राजनीति
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्तीय संकट के बीच एकनाथ शिंदे द्वारा पेश की गई एक और लोकलुभावन योजना को रद्द कर दिया
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली महायुति सरकार द्वारा शुरू की गई एक और लोकलुभावन योजना को रोक दिया है। अगस्त 2024 में 300 करोड़ रुपये के बजट के साथ घोषित मुख्यमंत्री योजनादूत योजना को वित्तीय बाधाओं के कारण रोक दिया गया है।
इस योजना का उद्देश्य छह महीने के लिए 50,000 युवाओं की भर्ती करके रोजगार पैदा करना था, उन्हें 10,000 रुपये का मासिक वजीफा देना था। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक वार्ड में एक ‘दूत’ (संदेशवाहक) होना था जो विभिन्न सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार था।
कौशल विकास विभाग के एक अधिकारी, जिसने इस योजना की परिकल्पना की थी, ने खुलासा किया कि इसके क्रियान्वयन को लेकर शुरुआती संदेह तब पैदा हुए जब आवेदन की समयसीमा बार-बार बढ़ाई गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में 17 सितंबर, 2024 के लिए समयसीमा तय की गई थी, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के दबाव के कारण इसे 13 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया । हालांकि, 15 अक्टूबर को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद, विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद योजना का क्रियान्वयन रोक दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि यह मतदाताओं को प्रभावित करने की एक चाल है।
नई सरकार के गठन के बाद विभाग ने इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस से मंजूरी मांगी। हालांकि, पिछले महीने अधिकारियों को इसे रोकने का निर्देश दिया गया। सरकार ने पहले ही एक आवेदन पोर्टल विकसित करने के लिए 2 करोड़ रुपये खर्च किए थे और 2.5 लाख आवेदनों की जांच की गई थी।
एक अधिकारी ने खुलासा किया कि हालांकि यह योजना बेरोजगार युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं ने इसका इस्तेमाल अपने कार्यकर्ताओं के लिए करना चाहा। लगभग 40,000 आवेदन सीधे मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों को सौंपे गए, जिसमें पार्टी के वफादारों के लिए नौकरी आवंटन का अनुरोध किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कार्यान्वयन में देरी आंशिक रूप से नौकरशाहों के प्रतिरोध के कारण हुई, जिन्होंने राजनीतिक दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया।
2.5 लाख आवेदकों में से 427 को ऐसे गांवों के लिए चुना गया जहां केवल एक ही आवेदक उपलब्ध था। ऐसे मामलों में जहां एक ही पद के लिए कई उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, उन्हें कलेक्टरेट के अधिकारियों, सहायक कौशल विकास आयुक्त और जिला सूचना अधिकारी से मिलकर बने साक्षात्कार पैनल के समक्ष उपस्थित होना था।
मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट बताती है कि इस योजना को फिर से शुरू किए जाने की संभावना नहीं है, क्योंकि इसे मुख्य रूप से चुनावी विचारों को ध्यान में रखकर बनाया गया था। यह पिछली सरकार द्वारा स्वीकृत कम से कम छह योजनाओं या परियोजनाओं में से एक है, जिन्हें अब रोक दिया गया है। वर्तमान प्रशासन ने आनंदाचा शिधा योजना को भी रोक दिया, जिसके तहत गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता था और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के लिए 1,310 नई बसें खरीदने की योजना को रद्द कर दिया।
सरकार द्वारा इन पहलों को वापस लेने का निर्णय मुख्य रूप से वित्तीय तनाव के कारण लिया गया है। महाराष्ट्र पर वर्तमान में 7.82 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए राजकोषीय घाटा 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।
अपराध
नोएडा: पुलिस ने चोरी की बड़ी वारदात का किया खुलासा, शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

नोएडा, 9 जनवरी: नोएडा के थाना सेक्टर-20 क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई भारी नकदी बरामद करने के साथ-साथ उसके बैंक खाते में जमा रकम को भी फ्रीज कराया है।
यह कार्रवाई दिनांक 8 जनवरी 2026 को की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शिखर खुराना पुत्र अजय खुराना के रूप में हुई है। अभियुक्त को मल्टीलेवल कार पार्किंग के सामने फुटपाथ से गिरफ्तार किया गया। उसकी उम्र मात्र 21 वर्ष है और वह काफी शातिर तरीके से अपराध को अंजाम देता था।
अभियुक्त मूल रूप से वसुंधरा पार्क वन, भूरा रानी रोड, रुद्रपुर (उत्तराखंड) का निवासी है, जबकि वर्तमान में वह सेक्टर-151, नोएडा के वी-1, एल्डीगो में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने दिनांक 5 जनवरी 2026 को डीएलएफ मॉल पर पीड़ित से पहले फोन पर बातचीत की थी।
इसके बाद उसने फॉरेक्स कॉइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाए। भरोसा जीतने के बाद अभियुक्त ने मौके का फायदा उठाते हुए कार में रखा पैसों से भरा बैग चोरी कर लिया और फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के आधार पर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से चोरी किए गए 4 लाख 60 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, अभियुक्त के बैंक खाते में मौजूद 2 लाख रुपये की रकम को फ्रीज करा दिया गया है, जिससे कुल बरामदगी और कार्रवाई की राशि 6 लाख 60 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
