राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली में इस बार छठ महापर्व की भव्य तैयारी, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा- यमुना पर बनेगा मॉडल घाट
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर: दिल्ली में इस बार छठ महापर्व पहले से कहीं ज्यादा भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज छठ की तैयारियों को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार ने इस बार यमुना नदी पर छठ पूजा के आयोजन से जुड़ा प्रतिबंध हटा लिया है और राजधानी में साफ-सुथरे, सुरक्षित और आधुनिक छठ घाट तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार यमुना नदी के किनारे 17 मॉडल छठ घाट बना रही है। इन घाटों पर छठ व्रतियों के लिए हर सुविधा उपलब्ध होगी। टेंट, बिजली, शौचालय, पेयजल और सफाई की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली के सभी जिलों और उपजिलों में कम से कम एक मॉडल छठ घाट तैयार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
रेखा गुप्ता ने कहा, “पिछली सरकारों ने यमुना पर छठ पूजा करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन हमारी सरकार ने इस परंपरा को सम्मान देते हुए यह प्रतिबंध हटा लिया है। इस बार सरकार खुद आयोजन की ज़िम्मेदारी संभाल रही है और पूरे दिल्ली में छठ को भव्य तरीके से मनाया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि इस बार छठ पूजा स्थलों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। पिछले साल दिल्ली में 929 जगहों पर छठ मनाया गया था, लेकिन इस बार अब तक 1,000 से ज्यादा समितियों से आवेदन आ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जितने भी नए घाटों पर आयोजन होंगे, वहां पूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस बार सरकार 200 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों में भोजपुरी और मैथिली भाषाओं में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी ताकि पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल और भी भव्य बने। उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब सरकार इतनी बड़ी संख्या में छठ से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ पर्व के दौरान श्रद्धालु स्वच्छ जल में अर्घ्य अर्पित कर सकें, इसके लिए आज से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में सांसद, विधायक और पार्षद स्वयं अपने-अपने इलाकों के घाटों का दौरा करेंगे और सफाई कार्य की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा, “सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि श्रद्धालु स्वच्छ और सुरक्षित माहौल में पूजा कर सकें।”
रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि साल 2021 में यमुना पर छठ मनाने वालों पर आईपीसी की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन अब उनकी सरकार उन सभी मामलों को वापस लेगी। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों द्वारा यमुना घाट पर छठ मनाने वालों के खिलाफ जो भी एफआईआर या केस दर्ज किए गए थे, उन्हें हमारी सरकार वापस लेगी।”
दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर बोलते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि दिल्ली की हवा साफ हो सके। उन्होंने बताया कि दीपावली के अगले दिन का एयर क्वालिटी इंडेक्स अब पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। पहले की सरकारों के मुकाबले इस बार प्रदूषण का स्तर घटा है। पटाखों की अनुमति होने के बावजूद एक्यूआई में सुधार देखा गया है।
राष्ट्रीय समाचार
ब्रिटेन की संसद में पहुंचने वाले पहले भारतीय थे दादाभाई नैरोजी, लड़कियों के लिए खोला था स्कूल

महान स्वतंत्रता सेनानी और ‘ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाने जाने वाले दादाभाई नैरोजी का निधन 30 जून 1917 को बंबई (मुंबई) में हुआ था। वे देश के प्रसिद्ध राजनेता, उद्योगपति, शिक्षाविद और विचारक थे। देश की संपत्ति को अंग्रेजों की ओर से लूटकर ब्रिटेन ले जाने का खुलासा दादाभाई नैरोजी ने किया था।
4 सितंबर 1825 को एक पारसी परिवार में जन्मे दादाभाई नैरोजी भारतीय राजनीति में बौद्धिकता के स्तंभ माने जाते थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई एलफिंस्टन इंस्टीट्यूट स्कूल में हुई। उनको बड़ोदरा के महाराजा का संरक्षण मिला था और इस रियासत में उन्होंने दीवान के रूप में भी काम किया। दादाभाई नैरोजी ने एक प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। उनकी पहचान एक समाज सुधारक के तौर पर भी की जाती है।
उन्होंने वर्ष 1849 में लड़कियों के लिए स्कूल खोला था, तब उनको रूढ़ीवादी पुरुषों के विरोध का सामना करना पड़ा था। हालांकि उनमें अपनी बात को रखने की अद्भुत कला थी और वे हवा के रूख को मोड़ना जानते थे। पांच वर्ष के भीतर ही उनकी ओर से खोले गए स्कूल में छात्राओं की संख्या में कापी बढ़ोतरी हो गई थी। इसके बाद उन्होंने लैंगिग समानता की मांग उठाई थी।
वर्ष 1855 में दादाभाई नैरोजी ने जब पहली बार ब्रिटेन की यात्रा की तो वहां की समृद्धि देखकर स्तब्ध हो गए थे। उन्होंने समझने की कोशिश की कि उनका देश यानी भारत, इतना पिछड़ा क्यों है? तब उन्होंने दो दशक आर्थिक विश्लेषण की शुरुआत की थी। उनकी ब्रिटिश संसद में पहुंचने की महत्वाकांक्षा देश की गरीबी थी।
दादाभाई नैरोजी ब्रिटेन में भारतीयों की आवाज बने। बतौर राजनेता वह वर्ष 1892 से लेकर 1895 तक यूके हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसद थे। वे भारतीयों की परेशानियों को ब्रिटिश सरकार और वहां की जनता तक पहुंचाते थे। दादाभाई नैरोजी ने ब्रिटेन में महिलाओं के अधिकार सहित कई मुद्दों को जोरों से उठाया था। भारत दादाभाई नैरोजी के योगदान को हमेशा याद करता है और देश उनका ऋणी है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से लाल हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 372 अंक फिसला

