राजनीति
हिमाचल के सीएम सुक्खू ने 58,444 करोड़ रुपये का बजट पेश किया; राजकोषीय घाटा 10,784 करोड़ रुपये
शिमला, 17 फरवरी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने शनिवार को कर्मचारियों के लिए चार प्रतिशत महंगाई भत्ते और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की योजना की घोषणा करते हुए 10,784 करोड़ रुपये (राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.75 प्रतिशत) के राजकोषीय घाटे के साथ 2024-25 के लिए 58,444 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
बजट का फोकस राज्य के मुख्य आधार कृषि, बागवानी और डेयरी क्षेत्रों को मजबूत करने पर था।
दैनिक वेतन 375 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है, आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 12 हजार रुपये मिलेगा।
विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को 2.10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.20 करोड़ रुपये कर दिया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक प्राथमिकताओं की सीमा 175 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 195 करोड़ रुपये और विधायक विवेकाधीन अनुदान 13 से 14 लाख रुपये कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल कर दी गई। “कुल 1,15,000 कर्मचारी पहले ही ओपीएस का विकल्प चुन चुके हैं। ओपीएस में आए सभी कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) सदस्यता प्राप्त हुई है। लगभग 5,000 कर्मचारी जो एनपीएस से ओपीएस में स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद ओपीएस के अनुसार वेतन और पेंशन आदेश (पीपीओ) जारी किए गए हैं।
वित्तीय विवेक के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए सुक्खू, जिन्होंने अपना दूसरा बजट पेश किया, ने कहा कि सरकार को पिछली सरकार से विरासत में मिली प्रतिकूल वित्तीय स्थिति “सभी को पता है”।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पिछली सरकार द्वारा किए गए वित्तीय कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची के कारण कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पिछले दिनों गलत नीतियों के कारण कर्ज के रूप में कुल देनदारियां बढ़कर 87,788 करोड़ रुपये हो गई हैं।
“कुल ऋण देनदारियां 2018 में 47,906 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023 में 76,651 करोड़ रुपये हो गई हैं। पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के अंत में सरकारी कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया था, जिसे पहले भी लागू किया जा सकता था।
“इस देरी के कारण, कर्मचारियों के संशोधित वेतन का बकाया बढ़ता गया और उनकी देनदारियाँ हमारी सरकार को सौंप दी गईं। लेकिन वर्तमान सरकार ने संसाधनों के अभाव में विकास की गति धीमी नहीं होने दी। सत्ता संभालते ही हमने कड़े फैसले लिए और अतिरिक्त संसाधन जुटाने के प्रयास शुरू कर दिए।
“राज्य उत्पाद शुल्क नीति में बदलाव के कारण, पिछले वर्ष की तुलना में 2023-24 में राज्य उत्पाद शुल्क में 359 करोड़ रुपये की वृद्धि की उम्मीद है। पिछले साल वैट के रूप में 1,370 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो 2023-24 के अंत तक 1,773 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य उत्पाद शुल्क और वैट को मिलाकर 22 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करने की उम्मीद है। अनुमान है कि ‘दूध उपकर’ के माध्यम से लगभग 116 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इस प्रकार जुटाए गए संसाधनों का उपयोग विकास और कल्याण के लिए किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री का अनुमान है कि 2023-24 के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2022-23 के दौरान यह 6.9 प्रतिशत होगी।
उन्होंने कहा कि 2023-24 के दौरान हिमाचल में प्रति व्यक्ति आय 2,35,199 रुपये अनुमानित है। 2023-24 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 2,07,430 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 680 करोड़ रुपये की ‘राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना’ के तीसरे घटक के रूप में एक नई योजना ‘राजीव गांधी जैविक खेती स्टार्ट-अप योजना’ की घोषणा की।
जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए पहले चरण में प्रत्येक पंचायत के 10 किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 36 हजार किसान इसे अपनाएंगे।