बरामदगी के दौरान पुलिस को एक आधार कार्ड की छायाप्रति और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी मिला है। अभियुक्त के खिलाफ थाना सेक्टर-20, गौतमबुद्धनगर में मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं वह इस तरह की अन्य घटनाओं में तो शामिल नहीं रहा है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर अनजान लोगों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
राजनीति
ममता बनर्जी का आचरण शर्मनाक और असंवैधानिक, लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया: रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली, 9 जनवरी: कोलकाता में आई-पैक कार्यालय पर ईडी की रेड के बाद सियासी बवाल जारी है। इसी बीच शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने प्रेसवार्ता कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि गुरुवार को बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। सीएम ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “आजाद भारत के बंगाल में जो हुआ, वो आज तक नहीं हुआ। एक निजी प्रॉपर्टी में, जहां ईडी की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई चल रही थी, वहां एक मौजूदा मुख्यमंत्री चली जाएं और ईडी के लोगों को धमकाएं और पेपर छीनकर चली जाएं। कोयले की स्मगलिंग और हवाला ट्रांजैक्शन को लेकर ईडी कार्रवाई कर रही है, जिसके तहत कई जगह रेड हुई। प्रतीक जैन की कंसल्टेंसी फर्म को लेकर शिकायत आई कि यहां से करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है।”
उन्होंने कहा कि ये हम नहीं कह रहे हैं, ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है, जो उनकी वेबसाइट पर मौजूद है। ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल का हाल बेहाल हो गया है। आपको मालूम है कि बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं।
रविशंकर ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि ये रेड न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। ये रेड एक निजी कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी। ऐसे में ममता बनर्जी अपने पुलिस अधिकारियों के साथ जाती हैं और ईडी के लोगों को धमकाया जाता है। ममता बनर्जी उनसे बहस करती हैं और पेपर छीन कर चली जाती हैं। उनका आचरण न केवल अमर्यादित और शर्मनाक है, बल्कि उन्होंने इससे संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।
उन्होंने पूछा, “मुख्यमंत्री ममता, आपको इतनी घबराहट क्यों है? आप 14 साल से मुख्यमंत्री रही हैं, केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं और गवर्नेंस समझती हैं। आपने सारे नियमों, कानूनों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करके वहां जाना जरूरी समझा, तो वहां कुछ ऐसा संदिग्ध था जिसे निकालना आवश्यक था।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ममता ने कॉन्ट्रैक्ट लिया हुआ है कि बंगाल में कोई जांच नहीं होने देंगी? बंगाल के भ्रष्टाचार में किसी भी सीबीआई और ईडी की जांच नहीं होने देंगी, क्योंकि हर जगह उनके सिस्टम के पांव फैले हुए हैं। हम इसकी कड़ी भर्त्सना करते हैं।
राजनीति
महाराष्ट्र की राजनीति में 5 साल बाद न शिंदे रहेंगे न अजित पवार: असदुद्दीन ओवैसी

धुले, 9 जनवरी: महाराष्ट्र के धुले में आयोजित एक जनसभा में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर तल्ख टिप्पणी की और पार्टी द्वारा लगाए गए उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें एआईएमआईएम को भाजपा की ‘बी-टीम’ कहा गया। ओवैसी ने कहा कि ऐसे आरोप सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं।
अपने भाषण में ओवैसी ने मुंबई ट्रेन ब्लास्ट का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई ट्रेन धमाकों में 185 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी और इस मामले में 11 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी 11 लोग करीब 19 साल तक जेल में बंद रहे।
उन्होंने कहा, “जरा सोचिए, अगर आप यहां बैठे हों और अचानक आपको फोन आए कि तुरंत आ जाइए। अब उन 11 लोगों के बारे में सोचिए, जिन्होंने अपनी जिंदगी के 19 साल सलाखों के पीछे गुजार दिए।”
ओवैसी ने महाराष्ट्र की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, अजित पवार अपने ही चाचा शरद पवार के सामने खड़े नहीं हो सके तो जो लोग आंख बंद करके उनका पीछा कर रहे हैं, उनका क्या होगा?”
असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि आने वाले पांच साल बाद जब फिर से चुनाव होंगे, तब न तो एकनाथ शिंदे रहेंगे और न ही अजित पवार। उस वक्त असदुद्दीन ओवैसी की जमात रहेगी।
एआईएमआईएम प्रमुख ने संसद में अपने एक पुराने कदम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में खड़े होकर कहा था कि कुछ कानून बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के खिलाफ हैं और उन्होंने उस कानून की प्रति फाड़कर संसद के फर्श पर फेंक दी थी। ओवैसी ने सवाल किया, ‘क्या अजित पवार ऐसा कर सकते थे?’
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ही जनता की आवाज को मजबूती से आगे ले जा सकती है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र6 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार11 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
