व्यापार
भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 582 अंक उछला
मुंबई, 6 अक्टूबर : भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों ने सकारात्मक रिटर्न दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 582.95 अंक या 0.72 प्रतिशत की मजबूती के साथ 81,790.12 और निफ्टी 183.40 अंक या 0.74 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25,077.65 पर था।
बाजार की तेजी को सपोर्ट बैंकिंग और आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी बैंक 515.60 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ। निफ्टी आईटी 2.28 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.08 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.15 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मेटल 0.89 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 0.90 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई 0.08 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, इटरनल (जोमैटो), इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी, सन फार्मा,एचडीएफसी बैंक और एसबीआई टॉप गेनर्स थे। टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, ट्रेंट, आईटीसी, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स और एशियन पेंट्स टॉप लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 511.75 अंक या 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 58,015.10 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 49.90 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,928.05 पर था।
बाजार के जानकारों ने कहा कि दूसरी तिमाही के नतीजों से पहले, वित्तीय सेवाओं और आईटी क्षेत्रों में बढ़त के चलते घरेलू शेयर बाजार ने सत्र का अंत सकारात्मक रुख के साथ किया। बैंकिंग इंडेक्स ने बड़े बैंकों द्वारा घोषित मजबूत तिमाही अपडेट और आकर्षक मूल्यांकनों के चलते बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सीजीएचएस दरों में संशोधन के बाद अस्पतालों के शेयरों में उछाल आया। निवेशक अब मार्गदर्शन के लिए वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही की आय पर नजर रख रहे हैं। हालांकि उम्मीदें मध्यम बनी हुई हैं, उपभोक्ता मांग में वृद्धि के कारण बाजार तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर अधिक आशावादी है।
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह 9:30 पर सेंसेक्स 10 अंक की मामूली गिरावट के साथ 81,196 और निफ्टी 8 अंक की बढ़त के साथ 24,902 पर था।
व्यापार
टेस्ला टेक्सास स्थित गीगाफैक्ट्री में साइबरट्रक का उत्पादन कम करेगी ताकि साइबरकैब का उत्पादन बढ़ाया जा सके: एलन मस्क

अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला अपनी स्वायत्त (ऑटोनॉमस) परिवहन रणनीति को तेजी से आगे बढ़ाते हुए 2027 के मध्य से टेक्सास में गीगाफैक्ट्री में साइबरट्रक का उत्पादन कम करना शुरू करेगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने कहा कि यह कदम साइबरकैब के उत्पादन के लिए अतिरिक्त विनिर्माण क्षमता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया जाएगा।
मस्क ने कहा कि अगले वर्ष के मध्य से टेक्सास स्थित गीगाफैक्ट्री में साइबरट्रक उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा, ताकि पूरी तरह से स्वायत्त साइबरकैब वाहनों के बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी की जा सके। यह फैसला टेस्ला की रोबोटैक्सी और स्वचालित परिवहन सेवाओं को लेकर दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाता है।
हालांकि मस्क ने यह स्पष्ट नहीं किया कि साइबरट्रक का उत्पादन किसी अन्य संयंत्र में स्थानांतरित किया जाएगा या भविष्य में इसे पूरी तरह बंद किया जा सकता है। इससे इस लोकप्रिय इलेक्ट्रिक पिकअप ट्रक के भविष्य को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।
वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया साइबरट्रक इलेक्ट्रिक पिकअप सेगमेंट में एक क्रांतिकारी उत्पाद के रूप में पेश किया गया था और इसे पारंपरिक ट्रक निर्माताओं, विशेषकर फोर्ड, के लिए बड़ी चुनौती माना गया था। इसके अनोखे डिजाइन और भविष्यवादी फीचर्स ने शुरुआती दौर में व्यापक चर्चा और ग्राहकों की रुचि आकर्षित की थी।
लेकिन लॉन्च के बाद साइबरट्रक को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें कई बार रिकॉल, गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े मुद्दे और कीमतों में बार-बार बदलाव शामिल रहे। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अपेक्षाकृत कमजोर मांग ने भी इसके व्यावसायिक प्रदर्शन पर असर डाला, जिससे यह शुरुआती उत्साह को लंबे समय तक बनाए नहीं रख सका।
टेस्ला ने मांग बढ़ाने के लिए कई बार साइबरट्रक की कीमतों में संशोधन किया। इसके बावजूद कंपनी अब तेजी से अपने भविष्य के स्वायत्त वाहन कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कंपनी का मानना है कि साइबरकैब भविष्य में उसके रोबोटैक्सी नेटवर्क की रीढ़ साबित होगा। इसी वजह से उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा इस नई श्रेणी के वाहनों की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। टेस्ला का लक्ष्य स्वचालित ड्राइविंग आधारित परिवहन सेवाओं में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है।
इस बीच, पिछले महीने टेस्ला इंडिया ने मॉडल वाई और मॉडल वाई एल वाहनों के लिए एक नया सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया था। कंपनी ने बताया कि इस अपडेट के जरिए वाहन बिना सर्विस सेंटर जाए दूरस्थ रूप से नई सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।
नए अपडेट में हैलोवीन थीम-आधारित फीचर्स भी जोड़े गए हैं, जिनमें भूत-आधारित वाहन अवतार, विशेष ध्वनि प्रभाव, प्रकाश व्यवस्था, थीम वाले वाहन रैप और अनोखी लॉक ध्वनियां शामिल हैं।
व्यापार
