राष्ट्रीय समाचार
मुंबई: कई दिनों की लगातार बारिश के बाद शहर में धूप खिली; येलो अलर्ट जारी
मुंबई: लगभग एक हफ़्ते की भारी बारिश के बाद गुरुवार को मुंबई में धूप खिली। पिछले कुछ दिनों से शहर में लगातार बारिश हो रही है, जिससे यातायात जाम, जलभराव और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचकर सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
हालांकि, निवासियों के लिए राहत की बात यह है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भविष्यवाणी की है कि गुरुवार से शहर में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो जाएगी। हालाँकि, विभाग ने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अगले 48 घंटों तक, शहर और उसके उपनगरों में आमतौर पर बादल छाए रहने और कुछ चुनिंदा इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28°C और 24°C के आसपास रहने की संभावना है।
बुधवार को शहर में मौसम में सुधार देखा गया और पिछले दिनों की तुलना में बारिश कम हुई। लगातार बारिश के कारण बाधित हुई सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ नियमित रूप से चालू हो गईं, और स्कूल-कॉलेज सहित शैक्षणिक संस्थान फिर से खुल गए, जिन्हें सप्ताह की शुरुआत में बारिश के कारण अवकाश घोषित करना पड़ा था।
हाल ही में हुई भारी बारिश ने तीन हफ़्तों से जारी मानसून की सुस्ती की भरपाई कर दी है, जिससे शहर में बारिश के आँकड़े काफ़ी आगे निकल गए हैं। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में अब तक वार्षिक औसत बारिश का 83 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। सांताक्रूज़ वेधशाला ने अब तक 2,310.8 मिमी बारिश दर्ज की है, जबकि कोलाबा वेधशाला ने 1,513 मिमी बारिश दर्ज की है।
मंगलवार सुबह (8:30 बजे) से बुधवार सुबह (8:30 बजे) के बीच, सांताक्रूज़ स्टेशन पर 209 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई। यह आँकड़ा पिछले पाँच वर्षों में अगस्त में एक दिन में हुई दूसरी सबसे ज़्यादा बारिश है, जो 4 अगस्त, 2020 को दर्ज की गई 268 मिमी बारिश से थोड़ा ही कम है।
बुधवार को मुंबई और उसके आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, जो बहुत भारी बारिश की संभावना को दर्शाता है। यह अलर्ट गुरुवार सुबह तक जारी रहा। इसके बाद, मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए अलर्ट का स्तर घटाकर पीला कर दिया गया, जिससे बारिश की तीव्रता में कमी का संकेत मिलता है।
इस बीच, मूसलाधार बारिश ने पूरे मुंबई में व्यापक व्यवधान पैदा कर दिया। नगर निगम अधिकारियों ने बुधवार सुबह तक 24 घंटे की अवधि में शॉर्ट सर्किट के 32 मामले, पेड़ गिरने की 93 घटनाएं और दीवार गिरने की 14 घटनाओं की सूचना दी।
राष्ट्रीय समाचार
प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय, पहले ही दिन वरिष्ठ अधिकारियों संग की बैठक

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने तुरंत ही शिक्षा मंत्रालय के कामकाज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। दरअसल शिक्षा मंत्रालय देश के भविष्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्रालय है। नए शिक्षा मंत्री के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा, कौशल विकास और अनुसंधान को भी नई गति देने महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में गिने जाते हैं। वह वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी पहले से ही संभाल रहे हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों का का कार्यभार संभाल चुके हैं। उनकी पहचान एक अनुभवी संसदीय रणनीतिकार और संगठनात्मक क्षमता वाले नेता के रूप में रही है। कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं।
लंबे संसदीय अनुभव और प्रशासनिक कार्यशैली के कारण उन्हें सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां मिलती रही हैं। फिलहाल जोशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास मजबूत करना है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चल रहे सुधारों को गति देना भी उनकी प्राथमिकता है। इसके अलावा विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा, डिजिटल शिक्षा का विस्तार और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहने की संभावना है।
शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालने के साथ ही मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी प्रारंभिक बैठकें शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रालय परीक्षा सुधार, तकनीक आधारित मूल्यांकन प्रणाली, विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और छात्रों से जुड़े लंबित विषयों पर तेजी से निर्णय लेने की दिशा में काम करेगा। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विद्यार्थियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नए शिक्षा मंत्री इन चुनौतियों से किस प्रकार निपटते हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया को किस गति से आगे बढ़ाते हैं।
