राजनीति
बिहार चुनाव : जदयू-भाजपा का गठबंधन अप्रत्याशित जीत की ओर, 200 सीटों के करीब पहुंचा आंकड़ा
पटना, 14 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने फिर से परचम लहराया है। चुनाव आयोग के शुरुआती रुझानों में एनडीए ने 195 सीटों पर बढ़त हासिल की है।
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, भाजपा ने दोपहर साढ़े 12 बजे तक 87 सीटों पर बढ़त बनाए रखी, जो सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसके अलावा भाजपा की सहयोगी जदयू 79 सीटों पर आगे रही। एनडीए के अन्य घटक दलों में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 21, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को तीन सीटों पर बढ़त मिली।
यही रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं तो यह बिहार में एनडीए की 2010 के बाद दूसरी सबसे बड़ी जीत होगी।
2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू और भाजपा के नेतृत्व में एनडीए 206 विधानसभा सीटों पर विजयी हुई। जदयू 115 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि भाजपा 91 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी। राजद के नेतृत्व वाले गठबंधन को महज 25 सीटों पर जीत मिली थी, जिसमें राजद ने अकेले 22 सीटों पर कब्जा किया और एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी) तीन सीटों पर जीत पाई।
वहीं, महागठबंधन को बिहार की जनता ने नकार दिया है। महागठबंधन की मुख्य पार्टी राजद को सिर्फ 31 सीटों पर बढ़त है, जबकि कांग्रेस फिलहाल 5 सीटों पर आगे है। अन्य घटक दलों में शामिल भाकपा-माले को छह, माकपा और भाकपा को एक-एक सीट पर बढ़त मिली है।
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) को चार और बहुजन समाज पार्टी को एक सीट पर बढ़त हासिल है।
फिलहाल, यह रुझान शुरुआती चरणों की मतगणना के आधार पर सामने आए हैं। हालांकि, आखिरी दौर तक वोटों की गिनती में आंकड़ों में बदलाव संभव है।
सभी 243 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। पहले डाक मतपत्रों को गिना गया। इसके बाद सुबह 8.30 बजे से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मतों की गिनती शुरू हुई।
राजनीति
टीएमसी के तीन बैंक खातों की साइबर पुलिस जांच शुरू, पांच साल के लेन-देन पर नजर

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की साइबर पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन बैंक खातों की विस्तृत जांच शुरू की है। पुलिस के निर्देश पर हाल ही में इन खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया था।
बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में चल रही जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अधिकारी पिछले पांच साल में इन खातों से हुए लेन-देन की बारीकी से जांच कर रहे हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि पैसा कहां से आ रहा था और इन खातों से पैसा कहां भेजा गया।
जांचकर्ता इन खातों से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं, जैसे कि ये खाते कब खोले गए, किसके नाम पर रजिस्टर किए गए और इतने सालो तक इन्हें किन लोगों (अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं) ने ऑपरेट किया।
लेन-देन के रिकॉर्ड का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है क्योंकि आरोप है कि जबरन वसूली और गैर-कानूनी कमीशन से मिला पैसा इन खातों में जमा किया गया था। जांचकर्ता इस दावे की भी जांच कर रहे हैं कि ऐसी गतिविधियों से मिले पैसे को बाद में दूसरे गैर-कानूनी कामों के लिए इन खातों से निकाला गया।
यह जांच बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में टीएमसी के कई बागी विधायकों की शिकायतों के बाद शुरू हुई है। अपनी शिकायतों में विधायकों ने आरोप लगाया कि जबरन वसूली से इकट्ठा किया गया पैसा तीन बैंक खातों में रखा गया था।
इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। जांच के पहले चरण में, अधिकारियों ने बैंक को तीनों खातों पर डेबिट फ्रीज लगाने का निर्देश दिया।
कुछ दिन पहले, पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष और ममता बनर्जी सरकार में पूर्व खेल और बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने प्राइवेट सेक्टर के बैंक को पत्र लिखकर खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। अपने पत्र में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी झगड़े के कारण पार्टी फंड के कंट्रोल को लेकर हुए विवाद का हवाला दिया था।
इस बीच, तृणमूल का एक गुट, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार है, सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचा और खातों को फ्रीज करने के फैसले को चुनौती दी।
अपनी याचिका में पार्टी ने कोर्ट से दखल देने की मांग की ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसके आदेश पर और किस आधार पर तीनों खातों पर डेबिट फ्रीज लगाया गया था।
राजनीति
सरकार किसी की मेहरबानी से नहीं, जनता के भरोसे चल रही : सीएम विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दावा किया है कि वह उस पैसे को राज्य के खजाने में वापस ला रहे हैं, जिसे अलग-अलग विभागों में “पार्टी फंड” के नाम पर लूटा गया था। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार किसी की मेहरबानी से नहीं बल्कि जनता के भरोसे चल रही है।
