Connect with us
Wednesday,25-March-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

NEET UG 2024 ग्रेस मार्क्स वापस ले लिए गए, उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प दिया गया: केंद्र ने SC को बताया

Published

on

केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार ने ग्रेस अंक प्राप्त करने वाले 1563 एनईईटी यूजी उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड रद्द करने का फैसला किया है और उन्हें दोबारा परीक्षा देने का विकल्प दिया गया है।

दोबारा परीक्षा 23 जून को होगी।

केंद्र ने आगे कहा कि छात्रों को उनके मूल अंकों को घटाकर ग्रेस मार्क्स के बारे में सूचित किया जाएगा और जो छात्र दोबारा परीक्षा देने का विकल्प नहीं चुनेंगे उनका परिणाम 5 जून की परीक्षा के आधार पर होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया, “सिफारिशों के अनुसार, यह सुझाव दिया गया है कि 4 जून, 2024 को जारी किए गए प्रभावित 1563 उम्मीदवारों के स्कोर-कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे और वापस ले लिए जाएंगे। इन प्रभावित 1563 उम्मीदवारों को उनके बारे में सूचित किया जाएगा।” प्रतिपूरक अंकों के बिना वास्तविक अंक, इसके अलावा, प्रभावित 1563 उम्मीदवारों के लिए पुन: परीक्षा आयोजित की जाएगी।

इसमें आगे कहा गया है कि, “प्रभावित उम्मीदवार जो पुन: परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उनके परिणाम 5 मई, 2024 को आयोजित परीक्षा में उनके द्वारा प्राप्त किए गए मुआवजे के बिना उनके वास्तविक अंकों और प्राप्त अंकों के आधार पर घोषित किए जाएंगे।” जो उम्मीदवार दोबारा परीक्षा देंगे, उन पर विचार किया जाएगा और 5 मई, 2024 को आयोजित परीक्षा के आधार पर उनके अंक हटा दिए जाएंगे।”

इसका मतलब यह है कि जो उम्मीदवार दोबारा परीक्षा में शामिल नहीं होने का विकल्प चुनेंगे, उनका मूल्यांकन ग्रेस अंक मानदंड के बिना 5 जून की परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर से पुष्टि की कि काउंसलिंग प्रक्रिया को रोका नहीं जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट इस विषय से संबंधित तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें से एक एडटेक कंपनी के सीईओ फिजिक्स वाला द्वारा लाई गई थी।

NEET UG 2024 परीक्षा परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ियों सहित पेपर लीक के आरोपों को लेकर काफी विवादों से घिरी हुई है।

एनटीए ने 5 मई को 4,750 स्थानों पर परीक्षा आयोजित की और लगभग 24 लाख लोगों ने इसमें भाग लिया।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

हम उन पर भरोसा नहीं करते’: पाकिस्तान की यूएस-ईरान बातचीत में मध्यस्थता की कोशिश पर इजरायली राजदूत

Published

on

भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने कहा कि इजरायल उन देशों पर भरोसा नहीं करता है जिनके साथ उसके डिप्लोमैटिक संबंध नहीं हैं। जब न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत के दौरान इजरायली राजदूत से पूछा गया कि क्या मौजूदा हालात में इजरायल पाकिस्तान पर भरोसा करता है, तो उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कर दिया है कि इजरायल पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता है।

अजार ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल का नजरिया उसके अपने और खास साथियों के अंदाज से तय होता है। इजरायली राजदूत ने आईएएनएस से ​​कहा, “हम ऐसे देश पर भरोसा नहीं करने जा रहे हैं जिसके हमारे साथ डिप्लोमैटिक संबंध नहीं हैं। हम अपने और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर भरोसा करते हैं।”

दरअसल, जब से अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये दावा किया कि ईरान और अमेरिका हमले को रोकने के लिए बातचीत की पहल हो रही है, तब से पाकिस्तान ने दोनों पक्षों में बातचीत की मध्यस्थता की पेशकश की। इसी के बाद इजरायली राजदूत ने पाकिस्तान को लेकर यह प्रतिक्रिया दी है।

बता दें, एक तरफ ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच भारी संकट जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी भारी तनाव है। ऐसे में अपने देश के साथ जारी झगड़े को सुलझाने के बजाए पाकिस्तानी सरकार ने अमेरिका और ईरान में सुलह कराने की पहल कर दी। पाकिस्तान ने खुद को बातचीत के लिए एक संभावित जगह के तौर पर पेश किया है। इसके लिए उसने वॉशिंगटन और तेहरान दोनों के साथ अपने संबंधों का हवाला दिया है, जबकि वह अफगानिस्तान में आम लोगों और आम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले करता रहता है।

