राष्ट्रीय समाचार
प्रदूषण से दिल्ली के व्यापार को हर दिन 100 करोड़ रुपए का नुकसान, सीटीआई ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
नई दिल्ली, 10 नवंबर: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता वायु प्रदूषण अब सिर्फ लोगों की सेहत ही नहीं, बल्कि कारोबार पर भी भारी पड़ रहा है। हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी है और इसका सीधा असर दिल्ली के रिटेल बाजारों पर दिखाई दे रहा है। लोग अब खरीदारी के लिए बाजारों में आने से कतराने लगे हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस गंभीर स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों के साथ एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है।
बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण बाजारों में ग्राहक बेहद कम हो गए हैं। पहले जहां रोजाना एनसीआर से 3 से 4 लाख लोग दिल्ली में खरीदारी के लिए आते थे, अब उनकी संख्या घटकर लगभग 1 लाख रह गई है। प्रदूषण के चलते लोगों में डर है खासकर सांस के मरीज तो घर से निकलना ही नहीं चाहते।
उन्होंने बताया कि यह समय शादी-विवाह के सीजन का होता है, जब बाजारों में रौनक चरम पर रहती है, लेकिन इस बार दुकानों पर सन्नाटा पसरा है। ग्राहक नहीं आ रहे हैं। डॉक्टरों के पास सांस और फेफड़ों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रदूषण के कारण दिल्ली के व्यापार को हर दिन लगभग 100 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
सीटीआई महासचिव गुरमीत अरोड़ा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग ने कहा कि यह समस्या केवल दिल्ली की नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर की है। नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत सभी जगह हवा की स्थिति बेहद खराब है।
उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार अपने स्तर पर कोशिश कर रही है, लेकिन यह सिर्फ उसके बस की बात नहीं। जब तक हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान और दिल्ली एक साथ नहीं बैठेंगे, तब तक समाधान नहीं निकलेगा।”
सीटीआई उपाध्यक्ष राजेश खन्ना और राहुल अदलखा ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह राज्यों के साथ मिलकर एयर पॉल्यूशन के खिलाफ ठोस और सख्त कदम उठाए, वरना कारोबार को भारी नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के 20 लाख व्यापारी पूरी तरह से सरकार के साथ हैं। अगर सरकार चाहे तो बाजारों को अलग-अलग समय पर खोलने का नियम लागू किया जा सकता है। व्यापारी पूरा सहयोग देने को तैयार हैं।
अपराध
8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने अवैध गांजे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना फेस-2 पुलिस की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को शमशान घाट भंगेल के पास गंदे नाले की पटरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रिन्स कुमार साहू पुत्र बैजू प्रसाद साहू, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में की है। आरोपी मूलरूप से ग्राम फिरोजपुर, थाना महरमा, जनपद गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया गया है। वर्तमान में वह थाना बिसरख क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास किराये के कमरे में रह रहा था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से बिहार से गांजा सस्ते दामों पर लाता था और नोएडा में उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे नोएडा-एनसीआर में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार इसी वाहन का इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जाता था। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना फेस-2 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में बरामद 41 किलो 400 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
अपराध
चिकबल्लापुर के रेजिडेंशियल स्कूल में 15 साल की छात्रा का यौन उत्पीड़न, प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज

कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में सरकारी मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के 9वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा के साथ स्कूल के प्रिंसिपल ईश्वर रेड्डी ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया।
शिडलघट्टा तालुका के गोरलुम्मनहल्ली गांव में स्थित स्कूल में हुई कथित घटना के सिलसिले में प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
छात्रा के बयान के मुताबिक, यह घटना कथित तौर पर 26 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे स्कूल के मेडिसिन रूम में हुई थी।
छात्रा ने बताया कि वह छठी कक्षा के एक बीमार छात्र को दवा देने गई थी, तभी प्रिंसिपल ने उसे कमरे में बुलाया, गलत व्यवहार किया और यौन उत्पीड़न किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उसे घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी थी।
