Connect with us
Monday,26-October-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को मिला सीआईआई क्लाइमेट एक्शन सीएपी 2.0 पुरस्कार 2023

Published

on

भारत की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन और वितरण कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) को 2023 के लिए भारतीय उद्योग निकाय सीआईआई के प्रतिष्ठित क्लाइमेट एक्शनप्रोग्राम ‘सीएपी 2.0 पुरस्कार’ प्रदान किया गया है। कंपनी को यह पुरस्कार ‘रेजिलिएंट कैटोगरी’ में प्रदान किया गया है।

यह पुरस्कार चुनौतियों का सामना करने में निरंतर सुधार के लिए एईएसएल की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

एईएसएल के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा, “सीआईआई से यह पुरस्कार पाकर हमें खुशी हो रही है। यह पुरस्कार भविष्य की टिकाऊ प्रथाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जलवायु चुनौतियों से निपटने के प्रति हमारे समर्पण का प्रमाण है।”

गौरतलब है कि सीआईआई सीएपी 2.0 पुरस्कार उन कंपनियों को दिया जाता है, जो विशिष्ट श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं।

जलवायु कार्रवाई कार्यक्रम (सीएपी 2.0) के बारे में

सीआआई सीएपी 2.0 पुरस्कार सीआईआई द्वारा जलवायु परिवर्तन पर सार्थक कॉर्पोरेट कार्यों को मान्यता देने और संगठनात्मक व्यवसाय मॉडल और प्रक्रियाओं में एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किए गए हैं। इस पुरस्कार को प्रदान करने का उद्देश्य उद्योग को जलवायु जोखिम से निपटने, बाजार के अवसरों का दोहन करने और जलवायु में टिकाऊपन को प्रेरित करना है।

यह पुरस्कार अन्य कंपनियों की तुलना में उभरते जोखिमों को पहले पहचानने और उनका विश्लेषण करने की कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं, जो संभावित नुकसान से बचने या कम करने के लिए उन्हें बेहतर स्थिति में रखता है।

2023 में सीआईआई सीएपी 2.0 अवार्ड्स ने तीन मुख्य श्रेणियों में कंपनियों को उनके परिपक्वता स्तर के आधार पर मान्यता दी।

 रेजिलिएंट: यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए है, जिनकी रणनीति और योजनाएं जलवायु जोखिम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनकी जलवायु परिवर्तन योजना भविष्योन्मुखी हैं, अनुकूलन परियोजनाएं टिकाऊपन के लिए बनाई गई हैं।

 ओरिएंटेड: यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए है, जो अपनी जलवायु कार्य योजनाओं में प्रगति कर रही हैं, लेकिन अभी तक मजबूत स्तर तक नहीं पहुंची हैं।

 कमिटेड: यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए है, जो प्राथमिक जोखिम की पहचान करती हैं, जीएचजी प्रबंधन करती हैं, लक्ष्य तय करती हैं और भागीदारी संस्कृति रखती हैं, लेकिन अभी तक ओरिएंटेड श्रेणी के स्तर तक नहीं पहुंची हैं।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) के बारे में :

एईएसएल, अदाणी पोर्टफोलियो का हिस्सा व एक बहुआयामी संगठन है, जो ऊर्जा क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं, अर्थात बिजली पारेषण, वितरण, स्मार्ट मीटरिंग और कूलिंग समाधानों में उपस्थिति रखता है।

एईएसएल देश की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन कंपनी है, जिसकी भारत के 17 राज्यों में उपस्थिति है और 20,400 सीकेएम और 54,600 एमवीए परिवर्तन क्षमता का इसका ट्रांसमिशन नेटवर्क है। अपने वितरण व्यवसाय में, एईएसएल मुंबई और मुंद्रा एसईजेड के औद्योगिक केंद्र में 12 मिलियन से अधिक उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करता है।

