अपराध
चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
महाराष्ट्र के पालघर से बड़ी खबर आ रही है. जयपुर-मुंबई पैसेंजर ट्रेन में हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई है. यह ट्रेन गुजरात से मुम्बई आ रही थी. मरने वालों में एक RPF का ASI सहित 3 यात्री शामिल हैं. RPF के कॉन्स्टेबल चेतन ने ही सबको गोलिया मारी हैं. गोलीबारी की यह घटना वापी से बोरीवलीमीरा रोड स्टेशन के बीच हुई. मीरा रोड बोरीवली के बीच GRP मुम्बई के जवानों ने आरोपी कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद आरोपी को बोरीवली पुलिस स्टेशन में लाया गया.
जब जवान ने अचानक शुरू कर दी फायरिंग
घटना जयपुर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12956) के कोच नंबर बी 5 में हुई है. यह घटना आज सुबह 5.23 बजे घटी. आरपीएफ का जवान और एएसआई दोनों ट्रेन में सफर कर रहे थे. इसी दौरान कांस्टेबल चेतन ने एएसआई टीकाराम पर अचानक गोली चला दी, जिससे सफर कर रहे यात्रियों में हडकंप मच गया. डीसीपी वेस्टर्न रेलवे, मुंबई के संदीप वी. ने ‘आज तक’ से बात करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. लेकिन सवाल उठ रहा है कि अगर उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी तो फिर उसे ड्यूटी पर क्यों तैनात किया गया था?
पुलिस के बयान के मुताबिक, ‘31.7.23 को सुबह 5.23 बजे ट्रेन संख्या 12956 जयपुर एस में सूचना मिली कि बी 5 में गोली चली है. पता चला कि एस्कॉर्ट ड्यूटी में सीटी चेतन ने एस्कॉर्ट प्रभारी एएसआई टीका राम पर गोली चलाई है. ट्रेन बोरिवली रेलवे स्टेशन (बीवीआई) पहुंच गई है और अग्रिम सूचना के अनुसार एएसआई के अलावा 3 नागरिकों के हताहत होने की भी सूचना है. सीनियर डीएससी बीसीटी साइट पर आ रहे हैं. उक्त सिपाही को पकड़ लिया गया है. डीसीपी नॉर्थ जीआरपी को सूचना दे दी गई है. विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है.’
बोरीवली रेलवे स्टेशन से चारों शवों (एएसआई और तीन यात्री) को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया जाएगा. फिलहाल सभी शव बोरीवली रेलवे स्टेशन पर रखे हुए हैं.
पुलिस यात्रियों से भी कर रही है पूछताछ
यह पता नहीं चल सका है कि आरोपी की मंशा क्या थी और क्यों उसने यह गोली क्यों चलाई. गनीमत ये रही कि इस गोलीबारी में और अधिक यात्री हताहत नहीं हुए. जैसे ही चलती ट्रेन में गोलीबारी हुई ट्रेन में हड़कंप मच गया. फिलहाल पुलिस ट्रेन के यात्रियों के बयान भी दर्ज कर रही है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
रेलवे का बयान
पश्चिमी रेलवे ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है, ‘पालघर स्टेशन पार करने के बाद एक आरपीएफ कांस्टेबल ने चलती जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के अंदर गोलीबारी कर दी. उसने एक आरपीएफ एएसआई और तीन अन्य यात्रियों को गोली मार दी और दहिसर स्टेशन के पास ट्रेन से बाहर कूद गया. आरोपी सिपाही को हथियार समेत हिरासत में लिया गया है. अधिक विवरण की प्रतीक्षा है.’
