Connect with us
Tuesday,29-September-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

कंपोनेंट पीएलआई से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, नौकरियां होंगी सृजित

Published

on

नई दिल्ली, 9 अप्रैल। वित्त वर्ष 2025 में स्मार्टफोन निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, जिसमें अकेले आईफोन का हिस्सा लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये रहा।

आईटी मंत्रालय ने 22,919 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) को अधिसूचित किया है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए ग्लोबल हब के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का नोटिफिकेशन कैबिनेट के फैसले के क्रम में है।

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार हमेशा खुले विचारों वाली, परामर्शदात्री और समावेशी रही है। हम किसी भी कानून या नीति को अंतिम रूप देने से पहले सभी के विचारों को ध्यान में रखते हैं।”

पिछले एक दशक में, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में पांच गुना और निर्यात में छह गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, जिसमें निर्यात सीएजीआर 20 प्रतिशत से अधिक और उत्पादन सीएजीआर 17 प्रतिशत से अधिक है।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, “थोड़े ही समय में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, जिसमें कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरर्स और विविध प्रकार के खिलाड़ी शामिल हैं, काफी विकसित हो गया है। आज, 400 से अधिक उत्पादन इकाइयां हैं, जिनमें बड़ी और छोटी दोनों तरह की इकाइयां हैं, जो विभिन्न प्रकार के कंपोनेंट का निर्माण करती हैं।”

वैश्विक उद्योग के रुझानों को दर्शाते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भारत की यात्रा अलग-अलग चरणों से गुजरी है। यह तैयार माल से शुरू होकर सब-असेंबली तक आगे बढ़ते हुए और अब डीप कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है।

यह क्षेत्र लगातार इस तीसरे चरण में आगे बढ़ रहा है, जो वैल्यू एडिशन, आत्मनिर्भरता और इकोसिस्टम को लेकर एक बड़ी उपलब्धि है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना को कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल ग्रिड जैसे कई क्षेत्रों में लाभ के साथ एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यह योजना विशेष रूप से निष्क्रिय इलेक्ट्रॉनिक घटकों पर केंद्रित है, जिन्हें नई पहल के तहत समर्थन दिया जाएगा।

इसके विपरीत, सक्रिय घटक भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के दायरे में आते हैं।

निष्क्रिय घटकों की सूची में रेसिस्टर, कैपेसिटर, कनेक्टर, इंडक्टर, स्कीकर्स, रिले, स्विच, ऑसिलेटर, सेंसर, फिल्म, लेंस आदि शामिल हैं।

यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत उपकरणों के डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग का भी समर्थन करेगी।

रोजगार सृजन सभी आवेदकों के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता होगी, जिसमें घटक निर्माता और पूंजीगत उपकरण उत्पादक दोनों शामिल हैं।

राष्ट्रीय समाचार

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर अगस्त में बढ़कर 8 प्रतिशत हुई, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर शीर्ष पर रहा

Published

on

भारत का औद्योगिक उत्पादन अगस्त में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़ा है। इसकी वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का मजबूत प्रदर्शन करना था। यह जानकारी सोमवार को सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में दी गई।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में तीन-चौथाई से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त के दौरान 9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

आधिकारिक बयान के अनुसार, “रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने लगातार तीन महीनों में 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर्ज की है।”

यह अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि देश के इंजीनियरिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के भीतर 23 में से 18 उद्योग समूहों ने अगस्त में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इस दौरान सबसे अधिक योगदान देने वाले तीन प्रमुख उद्योगों में मोटर वाहनों का विनिर्माण, जिसमें 25.2 प्रतिशत वृद्धि हुई, इलेक्ट्रिकल उपकरणों का विनिर्माण, जिसमें 30.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, और मशीनरी एवं उपकरणों का विनिर्माण, जिसमें 25.3 प्रतिशत वृद्धि हुई, शामिल हैं।

बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में अगस्त के दौरान 12.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

हालांकि, खनन क्षेत्र में अगस्त के दौरान 5.6 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के आंकड़ों के अनुसार, कैपिटल गुड्स, यानी कारखानों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के उत्पादन में अगस्त में 16.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई। यह खंड अर्थव्यवस्था में हो रहे वास्तविक निवेश को दर्शाता है, जिसका आगे चलकर रोजगार और आय के सृजन पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।

अगस्त के दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान, रेफ्रिजरेटर और टीवी के उत्पादन में भी 11.1 प्रतिशत की दोहरे अंक की वृद्धि हुई। यह बढ़ती आय के बीच इन वस्तुओं की उपभोक्ता मांग में वृद्धि को दर्शाता है। वहीं, साबुन और कॉस्मेटिक्स जैसे कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स के उत्पादन में महीने के दौरान 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स सेक्टर में भी 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि हाईवे, बंदरगाह और रेलवे परियोजनाओं में सरकार के बड़े निवेश से प्रेरित रही। ऐसी परियोजनाएं बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने के साथ-साथ समग्र आर्थिक विकास दर को बढ़ावा देती हैं।

Continue Reading

व्यापार

वैश्विक तनावों के चलते धराशायी हुआ बाजार; सेंसेक्स 1,124 अंक फिसला, निफ्टी में 1.56 प्रतिशत की गिरावट

