मनोरंजन
राम चरण ने पत्नी उपासना के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से की मुलाकात
ग्लोबल स्टार राम चरण और उनकी पत्नी उपासना मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय गए।
राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कुछ दिन पहले ही मुंबई आए और उन्होंने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। उनके स्वागत के लिए शिंदे के बेटे श्रीकांत भी मौजूद थे।
इस अवसर का मुख्य आकर्षण एक पारंपरिक तिलक समारोह और शिंदे की बहू वृषाली द्वारा की गई एक छोटी आरती थी, जो आने वाले परिवार के लिए पारंपरिक आतिथ्य का संकेत था।
इस मौके पर, राम चरण ने एक स्टाइलिश डेनिम शर्ट और ब्लैक पैंट पहनी हुई थी, वहीं उपासना ने साटन फ्लोरल कुर्ती कैरी की हुई थी।
इस यात्रा ने सकारात्मक संबंधों को बढ़ावा देने और समुदाय के कल्याण में योगदान देने के लिए जोड़े की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
मनोरंजन
वंशज सिंह ने ‘अलायंस’ से बाहर होने पर कहा-‘मुझे हार का कोई अफसोस नहीं, अभी बहुत आगे जाना है’

रियलिटी शो ‘अलायंस’ में नजर आए अभिनेता वंशज सिंह ने शो में अपने सफर और मुंबई में पहचान बनाने के लिए किए गए संघर्ष के बारे में खुलकर बात की। उनका कहना है कि उन्हें शो में हारने का दुख जरूर है, लेकिन इस हार को लेकर उनके मन में कोई पछतावा नहीं है। अभी आगे बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।
आईएएनएस से वंशज ने अपने प्रतिस्पर्धी स्वभाव के बारे में बात करते हुए कहा, ”मुझे हारना पसंद नहीं है। अगर आप किसी काम या प्रोजेक्ट का हिस्सा बनते हैं, तो उसे जीतने या सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देनी चाहिए। ‘अलायंस’ को लेकर भी मेरे मन में यही सोच थी। मुझे पूरा भरोसा था कि मैं शो के फाइनल तक जरूर जाऊंगा। मैंने शो में अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी तरफ से काफी योगदान भी दिया, लेकिन नतीजे मेरे पक्ष में नहीं रहे।”
उन्होंने कहा, ”शो का हर फैसला मेरे हाथ में नहीं था। इसी वजह से मैं अपनी हार को लेकर खुद को दोषी नहीं मानता। मुझे इस बात का कोई अफसोस नहीं है कि मैं शो नहीं जीत पाया। मेरे लिए यह सिर्फ एक पड़ाव था और अब मेरा ध्यान आगे बढ़ने पर है।”
वंशज ने कहा, ”मैं अभी अपनी किसी भी उपलब्धि से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं। मेरे लिए ‘अलायंस’ जीतना भी अंतिम लक्ष्य नहीं होता। अगर मैं शो जीत भी जाता, तब भी पूरी तरह संतुष्ट महसूस नहीं करता। मैं हमेशा अगली उपलब्धि और अगले लक्ष्य के बारे में सोचता रहता हूं। मैं लगातार बड़े सपने देखता हूं और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करता हूं।”
अपने बारे में बात करते हुए वंशज ने कहा, ”मैं दिन में ही नहीं, बल्कि सोते समय भी सपने देखता हूं। मेरे लिए सपने देखना बेहद जरूरी है और यही चीज मुझे आगे बढ़ने की ताकत देती है। मैं मानता हूं कि जिंदगी में सिर्फ एक उपलब्धि हासिल कर रुक जाना मेरे स्वभाव में नहीं है। मैं लगातार कुछ नया हासिल करना चाहता हूं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता रहता हूं।”
वंशज ने अपने मुंबई तक के सफर के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, ”मैं देहरादून से आता हूं और करीब चार साल पहले मुंबई पहुंचा था। मेरे लिए इस शहर में अपनी जगह बनाना बेहद मुश्किल था। इंडस्ट्री में मेरे कोई खास संपर्क नहीं थे और मैं किसी को नहीं जानता था। ऐसे में शुरुआत से खुद को स्थापित करना मेरे लिए बड़ी चुनौती थी।”
उन्होंने बताया कि मुंबई में पहचान धीरे-धीरे बनती है। पहले सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ते हैं, फिर ब्रांड्स के साथ काम करने के मौके मिलते हैं। इसके बाद कुछ जाने-पहचाने लोग आपको पहचानने लगते हैं। उनसे मुलाकात होती है और अगर साथ काम करने का मौका मिले तो वह भी मिलता है। इस तरह छोटे-छोटे कदमों के जरिए कलाकार अपनी पहचान बनाता है।
मनोरंजन
अर्जुन कपूर ने शेयर की लंदन डायरीज, जाह्नवी कपूर संग दिखी खास बॉन्डिंग

बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर ने सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से लंदन में बिताए गए पलों की झलकियां शेयर कीं।
अर्जुन कपूर ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए, जिसमें वे बहन जाह्नवी कपूर समेत कई लोगों के साथ नजर आ रहे हैं। पहली तस्वीर में अर्जुन को एक रेस्टोरेंट में बैठे देखा जा सकता है, जो प्लेटों और ड्रिंक्स से भरी एक टेबल के सामने पोज दे रहे हैं। अगली तस्वीर में एक्टर सूट में नजर आ रहे हैं, जबकि एक अन्य तस्वीर में वे बहन जाह्नवी कपूर के साथ पोज देते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। बाकी तस्वीरों में अभिनेता की लंदन डायरीज शामिल हैं।
अभिनेता ने पोस्ट शेयर कर लिखा, “लंदन की गर्मियों की एक पारी पूरा कर ली।”
अभिनेता की पोस्ट को फैंस द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। हालांकि, फैंस ये कयास भी लगा रहे हैं कि अभिनेता की ये पोस्ट लंदन के मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में इंडिया बनाम इंग्लैंड ओडीआई मैच के दौरान का है।
दरअसल, जान्हवी कपूर और अर्जुन कपूर को हाल ही में लंदन के मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में इंडिया बनाम इंग्लैंड ओडीआई देखने के लिए थे। दोनों ने शानदार फॉर्मल लुक में ट्विन किया, जिसमें जान्हवी ने एक रिच चॉकलेट-ब्राउन, डबल-ब्रेस्टेड ब्लेजर चुना। वहीं, अर्जुन कपूर ने गहरे नेवी-ब्लू शेड का सिंगल-ब्रेस्टेड सूट जैकेट पहना था।
अर्जुन और जान्हवी के बीच बहुत अच्छा रिश्ता है और उन्हें कई मौकों पर एक-दूसरे को सपोर्ट करते देखा गया है।
अर्जुन कपूर और जान्हवी कपूर सौतेले भाई-बहन हैं। फिल्ममेकर बोनी कपूर उनके पिता हैं। अर्जुन, बोनी कपूर और उनकी पहली पत्नी स्वर्गीय मोना शौरी कपूर के बेटे हैं, जबकि जान्हवी बोनी की दूसरी पत्नी दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की बेटी हैं।
2018 में जान्हवी की मां श्रीदेवी की मौत के बाद अर्जुन और जान्हवी का रिश्ता और मजबूत हो गया। हालांकि भाई-बहन अलग-अलग पले-बढ़े थे, लेकिन अर्जुन और उनकी बहन अंशुला कपूर मुश्किल समय में जान्हवी और खुशी के लिए एक अहम सपोर्ट बने।
मनोरंजन
जब सुनील शेट्टी ने खोला था एक्शन हीरो बनने का राज, बोले- ’75 प्रतिशत मेहनत और 25 प्रतिशत किस्मत का है खेल’

बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने 90 के दशक में एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और गंभीर भूमिकाओं से अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, एक्शन हीरो के तौर पर बनी उनकी छवि आज भी सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है। अपने एक पुराने इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने बताया था कि किसी कलाकार के लिए सफलता हासिल करना सिर्फ किस्मत की बात नहीं होती। इसके पीछे लगातार मेहनत, सीखने की इच्छा और अपनी गलतियों को सुधारने का जज्बा भी जरूरी है। उन्होंने कहा था कि इसमें 75 प्रतिशत मेहनत और 25 प्रतिशत किस्मत का योगदान है।
इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने कहा, ”75 प्रतिशत मेहनत, 25 प्रतिशत किस्मत जरूर है, लेकिन मैंने बहुत मेहनत की है। हमेशा सीखने की कोशिश की। आलोचनाओं को खुले दिल से स्वीकार किया है और यह समझने की कोशिश की है कि सामने वाला क्या कहना चाहता है। अपनी कमियों को दूर करने और अपनी खूबियों पर काम करने की कोशिश की।”
सुनील ने आगे कहा, ”एक अभिनेता के तौर पर मैं समझता हूं कि हर कलाकार में कुछ कमजोरियां और कुछ मजबूत पक्ष होते हैं। इसलिए मेरा ध्यान अपनी कमियों को धीरे-धीरे सुधारने और अपनी मजबूत बातों को दर्शकों के सामने बेहतर तरीके से पेश करने पर रहा।”
एक्शन हीरो बनने के सफर के बारे में सुनील शेट्टी ने दिलचस्प बात बताई। उन्होंने बताया कि एक्शन हीरो की छवि बनाना आसान नहीं था। इसके लिए उन्हें ऐसे स्टंट करने पड़े, जिनमें चोट लगने का खतरा रहता था। कई बार उन्हें इतना दर्द सहना पड़ा कि शरीर की हड्डियों तक इसका असर पड़ा।
सुनील शेट्टी ने कहा, ”एक्शन इमेज बनाने के लिए मैंने ऐसे एक्शन और स्टंट करें, जिनसे मेरी जान जा सकती थी, जिनसे मुझे चोट लगी और मेरे शरीर की हर हड्डी टूट गई। ये सब आसान नहीं था। उस दौर की एक्शन फिल्मों में कलाकारों के लिए स्टंट बहुत मुश्किल होते थे। मेरा मकसद सिर्फ स्टंट करना नहीं था, बल्कि पर्दे पर एक ऐसे एक्शन हीरो की छवि बनाना था, जिसे देखकर दर्शकों को यकीन हो कि वह किसी भी मुश्किल का सामना कर सकता है। मैं चाहता था कि दर्शक मेरे एक्शन को सच मानें।”
सुनील शेट्टी ने साल 1992 में ‘बलवान’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद ‘मोहरा’, ‘बॉर्डर’, ‘धड़कन’, ‘हेरा फेरी’, ‘मैं हूं ना’, ‘फिर हेरा फेरी’ और ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी कई फिल्मों में उन्होंने काम किया।
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