उनसे पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अमेरिका के कथित निवेश प्लान और इसका भारत-इजरायल संबंधों पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछा गया। अजार ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर इजरायल से जुड़ा नहीं है, जबकि उन्होंने नई दिल्ली के साथ करीबी सहयोग की बात दोहराई।

उन्होंने कहा, “इजरायल इससे जुड़ा नहीं है। भारत के साथ हमारा बहुत बड़ा सहयोग है। खुशकिस्मती से, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की वजह से, हम रक्षा क्षेत्र और दूसरे क्षेत्रों में बड़े समझौते को आगे बढ़ा पाए हैं और उन पर हस्ताक्षर कर पाए हैं।”

बता दें, इजरायल ने पहले भी आतंकी घटनाओं के बाद भारत को मजबूत डिप्लोमैटिक समर्थन दिया है। जम्मू और कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद इजरायल उन पहले देशों में से था जिसने भारत के सेल्फ-डिफेंस के अधिकार के लिए एकजुटता और समर्थन दिखाया था। बता दें, पहलगाम हमले में पाकिस्तान के समर्थन वाले आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की हत्या की थी।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले की निंदा करने के लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी से बात की और इजरायल में 7 अक्टूबर को हुए हमलों से तुलना करते हुए एकजुटता दिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं होना चाहिए।

पहलगाम हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। अजार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह भी कहा था कि इजरायल भारत के सेल्फ-डिफेंस के अधिकार का समर्थन करता है और कहा कि “आतंकवादियों को पता होना चाहिए कि उनके जघन्य अपराधों से छिपने की कोई जगह नहीं है।”

नेतन्याहू उन पहले ग्लोबल नेताओं में से थे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से भारत के जवाब का समर्थन किया और दोहराया कि हर देश को अपने नागरिकों को बॉर्डर पार के खतरों से बचाने का मौलिक अधिकार है।

Continue Reading

राजनीति

पश्चिम एशिया में संकट पर सर्वदलीय बैठक का भाजपा सांसदों ने किया समर्थन

Published

on

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को लेकर सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार की पहल का समर्थन किया है और इसे राष्ट्रीय एकजुटता की दिशा में एक अहम कदम बताया है। भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इस मुद्दे पर संसद में जानकारी दे चुके हैं।

भाजपा शशांक मणि त्रिपाठी ने संसद के बाहर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दो दिन पहले लोकसभा में प्रधानमंत्री ने अपने बयान के माध्यम से पूरे देश को पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात से अवगत कराया था। इस संकट की घड़ी में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, कोविड-19 महामारी के समय जिस तरह देश ने एकजुटता दिखाई थी, उसी प्रकार इस वैश्विक संकट में भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी दलों के सुझाव लिए जाएंगे।

गुजरात विधानसभा द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल पारित किए जाने पर शशांक त्रिपाठी ने इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि गुजरात ने यह पहल की है तो अन्य राज्यों को भी इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे कानून देश में समानता और न्याय की भावना को मजबूत करेंगे।

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत को लेकर भी भाजपा सांसद त्रिपाठी ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से युद्ध में विराम की उम्मीद जगी है।

शंशाक त्रिपाठी के मुताबिक, प्रधानमंत्री पहले ही मध्य-पूर्व के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से संवाद कर चुके हैं और शांति स्थापित करने के लिए भारत की भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और अन्य देशों के बीच जारी संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत से यह संकेत मिलता है कि युद्ध पर विराम लग सकता है। सर्वदलीय बैठक में सभी विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है ताकि भारत की भूमिका पर व्यापक चर्चा हो सके।

Continue Reading

राजनीति

देश को तबाह करने की काली करतूत के जिम्मेदार जवाहरलाल नेहरू: निशिकांत दुबे

Published

on

झारखंड के गोड्डा से चौथी बार भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के खिलाफ एक शृंखला “कांग्रेस का काला अध्याय” शुरू की है। इसके तहत वह सोशल मीडिया एक्स पर तिथि के अनुसार कांग्रेस सरकार के समझौते और फैसले के दस्तावेज पोस्ट करते हुए टिप्पणी कर रहे हैं।

निशिकांत दुबे ने ‘कांग्रेस का काला अध्याय 9 एपिसोड’ एक्स पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है, “आज, यानी 25 मार्च 1914 को शिमला में ब्रिटिश इंडिया, चीन सरकार और तिब्बत ने मिलकर एक समझौता किया, जिसके अंतर्गत नेपाल और तिब्बती समझौता 1856 तथा जम्मू कश्मीर तिब्बती समझौता 1842 लागू हुआ। तिब्बत और भारत के बीच सीमा निर्धारण मैकमोहन लाइन के तहत किया गया।

