Connect with us
Thursday,27-August-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

‘बीएमसी क्या कर रही है?’ भारी बारिश के बीच WEH पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा नाले की सफाई करने पर नेटिज़न्स ने मुंबई नगर निगम की आलोचना की

Published

on

मुंबई: रविवार रात से सोमवार सुबह तक मुंबई में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे व्यापक जलभराव और यात्रियों के लिए अफरा-तफरी मच गई, वहीं एक ट्रैफिक कांस्टेबल का सराहनीय कार्य दिन की सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया। बाढ़ के बीच, व्यस्त वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर जाम नालियों को साफ करते हुए एक मुंबई ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तस्वीरें वायरल हो गईं, जिन्हें इंटरनेट पर प्रशंसा और आलोचना दोनों मिल रही हैं।

वायरल वीडियो में मुंबई का ट्रैफिक पुलिसकर्मी भारी बारिश के बीच नालियों की सफाई करता दिख रहा है

मुंबई ट्रैफिक पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में, ड्यूटी पर तैनात राइडर गिरीश पाटिल, WEH पंप हाउस के पास फुटपाथ की नालियों से मलबा हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं ताकि पानी जमा होने से होने वाली ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके। ट्रैफिक पुलिस ने अपनी पोस्ट में बताया, “WEH पंप हाउस पर जलभराव से होने वाले ट्रैफिक को कम करने के लिए, ड्यूटी पर तैनात राइडर गिरीश पाटिल ने उत्तर दिशा की ओर जाने वाले फुटपाथ की नालियों को साफ किया, जिससे पानी निकल सके।”

इस कदम को ऑनलाइन तुरंत सराहना मिली, और कई नेटिज़न्स ने पाटिल की अपने कर्तव्य से बढ़कर काम करने के लिए सराहना की। हालाँकि, इस घटना ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और उसकी कचरा प्रबंधन प्रणालियों के खिलाफ भी आक्रोश पैदा किया, और उपयोगकर्ताओं ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों के कामों को यातायात पुलिस पर नहीं थोपा जाना चाहिए।

कई इलाकों में जलभराव की खबर, ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई के पश्चिमी उपनगरों और दक्षिण मुंबई में भारी बारिश हुई, अंधेरी, कुर्ला, मरीन ड्राइव और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में गंभीर जलभराव देखा गया।

बाढ़ के कारण अंधेरी सबवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जबकि कुर्ला में एलबीएस रोड, पवई में डीपी रोड और साकी नाका जैसी प्रमुख सड़कों पर दिन भर भारी यातायात जाम रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई उपनगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। ठाणे और पालघर जिलों में अभी भी येलो अलर्ट जारी है।

स्थानीय ट्रेन सेवाएं, हवाई यात्रा प्रभावित

शहर का लोकल ट्रेन नेटवर्क, खासकर सेंट्रल और हार्बर लाइनों पर, भी बाधित रहा, जिससे हज़ारों दैनिक यात्री प्रभावित हुए। इस बीच, हवाई यात्रा भी प्रभावित हुई। इंडिगो और स्पाइसजेट ने एक एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से सड़कों पर पानी भरने और धीमी गति से चलने वाले ट्रैफ़िक के कारण हवाई अड्डे के लिए जल्दी निकलने को कहा।

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भी मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है, जिसमें यात्रियों से अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करने और उड़ान छूटने से बचने के लिए अतिरिक्त यात्रा समय की योजना बनाने का आग्रह किया गया है।

राष्ट्रीय समाचार

नेपाल आपदा की वजह से बिहार में बाढ़, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के 6 कैलाश यात्री लापता

Published

on

बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जा रही है। यहां मुफ्त कम्युनिटी किचन, अस्थायी मेडिकल कैंप और राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

उधर, बगहा में नेपाल में आई भारी आपदा के बाद गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के डर से वे रातभर जागते रहे। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

पटना के आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का पानी घरों में घुसने से जनजीवन प्रभावित है। कई परिवार अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। लोगों ने पटना मरीन ड्राइव जैसे ऊंचे और अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे कटरा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई जगह जलभराव की सूचना है और खेतों में खड़ी धान, गन्ने और अरहर की फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को फसल और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।

इस बीच नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर दूसरे राज्यों के परिवारों पर भी दिखाई दे रहा है। जम्मू में गोरखा समुदाय के लोगों ने गोरखा मंदिर में प्रार्थना कर नेपाल त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति की कामना की। साथ ही, लापता भारतीय और विदेशी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रार्थना की गई।

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के छह यात्री भी नेपाल में बाढ़ के बीच 25 अगस्त की रात से संपर्क से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। लापता अरिंदम गांगुली और अन्य यात्रियों के परिवार तत्काल मदद की मांग कर रहे हैं।

