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भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक खुला, आईटी स्टॉक्स में तेजी
मुंबई, 8 अक्टूबर: भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला। सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 67 अंक या 0.08 प्रतिशत की मजबूती के साथ 81,994 और निफ्टी 23 अंक या 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,132 पर था।
बाजार में तेजी की वजह आईटी शेयरों में खरीदारी होना था। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स एक प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कंजप्शन इंडेक्स भी हरे निशान में था।
दूसरी तरफ निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी,निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इन्फ्रा लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में टाइटन, इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, भारती एयरटेल, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और आईटीसी गेनर्स थे। टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, बीईएल, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 119 अंक या 0.21 प्रतिशत की मजबूती के साथ 58,409 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 31 अंक या 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,008 पर था।
जानकारों के मुताबिक, बाजार में जारी हल्की तेजी को संस्थागत निवेश का समर्थन प्राप्त है। कल एफआईआई द्वारा खरीदारी करना एक सकारात्मक घटनाक्रम है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह रुझान जारी रहेगा। 9 तारीख से शुरू होने वाले नतीजों के सीजन से बाजार में काफी हलचल देखने को मिलेगी। बाजार ज्यादातर बड़ी कंपनियों के नतीजों को पहले ही कम करके आंक चुका है, इसलिए मैनेजमेंट की कमेंट्री और गाइडेंस पर निवेशकों की निगाहें होंगी।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने 7 अक्टूबर को 1,440 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी में किया था। साथ ही, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 452 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
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धनतेरस पर देश में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने का अनुमान: कैट

देशभर में शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। इसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री 60,000 करोड़ रुपए से अधिक रहने का अनुमान है। यह जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दी।
कैट ने कहा कि त्योहारों के दौरान खरीदारी को लेकर ग्राहकों का उत्साह बरकरार है और वे धनतेरस से जुड़ी पारंपरिक खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस दिवाली के दौरान खरीदारी के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है।
इस बीच, ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने कहा कि सोने और चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद इनकी मांग मजबूत बनी हुई है। खरीदार अब हल्के वजन के आभूषणों और पारंपरिक निवेश उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, बाजारों में 14 कैरेट और 18 कैरेट के हल्के सोने के आभूषणों, चांदी के सिक्कों, सजावटी वस्तुओं और मछली, कछुए एवं हाथी जैसी शुभ आकृतियों की मांग मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, कैट ने कहा कि देशभर में बिक्री के रुझान और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का आकलन करने के बाद वह शुक्रवार को कारोबार के विस्तृत अनुमान जारी करेगा।
कैट का यह अनुमान विभिन्न राज्यों के व्यापारिक संगठनों से मिले इनपुट, ग्राहकों की मांग के रुझान और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बाजारों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों पर आधारित था।
व्यापारिक संगठन के मुताबिक, पिछले साल त्योहारी कारोबार लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपए रहा था। इसमें वस्तुओं का कारोबार 5.40 लाख करोड़ रुपए और सेवाओं का कारोबार लगभग 65,000 करोड़ रुपए था।
साथ ही, कैट ने अनुमान लगाया है कि मौजूदा त्योहारी सीजन में सेवा क्षेत्र 80,000 करोड़ रुपए से लेकर 1 लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार कर सकता है। इसमें परिवहन, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, खानपान, इवेंट मैनेजमेंट और इससे जुड़ी गतिविधियों का योगदान रहेगा।
संगठन ने अनुमानित वृद्धि की एक प्रमुख वजह स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों के प्रति ग्राहकों की बढ़ती पसंद और ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों को मिल रहा बढ़ता समर्थन बताया।
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धनतेरस पर शेयर बाजार में बरसा धन; सेंसेक्स 81,000 के पार बंद

