व्यापार
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को मिला सीआईआई क्लाइमेट एक्शन सीएपी 2.0 पुरस्कार 2023
भारत की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन और वितरण कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) को 2023 के लिए भारतीय उद्योग निकाय सीआईआई के प्रतिष्ठित क्लाइमेट एक्शनप्रोग्राम ‘सीएपी 2.0 पुरस्कार’ प्रदान किया गया है। कंपनी को यह पुरस्कार ‘रेजिलिएंट कैटोगरी’ में प्रदान किया गया है।
यह पुरस्कार चुनौतियों का सामना करने में निरंतर सुधार के लिए एईएसएल की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
एईएसएल के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा, “सीआईआई से यह पुरस्कार पाकर हमें खुशी हो रही है। यह पुरस्कार भविष्य की टिकाऊ प्रथाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जलवायु चुनौतियों से निपटने के प्रति हमारे समर्पण का प्रमाण है।”
गौरतलब है कि सीआईआई सीएपी 2.0 पुरस्कार उन कंपनियों को दिया जाता है, जो विशिष्ट श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं।
जलवायु कार्रवाई कार्यक्रम (सीएपी 2.0) के बारे में
सीआआई सीएपी 2.0 पुरस्कार सीआईआई द्वारा जलवायु परिवर्तन पर सार्थक कॉर्पोरेट कार्यों को मान्यता देने और संगठनात्मक व्यवसाय मॉडल और प्रक्रियाओं में एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किए गए हैं। इस पुरस्कार को प्रदान करने का उद्देश्य उद्योग को जलवायु जोखिम से निपटने, बाजार के अवसरों का दोहन करने और जलवायु में टिकाऊपन को प्रेरित करना है।
यह पुरस्कार अन्य कंपनियों की तुलना में उभरते जोखिमों को पहले पहचानने और उनका विश्लेषण करने की कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं, जो संभावित नुकसान से बचने या कम करने के लिए उन्हें बेहतर स्थिति में रखता है।
2023 में सीआईआई सीएपी 2.0 अवार्ड्स ने तीन मुख्य श्रेणियों में कंपनियों को उनके परिपक्वता स्तर के आधार पर मान्यता दी।
रेजिलिएंट: यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए है, जिनकी रणनीति और योजनाएं जलवायु जोखिम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनकी जलवायु परिवर्तन योजना भविष्योन्मुखी हैं, अनुकूलन परियोजनाएं टिकाऊपन के लिए बनाई गई हैं।
ओरिएंटेड: यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए है, जो अपनी जलवायु कार्य योजनाओं में प्रगति कर रही हैं, लेकिन अभी तक मजबूत स्तर तक नहीं पहुंची हैं।
कमिटेड: यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए है, जो प्राथमिक जोखिम की पहचान करती हैं, जीएचजी प्रबंधन करती हैं, लक्ष्य तय करती हैं और भागीदारी संस्कृति रखती हैं, लेकिन अभी तक ओरिएंटेड श्रेणी के स्तर तक नहीं पहुंची हैं।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) के बारे में :
एईएसएल, अदाणी पोर्टफोलियो का हिस्सा व एक बहुआयामी संगठन है, जो ऊर्जा क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं, अर्थात बिजली पारेषण, वितरण, स्मार्ट मीटरिंग और कूलिंग समाधानों में उपस्थिति रखता है।
एईएसएल देश की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन कंपनी है, जिसकी भारत के 17 राज्यों में उपस्थिति है और 20,400 सीकेएम और 54,600 एमवीए परिवर्तन क्षमता का इसका ट्रांसमिशन नेटवर्क है। अपने वितरण व्यवसाय में, एईएसएल मुंबई और मुंद्रा एसईजेड के औद्योगिक केंद्र में 12 मिलियन से अधिक उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करता है।
एईएसएल अपने स्मार्ट मीटरिंग व्यवसाय को बढ़ा रहा है और भारत का अग्रणी स्मार्ट मीटरिंग इंटीग्रेटर बनने की ओर अग्रसर है। एईएसएल, समानांतर लाइसेंस और अपने वितरण नेटवर्क के विस्तार के माध्यम से अपनी एकीकृत पेशकश के साथ, हरित ऊर्जा की एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी सहित, अंतिम उपभोक्ता तक ऊर्जा पहुंचाने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। एईएसएल ऊर्जा परिदृश्य को सबसे विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ तरीके से बदलने के लिए एक उत्प्रेरक है।
राष्ट्रीय समाचार
एआई निवेश से ग्लोबल आईटी खर्च 6.37 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद : रिपोर्ट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और इंटेलिजेंट एप्लिकेशन में तेजी से बढ़ते निवेश के चलते वर्ष 2026 में वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) खर्च बढ़कर 6.37 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह 2025 की तुलना में 14.2 प्रतिशत अधिक होगा। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
गार्टनर की रिपोर्ट के अनुसार, डेटा सेंटर सिस्टम और इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐज ए सर्विस (आईएएएस) पर खर्च सबसे तेज गति से बढ़ेगा, क्योंकि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की मांग लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डेटा सेंटर सिस्टम पर खर्च 2025 के 506 अरब डॉलर से बढ़कर 2026 में 822 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो कि 62.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दिखाता है।
वहीं, आईएएएस पर खर्च 29.3 प्रतिशत बढ़कर 287 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जबकि सॉफ्टवेयर पर खर्च 15.5 प्रतिशत बढ़कर 1.47 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, डिवाइस पर खर्च लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 868 अरब डॉलर, आईटी सेवाओं पर खर्च करीब 5 प्रतिशत बढ़कर 1.57 ट्रिलियन डॉलर और कम्युनिकेशन सेवाओं पर खर्च 4.4 प्रतिशत बढ़कर 1.35 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है।