मनोरंजन
घुटने की सर्जरी के बाद अस्पताल में भर्ती हैं नंदमुरी बालकृष्ण, हालचाल जानने पहुंचे चंद्रबाबू नायडू

टॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और आंध्र प्रदेश की राजनीति का बड़ा चेहरा नंदमुरी बालकृष्ण हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती हैं। हाल ही में फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके घुटने में गंभीर चोट लग गई, जिसके चलते डॉक्टरों को उनकी सर्जरी करनी पड़ी।
इस बीच उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए रविवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ बालकृष्ण से मुलाकात की, बल्कि डॉक्टरों से भी उनके इलाज, सर्जरी और रिकवरी की पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (एआईजी) अस्पताल पहुंचकर नंदमुरी बालकृष्ण का हालचाल जाना। बालकृष्ण उनके पारिवारिक रिश्तेदारी में आते हैं और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के वरिष्ठ नेता भी हैं। अस्पताल में दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से मुलाकात कर उनकी मौजूदा स्थिति और आगे की इलाज प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
बता दें, नंदमुरी बालकृष्ण को 21 जुलाई को राजमुंदरी में अपनी नई फिल्म की शूटिंग के दौरान घुटने में चोट लग गई थी। शूटिंग के दौरान हुए इस हादसे के बाद पहले उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन चोट गंभीर होने के कारण अगले ही दिन एयर एंबुलेंस के जरिए हैदराबाद लाया गया। यहां उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया और कई जरूरी मेडिकल जांच की गईं।
डॉक्टरों की जांच में पता चला कि बालकृष्ण के बाएं पैर के क्वाड्रिसेप्स टेंडन में गंभीर चोट आई है। यह टेंडन जांघ की मांसपेशी को घुटने की हड्डी से जोड़ता है। इसके अलावा घुटने के दोनों तरफ मौजूद सपोर्टिंग टिशू को भी नुकसान पहुंचा। सभी जांचों के बाद डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी को सबसे बेहतर विकल्प माना।
23 जुलाई को नंदमुरी बालकृष्ण की सर्जरी की गई। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि यह ऑपरेशन करीब तीन घंटे तक चला और यह पूरी तरह सफल रहा।
अस्पताल के अनुसार, फिलहाल नंदमुरी बालकृष्ण की हालत स्थिर है और उन्हें पोस्ट-ऑपरेटिव ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।
बालकृष्ण के घायल होने की खबर सामने आने के बाद, आंध्र प्रदेश सरकार में मानव संसाधन विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने फोन पर उनसे बात कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी।
मनोरंजन
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बढ़ी सियासी बहस, देवोलीना भट्टाचार्जी ने पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों से भी मांगा इस्तीफा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है।
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने एक नई मिसाल कायम की है। अब पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। यूजर ने पोस्ट में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए लिखा था, “अब जब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, तो उन्होंने एक मिसाल पेश कर दी है। इससे पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे का रास्ता साफ हो गया है। राहुल गांधी और केजरीवाल आइए आइए, अपने ही शब्दों का सम्मान कीजिए।”
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए देवोलीना भट्टाचार्जी ने लिखा, “काउंटडाउन शुरू। शुभ काम में अब और देर नहीं होनी चाहिए। जिम्मेदारी लीजिए और इस्तीफा दीजिए।”
इससे पहले टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते नजर आए थे कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब किसी भी ऐसे कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा मांगा जा सकता है, जिसने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया हो। इस वीडियो को शेयर करते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा था, “अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे? और कॉकरोच जनता पार्टी, वहां आप कब प्रदर्शन करेंगे?”
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था। इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के नेतृत्व में कई सप्ताह तक विरोध प्रदर्शन और जन आंदोलन चला। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक विवाद समेत परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर उनकी जवाबदेही तय करने और इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
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