एईएसएल अपने स्मार्ट मीटरिंग व्यवसाय को बढ़ा रहा है और भारत का अग्रणी स्मार्ट मीटरिंग इंटीग्रेटर बनने की ओर अग्रसर है। एईएसएल, समानांतर लाइसेंस और अपने वितरण नेटवर्क के विस्तार के माध्यम से अपनी एकीकृत पेशकश के साथ, हरित ऊर्जा की एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी सहित, अंतिम उपभोक्ता तक ऊर्जा पहुंचाने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। एईएसएल ऊर्जा परिदृश्य को सबसे विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ तरीके से बदलने के लिए एक उत्प्रेरक है।

व्यापार

कमजोर तिमाही नतीजों से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर लुढ़का, आईपीओ कीमत से 24 प्रतिशत नीचे पहुंचा

Published

on

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी सितंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद निवेशकों ने शेयर में जोरदार बिकवाली की, जिसके चलते यह अपने लिस्टिंग के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 7 प्रतिशत तक टूटकर 433.55 रुपए पर आ गया, जो 21 जुलाई 2026 को सूचीबद्ध होने के बाद का अब तक का सबसे निचला स्तर है। हालांकि बाद के कारोबार में शेयर ने थोड़ी रिकवरी की और 2.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 452.45 रुपए पर बंद हुआ। मौजूदा स्तर पर यह अपने आईपीओ मूल्य 574 रुपए प्रति शेयर से लगभग 24.46 प्रतिशत नीचे है।

शेयर में गिरावट के पीछे दूसरी तिमाही के अपेक्षा से कमजोर नतीजे प्रमुख कारण रहे। इक्विरस सिक्योरिटीज के अनुसार, कंपनी का कर-पश्चात लाभ (पीएटी) 701 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत कम है। मुनाफे पर दबाव का मुख्य कारण परिचालन खर्चों में तेज बढ़ोतरी रही, जो सालाना आधार पर 24.3 प्रतिशत बढ़कर 301 करोड़ रुपए पहुंच गए।

ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की रेवेन्यू यील्ड भी तिमाही आधार पर 0.6 बेसिस प्वाइंट घटकर 36.1 बेसिस प्वाइंट रह गई। वहीं गैर-म्यूचुअल फंड व्यवसाय से जुड़ी यील्ड, एडवाइजरी आय को छोड़कर, 35 से 40 बेसिस प्वाइंट के दायरे में बनी रही।

कंपनी के इक्विटी क्वार्टरली एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (क्यूएएयूएम) में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन यह उद्योग की 6.6 प्रतिशत वृद्धि दर से कम रही। इसके परिणामस्वरूप कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 12 बेसिस प्वाइंट घटकर 12.53 प्रतिशत पर आ गई।

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के मोर्चे पर भी कुछ दबाव देखने को मिला। सितंबर 2026 में मासिक एसआईपी प्रवाह में कंपनी की हिस्सेदारी घटकर 12 प्रतिशत रह गई, जो जून में 12.65 प्रतिशत थी। एसआईपी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट लगभग स्थिर रहते हुए 2.07 ट्रिलियन रुपए पर रहे, जबकि बाजार हिस्सेदारी मामूली घटकर 11.59 प्रतिशत हो गई। तिमाही के दौरान नए एसआईपी पंजीकरण 19 लाख रहे, लेकिन इस श्रेणी में भी बाजार हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत से घटकर 9.94 प्रतिशत पर आ गई।

हालांकि निकट अवधि की चुनौतियों के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का मुख्य म्यूचुअल फंड कारोबार अभी भी मजबूत स्थिति में है। सितंबर 2026 तक की तीन वर्षीय अवधि में कंपनी की इक्विटी और हाइब्रिड परिसंपत्तियों का आधे से अधिक हिस्सा प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन देने में सफल रहा है। इसके अलावा इक्विटी श्रेणी में शुद्ध निवेश प्रवाह भी मजबूत बना हुआ है।

इक्विरस सिक्योरिटीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी के म्यूचुअल फंड औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में 13 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) और ईबीआईटीडीए में 10 प्रतिशत सीएजीआर दर्ज की जा सकती है।

ब्रोकरेज ने शेयर पर अपना “लॉन्ग” रेटिंग बरकरार रखते हुए 540 रुपए का लक्ष्य मूल्य (टारगेट प्राइस) दिया है। रिपोर्ट में कंपनी के मजबूत ब्रांड, व्यापक वितरण नेटवर्क और वैकल्पिक निवेश कारोबार के विस्तार को दीर्घकालिक मजबूती का आधार बताया गया है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

