राजनीति
गृह मंत्री अमित शाह ने पहली किश्त में 112 सहारा निवेशकों को ₹10,000 हस्तांतरित किए
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री, अमित शाह ने समर्पित पोर्टल के माध्यम से सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं को धन हस्तांतरण की शुरुआत की है। आज 112 लाभार्थियों को उनके बैंक खातों में 10000 रुपये प्राप्त हुए हैं, जल्द ही सभी निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल जाएगा, सहकारिता मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सभी के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय को आज इस दिशा में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों ने रिकॉर्ड समय में जमाकर्ताओं का जमा पैसा वापस दिलाने के लिए सराहनीय काम किया है। 18 जुलाई, 2023 को सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के लॉन्च के समय, यह जानकारी दी गई थी कि पोर्टल पर पंजीकरण के 45 दिनों के भीतर वास्तविक जमाकर्ताओं को राशि का भुगतान किया जाएगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति और सभी सरकारी एजेंसियों ने मिलकर रिकॉर्ड समय में सराहनीय कार्य किया है।
शाह ने कहा कि सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल पर लगभग 33 लाख निवेशकों ने पंजीकरण कराया है। पोर्टल को सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं द्वारा वैध दावे प्रस्तुत करने के लिए विकसित किया गया है, जैसे- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड। यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक सदस्यों और जमाकर्ताओं की वैध जमा राशि के भुगतान के लिए उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए, सहकारिता मंत्रालय ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया था। शीर्ष अदालत ने इस साल 29 मार्च को अपने आदेश में निर्देश दिया था कि वास्तविक जमाकर्ताओं के वैध बकाया के भुगतान के लिए “सहारा-सेबी रिफंड खाते” से 5,000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को हस्तांतरित किए जाएं। सहकारी समितियों का सहारा समूह।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंग से टकराया सुपरटैंकर, लगी आग : ईरान

होर्मुज के पास स्थित लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद मध्य एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि होर्मुज के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे एक सुपरटैंकर में दो समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद आग लग गई और जहाज को रोकना पड़ा। आईआरजीसी ने सोमवार को इसे लेकर बयान जारी किया।
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि टैंकर ने जलडमरूमध्य में आवाजाही के लिए जारी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया था। आईआरजीसी ने अन्य जहाजों को भी चेतावनी दी कि उसके निर्देशों की अनदेखी करने वाले जहाजों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
आईआरजीसी नौसेना ने अपने बयान में कहा, “होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले जहाजों का हश्र अलग नहीं होगा।” नौसेना ने कहा कि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही और नौवहन के लिए उसके द्वारा जारी नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
ईरान ने हाल के दिनों में होर्मुज से होकर होने वाले जहाजों के आवागमन पर काफी हद तक रोक लगा दी है। हालांकि, कुछ जहाज ओमान के तट के करीब से गुजरने वाले समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ मामलों में इन जहाजों को अमेरिका की मदद भी मिली है।
तेहरान इन वैकल्पिक मार्गों को लगातार ‘अनधिकृत’ और ‘अवैध’ बताता रहा है और जहाजों को इनका इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी देता रहा है।
आईआरजीसी ने शिपिंग कंपनियों को अमेरिका के खिलाफ भी चेतावनी दी। बयान में कहा गया कि कंपनियों को अमेरिकी सेना के उकसावे में नहीं आना चाहिए और अपने जहाजों तथा चालक दल की जान-माल को अनावश्यक खतरे में नहीं डालना चाहिए।
होर्मुज दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां समुद्री यातायात में किसी भी बड़े व्यवधान का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत और ब्राजील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का रखा लक्ष्य

भारत और ब्राजील ने अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प दोहराते हुए वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दोनों देशों ने दवा, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीनरी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर अधिक विविध, संतुलित और टिकाऊ व्यापारिक साझेदारी विकसित करने पर सहमति जताई है।
एक आधिकारिक बयान में सोमवार को कहा गया कि यह लक्ष्य ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र (टीएमएम) की 8वीं बैठक के दौरान सामने आया। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और ब्राजील के विकास, उद्योग, वाणिज्य एवं सेवाएं मंत्रालय की विदेश व्यापार सचिव तातियाना लासेर्दा प्राजेरेस ने की।
बैठक के दौरान राजेश अग्रवाल ने ब्राजील के विकास, उद्योग, वाणिज्य एवं सेवाएं मंत्री मार्सियो एलियास रोसा से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
बयान में आगे कहा गया है कि भारत और ब्राजील के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.07 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते कारोबारी संबंधों को दर्शाता है।
बैठक में भारत-मर्कोसुर व्यापार संबंधों को भी प्रमुखता से उठाया गया। दोनों पक्षों ने भारत-मर्कोसुर वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते के विस्तार और आधुनिकीकरण की संभावनाओं की समीक्षा की। वर्ष 2025 में भारत और मर्कोसुर देशों के बीच कुल व्यापार 20.84 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। इसे देखते हुए दोनों पक्षों ने समझौते से जुड़े संदर्भ दस्तावेजों को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई।
दवा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली। भारत ने ब्राजील से भारतीय दवा कंपनियों के लिए अधिक पूर्वानुमेय नियामकीय व्यवस्था और बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इससे भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों को ब्राजील जैसे बड़े बाजार में अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की चर्चाएं आगे बढ़ीं। विशेष रूप से विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए स्वास्थ्य और पादप स्वच्छता मानकों से जुड़े मुद्दों पर प्रगति हुई। दोनों देशों ने समयबद्ध तरीके से पारस्परिक बाजार पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
भारत और ब्राजील ने बहुपक्षीय मंचों पर भी अपने सहयोग को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। ब्रिक्स, जी-20 और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) जैसे मंचों पर दोनों देशों ने खुले, समावेशी और विकासोन्मुख वैश्विक व्यापार तंत्र के समर्थन में मिलकर काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान भारत-ब्राजील उच्च स्तरीय व्यापारिक स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में किर्लोस्कर समूह, यूपीएल और आदित्य बिड़ला समूह सहित 25 से अधिक भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
दोनों देशों ने नई दिल्ली में एपेक्सब्रासिल कार्यालय की स्थापना का भी स्वागत किया। इस पहल से भारत और ब्राजील के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ेगा तथा ब्राजील से भारत में निवेश प्रवाह को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के नेतृत्व में मजबूत हो रहे राजनीतिक और आर्थिक संबंधों की पृष्ठभूमि में आयोजित हुई। दोनों देशों ने इस अवसर पर अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्रीय समाचार
ओडिशा में अगले 48 घंटे बेहद भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल राहत

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ओडिशा में अगले 48 घंटों के दौरान बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पश्चिम बंगाल और हिमालयी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने के अनुमान हैं।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को फिलहाल भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है और इस दौरान भारी बारिश की संभावनाएं नहीं है।
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बातचीत में देश में मौजूदा मौसम की स्थिति को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस समय ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। खास तौर पर ओडिशा में अगले 48 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत के अलावा हिमालयी क्षेत्रों में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
डॉ. नरेश कुमार ने विशेष रूप से उत्तराखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमालयी इलाकों में अगले छह से सात दिनों तक अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में लंबे समय तक भारी बारिश होने से भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
वहीं, दिल्ली-एनसीआर के लिए फिलहाल स्थिति अपेक्षाकृत राहत भरी रहने की उम्मीद है। डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगले दो से तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है।
डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि ओडिशा में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल में भी मौसम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आईएमडी ने राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
अलीपुर मौसम विभाग के मौसम विज्ञानी सौरिश बंद्योपाध्याय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और इसके प्रभाव से कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को बहुत ज्यादा बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
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