अरिंदम की दोस्त सुजाता बनर्जी ने बताया कि मौसुमी गांगुली और अरिंदम एक ट्रैवल ग्रुप के साथ यात्रा पर गए थे और कल से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंसी से संपर्क करने पर बताया गया कि पिछली रात और सुबह यात्रियों से बात हुई थी लेकिन परिवारों को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है। पड़ोसियों और परिजनों ने प्रशासन से यात्रियों का जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की अपील की है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारत में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 900 मिलियन स्क्वायर फीट के पार, बीते एक वर्ष में 6 प्रतिशत का हुआ इजाफा

Published

on

भारत में इस्तेमाल हो रहे कमर्शियल स्पेस 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून अवधि) में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 901.1 मिलियन स्क्वायर फीट हो गया है, जो कि 2025 की पहली छमाही में 847 मिलियन स्क्वायर फीट था। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल ऑफिस स्टॉक 1.05 बिलियन स्क्वेयर फीट दर्ज किया गया है। देश के शीर्ष आठ ऑफिस मार्केट में इस्तेमाल हो रहे ऑफिस स्पेस में वृद्धि, कंपनियों के लगातार विस्तार को दिखाती है।

नाइट फ्रैंक इंडिया में इंटरनेशनल पार्टनर और सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विरल देसाई ने कहा, “जीसीसी के विस्तार और घरेलू कंपनियों के बढ़ते दायरे की वजह से ऑफिस की मांग बनी हुई है। कंपनियां ऐसे स्थापित बाजारों की ओर बढ़ रही हैं जहां उन्हें टैलेंट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर काम करने की सुविधा मिलती है।”

बेंगलुरु सबसे बड़े ऑफिस मार्केट के तौर पर सबसे आगे है, जहां 2026 की पहली छमाही में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस का आंकड़ा 222.4 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दिखाता है।

दिल्ली-एनसीआर 178.1 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस के साथ दूसरे नंबर पर है, जहां सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की मामूली ग्रोथ देखी गई। मुंबई में इस्तेमाल हो रहे ऑफिस स्पेस का आंकड़ा 146.6 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की ग्रोथ हुई।

पुणे सबसे तेजी से बढ़ने वाले मार्केट में से एक बनकर उभरा है। यह शहर 100 मिलियन स्क्वायर फीट का आंकड़ा पार करने की राह पर है। रिपोर्ट के अनुसार, पुणे ने सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की और इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 98.8 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया।

वहीं, चेन्नई ने सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ बनाए रखी और कुल इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 88.9 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, वहीं अहमदाबाद ने सभी ट्रैक किए गए शहरों में सबसे ज्यादा ग्रोथ दिखाई, जहां इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 9 प्रतिशत बढ़कर 27.5 मिलियन स्क्वायर फीट हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 24.4 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, जिसमें सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की स्थिर बढ़ोतरी देखी गई।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

ऑपरेशन सिंदूर में किराना हिल्स पर टकराया हो सकता है युद्धक ड्रोन: पूर्व सीडीएस जनरल चौहान

Published

on

भारत के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय लोइटरिंग म्यूनिशन (युद्धक ड्रोन) संभवत पाकिस्तान के किरना हिल्स इलाके से टकराया हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किराना हिल्स को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया था।

गौरतलब है कि किराना हिल्स पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के परमाणु ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण इलाका माना जाता है। जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की परिस्थितियों पर आयोजित ‘विमर्श’ कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने ऑपरेशन के दौरान किराना हिल्स को लेकर सामने आई रिपोर्टों और घटनाक्रम पर विस्तार से बात की तथा बताया कि भारतीय लोइटरिंग म्यूनिशन के उस इलाके तक पहुंचने की संभावित वजह क्या हो सकती है।

जनरल चौहान के मुताबिक, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सरगोधा इलाके और उसके आसपास मौजूद रडारों की तलाश तथा उन्हें निशाना बनाने के लिए कई लोइटरिंग म्यूनिशन भेजे थे। इनमें से एक लोइटरिंग म्यूनिशन को इजरायल में डिजाइन किए गए हारोप ड्रोन के रूप में बताया गया है। उन्होंने बताया कि यह म्यूनिशन अपने निर्धारित इलाके में लक्ष्य की तलाश कर रहा था, लेकिन उसे लक्ष्य नहीं मिला और किराना हिल्स के आसपास संचालन के दौरान उसका ईंधन खत्म हो गया। ऐसी स्थिति में उसके संभवतः किराना हिल्स की किसी पहाड़ी से टकराने की संभावना है।

उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के तत्कालीन महानिदेशक वायु अभियान, सेवानिवृत्त एयर मार्शल ए.के. भारती ने भी स्पष्ट किया था कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किराना हिल्स में मौजूद परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया था। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा था, “हमें यह बताने के लिए धन्यवाद कि किराना हिल्स में कोई न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन है। हमें इसके बारे में पता नहीं था। और हमने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया है, चाहे वहाँ कुछ भी हो।”