उन्होंने कहा कि जो किसान पहले से जैविक खेती कर रहे हैं उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। चूँकि किसान इस योजना से जुड़ रहे हैं और गेहूं के उत्पादन में यूरिया और उर्वरक की बजाय गाय के गोबर और मक्का में यूरिया का उपयोग कर रहे हैं, उनका अनाज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “बेरोजगार युवाओं को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रति परिवार अधिकतम 20 क्विंटल प्राकृतिक रूप से उगाया गया अनाज 40 रुपये प्रति किलोग्राम की एमएसपी पर और मक्का 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा।”
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि मिशन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में जलवायु के आधार पर उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसानों की आय में कम से कम समय में अधिक से अधिक वृद्धि हो सके।
बजट के अनुसार, प्रत्येक 100 रुपये के खर्च में से 25 रुपये वेतन पर, 17 रुपये पेंशन पर, 11 रुपये ब्याज भुगतान पर, 9 रुपये ऋण चुकौती पर, 10 रुपये स्वायत्त संस्थानों के लिए अनुदान पर होंगे, जबकि शेष 28 रुपये पूंजीगत कार्यों सहित अन्य गतिविधियों पर खर्च होंगे।
राजनीति
‘किसानों को परेशान किया तो होगी कार्रवाई’, जबरन वसूली पर ऋणदाताओं को शिंदे की चेतावनी

मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को सूक्ष्म वित्त संस्थानों, निजी साहूकारों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और बैंकों को सूखा प्रभावित किसानों से ऋण चुकाने के लिए दबाव डालने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार मानसिक उत्पीड़न या जबरन वसूली को बर्दाश्त नहीं करेगी, जिससे परेशान किसान चरम कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन किसान समुदाय के साथ मजबूती से खड़ा है।
मुंबई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने राज्य के जीरो टोलरेंस के रुख पर जोर दिया।
उन्होंने नांदेड़ में हाल ही में हुई आक्रामक ऋण वसूली की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे वह सूक्ष्म वित्त फर्म हो, वित्त कंपनी हो, बैंक हो या निजी साहूकार, किसान को परेशान करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को डराने-धमकाने या उन्हें दफ्तरों में हिरासत में लेने की कोशिश करने वाले वसूली एजेंटों या संस्थानों के खिलाफ सख्त आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।
शिंदे ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ चर्चा के बाद आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वसूली एजेंटों द्वारा निशाना बनाए जाने पर वे घबराएं नहीं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई आपको मुआवजा दिलाने के लिए दबाव डाले, तो डरें नहीं। तुरंत सरकारी अधिकारियों से संपर्क करें। राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में लगभग 1.5 करोड़ किसानों को राहत योजनाओं का लाभ मिलेगा।
शिंदे ने आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र किसान वंचित नहीं रहेगा। दिवाली से पहले घोषित 5,000 रुपए की नकद राहत राशि तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, साथ ही अतिरिक्त सरकारी सब्सिडी और रियायतें भी दी जाएंगी। स्थानीय प्रशासनों को पेयजल, पानी के टैंकरों और पशुओं के चारे की आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बांधों के गाद वाले किनारों पर चारे की खेती को बढ़ावा देने के लिए गारंटीकृत कीमतों और वित्तीय प्रोत्साहनों के साथ काम चल रहा है।
शिंदे ने हालिया राजनीतिक विवादों को लेकर विपक्ष पर भी पलटवार किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आलोचनात्मक टिप्पणियों की निंदा करते हुए शिंदे ने इन बयानों को बेहद निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की निम्न स्तरीय भाषा का प्रयोग करना अत्यंत निंदनीय है। मैंने कल भी इसकी निंदा की थी और आज भी कर रहा हूं।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के तीव्र विकास को लेकर विपक्षी नेता चिंतित हो रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जहां प्रधानमंत्री मोदी देश को एकजुट करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे तोड़ने का सपना देख रहे हैं। यह नेपाल, श्रीलंका या बांग्लादेश नहीं है—यह भारत है, एक नया और दृढ़ भारत।
राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली पुलिस ने गोकलपुरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

ARREST
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में एक रिहायशी इमारत में चल रही कथित अवैध पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि उनके पास से 880 तैयार पटाखे, 600 अधूरे पटाखे और 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर बरामद किया गया।