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने के कारण हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ, और इस तरह घरेलू बाजार में लगातार दो दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया, जब ऑटो, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में दबाव के चलते प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 में करीब 0.50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.48 प्रतिशत यानी 372.10 अंक गिरकर 76,728.37 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 0.46 प्रतिशत या 109.75 अंक फिसलकर 23,946.25 पर बंद हुआ।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.37 प्रतिशत और 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत, ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी के शेयरों में 0.9 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, एम एंड एम, टीएमपीवी, इंडिगो और मारुति सुजुकी के शेयर शामिल रहे, जबकि मैक्स हेल्थकेयर, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, कोल इंडिया, एटर्नल, बीईएल और ट्रेंट सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।
एक बाजार विशेषज्ञ ने बताया कि सोमवार के सत्र में घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी पूरे सत्र के दौरान करीब 195 अंकों के दायरे में कारोबार करता रहा। दिन के पहले हिस्से में बाजार में तेज अस्थिरता रही, जबकि दूसरे हिस्से में कारोबार काफी सीमित दायरे में सिमट गया और निफ्टी केवल 63 अंकों की रेंज में घूमता रहा। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई, जो अल्पकालिक कमजोरी का संकेत देती है।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार को निचले स्तरों पर सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑस्सिलेटर्स यह दर्शा रहे हैं कि फिलहाल बाजार में कंसोलिडेशन का दौर चल सकता है और इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 23,850-23,800 का दायरा, जहां 20-दिवसीय और 50-दिवसीय ईएमए मौजूद हैं, महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में काम करेगा। यदि इंडेक्स निर्णायक रूप से 23,800 के नीचे फिसलता है तो गिरावट बढ़कर 23,650 तक जा सकती है। वहीं दूसरी ओर, 24,070-24,100 का क्षेत्र मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक निफ्टी इस स्तर को मजबूती से पार नहीं करता, तब तक बाजार में तेजी की रफ्तार सीमित रह सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
एल नीनो की चुनौतियों का डटकर सामना करें किसान: चंद्रबाबू नायडू

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को किसानों से एल नीनो जैसी प्राकृतिक चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने की अपील की। एल नीनो एक ऐसी जलवायु संबंधी घटना है, जो सामान्य वर्षा चक्र को प्रभावित करती है।
मुख्यमंत्री ने नए कृषि सीजन की शुरुआत का प्रतीक माने जाने वाले एरुवाका पूर्णिमा के अवसर पर किसानों को शुभकामनाएं दीं। वहीं, कृषि मंत्री के अच्चन्नायडू ने भी किसानों से एल नीनो की चुनौती का हिम्मत के साथ सामना करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के दिन किसान एरुवाका की परंपरा निभाते हैं। इस अवसर पर वे भूमि और पशुधन की पूजा करते हैं तथा स्वयं को प्रकृति के साथ जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि किसानों के घर भरपूर फसल की खुशियों से रोशन हों। हम उस भूमि में जन्मे हैं, जहां प्रकृति की पूजा की जाती है और हम उन परंपराओं का सम्मान करते हैं। आइए, प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी भूमि और स्वास्थ्य को विषैले तत्वों से सुरक्षित रखें।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हमेशा सक्रिय कदम उठाएगी। इसी क्रम में अन्नदाता सुखीभव योजना के तहत सरकार ने पीएम किसान की राशि किसानों के खातों में जमा कर उनका सहयोग किया है।
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि किसान एल नीनो और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेंगे। सरकार की सलाह और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वे सफल खेती करेंगे और बेहतर उत्पादन हासिल करेंगे।”
कृषि मंत्री के.अच्चन्नायडू ने विजयवाड़ा स्थित कनक दुर्गा मंदिर में राज्य के किसानों की समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की। इस दौरान अच्छी फसल, अधिक उत्पादन और किसानों को बेहतर लाभ मिलने की कामना करते हुए विशेष प्रार्थनाएं की गईं।
कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरक और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों को हरसंभव सहायता और सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही बताया कि खरीफ खेती के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कृषि मंत्री अच्चन्नायडू ने कहा कि किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्होंने किसानों से एल नीनो की चुनौती का साहस के साथ सामना करने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी एरुवाका पूर्णिमा के अवसर पर किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एरुवाका पूर्णिमा एक कृषि पर्व है, जो मानव और प्रकृति के अटूट संबंध का उत्सव है तथा धरती माता और पशुधन के सम्मान का प्रतीक है।
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