राजनीति
प्रियंका ने कहा, गाजा में 10 हजार लोग मारे गए, सरकारों का विनाश का समर्थन करना शर्म की बात
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष में 5,000 बच्चों सहित 10,000 लोगों की मौत पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर निशाना साधा और कहा कि किसी की अंतरात्मा को कोई झटका नहीं लगा है, जो नरसंहार का समर्थन कर रहे हैं।
एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, “कितना निंदनीय और अपमानजनक मील का पत्थर है…गाजा में 10,000 से अधिक लोग मारे गए, इनमें से लगभग आधे बच्चे हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार हर दस मिनट में एक बच्चा मारा जा रहा है।” अब छोटे बच्चों को ऑक्सीजन की कमी के कारण उनके इन्क्यूबेटरों से निकालना पड़ा और उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया गया।”
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “फिर भी, इस नरसंहार का समर्थन करने वालों की अंतरात्मा को कोई झटका नहीं, कोई युद्धविराम नहीं… बस अधिक बम, अधिक हिंसा, अधिक हत्याएं और अधिक पीड़ा। इस विनाश का समर्थन करने वाली सरकारों को शर्म आनी चाहिए।”
उनकी यह टिप्पणी गाजा में लगभग एक महीने पहले इजराइल द्वारा सैन्य आक्रमण शुरू करने के बाद से 10,000 से अधिक लोगों के मारे जाने के बाद आई है।
7 अक्टूबर को इस्लामी आतंकवादी समूह द्वारा हमला करने के बाद इज़राइल ने हमास के साथ युद्ध की घोषणा की।
राजनीति
तमिलनाडु: उपचुनावों में हार और गठबंधन के कमजोर होने के बावजूद डीएमके का वोट शेयर बरकरार

उपचुनाव में दोनों सीटें (मदुरंतकम और धारापुरम) हारने के बाद डीएमके की ओर से कहा गया कि उसने अपना वोट शेयर बनाए रखा है। कई पुराने सहयोगियों का साथ छोड़ देने के बाद भी उसके चुनावी समर्थन पर बहुत कम असर पड़ा है।
दोनों सीट पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही। मदुरंतकम में डीएमके ने अपनी स्थिति बेहतर की। विधानसभा चुनाव में पार्टी तीसरे नंबर पर थी। वहीं, मदुरंतकम में उसके वोट शेयर में एक प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा और धारापुरम में आधे प्रतिशत से कम की गिरावट आई है।
विधानसभा चुनाव में मदुरंतकम से मरगथम कुमारवेल और धारापुरम से सत्यभामा ने एआईएडीएमके के उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। अब उपचुनाव में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) उम्मीदवार के तौर पर दोनों ने जीत हासिल की है।
उपचुनाव में पांच पार्टियों के बीच मुकाबला था, लेकिन मुख्य लड़ाई सत्ताधारी टीवीके, डीएमके और एआईएडीएमके के बीच थी। नतीजों से समझा जा सकता है कि डीएमके के वोट शेयर में बहुत अंतर नहीं आया है, लेकिन उसका गठबंधन काफी कमजोर रहा।
कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची, एमडीएमके, सीपीआई (एम), सीपीआई और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जैसी पार्टियां डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग हो गईं थी। डीएमके छोटी पार्टियों (मनिथानेया जननायगा काची और मनिथानेया मक्कल काची) के गठबंधन के साथ मुकाबले में उतरी थी।
मदुरंतकम में, डीएमके उम्मीदवार अमुलु पोनमलार को आम चुनाव में 59,838 वोट मिले थे। उन्हें 30.18 प्रतिशत वोट शेयर मिला था, लेकिन वे तीसरे नंबर पर रही थीं। उपचुनाव में, पार्टी उम्मीदवार आई. परंथमन 29.15 प्रतिशत वोट शेयर के साथ दूसरे नंबर पर रहे। 1.03 प्रतिशत वोटों की कमी आई।
धारापुरम में, डीएमके की इंद्राणी को आम चुनाव में 64,373 वोट मिले थे और वे 32.20 प्रतिशत वोट शेयर के साथ दूसरे नंबर पर रही थीं। वहीं, उपचुनाव में उम्मीदवार सुकन्या भी दूसरे नंबर पर रहीं; उन्हें 57,370 वोट मिले और 31.78 प्रतिशत वोट शेयर हासिल हुआ। इस बार उनको 0.42 प्रतिशत कम वोट मिले।
चेन्नई के कोडंबक्कम में पत्रकारों से बात करते हुए, डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने इस नतीजे को “डीएमके की हार के बीच जीत” और “टीवीके की जीत के बीच हार” बताया।
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हिरासत में ममता बनर्जी, मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर कर रही थीं विरोध-प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ ने हिरासत में लिया है। वह मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं। टीएमसी के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने विरोध के तौर पर अपने मुंह पर बैंड-ऐड चिपका रखा था। सूत्रों के मुताबिक, यह उनकी आवाज दबाए जाने के खिलाफ सांकेतिक विरोध था।
इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनके बस में मौजूद होने के विजुअल्स भी सामने आए हैं। बस के अंदर ही उन्होंने महिषासुर मर्दिनी का पाठ किया। वे “जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी, जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी। अभया शक्ति बलप्रदायिनी तुमि जागो, जागो तुमि जागो” गाती नजर आईं।
यह प्रसिद्ध पंक्ति महिषासुर मर्दिनी के आगमन और देवी दुर्गा के जागरण के लिए की जाने वाली प्रार्थना से हैं। यह मूल रूप से बंगाली भाषा में है।
इसका हिंदी में अर्थ है – “जागो दुर्गा, जागो दस हाथों में अस्त्र धारण करने वाली। हे भयमुक्त करने वाली, शक्ति और बल प्रदान करने वाली, तुम जागो। जागो, तुम जागो।”
यह दुर्गा पूजा से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जिसे बंगाल में शक्ति और न्याय की प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
बता दें कि शनिवार सुबह ही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था, जब वे प्रदर्शन से पहले पहुंचे थे।
दिल्ली पुलिस के जवान आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद उस विमान के अंदर गए और तीनों को हिरासत में ले लिया। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि दिल्ली पुलिस की टीम फ्लाइट के अंदर आती दिख रही है और उन्हें सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ फ्लाइट से ही हिरासत में लिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिपके पुलिस से कहते हुए सुने गए, “मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं। मुझे गिरफ्तार करो।”
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कृष्णा जल विवाद पर 13 अक्टूबर को नायडू से मिल सकते हैं तमिलनाडु के सीएम विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 13 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से कृष्णा नदी के जल आपूर्ति, तमिलनाडु में बहने वाली नदियों पर प्रस्तावित बांधों और नदी अंतर्संबंधों पर चर्चा करने के लिए पहुंच सकते हैं।
यह प्रस्तावित बैठक तेलुगु गंगा परियोजना के तहत तमिलनाडु को प्राप्त जल की कमी के बीच हो रही है।
समझौते के मुताबिक, आंध्र प्रदेश को अंतरराज्यीय सीमा पर प्रतिवर्ष 12 हजार मिलियन घन फीट (टीएमसी) कृष्णा नदी का जल उपलब्ध कराना अनिवार्य है। हालांकि, तमिलनाडु को इस वर्ष 9 अक्टूबर तक केवल 2.251 टीएमसी ही प्राप्त हुआ था।
निर्धारित वार्षिक आपूर्ति और अब तक प्राप्त जल की मात्रा के बीच का अंतर चर्चा के दौरान एक प्रमुख मुद्दा रहने की संभावना है। विजय की यात्रा से दोनों सरकारों को जल निकासी की समीक्षा करने और वर्ष के शेष समय के लिए तमिलनाडु की आवश्यकताओं पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।
तमिलनाडु को निर्धारित वार्षिक मात्रा का पांचवां हिस्सा भी प्राप्त नहीं हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बकाया राशि 9.749 टीएमसी है, हालांकि वार्षिक आवंटन और 9 अक्टूबर तक प्राप्त राशि अलग-अलग अवधियों के लिए हैं।
कृष्णा नदी की जल आपूर्ति के अलावा विजय द्वारा तमिलनाडु में बहने वाली नदियों पर बांधों के निर्माण के आंध्र प्रदेश के कदमों का मुद्दा उठाने की भी संभावना है। चर्चा में इन परियोजनाओं के कारण निचले राज्यों में पहुंचने वाले जल पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
नदी अंतर्संबंध पर परामर्श के साथ-साथ इन प्रस्तावित संरचनाओं को लेकर तमिलनाडु की चिंताओं पर भी चर्चा की जाएगी। इन वार्ताओं में मौजूदा जल बंटवारे की व्यवस्थाओं और दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदियों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
खबरों के मुताबिक, विजय इस यात्रा के दौरान आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में दोनों सरकारों के बीच चर्चा के लिए निर्धारित जल संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान ये मामले दोनों राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व के समक्ष रखे जाएंगे, जिसमें तमिलनाडु कृष्णा नदी के जल की कमी और प्रस्तावित बांध निर्माण पर चर्चा करना चाहता है।
अब तक वार्षिक आवंटन का केवल एक हिस्सा ही प्राप्त हुआ है, इसलिए 13 अक्टूबर को होने वाली वार्ता में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि दोनों राज्य प्रत्यक्ष परामर्श के माध्यम से तमिलनाडु की जल संबंधी चिंताओं का समाधान कैसे कर सकते हैं।
किसी भी निर्णय या प्रतिबद्धता का विवरण इन बैठकों के परिणाम पर निर्भर करेगा, जिन्हें विजय की विजयवाड़ा यात्रा के हिस्से के रूप में बताया गया है।
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