ईसीएमएस के तहत 12 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 7,500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र सरकार ने ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (ईसीएमएस) के तहत 12 नए आवेदनों को मंजूरी दी है। इनमें 7,500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इस कदम से घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और भारत के कंपोनेंट इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
हाल ही में मिली मंजूरियों में न केवल इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, बल्कि सामग्री और कैपिटल गुड्स से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन के प्रमुख क्षेत्रों में इस योजना का दायरा और बढ़ गया है।
मंजूरियों का यह नया दौर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत घरेलू इकोसिस्टम बनाने और आयातित पुर्जों पर निर्भरता कम करने की सरकार की कोशिशों को और गति देता है।
नीति निर्माता अब कंपोनेंट्स के उत्पादन के साथ-साथ कच्चे माल और मैन्युफैक्चरिंग उपकरणों जैसे अपस्ट्रीम क्षेत्रों को मजबूत करने पर भी जोर दे रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन (मूल्यवर्धन) को गहरा किया जा सके।
ईसीएमएस, भारत की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके जरिए वह पूरी सप्लाई चेन में निवेश को बढ़ावा देकर और जरूरी इनपुट के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाकर खुद को एक ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना चाहता है।
इसके अलावा सरकार ने शुक्रवार को ‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम’ के तहत ‘सेमीकॉन 2.0’ वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया। इस बीच, इस साल की शुरुआत में जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 अरब डॉलर का घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना और 150 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात हासिल करना है।
17 सितंबर को जारी फैक्टशीट के मुताबिक, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 के 1.9 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 13.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसी अवधि में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात भी लगभग 38,000 करोड़ से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
बयान में कहा गया है, “इस निरंतर विकास ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लक्ष्यों के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। अब अगली प्राथमिकता घरेलू स्तर पर कंपोनेंट्स का निर्माण, अधिक वैल्यू एडिशन और सप्लाई चेन को और अधिक लचीला बनाकर इस इकोसिस्टम को और गहरा करना है।”
इलेक्ट्रॉनिक्स आज की आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं और रोजमर्रा की जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। ये संचार, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, वित्त, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को संचालित करते हैं।
स्मार्टफोन और ऑटोमोबाइल से लेकर टेलीकॉम नेटवर्क और औद्योगिक प्रणालियों तक, इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीकी प्रगति और आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता को आगे बढ़ाते हैं।
इसलिए तकनीकी मजबूती, आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के लिए एक मजबूत घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का होना बहुत जरूरी है।
व्यापार
धनतेरस पर देश में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने का अनुमान: कैट

देशभर में शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। इसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री 60,000 करोड़ रुपए से अधिक रहने का अनुमान है। यह जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दी।
कैट ने कहा कि त्योहारों के दौरान खरीदारी को लेकर ग्राहकों का उत्साह बरकरार है और वे धनतेरस से जुड़ी पारंपरिक खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस दिवाली के दौरान खरीदारी के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है।
इस बीच, ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने कहा कि सोने और चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद इनकी मांग मजबूत बनी हुई है। खरीदार अब हल्के वजन के आभूषणों और पारंपरिक निवेश उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, बाजारों में 14 कैरेट और 18 कैरेट के हल्के सोने के आभूषणों, चांदी के सिक्कों, सजावटी वस्तुओं और मछली, कछुए एवं हाथी जैसी शुभ आकृतियों की मांग मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, कैट ने कहा कि देशभर में बिक्री के रुझान और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का आकलन करने के बाद वह शुक्रवार को कारोबार के विस्तृत अनुमान जारी करेगा।
कैट का यह अनुमान विभिन्न राज्यों के व्यापारिक संगठनों से मिले इनपुट, ग्राहकों की मांग के रुझान और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बाजारों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों पर आधारित था।
व्यापारिक संगठन के मुताबिक, पिछले साल त्योहारी कारोबार लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपए रहा था। इसमें वस्तुओं का कारोबार 5.40 लाख करोड़ रुपए और सेवाओं का कारोबार लगभग 65,000 करोड़ रुपए था।
साथ ही, कैट ने अनुमान लगाया है कि मौजूदा त्योहारी सीजन में सेवा क्षेत्र 80,000 करोड़ रुपए से लेकर 1 लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार कर सकता है। इसमें परिवहन, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, खानपान, इवेंट मैनेजमेंट और इससे जुड़ी गतिविधियों का योगदान रहेगा।
संगठन ने अनुमानित वृद्धि की एक प्रमुख वजह स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों के प्रति ग्राहकों की बढ़ती पसंद और ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों को मिल रहा बढ़ता समर्थन बताया।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