मुख्यमंत्री ने जारी बयान में कहा है, “ठीक वैसे ही जैसे तमिलनाडु राज्य विपणन निगम लिमिटेड (टीएमएसएमएसी) के मामले में हुआ, हम उस पैसे को राज्य के खजाने में वापस ला रहे हैं जिसे अलग-अलग विभागों में “पार्टी फंड” के नाम पर लूटा गया था। हम अभी भी साफ-साफ कहते हैं, हम जनता के पैसे का एक पैसा भी नहीं छुएंगे। हम किसी और को भी इसे छूने नहीं देंगे। अगर कोई इसे छूता है, तो हम उसे बख्शेंगे नहीं। जिन्होंने पहले भी ऐसा किया है, हम उन्हें भी नहीं छोड़ेंगे।”
विजय ने कहा, “जैसे-जैसे भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं, क्या हर मुखौटा आखिरकार उतर नहीं जाएगा? यहां बहुत से लोग डरे हुए हैं और इसीलिए हमारे खिलाफ बदनामी का अभियान चला रहे हैं। अब, वे एक नई कहानी लेकर आए हैं। उनका दावा है कि हमारी सरकार किसी की मेहरबानी से चल रही है। नहीं, यह सरकार जनता की कृपा और उन लोगों की वजह से चल रही है, जिनके पास ज़मीर है। कुछ लोग कहते हैं, “हमने ही उन्हें सत्ता में भेजा है।” अगर जिन लोगों का दावा है कि उन्होंने हमें सत्ता में भेजा, उन्हें कैबिनेट में पद दिए गए होते, तो अब इतना रोना-धोना और शिकायतें क्यों हो रही हैं?”
मुख्यमंत्री विजय ने आगे कहा, “कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) का कहना है कि हमारा समर्थन करने का उनका फैसला स्वतंत्र था। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया का कहना है कि उनका समर्थन भी एक स्वतंत्र फैसला था। तो फिर “हमने उन्हें सत्ता में भेजा” वाला दावा कहां से आता है? जनता सब कुछ बहुत ध्यान से देख रही है।”
विजय ने कहा, “डॉ. अंबेडकर का सौ साल पुराना सपना अब पूरा हो गया है। मैं जोर से इसलिए बोल रहा हूं, क्योंकि मैं चाहता हूं कि विपक्ष के सदस्य मेरी बात सुनें। विपक्ष में जो लोग खुद को महिलाओं का रक्षक बताते हैं, उन्होंने अपनी कैबिनेट में कितनी महिलाओं को शामिल कियाय. हमारी कैबिनेट में चार महिलाओं को मंत्री पद दिया है। जिन्हें जनता ने नकार दिया है, उनसे हम बस एक ही बात कहना चाहते हैं। सिर्फ़ वही लोग गठबंधन सरकार बनाने के लिए आगे आ सकते हैं, जो कह सकें, ‘हम गलत काम नहीं करेंगे, हम ईमानदार रहेंगे।’ सिर्फ ऐसे लोग ही सत्ता और अधिकार साझा करने के लिए आगे आ सकते हैं। जो लोग भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, वे शासन या सत्ता में हिस्सेदारी के लिए आगे नहीं आ सकते। चाहे उनके पास बहुमत हो या न हो, वे ऐसा कभी नहीं करेंगे। उनके पास हमेशा एक तैयार जवाब होता था कि ‘लोग गठबंधन सरकारें नहीं चाहते।’ आज जनता उन्हीं लोगों का मजाक उड़ा रही है।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर हादसे में 12 भारतीयों की मौत पर जताया दुख, बोले- परिवारों की मदद की हो रही हर कोशिश

कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए दर्दनाक हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। वहीं भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने घटना पर शोक जताया और पीड़ित परिवार के प्रति दुख जाहिर किया।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए धमाके में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की मौत और घायल होने से बहुत दुख हुआ। जैसे-जैसे और जानकारी सामने आ रही है, हमारा दूतावास कतर के अधिकारियों के संपर्क में है और इस हादसे से प्रभावित भारतीय नागरिकों के परिवारों की मदद करने की कोशिश कर रही है। हमारी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।”
कतर के दोहा स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने एक्स पोस्ट में पुष्टि करते हुए बताया, ”रविवार रात हुए रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है। हम इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।”
कतर के दोहा स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में पुष्टि करते हुए बताया, ”रविवार रात हुए रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है। हम इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।”
अधिकारियों ने बताया है कि हादसे में घायल हुए सभी लोग अभी स्थिर हालत में हैं और उन्हें सही इलाज दिया जा रहा है। दूतावास कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और इस हादसे से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने का काम कर रहा है। इसमें मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की व्यवस्था करना भी शामिल है।
रविवार रात, दुनिया के सबसे अहम एनर्जी हब में से एक, रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में धमाका हुआ। यह धमाका तब हुआ जब फैसिलिटी में कामकाज फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही थीं। इस घटना के बाद बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में जबरदस्त आग लग गई, जिसके बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
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