दीपावली से पहले धनतेरस पर शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी रैली देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,718.01 अंक या 2.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,028.02 और निफ्टी 493.75 अंक या 2.01 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25,030.35 पर बंद हुआ।
यह लगातार सातवां सत्र था, जब बाजार बढ़कर बंद हुआ है। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 30 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 503 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि 28 अक्टूबर को 473 लाख करोड़ रुपए था।
बाजार में तेजी का नेतृत्व निजी बैंकों ने किया। सूचकांकों में निफ्टी प्राइवेट बैंक 3.22 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था।
इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 2.57 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.70 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.63 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 1.29 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.21 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.84 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 0.77 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 0.76 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांक थे।
हालांकि, निफ्टी मीडिया 1.52 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.92 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद होने वाले सूचकांक थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 157.40 अंक या 0.82 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,975.05 और निफ्टी मिडकैप 14.25 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 60,606.65 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में 30 में से 29 शेयर हरे निशान में बंद हुए।
एमएंडएम, आईसीआईआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल और इटरनल टॉप गेनर्स थे। केवल पावरग्रिड ही लाल निशान में बंद हुआ।
जानकारों ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने वैश्विक गिरावट के बावजूद अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा। इसकी वजह विदेशों में मची उथल-पुथल के बीच निवेशकों की ओर से घरेलू बाजार को एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में देखा जाना है।
जानकारों ने आगे कहा कि आज की रैली में बड़े निजी बैंक इसके सबसे बड़े लाभार्थी बनकर उभरे। उनकी मजबूत लिक्विडिटी और आकर्षक वैल्यूएशन ने उन्हें इस निवेश के लिए एक स्वाभाविक विकल्प बना दिया। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में साप्ताहिक गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और रुपए में मजबूती ने भारत के प्रति निवेशकों का आकर्षण और बढ़ा दिया है।
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कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स में 358 अंकों की बढ़त; आईटी शेयरों ने दिखाया दम

पिछले दिनों की लगातार शानदार तेजी के बाद, अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई तेज गिरावट के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला।
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,310.01 से 103.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत चढ़कर 79,413.66 पर खुला। हालांकि कुछ ही समय बाद इसमें और गिरावट दर्ज की गई और यह 293.95 अंक यानी 0.37 प्रतिशत गिरकर 79,016.05 के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि बाद के कारोबार में बाजार ने फिर से रिकवरी की और यह 358.36 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,668.37 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद भाव 24,536.60 की तुलना में 24,538.20 पर फ्लैट खुला और कुछ ही देर में इसमें और गिरावट दर्ज की गई और यह 148.55 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरकर 24,388.05 के दिन के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गया। हालांकि बाद के कारोबार में इसने भी रिकवरी की और 108.55 अंक या 0.44 प्रतिशत चढ़कर 24,645.15 के दिन के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया।
इस बीच, व्यापक बाजारों में कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल आधार पर सबसे ज्यादा दबाव मेटल शेयरों पर देखने को मिला, और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.7 प्रतिशत गिर गया। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 1.56 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। केमिकल, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में भी 1.34 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
इसके विपरीत आईटी सेक्टर ने बाजार की धारणा को कुछ हद तक संभाला। निफ्टी आईटी करीब 2 प्रतिशत चढ़ गया। निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम, प्राइवेट बैंक और मीडिया शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में आई भारी गिरावट का असर दुनिया के अधिकांश शेयर बाजारों पर दिखाई दे सकता है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। उनका कहना है कि नैस्डैक में 5.6 प्रतिशत की तेज गिरावट डेटा सेंटर निवेश में संभावित मंदी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कारोबार की विकास दर को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण आई।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक तकनीकी शेयरों में आई गिरावट और एआई आधारित निवेश थीम की रफ्तार कम होने का भारतीय बाजार को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है, क्योंकि इससे विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी अन्य उभरते बाजारों की ओर बढ़ सकती है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख भी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक बना हुआ है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने 35,781 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। गुरुवार को उन्होंने लगातार पांचवें सत्र में 14,974 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार बिकवाली कर रहे हैं और गुरुवार को उन्होंने 10,444 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में जारी हालिया तेजी को मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों का समर्थन मिला है। खासकर लार्जकैप शेयरों में आकर्षक मूल्यांकन के कारण निवेशकों की खरीदारी बढ़ी है, जिससे बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 100.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 91.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
विश्लेषकों का कहना है कि निकट अवधि में वैश्विक बाजारों की अस्थिरता, कच्चे तेल की दिशा और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। हालांकि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और एफआईआई की खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक कारक बने हुए हैं।
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