण से बैठक के बाद व्यापारियों ने वापस लिया ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान

मनोरंजन3 hours ago

मोहनलाल के साथ काम करने पर अर्जुन रामपाल ने जाहिर की खुशी, कहा- यह प्रेरणादायक अनुभव

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

इजरायली फ्लाइट सऊदी एयरपोर्ट पर हुई लैंड, हाईजैकिंग की आशंका से तेल अवीव का इनकार

खेल3 hours ago

2027 वनडे विश्व कप का शेड्यूल गुरुवार को जारी करेगा आईसीसी, टिकट के लिए खुलेगा ग्लोबल बैलेट

अपराध3 hours ago

8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

व्यापार4 hours ago

लगातार तीसरे सत्र में गिरा बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में 0.42 प्रतिशत तक की गिरावट; बैंकिंग और रियल्टी शेयर चमके

मनोरंजन5 hours ago

करण जौहर ने ‘कॉफी विद करण’ के फाइनल सीजन का किया ऐलान, बोले- ‘आखिरी बार साथ पीजिए कॉफी’

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

आठ सरकारी विभागों पर 38,000 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया: कर्नाटक ठेकेदार संघ

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

कर्नाटक: सौजन्या मामले में न्याय सुनिश्चित करेगी सरकार, एसआईटी अधिकारी ने मांगा तबादला

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन3 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

मनोरंजन2 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

मनोरंजन4 weeks ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ रिलीज पर इमोशनल हुए अली फजल, टीम और फैंस का जताया आभार

रुझान