Connect with us
Monday,23-March-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

वैश्विक अनिश्चितता के कारण मांग बढ़ने से सोना और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर

Published

on

gold

मुंबई, 17 अक्टूबर: मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते शुक्रवार को भारत में सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं।

कमजोर अमेरिकी डॉलर और बढ़ती हाजिर मांग ने कीमतों को और अधिक बढ़ा दिया, जिससे निवेशकों ने तेजी की उम्मीद में खरीदारी की।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर, सोने का दिसंबर वायदा भाव 2,000 रुपए या 1.6 प्रतिशत बढ़कर 1,31,920 रुपए प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।

चांदी का दिसंबर वायदा भी लगभग 2,000 रुपए या 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1,69,676 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

वैश्विक स्तर पर सोना 2008 के बाद से अपने सर्वश्रेष्ठ साप्ताहिक प्रदर्शन की ओर अग्रसर है।

यह तेजी अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में वृद्धि और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में एक और कटौती की बढ़ती उम्मीदों के कारण देखी जा रही है।

अमेरिकी डॉलर सूचकांक में 0.20 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे अन्य मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया और सुरक्षित निवेश के रूप में इसकी लोकप्रियता बढ़ी।

भारत में बढ़ती कीमतों के बावजूद सोने की मांग मजबूत बनी हुई है।

विश्लेषकों का कहना है कि ग्राहक कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका से और अधिक सोना खरीद रहे हैं।

उन्होंने कहा, “नए संकेतों के अभाव और अमेरिकी राजकोषीय स्थिति को लेकर लगातार चिंताओं ने सुरक्षित निवेश की मांग को मजबूत किया है, जिससे सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।।”

उन्होंने आगे कहा, “ट्रेडर्स सरकार के फिर से खुलने के किसी भी संकेत पर कड़ी नजर रख रहे हैं, इसलिए निकट भविष्य में सोने के दामों में तेजी बनी रहने की संभावना है।”

विशेषज्ञों का कहना है कि समर्थन स्तर 1,26,000-1,24,500 रुपए पर बना हुआ है, जबकि प्रतिरोध स्तर 1,29,000-1,30,000 रुपए के आसपास है।

इस वर्ष अब तक घरेलू सोने की कीमतों में 65 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जिसे वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं, केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी, अमेरिका में कम ब्याज दरों की उम्मीदों और सोने पर आधारित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में मजबूत निवेश का समर्थन मिला है।

व्यापार

सेंसेक्स करीब 1,800 अंक फिसला, इन कारणों के चलते धड़ाम हुआ शेयर बाजार

Published

on

SHARE MARKET

मुंबई, 23 मार्च : भारतीय शेयर बाजार में सोमवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। दोपहर 12:37 पर सेंसेक्स 1,772 अंक या 2.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,803 और निफ्टी 565 अंक या 2.44 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,549 पर था।

बाजार में चौतरफा गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,074 अंक या 3.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 52,789 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 648.70 अंक या 4.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,070 पर था।

इसके साथ करीब सभी सूचकांक लाल निशान में बने हुए हैं, जिसमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल टॉप लूजर्स थे।

बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव का बढ़ना है। सप्ताहांत में तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे की समय सीमा दी और महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाकर गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, तेहरान ने प्रमुख क्षेत्रीय संपत्तियों पर हमला करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद करने की धमकी देकर जवाब दिया।

अब यह संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। वहीं, इसके अंत के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे बाजार को लेकर निवेशक सतर्क हो गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से खराब संकेतों ने भी भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ने का काम किया है। टोक्यो, सोल, हांगकांग, शंघाई और बैंकॉक के बाजारों में 2 प्रतिशत से लेकर 6.5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार का मूड बिगाड़ने का काम किया है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर ब्रेंट क्रूड 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 113 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 100 डॉलर प्रति बैरल पर था।

इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाने का दाम किया है। आखिरी कारोबारी सत्र (शुक्रवार) में विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने 5,518.39 करोड़ रुपए की इक्विटी में निकासी की थी। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने 5,706.23 करोड़ रुपए का निवेश किया था।

Continue Reading

व्यापार

आईईए प्रमुख ने पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बताया खतरा, बोले- ‘कोई भी देश संकट से नहीं बचेगा’

