राजनीति
एनसीपी नेता नवाब मलिक की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट एक मई को सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक की जमानत याचिका पर एक मई को सुनवाई करने पर सहमत हो गया। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ मेडिकल आधार पर जमानत मांग रहे हैं। मलिक की ओर से पेश सिब्बल ने कहा कि उनकी एक किडनी पहले ही फेल हो चुकी है और दूसरी खराब हो रही है। सीजेआई ने तब 1 मई को सुनवाई के लिए जमानत याचिका सूचीबद्ध की। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मार्च 2022 में मलिक को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था, भगोड़े अंडरवर्ल्ड दाऊद इब्राहिम और उसकी बहन हसीना पारकर से उसके कथित संबंध को लेकर। . उसे गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें कथित रूप से 23 फरवरी को सुबह 7 बजे उनके आवास से उठाया गया था। आठ घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद, मलिक को गिरफ्तार किया गया और आठ दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पहले 30 नवंबर को विशेष न्यायाधीश आर.एन. महाराष्ट्र में रोकाडे ने उन्हें इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया था कि प्रथम दृष्टया इस बात का संकेत मिलता है कि दाऊद की बहन हसीना पारकर, उसके ड्राइवर सलीम पटेल और मलिक ने मुनीरा प्लंबर और उसकी मां मरियम के स्वामित्व वाली प्रमुख भूमि को हड़पने की साजिश रची थी। गोवावाला। हालांकि मलिक को अनुसूचित अपराध में नामित नहीं किया गया था, लेकिन फिर भी, हर प्रक्रिया या गतिविधि, मनी लॉन्ड्रिंग की परिभाषा के दायरे में आती है, ट्रायल कोर्ट ने देखा था। राकांपा नेता ने उच्च न्यायालय के समक्ष इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि गवाह मुनीरा प्लम्बर के बयान में खामियां पाए जाने के बावजूद विशेष अदालत ने उनकी जमानत खारिज कर दी और यहां तक कि उनकी गंभीर चिकित्सा स्थिति को भी नजरअंदाज कर दिया। इससे पहले उन्होंने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था। विशेष पीएमएलए कोर्ट द्वारा इस साल मई में चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 के तहत नियमित जमानत के लिए आवेदन किया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
‘विकसित भारत 2047’ और ‘फ्रांस 2030’ नवाचार संबंधों के लिए समान अवसर प्रदान करते हैं: सरकार

सरकार ने सोमवार को कहा कि भारत का ‘विकसित भारत 2047’ विजन और फ्रांस की ‘फ्रांस 2030’ महत्वाकांक्षा भविष्य उन्मुख नवाचार साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई समान अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उभरती और परिवर्तनकारी तकनीकों में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत और फ्रांस ने इसी उद्देश्य से इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने पर सहमति जताई है। यह रोडमैप महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के सह-विकास, भरोसेमंद तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करने, शिक्षा एवं शोध क्षेत्र में गतिशीलता बढ़ाने और लोगों, पर्यावरण तथा साझा समृद्धि के लिए ठोस परिणाम देने की दिशा में दोनों देशों के सहयोग का मार्गदर्शन करेगा।
दोनों देशों ने माना है कि नवाचार आर्थिक मजबूती, सतत विकास, रणनीतिक स्वायत्तता तथा तकनीकी और औद्योगिक संप्रभुता का प्रमुख आधार है।
बयान के अनुसार, भारत और फ्रांस का मानना है कि मजबूत नवाचार साझेदारी दोनों देशों की पूरी नवाचार क्षमता को सामने लाने में मदद करेगी और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फरवरी 2025 में जारी भारत-फ्रांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) घोषणा और 2025 व 2026 में क्रमशः फ्रांस और भारत द्वारा आयोजित एआई एक्शन एवं इम्पैक्ट समिट के आधार पर दोनों देशों ने ‘ट्रस्टेड एआई’ को अपनी नवाचार साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ बनाने पर सहमति जताई है।
बयान में कहा गया है कि दोनों देश सुरक्षित, संरक्षित और भरोसेमंद एआई सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। ऐसे एआई सिस्टम लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के अनुरूप होंगे, भेदभाव और गलत सूचना के प्रसार को रोकेंगे तथा सतत विकास के 2030 एजेंडा को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
भारत और फ्रांस एआई गवर्नेंस के लिए जोखिम-आधारित और एक-दूसरे के अनुरूप नियम विकसित करने हेतु नियामक संस्थाओं, मानक निर्धारण निकायों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे।
इसमें उन्नत और जनरेटिव एआई मॉडल भी शामिल होंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नवाचार और राष्ट्रीय विकास की गति प्रभावित न हो।
दोनों देशों ने माना है कि एआई-आधारित सेवाएं डिजिटल वातावरण में विशेष रूप से बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं।
इसी को देखते हुए भारत और फ्रांस ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को अपनी एआई साझेदारी की प्राथमिकता बनाने और इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
भारत और फ्रांस ने यह भी स्वीकार किया है कि गोपनीयता-सुरक्षित डेटा साझा करने की व्यवस्था एआई और डेटा-आधारित नवाचार की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, साथ ही इससे लोगों के मूलभूत अधिकारों की भी रक्षा होगी।
होराइजन 2047 फ्रेमवर्क के साझा उद्देश्यों के तहत दोनों देशों ने माना है कि एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा, शोध साझेदारी, प्रतिभा की आवाजाही और संस्थागत सहयोग भविष्य की पीढ़ियों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
बयान में कहा गया कि इस संदर्भ में दोनों पक्ष फ्रांस के 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों का स्वागत करने के लक्ष्य के महत्व को स्वीकार करते हैं और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
भारत और फ्रांस के कई शैक्षणिक संस्थानों ने छात्र आदान-प्रदान और संयुक्त शोध कार्यक्रमों के माध्यम से अकादमिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
दोनों देशों ने यह भी माना है कि लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) नवाचार, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए भारत और फ्रांस ने अपने-अपने एसएमई इकोसिस्टम के बीच और अधिक संवाद एवं सहयोग के अवसर तलाशने की मंशा जताई है।
राष्ट्रीय समाचार
‘स्कूल-नौकरी के बदले पैसे’ मामले में पूछताछ के लिए अभिषेक बनर्जी आज ईडी के सामने पेश होंगे