अपराध
झारखंड की मुखर आदिवासी नेत्री निशा भगत ने फेसबुक लाइव के दौरान लगाई फांसी, इलाज के दौरान मौत

झारखंड में आदिवासी अधिकारों और सरना धर्म के मुद्दों पर मुखर रहने वाली रांची के पिठोरिया निवासी आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत हो गई है। उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पर लाइव आने के दौरान कथित तौर पर फांसी लगा ली। गंभीर हालत में उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना से पहले निशा भगत ने फेसबुक पर लाइव वीडियो बनाया था, जो अब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह काफी भावुक और परेशान नजर आ रही हैं। उन्होंने जमीन माफिया के खिलाफ अपने संघर्ष, खुद को बदनाम किए जाने और व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, फांसी लगाने से पहले निशा भगत ने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन किया था। फेसबुक लाइव में उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई नहीं है और वह लंबे समय से अकेले संघर्ष कर रही हैं।
उन्होंने अपने माता-पिता को होने वाले दुख का भी जिक्र किया। खुद को दलाल बताए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने सरना और सनातन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के कारण पैदा हुई परिस्थितियों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों और घटना के पीछे के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निशा भगत की पहचान आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली एक मुखर नेत्री के रूप में रही हैं।
वह सरना धर्म और आदिवासी पहचान से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रही थीं। पिछले वर्ष सरना धर्म के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपना सिर भी मुंडवाया था। उनके इस कदम की उस समय काफी चर्चा हुई थी।
उन्होंने 2024 में गुमला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था। निशा भगत की मौत से आदिवासी सामाजिक और राजनीतिक हलकों में शोक है। उनके फेसबुक लाइव में उठाए गए मुद्दों और घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अपराध
बेंगलुरु : सात परिजनों की हत्या में नाबालिग लड़की की भूमिका की जांच, पुलिस कर रही पूछताछ

बेंगलुरु पुलिस कैब चालक इंदुशेखर की नाबालिग बेटी की कथित भूमिका की जांच कर रही है। उस पर आरोप है कि उसने अपनी मां के परिवार के सात सदस्यों की हत्या में अपने पिता की मदद की। पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इंदुशेखर ने कथित तौर पर अपनी बेटी को इस अपराध में शामिल होने के लिए कैसे तैयार किया।
पुलिस नाबालिग से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे हत्याओं में शामिल होने के लिए कैसे राजी किया गया और पीड़ितों को आरोपी तक पहुंचाने में उसकी क्या भूमिका रही।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि इतने गंभीर अपराध में एक नाबालिग की कथित संलिप्तता चिंता का विषय है और जांचकर्ता हर पहलू की जांच कर रहे हैं।
पुलिस आयुक्त ने कहा, “आरोपी की एक नाबालिग बेटी है। कई व्यक्तिगत और अन्य कारणों की जांच की जानी है। हमें समय चाहिए और अपराध में उसकी मदद करने वालों से पूछताछ की जा रही है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आरोपी ने कथित तौर पर नाबालिग बेटी की मदद से यह अपराध किया। यह गंभीर मामला है, क्योंकि वह नाबालिग है। हम जांच कर रहे हैं कि उसका ब्रेनवॉश कैसे किया गया, उसे कैसे राजी किया गया और उससे मदद कैसे ली गई।”
पुलिस के अनुसार, इंदुशेखर ने सबसे पहले अपनी 40 वर्षीय पत्नी सुनीता की हत्या की। इसके बाद उसने अपनी 65 वर्षीय सास रूपावती को मार डाला। फिर उसने अपने 30 वर्षीय साले शिवकुमार, उनकी पत्नी दिव्या और उनके सात वर्षीय बेटे पुनीत की हत्या कर दी। आखिरी शिकार उसके दूसरे साले 40 वर्षीय शंकर और उनकी पत्नी नलिनी बने। उनका 10 वर्षीय बेटा जीवित बच गया।
पुलिस हत्या के मकसद, वारदात की जगह और घटनाक्रम सहित कई पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी के बयान के अनुसार, हत्याएं 15 से 20 दिनों की अवधि में की गईं और ये एक ही घटना में नहीं हुईं। हालांकि, पुलिस उसके दावों की पुष्टि कर रही है।
पुलिस आयुक्त ने कहा, “हम यह जांच कर रहे हैं कि हत्याएं घर में की गईं या कहीं और। आरोपी ने सभी पीड़ितों को बुलाया था और अपराध एक साथ नहीं हुआ। उसके बयान के अनुसार, घटनाएं 15 से 20 दिनों में हुईं। इन सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। सत्यापन पूरा होने के बाद हम और जानकारी साझा करेंगे।”
पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की को मामले में दूसरा आरोपी माना जा रहा है और उसने कथित तौर पर सभी हत्याएं होते हुए देखी थीं। आरोप है कि पत्नी की हत्या करने और शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपी ने अपनी बेटी के साथ मिलकर अन्य परिजनों को एक-एक करके घर बुलाया और उनकी हत्या कर दी। बाद में शवों को बोरियों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया।
इस बीच, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या श्रीरामपुरा में करीब 2.5 करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद इन हत्याओं का कारण था। जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए हत्याओं की योजना बना सकता था, क्योंकि संपत्ति कथित तौर पर पीड़ितों के नाम पर थी।
रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, इंदुशेखर ने कथित तौर पर किसी बहाने से अपनी सास के हस्ताक्षर छह स्टांप पेपर पर करवा लिए थे। उसकी पत्नी को यह बात अपनी मां से पता चली और उसने इस पर आपत्ति जताई। उसने कथित तौर पर सभी स्टांप पेपर वापस ले लिए थे। पुलिस को शक है कि इसी वजह से आरोपी के मन में पत्नी और उसके परिवार के प्रति नाराजगी पैदा हुई।
पुलिस के अनुसार, पहली हत्या 16 अक्टूबर को की गई थी। आरोपी ने कथित तौर पर शवों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर ठिकाने लगाया और इसके लिए अपनी कार का इस्तेमाल किया। जांचकर्ताओं को ऐसे सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें आरोपी कथित रूप से शवों को वाहन में ले जाता दिखाई दे रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर दावा किया कि उसकी पत्नी उसे अक्सर निकम्मा कहकर ताना मारती थी, जिससे वह मानसिक तनाव में रहता था। पुलिस इस दावे और संपत्ति विवाद दोनों की जांच कर रही है, ताकि हत्या के असली मकसद का पता लगाया जा सके।
आरोप है कि 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच आरोपी ने रिश्तेदारों को संदेश भेजकर यह जताने की कोशिश की कि परिवार कहीं घूमने गया हुआ है। मामला तब सामने आया, जब नलिनी की मां ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन ट्रैक किया और पाया कि वह लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा रहा था। लापता परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन भी उसी के साथ लोकेशन दिखा रहे थे, जिससे शुरुआत में लगा कि सभी लोग साथ यात्रा कर रहे हैं। बाद में इसी से पुलिस को शक हुआ और आरोपी से पूछताछ शुरू की गई।
इसके बाद पुलिस इंदुशेखर को चिक्कबल्लापुर जिले के नंदी हिल्स इलाके में महाजर और तलाशी अभियान के लिए ले गई। वहां से सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद किया गया, जबकि अन्य शवों की तलाश जारी है।
अपराध
2.65 लाख रुपये की भारतीय नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने नकली करेंसी सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पहाड़गंज थाना पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते 2.65 लाख की नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36) और सतीश कुमार (20) के रूप में हुई। उन्हें पहाड़गंज के नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। इनके पास से 2,65,100 रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामद की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे नकली करेंसी बेचने के लिए दिल्ली आए थे और ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। उनकी योजना 1 लाख रुपये की नकली करेंसी को 25,000 से 30,000 रुपये की असली करेंसी के बदले बेचने की थी। हालांकि, पकड़े जाने से पहले कोई ग्राहक तय नहीं हो पाया था।
इनमें से एक आरोपी पहले भी नकली करेंसी से जुड़े एक मामले में शामिल रहा है, जो 2023 में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दर्ज किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि उन्हें यह नकली करेंसी ‘एस’ नाम के एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी।
पुलिस ने बताया कि कथित सप्लायर की पहचान करने, नकली मुद्रा के स्रोत का पता लगाने और इसकी आपूर्ति व प्रचलन में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच चल रही है। इस मामले में दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच कराई गई है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर के थाना नॉलेज पार्क की पुलिस ने जाली भारतीय करेंसी के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के कुल 920 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये थी।
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को थाना नॉलेज पार्क की टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ग्राम कोंडली पुस्ता के पास से अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
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