Published

on

नई दिल्ली, 23 मार्च : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी हमलों का असर अब दुनिया के अन्य देशों पर तेजी से देखने को मिल रहा है। दुनिया के तमाम देश ईरान से तुरंत हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खोलने की अपील कर रहे हैं। ताजा हालातों के बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के चीफ फतिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा संसाधनों पर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा है।

आईईए चीफ ने कहा कि पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात से दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को गंभीर खतरा है। ऑस्ट्रेलिया में कार्यक्रम के दौरान आईईए चीफ बिरोल ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था आज एक बहुत बड़े खतरे का सामना कर रही है और मुझे पूरी उम्मीद है कि यह मामला जल्द से जल्द हल हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसका असर कुछ देशों की अर्थव्यवस्था तक ही सीमित नहीं रहेगा। कोई भी देश इस संकट के असर से बचा नहीं रहेगा। बता दें, अमेरिका-इजरायल और ईरान की इस लड़ाई ने ग्लोबल तेल मार्केट के इतिहास में सबसे बड़ी सप्लाई में रुकावट पैदा कर दी है। ईरान की तरफ से जारी कार्रवाई की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग बहुत कम हो गई है।

बता दें, होर्मुज स्ट्रेट विश्व व्यापार के लिए एक अहम रास्ता है। आम तौर पर दुनिया भर में तेल की खपत का लगभग 20 फीसदी हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से ही जा रहा है। हर दिन लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और तेल प्रोडक्ट स्ट्रेट से गुजरते हैं।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक नहीं है और पानी के रास्ते में नेविगेशन जारी है। युद्ध के हालात की वजह से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने हमेशा नेविगेशन की आजादी और समुद्री सुरक्षा का सम्मान किया है और सालों से इन उसूलों को बनाए रखने के लिए काम किया है।

पिछले हफ्ते, आईईए ने सरकारों, बिजनेस और घरों के लिए डिमांड-साइड एक्शन की एक रेंज तय की। इसके अनुसार घर से काम करना और हवाई यात्रा से बचना शामिल है, ताकि कंज्यूमर्स पर पड़ने वाले आर्थिक असर को कम किया जा सके।

डिमांड कम करने के लिए तुरंत किए जाने वाले एक्शन में, जहां तक हो सके घर से काम करना शामिल है। इसके अलावा आने-जाने के लिए तेल के इस्तेमाल को कम करना, खासकर जहां नौकरियां रिमोट वर्क के लिए सही हों। जहां तक हो सके, खाना पकाने के दूसरे मॉडर्न तरीकों पर स्विच करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक कुकिंग और दूसरे मॉडर्न ऑप्शन को बढ़ावा देने से एलपीजी पर निर्भरता कम हो सकती है।

बिरोल ने कहा, “मिडिल ईस्ट में युद्ध एक बड़ा एनर्जी संकट पैदा कर रहा है, जिसमें ग्लोबल ऑयल मार्केट के इतिहास में सबसे बड़ी सप्लाई में रुकावट शामिल है। जल्दी समाधान न होने पर, एनर्जी मार्केट और अर्थव्यवस्था पर असर और भी गंभीर होते जाएंगे।”

Continue Reading

राष्ट्रीय

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त विधेयक 2026-27 और कॉर्पोरेट कानून संशोधन विधेयक पेश करेंगी

Published

on

नई दिल्ली, 23 मार्च : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को संसद में वित्त विधेयक 2026-27 और कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश करेंगी।

वित्त विधेयक का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को लागू करना है। वित्त मंत्री विधेयक 2026-27 पर विचार-विमर्श के लिए प्रस्ताव रखेंगे और इसे पारित कराने का प्रयास करेंगे।

यह आगामी वर्ष के लिए सरकार की बजटीय योजनाओं और आर्थिक नीतियों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

संसद के एजेंडा के अनुसार, वित्त मंत्री लोकसभा में प्रमुख कॉर्पोरेट कानूनों में संशोधन के लिए एक बिल भी पेश करेंगे।

प्रस्तावित कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 में सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 और कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन का प्रावधान है।