केंद्र ने ‘रिलीफ’ योजना की अवधि बढ़ाई, खाड़ी क्षेत्र में निर्यात को मिलेगी सुरक्षा

Published

on

केंद्र सरकार के तहत आने वाले वाणिज्य विभाग ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण निर्यात को जोखिम सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन’ (ईपीएम) के तहत चलाई जा रही ‘रिलीफ (निर्यात सुविधा के लिए लचीलापन एवं लॉजिस्टिक्स हस्तक्षेप)’ योजना के घटक-II की समयसीमा 31 मार्च, 2027 तक बढ़ा दी है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।

यह विस्तार पश्चिम एशिया में लगातार जारी भू-राजनीतिक व्यवधानों और खाड़ी क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में समुद्री लॉजिस्टिक्स पर उनके प्रभाव को देखते हुए किया गया है।

इस पहल के ‘घटक-II’ का उद्देश्य निर्धारित क्षेत्रों में आगामी खेपों के लिए निर्यातकों को भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) का बीमा कवर लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज प्रदान किया जाता है।

यह लाभ 16 मार्च, 2026 या उसके बाद ली गई व्यक्तिगत पॉलिसियों और समग्र कारोबार (होल टर्नओवर) पॉलिसियों पर उपलब्ध है। इस घटक के तहत पात्र निर्यातकों को निर्धारित पात्रता अवधि के दौरान बीमा प्रीमियम में व्यवधान से पहले के स्तर की तुलना में होने वाली बढ़ोतरी से सुरक्षा प्रदान की जाती है।

इस योजना के तहत कवर की जाने वाली माल श्रेणियों में पूर्ण कंटेनर लोड (एफसीएल), आंशिक कंटेनर लोड (एलसीएल) और रेफ्रिजरेटेड यानी तापमान नियंत्रित कंटेनर शामिल हैं। हालांकि, ऊर्जा से संबंधित खेपों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

बयान के अनुसार, रिलीफ पहल के तहत कवरेज का लाभ लेने के इच्छुक निर्यातकों को ईसीजीसी के ग्राहक पोर्टल के माध्यम से दावे और सहायक दस्तावेज जमा करने होंगे। यूजर आईडी और पासवर्ड बनाने, निर्यातक के रूप में पंजीकरण पूरा करने एवं योजना के तहत दावे जमा करने के संबंध में मार्गदर्शन ईसीजीसी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध विशेष वीडियो ट्यूटोरियल के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।

19 मार्च, 2026 को शुरू की गई रिलीफ योजना का उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र और व्यापक पश्चिम एशियाई समुद्री गलियारे में व्यवधानों के कारण असाधारण रूप से बढ़ती माल ढुलाई लागत, बीमा प्रीमियम में वृद्धि और युद्ध से जुड़े निर्यात जोखिमों का सामना कर रहे भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करना है।

मध्य पूर्व में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ड्रोन और मिसाइल हमलों में जहाजों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट्स आई हैं। यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा तटीय क्षेत्र के बड़े हिस्से पर कब्जा करने के उद्देश्य से हमले शुरू किए जाने के बाद युद्ध का खतरा लाल सागर क्षेत्र तक भी फैल गया है।

बयान में कहा गया कि रिलीफ योजना की अवधि बढ़ाना निर्यात क्षेत्र की जोखिमों से निपटने की क्षमता मजबूत करने, व्यापार प्रवाह बनाए रखने और लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक तथा समुद्री लॉजिस्टिक्स संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारतीय निर्यातकों को समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Continue Reading

व्यापार

ग्रोथ अनुमान घटाने से श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट, 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा स्टॉक

Published

on

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एनबीएफसी कंपनी श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कंपनी द्वारा ऋण वृद्धि (लोन ग्रोथ) के अनुमान में कटौती और क्रेडिट लागत बढ़ने की आशंका जताने के बाद निवेशकों ने शेयर से दूरी बनाई, जिसके चलते यह निफ्टी का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर बन गया। दिन के कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 6.33 प्रतिशत तक टूटकर 810.20 रुपए के इंट्रा-डे निचले स्तर पर पहुंच गया। दोपहर करीब 12:10 बजे यह स्टॉक 5.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 821.20 रुपए पर कारोबार करता नजर आया।

