राजनीति
बागेश्वर धाम से भोपाल तक जारी है प्रधानमंत्री मोदी के जोरदार स्वागत की तैयारी
भोपाल, 21 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। वह बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का शिलान्यास करेंगे, वहीं भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन करेंगे। उनके जोरदार स्वागत की तैयारी जारी है।
प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी को राज्य के दो दिवसीय प्रवास पर आने वाले हैं। प्रधानमंत्री इस प्रवास के दौरान छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का शिलान्यास करेंगे और उसी शाम को भोपाल पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य के सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारियों को मार्गदर्शन देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 24 फरवरी को भोपाल में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के बागेश्वर धाम और भोपाल प्रवास के दौरान जोरदार स्वागत की तैयारी चल रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा गुरुवार को बागेश्वर धाम पहुंचे और उन्होंने पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात कर तैयारी पर चर्चा की। इससे पहले बागेश्वर धाम का दौरा मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कर चुके हैं और तैयारी की समीक्षा की थी।
बागेश्वर धाम में साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने से लेकर सड़क मार्ग सुधारे जा रहे हैं और वहां पर आने वाले लोगों के लिए डोम आदि का निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम में खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग छतरपुर के अधिकारियों के संयुक्त दल द्वारा बागेश्वर धाम ग्राम गढ़ा में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, होटलों और ढाबों का सघन निरीक्षण करते हुए 23 से अधिक प्रतिष्ठानों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच की गई।
साथ ही मौके पर मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थों के 20 नमूने लेकर इन्हें खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। साथ ही मौके से 10 किलोग्राम खराब खोबे के पेड़े का विनिष्टीकरण भी कराया गया। एक तरफ जहां बागेश्वर धाम में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर भोपाल में भी इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी का सिलसिला जारी है। इस आयोजन में 60 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेने वाले हैं। राजधानी को भी सजाया जा रहा है। सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
सीएम सैनी का सिंगापुर दौरा: हरियाणा में 5,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर बनी सहमति

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपना तीन दिवसीय सिंगापुर दौरा पूरा कर भारत लौट आए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विभिन्न कंपनियों और संस्थानों ने हरियाणा में करीब 5,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति जताई।
जानकारी के अनुसार इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, जल प्रबंधन, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों को गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सिंगापुर दौरा ‘विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाला साबित होगा। हरियाणा के प्रति वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि यह दर्शाती है कि प्रदेश निवेश, नवाचार और उद्योग के लिए एक भरोसेमंद एवं आकर्षक गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी प्रशासन, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत आधारभूत ढांचा, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं बल्कि इन निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे के दौरान हेल्थ एवं वेलनेस क्षेत्र में करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी। प्रस्तावित निवेश से हरियाणा में अत्याधुनिक अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और वेलनेस सुविधाओं के विस्तार के साथ चिकित्सा अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
सिंगापुर की उन्नत जल प्रबंधन तकनीकों को देखते हुए जल उपचार एवं प्रबंधन क्षेत्र में भी हरियाणा के प्रति निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई। इस क्षेत्र में करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है।
इन निवेशों से आधुनिक जल उपचार संयंत्रों, सीवेज ट्रीटमेंट, औद्योगिक जल प्रबंधन, जल के पुन: उपयोग और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणालियों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि सिंगापुर दौरे के दौरान हुए निवेश समझौते हरियाणा में औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
यूक्रेन की नाटो सदस्यता पर अभी नहीं हो रहा कोई विचार : मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि फिलहाल यूक्रेन की नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) सदस्यता पर कोई विचार नहीं हो रहा है क्योंकि अमेरिका रूस के साथ युद्ध को खत्म करने की कोशिशों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
रूबियो ने इस लड़ाई के आगे बढ़ने के तरीके पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन हालात के “ट्रेंड” पर नजर रख रहा है और ऐसा नहीं लग रहा कि लड़ाई खत्म होने की तरफ बढ़ रही है।
रूबियो ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, अभी यूक्रेन की नाटो सदस्यता पर कोई बात नहीं हो रही है, क्योंकि इसके लिए आम सहमति बनाने की प्रक्रिया से गुजरना जरूरी है।”
वे रेक्याविक में आइसलैंड की विदेश मंत्री थोरगेरदुर कैट्रिन गुन्नार्सडॉटिर के साथ एक जॉइंट मीडिया ब्रीफिंग में बोल रहे थे। जब यूक्रेन के नाटो में शामिल होने पर उनकी राय पूछी गई, तो रूबियो ने कहा कि इसका कोई सीधा ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब नहीं है।
रूबियो ने कहा, “अभी हमारा पूरा ध्यान यूक्रेन के मामले में इस लड़ाई को खत्म करने पर है, अगर ऐसा मुमकिन हो तो। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान जाना दुखद है। हमने साफ कहा है कि अगर इस युद्ध को खत्म करने में हम कोई भूमिका निभा सकते हैं, तो हम एक सकारात्मक भूमिका निभाना चाहेंगे।”
रूबियो ने संकेत दिया कि वॉशिंगटन मौजूदा हालात को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा, “हम जाहिर तौर पर वहां के हालात के ट्रेंड पर नजर रख रहे हैं और देख रहे हैं कि अभी मामला उस दिशा में नहीं बढ़ रहा है।”
उन्होंने ये बातें एक ऐसी चर्चा के दौरान कहीं जिसमें यूक्रेन के अलावा आर्कटिक और ‘हाई नॉर्थ’ (सुदूर उत्तर) इलाकों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं पर भी बात हुई।
रुबियो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के बदलते माहौल ने इस इलाके पर वॉशिंगटन का ध्यान फिर से खींचा है। 2006 में आइसलैंड में लंबे समय से मौजूद अमेरिकी सेना को कहीं और भेजे जाने के बाद ऐसा हुआ था।
उन्होंने कहा, “असलियत यह है कि पिछले 20 सालों में दुनिया बदल गई है। हमारा ध्यान भी बदल गया है। अब आर्कटिक पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।”
रुबियो ने आइसलैंड को यूरोप और अमेरिका, दोनों की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से अहम बताया क्योंकि इसकी भौगोलिक स्थिति खास है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन रेकजाविक के साथ और सहयोग पर बातचीत करने के लिए तैयार रहेगा।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से आइसलैंड और उसकी लोकेशन यूरोप और अमेरिका, दोनों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है।”
सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने कहा कि ‘हाई नॉर्थ’ में सुरक्षा चिंताएं सिर्फ पारंपरिक सैन्य खतरों तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने गुप्त गतिविधियों, समुद्र के नीचे बिछी केबलों और शिपिंग लेन (जहाजों के रास्तों) को होने वाले खतरों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आर्थिक व व्यावसायिक चुनौतियों का जिक्र किया।
महाराष्ट्र
नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।
रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।
हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।
दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।
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