कंपनी अधिनियम निगमन, कॉर्पोरेट प्रशासन, प्रकटीकरण और विघटन को नियंत्रित करता है, जबकि एलएलपी अधिनियम साझेदारों के लिए सीमित देयता के साथ अधिक लचीला ढांचा प्रदान करता है।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 मार्च को दिवालियापन और दिवालिया संहिता में संशोधन को मंजूरी दे दी, जिससे चालू संसदीय सत्र में आईबीसी संशोधन विधेयक पेश करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

प्रस्तावित विधायी संशोधन भारतीय जनता पार्टी के सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली एक विशेष संसदीय समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं। समिति को मौजूदा दिवालियापन ढांचे की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया था। समीक्षा पूरी होने पर, समिति ने दिसंबर 2025 में अपनी व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कॉर्पोरेट समाधान प्रक्रिया को गति देने पर विशेष जोर दिया गया था।

वर्तमान व्यवस्था में व्याप्त विलंबों से निपटने के लिए संसदीय समिति ने दिवालियापन मामलों के निपटारे हेतु सख्त समयसीमा लागू करने की सिफारिश की है। सख्त समयसीमा के साथ-साथ समिति ने लेनदारों की समिति (सीओसी) को अधिक शक्तियां प्रदान करने का भी सुझाव दिया है, जिससे ऋणदाताओं को मामलों का त्वरित और निर्णायक समाधान करने में सहायता मिलेगी।

इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित संशोधन दो प्रमुख संरचनात्मक ढांचे पेश करके मौजूदा संहिता में मौजूद कमियों को भी दूर करते हैं। सबसे पहले, चयन समिति ने अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों और विदेशी लेनदारों वाली संकटग्रस्त कंपनियों के बेहतर प्रबंधन के लिए सीमा पार दिवालियापन के लिए एक समर्पित तंत्र का प्रस्ताव दिया है।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र2 hours ago

मुंबई: एंटी नारकोटिक्स सेल ने ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, अब तक 6 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, कई मामले दर्ज

महाराष्ट्र3 hours ago

सितारा जिले में पुलिस ने शिवसेना नेता और मंत्री शंभूराज देसाई के साथ दुर्व्यवहार किया, सदन में शिवसेना-भाजपा आमने-सामने।

राजनीति4 hours ago

बिहार में जो भी नई सरकार बनेगी, वह नीतीश के मार्गदर्शन में ही चलेगी: चिराग पासवान

अपराध5 hours ago

गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

ईरान ने अमेरिका को दी बड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी- ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया, तो अंजाम भुगतना होगा

राष्ट्रीय5 hours ago

पश्चिम एशिया संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

राजनीति5 hours ago

बंगाल चुनाव : कांग्रेस ने एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर के गठबंधन की घोषणा पर कहा, ओवैसी भाजपा के सच्चे साथी

व्यापार6 hours ago

सेंसेक्स करीब 1,800 अंक फिसला, इन कारणों के चलते धड़ाम हुआ शेयर बाजार

राजनीति6 hours ago

बंगाल चुनाव: पीएम मोदी की चुनावी रैलियां सिलीगुड़ी से लेकर भवानीपुर तक होंगी

व्यापार7 hours ago

आईईए प्रमुख ने पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बताया खतरा, बोले- ‘कोई भी देश संकट से नहीं बचेगा’

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

व्यापार2 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई साइबर फ्रॉड: 55 बैंक अकाउंट से फ्रॉड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, संदिग्ध इक्विपमेंट, बैंक बुक और दूसरे डॉक्यूमेंट्स जब्त

व्यापार4 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, डिफेंस स्टॉक्स उछले

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: पुर्तगाली लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, सनसनीखेज घटना से मुंबई शर्मसार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

व्यापार3 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 350 अंक फिसला, आईटी शेयरों में बढ़त

व्यापार3 weeks ago

ईरान में चल रहे ‘बड़े सैन्य अभियानों’ के बीच एयर इंडिया ने मध्य पूर्व जाने वाली सभी उड़ानें कीं निलंबित

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ‘नष्ट’ करने का दावा किया

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

खामेनेई की मौत के बाद बदले की आग में जल उठा ईरान, मुख्य सलाहकार बोले-हमला कर अमेरिका भाग नहीं सकता

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

रुझान