जनरल चौहान ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में हमले शुरू होने से पहले भारतीय बलों ने सरगोधा और किराना हिल्स की दिशा में बड़ी संख्या में लोइटरिंग म्यूनिशन भेजे थे। किराना हिल्स सरगोधा से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। उन्होंने कहा, “उन हमलों से पहले, हमने सरगोधा और किराना हिल्स (जो सरगोधा से 10 किमी उत्तर में है) की तरफ बहुत से ‘लोइटर एम्युनिशन’ भेजे थे। ये ‘लोइटर एम्युनिशन’ सरगोधा और उसके आस-पास मौजूद रडार की तलाश कर रहे थे, और इनकी एक निश्चित समय-सीमा (लाइफटाइम) होती है।”

लोइटरिंग म्यूनिशन की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने कहा कि यह हथियार किसी निर्धारित इलाके में कुछ समय तक घूमकर अपने लक्ष्य की तलाश कर सकता है। यदि उसे लक्ष्य नहीं मिलता है तो उसकी निर्धारित संचालन अवधि पूरी होने के बाद वह नीचे गिर सकता है। जनरल चौहान ने कहा, “यह लगभग दो घंटे तक हवा में मंडराता रहेगा और अगर इसे कोई टारगेट नहीं मिला, तो यह कहीं न कहीं जाकर टकरा जाएगा। यह उन्हीं पहाड़ियों में से किसी एक से टकराया होगा।”

इस तरह जनरल चौहान के बयान से किराना हिल्स को लेकर सामने आई अटकलों को एक संभावित स्पष्टीकरण मिला है। उन्होंने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि किराना हिल्स भारतीय सैन्य अभियान का जानबूझकर चुना गया लक्ष्य नहीं था। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सीडीएस ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित स्कर्दू पर हमला करने की मंजूरी दी गई थी। हालांकि, खराब मौसम के कारण स्कर्दू में प्रस्तावित कार्रवाई को बाद में रद्द करना पड़ा और मिशन का रुख भोलारी की ओर कर दिया गया।

जनरल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख ने उनसे सरगोधा पर हमला करने को लेकर पूछा था। इसकी अनुमति दी गई थी साथ ही दो और लक्ष्यों की पहचान करने को कहा था। इनमें से एक लक्ष्य स्कर्दू था। जनरल चौहान के अनुसार, स्कर्दू क्षेत्र में मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं रहने के कारण वहां नियोजित अभियान को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने मिशन को भोलारी की ओर मोड़ दिया।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 10 मई को भारतीय वायुसेना द्वारा भोलारी में किए गए हमले का दृश्य बाद में पूरे अभियान के सबसे प्रमुख दृश्यों में शामिल रहा। इस हमले में भोलारी स्थित वायुसेना के एक हैंगर को निशाना बनाया गया था। यह अभियान भारतीय वायुसेना की गांधीनगर स्थित दक्षिण पश्चिमी वायु कमान द्वारा संचालित हवाई अभियान का हिस्सा था।

पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान के ताजा बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य अभियानों में लक्ष्यों का चयन, लोइटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल और मौसम जैसी परिचालन परिस्थितियों के आधार पर योजनाओं में बदलाव किस तरह किया गया। किराना हिल्स के मामले में उन्होंने साफ किया कि वहां किसी परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की कोई पूर्व नियोजित कार्रवाई नहीं थी।

Continue Reading
Advertisement
खेल6 minutes ago

भारत दौरे की वजह से न्यूजीलैंड में टिकटों की रिकॉर्ड मांग

व्यापार23 minutes ago

चैटजीपीटी भारत में फ्री और गो टियर यूजर्स के लिए शुरू करेगा विज्ञापन

राष्ट्रीय समाचार54 minutes ago

नेपाल आपदा: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर तेलंगाना सरकार ने शुरू की हेल्पलाइन

व्यापार1 hour ago

शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, बैंकिंग स्टॉक्स में खरीदारी

व्यापार2 hours ago

सोना बढ़त के साथ खुला, चांदी का दाम 2.40 लाख के पार

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

नेपाल आपदा की वजह से बिहार में बाढ़, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के 6 कैलाश यात्री लापता

मनोरंजन2 hours ago

मां बनने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखीं कैटरीना कैफ, बढ़े वजन को देखकर ट्रोलर्स ने उड़ाया मजाक

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

नेपाल बाढ़: भारत लगातार सहायता में बढ़ा रहा हाथ, 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप लेकर रवाना हुआ व‍िमान

अपराध2 hours ago

मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार

महाराष्ट्र21 hours ago

पैगंबर साहब इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि जानवरों के लिए भी दुनिया में रहमत बनकर आए।

अपराध4 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मनोरंजन4 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

व्यापार3 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

मनोरंजन3 weeks ago

‘खतरनाक स्टंट करने की हिम्मत देते हैं’, फरहाना भट्ट ने रोहित शेट्टी को बताया मजबूत सपोर्ट

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

राजनीति3 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

रुझान