Published

on

भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

इस दौरान, घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में भारी बिकवाली देखी गई, और बीएसई सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर आ गया, तो वहीं निफ्टी50 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर आ गया।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,895.74 से 160.91 अंक यानी 0.21 प्रतिशत गिरकर 73,734.83 पर खुला, और एक समय यह 1,179.51 अंक यानी 1.59 प्रतिशत गिरकर 72,716.23 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,140.50 से 0.32 प्रतिशत गिरकर 23,064.90 पर खुला और एक समय यह 378.3 अंक यानी 1.63 प्रतिशत गिरकर 22,762.20 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उछाल ने निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर दिया।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 1.63 प्रतिशत और 1.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी बैंक का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा; वहीं निफ्टी आईटी ने सबसे कम गिरावट के साथ बेहतर प्रदर्शन किया।

निफ्टी50 इंडेक्स में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, इंफोसिस और एचडीएफसी लाइफ को छोड़कर बाकी सभी शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इनमें सबसे ज्यादा गिरावट टीएमपीवी, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, पावरग्रिड और एलएंडटी के शेयरों में रही।

इस बीच, बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) शुक्रवार के करीब 482 करोड़ रुपए से घटकर 474 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिसमें 8 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई।

सोमवार को बाजार गिरने के कारणों की बात करें तो, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और लड़ाई समाप्त करने के ईरानी प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जबकि ईरान ने जोर देकर कहा कि केवल कूटनीति ही संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के साथ उसके संघर्ष का समाधान कर सकती है। आज वैश्विक शेयर बाजार, तेल बाजार और बॉन्ड बाजार में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला।

अधिकांश एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें दक्षिण कोरिया का सूचकांक 2 प्रतिशत और जापान का निक्केई सूचकांक 0.10 प्रतिशत गिर गया। चीनी बाजार भी 1 प्रतिशत से अधिक नीचे रहे।

पश्चिम एशिया संकट के समाधान न होने के कारण आपूर्ति संबंधी चिंताओं ने तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत में मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटे को और बढ़ा सकती हैं, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।

ब्रेंट क्रूड वायदा 2.2 प्रतिशत बढ़कर 106.6 डॉलर प्रति बैरल हो गया, और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.45 प्रतिशत बढ़कर 93.76 डॉलर प्रति बैरल हो गया। तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच बॉन्ड बाजारों में बिकवाली फिर से शुरू हो गई।

Continue Reading

व्यापार

सोने और चांदी खरीदारों के लिए खुशखबरी, कीमतें 2.5 प्रतिशत तक गिरीं

Published

on

सोने और चांदी में सोमवार के सत्र में गिरावट देखने को मिली और शुरुआती कारोबार में ही दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 2.5 प्रतिशत तक कम हो गया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स)पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,50,881 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,50,100 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला।

फिलहाल 9:50 पर यह 2,721 रुपए या 1.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,48,160 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।

अब तक के कारोबारी सत्र में सोने ने 1,47,667 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,50,100 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है।

चांदी का 4 दिसंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 2,34,696 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,32,300 रुपए प्रति किलो पर खुला।

फिलहाल यह 5,490 रुपए या 2.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,29,206 रुपए प्रति किलो पर थी।

अब तक के कारोबारी सत्र में चांदी ने 2,28,035 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,32,300 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।

भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। सोना 2.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,230 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62.43 डॉलर प्रति औंस पर थी।

जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह फेड की ओर से ब्याज दरों के बढ़ने की आशंका और डॉलर इंडेक्स में लगातार तेजी को माना जा रहा है, जो कि अब 100.83 पर पहुंच गया है।

डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार30 minutes ago

नेपाल में बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने से 27 की मौत, चार लोग लापता

राष्ट्रीय समाचार17 hours ago

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर अगस्त में बढ़कर 8 प्रतिशत हुई, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर शीर्ष पर रहा

मनोरंजन17 hours ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

खेल18 hours ago

एशियन गेम्स: बॉक्सिंग में भारत का छठा मेडल पक्का, कपिल ने पुरुषों के 90 किग्रा सेमीफाइनल में बनाई जगह

राजनीति18 hours ago

शरद पवार ने रखीं 17 मांगें, किसानों पर मंडराया बड़ा संकट: एनसीपी नेता अनीश गवांडे

राजनीति18 hours ago

थप्पड़ मारने वाले मंत्री को गिरफ्तार कराएं पीएम मोदी, जेन-जी का दिल जीत जाएंगे : केजरीवाल

राष्ट्रीय समाचार19 hours ago

जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में कार सड़क से फिसलकर नदी में गिरी, 5 की मौत, 6 घायल

व्यापार19 hours ago

वैश्विक तनावों के चलते धराशायी हुआ बाजार; सेंसेक्स 1,124 अंक फिसला, निफ्टी में 1.56 प्रतिशत की गिरावट

अंतरराष्ट्रीय समाचार20 hours ago

नेपाल: हेमलुंग बेस कैंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार, 12 लापता

मनोरंजन20 hours ago

सहायक निर्देशक से हीरोइन बनीं शरवरी वाघ, बोलीं-बॉलीवुड के गानों ने बनाया अभिनेत्री

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

मनोरंजन3 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

रुझान