शेयर में गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी ने दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर मुनाफा दर्ज किया है। हालांकि निवेशकों का ध्यान कंपनी के भविष्य के आउटलुक पर रहा। श्रीराम फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) वृद्धि अनुमान को 18 प्रतिशत से घटाकर 15-17 प्रतिशत कर दिया है। कंपनी ने इसके पीछे कमजोर मानसून, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कर्जदारों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को प्रमुख कारण बताया है।

विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की परिसंपत्ति गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। वैश्विक ब्रोकरेज जैफरीज के अनुसार महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में दबाव के कारण अगले एक-दो तिमाहियों तक क्रेडिट लागत ऊंची बनी रह सकती है।

वहीं घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बढ़ते स्लिपेज और राइट-ऑफ यह संकेत देते हैं कि कई क्षेत्रों में सूखा जैसी परिस्थितियों का असर उधारकर्ताओं की भुगतान क्षमता पर पड़ा है। हालांकि संस्था का मानना है कि कुल मिलाकर कंपनी की एसेट क्वालिटी अभी भी अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है।

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “कंपनी के तिमाही नतीजे मिश्रित रहे। उच्च नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) और कम परिचालन खर्च के कारण प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (पीपीओपी) अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन अधिक क्रेडिट लागत के कारण अंतिम मुनाफा उम्मीदों के अनुरूप रहा। एयूएम में 17 प्रतिशत की सालाना वृद्धि भी अनुमान से बेहतर रही।”

इसी तरह, जेएम फाइनेंशियल ने भी शुरुआती डिफॉल्ट मामलों में बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय दबाव को प्रमुख चिंता बताया है। ब्रोकरेज के अनुसार, सूखा जैसी परिस्थितियों के कारण एसेट क्वालिटी संकेतकों में गिरावट देखने को मिल रही है, जो आने वाले समय में चुनौती बनी रह सकती है।

हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि हालिया इक्विटी निवेश और कंपनी की क्रेडिट रेटिंग का एएए स्तर तक सुधरना भविष्य में मार्जिन पर दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, श्रीराम फाइनेंस के शेयर में पिछले एक महीने के दौरान करीब 14 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। बीएसई पर शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,153.65 रुपए और न्यूनतम स्तर 710.40 रुपए दर्ज किया गया है। कंपनी के आउटलुक को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार2 minutes ago

कमजोर तिमाही नतीजों से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर लुढ़का, आईपीओ कीमत से 24 प्रतिशत नीचे पहुंचा

राजनीति24 minutes ago

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: अमरोहा जिले में पिछली बार भाजपा-सपा के बीच रहा बराबरी का मुकाबला, इस बार कौन भारी?

राष्ट्रीय समाचार56 minutes ago

केंद्र ने ‘रिलीफ’ योजना की अवधि बढ़ाई, खाड़ी क्षेत्र में निर्यात को मिलेगी सुरक्षा

व्यापार2 hours ago

ग्रोथ अनुमान घटाने से श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट, 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा स्टॉक

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 hours ago

ब्रिक्स संसदीय मंच से वैश्विक व्यवस्था को दिशा देने में संसद की भूमिका पर जोर, ओम बिरला ने बताई अहमियत

राजनीति4 hours ago

ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में जिलावार मांगी रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 hours ago

हूती ने रियाद हवाई अड्डे पर ‘सटीक’ हमले का दावा किया

राजनीति5 hours ago

सर्बिया संसदीय चुनाव: छात्र आंदोलन ने पलटी बाजी, अलेक्जेंडर वुसिच ने स्वीकारी हार

राजनीति5 hours ago

यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, कई घायल

अंतरराष्ट्रीय समाचार5 hours ago

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘डियर फ्रेंड’ लूला को ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर दी बधाई

बॉलीवुड4 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध2 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

राजनीति2 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल3 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

राजनीति4 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

व्यापार3 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन3 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

मनोरंजन4 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

मनोरंजन2 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

रुझान