खबरों के मुताबिक, छात्रा ने अपने सहपाठियों को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद यह जानकारी शिक्षकों और उसके माता-पिता तक पहुंची।
एफआईआर के अनुसार, छात्रा के माता-पिता 27 सितंबर को स्कूल गए, घटना के बारे में पता चला और फिर वे पुलिस के पास गए। 28 सितंबर को चिक्कबल्लापुर में बाल कल्याण अधिकारियों की मौजूदगी में छात्रा का बयान दर्ज किया गया।
शिडलघट्टा तालुक की डिब्बुराहल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कथित यौन उत्पीड़न की जांच शुरू कर दी है।
अपनी शिकायत में 15 साल की पीड़िता ने कहा, “मैं मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा हूं। मैं स्कूल में पढ़ने वाले 250 छात्रों में से एक हूं। स्कूल के प्रिंसिपल ने शनिवार (26 सितंबर) को और इस सप्ताह भी मेरे साथ गलत व्यवहार किया। उन्होंने मुझे किस किया, मेरी कमर पर हाथ रखा और मुझे गलत तरीके से छुआ। उन्होंने मेरा मुंह भी बंद कर दिया था।”
उसने बताया, “ये यादें मेरे दिमाग में छप गई हैं। ऐसी स्थिति में, किसी को भी उस अनुभव से नहीं गुजरना चाहिए, जिससे मैं गुजरी हूं। किसी के साथ भी वह अन्याय नहीं होना चाहिए जिसका मैंने सामना किया। कृपया मुझे न्याय दिलाने में मदद करें।” इस मामले में और जानकारी अभी आनी बाकी है।
राष्ट्रीय समाचार
नई दिल्ली : अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले नकली कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 7 लोग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया से चल रहे एक कथित नकली एप्पल/आईओएस टेक्निकल-सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और धोखाधड़ी वाले कॉल और गिफ्ट-कार्ड स्कैम के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
25 सितंबर को सब-इंस्पेक्टर गजेंद्र माथुर को मिली खास जानकारी के आधार पर, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की एक टीम ने नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया में वेप्ट्रा नाम से चल रहे एक संदिग्ध इंटरनेशनल टेक-सपोर्ट फ्रॉड कॉल सेंटर पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान, कॉल सेंटर के कथित मालिक अरुण, उसके पार्टनर सलीम और पांच कॉलर्स को पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि ये कॉलर्स अमेरिकी लोगों से बात करने के लिए लैपटॉप और हेडफोन का इस्तेमाल करते थे और नकली अंग्रेजी नाम बताते थे।
ऑपरेशन के बाद, 26 सितंबर को नारायणा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 319(2), 61(2) और 3(5) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66डी के तहत दर्ज की गई।
शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी अमेरिका में लोगों को निशाना बनाने के लिए एक नकली एप्पल/आईओएस टेक्निकल-सपोर्ट सेटअप चलाते थे। वे कथित तौर पर टोल-फ्री नंबरों के जरिए अमेरिका में रहने वाले लोगों से संपर्क करते थे और खुद को एप्पल टेक्निकल-सपोर्ट एग्जीक्यूटिव बताते थे।
कॉलर्स पीड़ितों को बताते थे कि उनके डिवाइस या सिस्टम में वायरस, मैलवेयर या पोर्नोग्राफिक कंटेंट का पता चला है और वे यह कहकर झांसा देते थे कि तुरंत टेक्निकल मदद की जरूरत है।
पीड़ितों को कथित टेक्निकल समस्याओं को ठीक करने के बहाने गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए मनाया जाता था। इसके बाद कॉलर्स कथित तौर पर गिफ्ट-कार्ड की डिटेल्स या कोड हासिल कर लेते थे और उन्हें ऑपरेशन से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचा देते थे।
जब्त किए गए लैपटॉप की शुरुआती जांच के दौरान, पुलिस को आईबीम, अल्ट्राव्यूअर और एनीडेस्क जैसे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल मिले। इसके साथ ही अमेरिका के नंबरों वाली कॉल हिस्ट्री भी मिली। पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान पांच लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन, दो राउटर, छह हेडफोन, 10 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, पांच चेक बुक और एक ऑडी ए3 35 टीडीआई कार जब्त किए गए।
आरोपियों की पहचान अरुण (29) और सलीम (28) के तौर पर हुई, जो दोनों काकरोला के रहने वाले हैं। इनके साथ काकरोला के ही निखिल (30), पीतमपुरा के मोंटू सिंह (34), किशनगढ़ के तिरहुचू (26), उत्तम नगर के करण (28) और सागरपुर के विशाल (29) भी शामिल थे।
पुलिस ने कहा कि इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने, टोल-फ्री नंबरों के सोर्स का पता करने, संपर्क किए गए लोगों की पुष्टि करने, गिफ्ट-कार्ड ट्रांजैक्शन की जांच करने, जब्त किए गए डिजिटल सबूतों का विश्लेषण करने और पैसे के लेन-देन का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
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