हालांकि मई 1951 में नेहरू ने चीन के आधिपत्य को सत्रह समझौते के अनुसार तिब्बतियों को चीन का नागरिक बना दिया। बचा काम 29 अप्रैल 1954 में तिब्बत पर चीन के पूर्ण नियंत्रण का समझौता कर लिया तथा इस समझौते के तहत चीन को बेरोकटोक भारत आने की छूट दे दी। देश को तबाह करने की काली करतूत के जिम्मेदार केवल और केवल नेहरु जी ही हैं।”

इसके पहले 24 मार्च को निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, “24 मार्च 1990 को श्रीलंका से भारतीय सेना हारकर जबरदस्ती भगाई गई और लौटी। भारतीय सेना की अंतिम टुकड़ी को विदा करने वालों में आज के हमारे विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर भी थे, जो उन दिनों श्रीलंका में कार्यरत थे। भारतीय सेना तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जिद और जुनून के कारण जबरदस्ती 1987 में अपने ही तमिल भाइयों को मारने पहुंची थी। गांधी परिवार का यह जुनून नया नहीं था। इसके पहले 24 मार्च 1971 को भी इंदिरा गांधी ने भारतीय सेना को श्रीलंका के छात्र आंदोलन पर नियंत्रण के लिए वहां भेजा था लेकिन 1971 के पाकिस्तान युद्ध के दौरान श्रीलंका ने पाकिस्तान का साथ दिया। हमारे हजारों जवान 1987 से लेकर 1990 तक मारे गए। श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रेमदास ने भारतीय जवानों पर तरह-तरह के आरोप लगाए और राजीव गांधी को चिट्ठी लिखी। पहली बार विदेशी धरती पर भारतीय प्रधानमंत्री के ऊपर हमला हुआ और देश के सम्मान को ठेस पहुंची।”

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

हम उन पर भरोसा नहीं करते’: पाकिस्तान की यूएस-ईरान बातचीत में मध्यस्थता की कोशिश पर इजरायली राजदूत

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

अमेरिका ने एआई, चिप्स, बायोटेक के क्षेत्र में चीन के साथ तकनीकी मुकाबला किया तेज

राजनीति2 hours ago

पश्चिम एशिया में संकट पर सर्वदलीय बैठक का भाजपा सांसदों ने किया समर्थन

राजनीति3 hours ago

देश को तबाह करने की काली करतूत के जिम्मेदार जवाहरलाल नेहरू: निशिकांत दुबे

राष्ट्रीय20 hours ago

देश में सभी गैस रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर; 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की हुई सप्लाई: सरकार

राष्ट्रीय21 hours ago

‘अगर युद्ध जारी रहा तो गंभीर दुष्प्रभाव तय’, पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में बोले प्रधानमंत्री मोदी

व्यापार22 hours ago

भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक; सेंसेक्स 1,372 अंक चढ़कर बंद, निवेशकों ने कमाए करीब 8 लाख करोड़ रुपए

महाराष्ट्र22 hours ago

मालेगांव: बांग्लादेशी रोहिंग्या की आड़ में बच्चों का भविष्य खतरे में, अबू आसिम ने क्रेट सौम्या के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

महाराष्ट्र22 hours ago

नगर निगम द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार और प्रसार किया जाना चाहिए: स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भागिंडे

अंतरराष्ट्रीय23 hours ago

ईरानी मीडिया का दावा ‘एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ’, खोर्रमशहर के गवर्नर बोले ‘पाइपलाइन को बनाया निशाना’

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

व्यापार3 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई साइबर फ्रॉड: 55 बैंक अकाउंट से फ्रॉड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, संदिग्ध इक्विपमेंट, बैंक बुक और दूसरे डॉक्यूमेंट्स जब्त

व्यापार4 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, डिफेंस स्टॉक्स उछले

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: पुर्तगाली लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, सनसनीखेज घटना से मुंबई शर्मसार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

व्यापार4 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 350 अंक फिसला, आईटी शेयरों में बढ़त

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ‘नष्ट’ करने का दावा किया

व्यापार4 weeks ago

ईरान में चल रहे ‘बड़े सैन्य अभियानों’ के बीच एयर इंडिया ने मध्य पूर्व जाने वाली सभी उड़ानें कीं निलंबित

अपराध2 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

रुझान