गोकलपुरी पुलिस स्टेशन की एक टीम ने 26 अक्टूबर को छापा मारा। उन्हें गोकलपुर गांव की गली नंबर 14 में एक घर की दूसरी मंजिल पर गैर-कानूनी पटाखा बनाने की फैक्ट्री चलने की जानकारी मिली थी।
पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान तीन लोगों को पकड़ा, जिनकी पहचान मोहित गोस्वामी (29), अरमान (24) और समीर (21) के तौर पर हुई, जिन पर पटाखों को गैर-कानूनी तरीके से बनाने और स्टोर करने का आरोप था। पुलिस के मुताबिक, तीनों के पास ऐसी गतिविधियों के लिए कोई वैलिड लाइसेंस या परमिट नहीं था।
जगह की तलाशी लेने पर पांच डिब्बे मिले, जिनमें 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे, 600 बिना तैयार पटाखे और 34 किलो संदिग्ध एक्सप्लोसिव पाउडर थे। पुलिस ने पटाखों के खाली शेल, एक फिलिंग मशीन, एक वजन तौलने की मशीन और बनाने के प्रोसेस में इस्तेमाल होने वाला पैकेजिंग मटीरियल भी जब्त किया।
बरामद की गई चीजों को तय प्रक्रिया के हिसाब से जब्त किया गया। पुलिस ने कहा कि रिहायशी इलाके में एक्सप्लोसिव चीजों को गैर-कानूनी तरीके से बनाना और स्टोर करना लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
रेड के बाद गोकलपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के सेक्शन 125, 223(बी), और 288 के साथ-साथ एक्सप्लोसिव्स एक्ट के सेक्शन 9बी(1) के तहत एफआईआर नंबर 286/26 दर्ज की गई। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों में से किसी का भी पहले कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
पुलिस उस घर की जांच कर रही है, जहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। उम्मीद है कि पुलिस पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले मटीरियल के सोर्स के साथ-साथ उनके डिस्ट्रीब्यूशन के इरादे की भी जांच करेगी। मामले की जांच आगे जारी रहेगी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ओम बिड़ला और थाईलैंड सीनेट अध्यक्ष की मुलाकात, व्यापार, पर्यटन और रक्षा सहयोग पर हुई चर्चा

नई दिल्ली । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंगलवार को नई दिल्ली में थाईलैंड की सीनेट के अध्यक्ष मोंगकोल सुरासज्जा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, रक्षा, आयुर्वेद और योग समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
बैठक में दोनों पक्षों ने संसदीय सहयोग को और मजबूत बनाने, एक-दूसरे के अनुभवों और अच्छी कार्यप्रणालियों को साझा करने तथा आतंकवाद-रोधी प्रयासों, आपदा प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया।
ओम बिड़ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, “थाईलैंड की सीनेट के अध्यक्ष मोंगकोल सुरासज्जा से मुलाकात कर खुशी हुई। भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों पर आधारित गहरी मित्रता की हमने फिर से पुष्टि की। हमने व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, रक्षा, आयुर्वेद और योग के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ हमारी साझेदारी को नई गति दे रही है।”
बिड़ला ने कहा, “हमने संसदीय सहयोग को और गहरा करने, अच्छी संसदीय प्रक्रियाओं को साझा करने तथा आतंकवाद-रोधी प्रयासों, आपदा प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय मामलों में मिलकर काम करने के अवसरों पर भी चर्चा की। इसमें ब्रिक्स के तहत सहयोग को बढ़ाने पर भी विचार हुआ, ताकि दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं और लोगों के कल्याण को आगे बढ़ाया जा सके।”
यह मुलाकात नई दिल्ली में संसद भवन स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित दो दिवसीय 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के दौरान हुई। सोमवार से शुरू हुए इस फोरम में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता शामिल हुए हैं। फोरम का उद्देश्य संसदीय सहयोग को मजबूत करना और जन-केंद्रित विकास को आगे बढ़ाना है।
मोंगकोल सुरासज्जा 25 अक्टूबर को 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे थे। उनके स्वागत में लोकसभा ने ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, “12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम 2026 में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे थाईलैंड की सीनेट के अध्यक्ष मोंगकोल सुरसज्जा का हार्दिक स्वागत है। 25 अक्टूबर को आईजीआई हवाई अड्डे पर सांसद संध्या राय और दिलीप सैकिया ने उनका स्वागत किया।”
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड4 weeks agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