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार को कोलकाता के बाहरी इलाके में स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साल्टलेक स्थित दफ्तर में पेश होंगे। उन्हें पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के ‘स्कूल-नौकरी के बदले पैसे’ (कैश-फॉर-जॉब) मामले में केंद्रीय एजेंसी की चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
ईडी अधिकारियों ने 3 जून को अभिषेक बनर्जी को अभिषेक को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, जिसमें उन्हें 15 जून को दोपहर 12 बजे तक ईडी के साल्टलेक स्थित दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया था। अभिषेक पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं।
दरअसल, स्कूल-नौकरी मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर चार्जशीट में अभिषेक का नाम शामिल था। हालांकि, उन्हें वहां आरोपी नहीं बनाया गया था। इस मामले में ईडी की जांच के दौरान दायर चार्जशीट में भी उनका नाम आया था।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक को उनकी संलिप्तता के बारे में जांच को किसी तार्किक नतीजे तक पहुंचाने के लिए फिर से ईडी दफ्तर बुलाया गया है। उस दिन उनका बयान दर्ज किया जाएगा।
स्कूल-नौकरी मामले में ईडी दफ्तर में अभिषेक की यह पेशी रविवार को पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा उनसे साढ़े आठ घंटे तक की गई लंबी पूछताछ के ठीक एक दिन बाद हो रही है। सीआईडी की यह पूछताछ विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित कुछ अहम पदों पर नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर कुछ तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियों के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में थी।
इसके अलावा, 16 जून यानी मंगलवार को उन्हें दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश होना होगा। यह पूछताछ उनके खिलाफ दर्ज एक एफआईआर के सिलसिले में होगी, जिसमें उन पर राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से पहले हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने का आरोप लगाया गया था।
सीआईडी अधिकारियों ने इस मामले में उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस भेजा था। अभिषेक बनर्जी पहले ही कह चुके थे कि वे किसी भी मामले में किसी भी जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे, जैसा कि वे हमेशा करते आए हैं।
राष्ट्रीय समाचार
केरल में निपाह वायरस का कोई नया मामला नहीं, अब तक 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव

केरल में निपाह का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि 11 परीक्षण नेगेटिव आए हैं। वर्तमान में, संपर्क सूची में 100 लोग हैं। इनमें से 44 स्वास्थ्यकर्मी हैं। अब तक किए गए 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव आए हैं। केवल एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार केरल में 1 जनवरी से अब तक शिगेला के 135 मामले सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले कोझिकोड में दर्ज किए गए हैं, जहां 135 में से 68 मामले हैं। अब तक 3 मौतें हुई हैं। पहली मौत मार्च में हुई थी। दूसरी मौत कोझिकोड में एक बच्चे की हुई और तीसरी एक 59 वर्षीय महिला की।
चार बच्चे आईसीयू में हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है, लेकिन उन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं। हमने स्कूलों के कुओं की जांच के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले केरल में निपाह वायरस के खतरे के बीच वायनाड में शिगेला बैक्टीरिया का भी प्रकोप जारी है। शिगेला के नए मामले दूसरे जिलों से सामने आने लगे हैं। इन खतरों से निपटने के लिए अधिकारियों ने पूरे राज्य में निगरानी और बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को कहा कि हालात काबू में हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। केरल में निपाह का एक नया संदिग्ध मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने वहां की स्थिति पर बारीकी से नजर रखना शुरू कर दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि राज्य में हो रही गतिविधियों पर ध्यान रखा जा रहा है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर जरूरी मदद दी गई है।
संदिग्ध मरीज़ों और उनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल विस्तृत जांच के लिए इमरजेंसी आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे, भेजे गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि संक्रमण की गंभीरता और वायरस के स्रोत के बारे में साफ जानकारी आधिकारिक टेस्ट के नतीजे आने के बाद ही मिल पाएगी। जल्द से जल्द रिपोर्ट आ सके, इसके लिए कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार ने राज्य को निपाह से बचाव के तय प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय रोकथाम के उपायों की समीक्षा के लिए केरल स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर तकनीकी मदद और विशेषज्ञों का सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें।
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