गार्टनर के वीपी एनालिस्ट जॉन-डेविड लवलॉक ने कहा, “एआई के लिए आवश्यक कंप्यूट क्षमता तैयार करना मानव इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। एआई वर्कलोड और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के चलते हाइपरस्केलर कंपनियां और बड़े उद्यम अगली पीढ़ी के डेटा सेंटरों की क्षमता का तेजी से विस्तार कर रहे हैं।”
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि तकनीकी बजट अभी भी महंगाई, सेमीकंडक्टर और मेमोरी की आपूर्ति संबंधी बाधाओं, हार्डवेयर लागत में बढ़ोतरी और उद्यमों की बदलती प्राथमिकताओं के कारण दबाव में हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ताजा अनुमान यह दर्शाता है कि एआई के नेतृत्व में बाजार के विस्तार को लेकर भरोसा बढ़ा है। अतिरिक्त आईटी खर्च का बड़ा हिस्सा अब एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सेवाओं और सॉफ्टवेयर पर केंद्रित होगा, जबकि पारंपरिक तकनीकी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि देखने को मिलेगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनियां एंटरप्राइज एआई को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए एआई-अनुकूलित सर्वर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और एआई-रेडी सॉफ्टवेयर में तेजी से निवेश कर रही हैं। इसके चलते एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर वैश्विक आईटी खर्च के सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्र बन गए हैं।
व्यापार
मध्य पूर्व में शांति से सोने और चांदी में लौटी रौनक, करीब एक प्रतिशत तक भागे

सोने और चांदी सोमवार को तेजी के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में दोनों की कीमती धातुओं के दाम एक प्रतिशत तक चढ़ गए थे।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,43,106 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,43,575 रुपए प्रति 10 ग्राम खुला।
सुबह 9:45 पर सोना 907 रुपए या 0.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,44,013 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,43,575 रुपए प्रति 10 ग्राम न्यूनतम स्तर और 1,44,111 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है।
सोने के साथ चांदी में भी तेजी देखी जा रही है। चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,22,138 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,23,500 रुपए प्रति किलो पर खुला। फिलहाल यह 2,066 रुपए या 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,24,204 रुपए प्रति किलो पर थी।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,23,500 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,24,632 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। सोना 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,090 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.95 प्रतिशत की मजबूती के साथ 59 डॉलर प्रति औंस पर थी।
जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स का कमजोर होना है, जो कि अमेरिका-ईरान में तनाव कम होने के बाद गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल यह 0.25 प्रतिशत घटकर 101.03 पर आ गया था।
डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है।
इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व में तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 87.80 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.20 डॉलर प्रति बैरल पर था।
राष्ट्रीय समाचार
मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला शेयर बाजार, आईटी स्टॉक्स में खरीदारी

मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सोमवार को सकारात्मक हुई। सुबह 9:18 पर सेंसेक्स 507 अंक या 0.67 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,567 और निफ्टी 134 अंक या 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,901 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व आईटी शेयर कर रहे थे। निफ्टी आईटी एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ सूचकांकों में टॉप गेनर था। निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मेटल और निफ्टी एनर्जी के साथ करीब अन्य सभी सूचकांक हरे निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, इटरनल, एचयूएल, बजाज फिनसर्व, आईटीसी, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, टाटा स्टील, एलएंडटी, ट्रेंट, एनटीपीसी, एचसीएल टेक, एसबीआई, पावर ग्रिड, बीईएल, टाइटन, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स और भारती एयरटेल टॉप गेनर्स थे। केवल आईसीआईसीआई बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 608 अंक या 0.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,231 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 174 अंक या 0.95 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,059 पर था।
जानकारों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों का फिर से 90 डॉलर के नीचे आना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। अगर पश्चिम एशिया में जारी तनाव में कमी बनी रहती है और कच्चे तेल की कीमतें आगे भी नरम होती हैं, तो इससे बाजार में जारी हल्की तेजी को सहारा मिल सकता है। हालांकि, इस महीने विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश रुख काफी अस्थिर रहा है और इसे लेकर निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
अमेरिकी-ईरान के बीच हमले कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। खबर लिखे जाने तक, डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 85 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 4.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87.78 डॉलर प्रति बैरल पर था।
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