अंतरराष्ट्रीय
फीफा क्लब विश्व कप 2025 ड्रा: टीमें, सीडिंग, भारत में लाइव स्ट्रीमिंग कब और कहां देखें
नए रूप वाले फीफा क्लब विश्व कप के लिए ड्रॉ गुरुवार, 5 दिसंबर को होगा। आठ टीमों के बीच खेले जाने वाले इस वार्षिक आयोजन में अब 32 क्लब शामिल होंगे, जिसमें छह अंतरराष्ट्रीय संघों में से प्रत्येक की सबसे सफल टीमें भाग लेंगी। टूर्नामेंट के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका में 12 स्थानों पर 63 मैच खेले जाएंगे। क्लब विश्व कप के बारे में आपको जो कुछ भी जानना चाहिए, वह सब यहाँ है।
प्रतियोगिता में कौन सी टीमें भाग ले रही हैं?
एएफसी (एशिया + ऑस्ट्रेलिया): अल-हिलाल (सऊदी अरब), उरावा रेड डायमंड्स (जापान), अल ऐन (संयुक्त अरब अमीरात), और उल्सान एचडी (दक्षिण कोरिया)
सीएएफ (अफ्रीका): अल अहली (मिस्र), विदाद एसी (मोरक्को), एस्परेंस डी ट्यूनिस (ट्यूनीशिया), और मामेलोडी सनडाउन्स (दक्षिण अफ्रीका)
CONCACAF (उत्तर, मध्य अमेरिका और कैरेबियन): मॉन्टेरी (मेक्सिको), सिएटल साउंडर्स FC (USA), लियोन (मेक्सिको), पचुका (मेक्सिको), और इंटर मियामी (USA)
कॉनमबोल (दक्षिण अमेरिका): पाल्मेरास (ब्राजील), फ्लेमेंगो (ब्राजील), फ्लुमिनेंस (ब्राजील), बोटाफोगो (ब्राजील), रिवर प्लेट (अर्जेंटीना), और बोका जूनियर्स (अर्जेंटीना)।
ओएफसी (ओशिनिया), ऑकलैंड सिटी (न्यूजीलैंड)
यूईएफए (यूरोप): चेल्सी (इंग्लैंड), रियल मैड्रिड (स्पेन), मैनचेस्टर सिटी (इंग्लैंड), बायर्न म्यूनिख (जर्मनी), पेरिस सेंट-जर्मेन (फ्रांस), इंटर मिलान (इटली), एफसी पोर्टो (पुर्तगाल), बेनफिका (पुर्तगाल), बोरुसिया डॉर्टमुंड (जर्मनी), जुवेंटस (इटली), एटलेटिको मैड्रिड (स्पेन), रेड बुल साल्ज़बर्ग (ऑस्ट्रिया)।
ड्रा कैसे निकाला जाएगा?
32 टीमों को कन्फेडरेशन रैंकिंग के आधार पर आठ के चार पॉट्स में विभाजित किया गया है
पॉट 1: मैनचेस्टर सिटी, रियल मैड्रिड, बायर्न म्यूनिख, पेरिस सेंट-जर्मेन, फ्लेमेंगो, पाल्मेरास, रिवर प्लेट, फ्लुमिनेंस
पॉट 2: चेल्सी, बोरुसिया डॉर्टमुंड, इंटरनेज़ियोनेल, एफसी पोर्टो, एटलेटिको मैड्रिड, बेनफिका, जुवेंटस, आरबी साल्ज़बर्ग
पॉट 3: अल हिलाल, उल्सान एचडी, अल अहली, वायडैड एसी, मॉन्टेरी, लियोन, बोका जूनियर्स, बोटाफोगो
पॉट 4: उरावा रेड डायमंड्स, अल ऐन, एस्पेरेंस स्पोर्टिव डी ट्यूनीसी, मामेलोडी सनडाउन्स, पचुका, सिएटल साउंडर्स एफसी, ऑकलैंड सिटी, इंटर मियामी सीएफ
क्लब विश्व कप की तारीखें क्या हैं?
उद्घाटन मैच रविवार, 15 जून को मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। फाइनल मैच रविवार, 13 जुलाई को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा।
क्लब विश्व कप का प्रारूप कैसा होगा?
क्लब विश्व कप प्रारूप फीफा विश्व कप और यूईएफए चैंपियंस लीग का दर्पण है। 32 क्लबों को चार के आठ समूहों में बांटा गया है, वे एक-दूसरे से एक बार खेलते हैं। समूह के विजेता और उपविजेता 16 के दौर में जाते हैं, उसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल होते हैं। यदि कोई खेल ड्रॉ में समाप्त होता है तो अतिरिक्त समय और दंड विजेता का निर्धारण करते हैं।
फीफा क्लब विश्व कप 2025 ड्रॉ लाइव स्ट्रीमिंग विवरण
दुनिया भर के प्रशंसक FIFA+ और FIFA.com पर FIFA Club World Cup 2025 ड्रॉ को मुफ़्त में लाइव स्ट्रीम कर सकते हैं। इसे DAZN पर भी देखा जा सकता है। इस इवेंट का टीवी पर प्रसारण नहीं किया जाएगा
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय
‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भड़के पीएम नेतन्याहू; दी चेतावनी

तेल अवीव, 10 अप्रैल : ईरान के साथ अमेरिका के सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। वहीं दोनों पक्षों के बीच सीजफायर की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले को लेकर कुछ ऐसा कहा जिससे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क उठे।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।”
दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा “इजरायल बुरा है और इंसानियत के लिए श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान, खून-खराबा लगातार जारी है।”
इजरायल के खिलाफ आग उगलते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, “मैं उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने फिलिस्तीनी धरती पर इस कैंसर जैसे राज्य का निर्माण किया है, वे यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाएं और उन्हें नरक में जलाएं।”
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीते दिन इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि इजरायल के हमले के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से फोन पर बातचीत की।
पीएम शहबाज ने एक्स पर लिखा, “मैंने आज शाम लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से बात की। मैंने लेबनान के खिलाफ इजरायल के लगातार हमले की कड़ी निंदा की और इन दुश्मनी की वजह से लेबनान में हजारों लोगों की जान जाने पर दुख जताया। मैंने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका बातचीत के जरिए बातचीत को आसान बनाने समेत शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नवाफ सलाम का शुक्रिया जिन्होंने पाकिस्तान की शांति की कोशिशों की सराहना की और लेबनान और उसके लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को तुरंत खत्म करने के लिए हमारे लगातार समर्थन की जरूरत पर जोर दिया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय इजरायली कार्रवाई इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमजोर करती है और अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लेबनान के खिलाफ इजरायल के हमलों को खत्म करने के लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने की अपील करता है।
बता दें, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद, इजरायल ने लेबनान पर एक दिन का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,100 से ज्यादा घायल हुए।
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