Connect with us
Thursday,13-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

Published

on

imran-khan-...3

पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को इस्लामाबाद में तोशखाना मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ एक और गैर-जमानती वारंट जारी किया। इस्लामाबाद पुलिस को उक्त “आरोपी” को गिरफ्तार करने और 18 मार्च को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है।
अदालत ने इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट को 16 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया था। खान के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी और इस्लामाबाद पुलिस अधिकारियों को पिछले साल एक सार्वजनिक रैली के दौरान धमकी देने के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।

इमरान खान के आवास के बाहर भारी सुरक्षा
पुलिस ने कंटेनर लगाकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष के घर की ओर जाने वाली सभी सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और ऑपरेशन शुरू करने के लिए दंगा कर्मियों ने स्थिति संभाली। पुलिस कार्रवाई का विरोध करने के लिए 70 वर्षीय नेता के आवास के बाहर क्लबों से लैस बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। पीटीआई के वरिष्ठ नेता फारुख हबीब ने संवाददाताओं से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए इमरान खान फर्जी मामलों में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। हबीब ने कहा, “महिला न्यायाधीश को धमकाने से संबंधित मामले में गिरफ्तारी वारंट को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने आज निलंबित कर दिया। देखते हैं कि पुलिस अब क्या नया वारंट लेकर आई है।” इस्लामाबाद पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि तोशखाना मामले में खान को गिरफ्तार करने के लिए उनकी टीम यहां आई है। अगर पूर्व खान खान को गिरफ्तार करने के लिए आगे बढ़ता है तो पुलिस और पीटीआई कार्यकर्ताओं के बीच टकराव आसन्न लगता है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल: पांच महीने बाद स्वदेश लौटे पूर्व पीएम देउबा

Published

on

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा गुरुवार को स्वदेश लौटे। काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। पांच महीने पहले वे सिंगापुर में “मेडिकल चेक-अप” कराने गए थे।

थाईलैंड के रास्ते एयरपोर्ट पहुंचने पर पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों में शामिल तत्कालीन कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड़का, कृष्ण प्रसाद सितौला, प्रकाश मान सिंह, बिमलेंद्र निधि और प्रकाश शरण महत समेत कई नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

समर्थकों ने देउबा के समर्थन में नारे लगाए। जनवरी में विवादित विशेष आम अधिवेशन के जरिए उन्हें पार्टी नेतृत्व पद से हटा दिया था।

देउबा 25 फरवरी को देश छोड़कर सिंगापुर चले गए थे। खबरों के अनुसार वो “मेडिकल चेक-अप” के लिए गए थे, और महीनों तक विदेश में रहे क्योंकि पिछले साल सितंबर में जेन-जी आंदोलन के दौरान उनके घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया था। इस दौरान भारी मात्रा में कैश जलाया गया था। इसके बाद से ही उन पर मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोप में जांच रही है।

नेपाली अधिकारियों ने चल रही जांच के तहत पहले ही उनके एसेट्स और बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के कुछ दिनों बाद, मनी लॉन्ड्रिंग इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के अनुरोध पर देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए गए थे।

नेपाली सरकार ने इंटरपोल के जरिए उनके नाम पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की नाकाम कोशिश की थी।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई को गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया था। इसके बाद ही शायद देउबा ने घर लौटने का फैसला किया।

उनकी वापसी ऐसे समय में हुई है जब उनकी पार्टी में संभावित फूट पड़ सकती है, और उनका गुट शुक्रवार को काठमांडू में कैडर की एक राष्ट्रीय सभा करने की घोषणा कर चुका है।

पार्टी के पूर्व महासचिव शशांक कोइराला अलग बैठक करने की कोशिशों में जुटे हैं। इस गुट को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट विशेष आम अधिवेशन को अमान्य कर देगा। उस अधिवेशन में गगन थापा को पार्टी की नई केंद्रीय समिति का अध्यक्ष चुना गया था।

हालांकि इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने विशेष आम अधिवेशन को मान्यता दे दी थी, जिससे इस पुरानी पार्टी को थापा के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई थी।

इसके बाद 5 मार्च के चुनावों में पार्टी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा, जिससे देउबा गुट ने थापा के नेतृत्व की कड़ी आलोचना की थी।

इस गुट ने सुप्रीम कोर्ट के 17 अप्रैल के फैसले की समीक्षा की अपील की थी। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन को मंजूरी दे दी, और केस को तीन जजों की बेंच के सामने नई सुनवाई के लिए वापस भेज दिया। नई सुनवाई का नतीजा ही पार्टी का भविष्य तय करेगा।

हालांकि उनकी वापसी से उनके गुट में जोश आ सकता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार उनके और उनकी पत्नी, पूर्व विदेश मंत्री आरजू देउबा, जो उनके साथ विदेश गई थीं, के खिलाफ कैसा बर्ताव करेगी।

उनकी पत्नी और बेटा, जयबीर स्वदेश नहीं लौटे हैं। देउबा और उनकी पत्नी, जिन्हें पिछले साल जेन-जी आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बुरी तरह पीटा था, मेडिकल इलाज का हवाला देकर देश छोड़कर चले गए थे लेकिन उनके इतने लंबे समय तक विदेश में रहने का कारण साफ नहीं हुआ।

इस जोड़े ने विदेश में अपनी यात्राओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से नहीं दी है, न ही उन्होंने यह बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री किन बीमारियों का इलाज करा रहे थे।

इस दौरान, माना जाता है कि वे सिंगापुर से हांगकांग चले गए थे। देउबा परिवार के हांगकांग में घूमते हुए वीडियो समय-समय पर सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, हालांकि जोड़े ने कभी भी ये साफतौर पर नहीं माना कि वो हांगकांग में थे।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप का बड़ा संकेत, मतदाता पहचान के लिए लगा सकते हैं राष्ट्रीय आपातकाल

Published

on

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि वह अमेरिका के मध्यावधि चुनावों से पहले मतदाता पहचान और नागरिकता सत्यापन को अनिवार्य बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा आपातकाल घोषित करने की संभावना पर विचार कर सकते हैं।

ट्रंप ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके इस बयान ने चुनावी नियमों, मतदाता अधिकारों और संघीय सरकार की शक्तियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

ट्रंप ने ‘रियल अमेरिकाज वॉयस’ पर वेन एलिन रूट को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “इससे भी ज्यादा असामान्य चीजें पहले हो चुकी हैं। फिलहाल मैं इतना ही कहूंगा।”

रूट ने ट्रंप से कहा कि अगर सीनेट ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को मंजूरी नहीं देती, तो उन्हें आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए। रूट ने सुझाव दिया कि ऐसी शक्तियों के जरिए फोटो पहचान पत्र, नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य किया जा सकता है और डाक के जरिए भेजे जाने वाले मेल-इन बैलेट पर भी सीमाएं लगाई जा सकती हैं।

ट्रंप ने इस प्रस्ताव का साफ तौर पर समर्थन नहीं किया, लेकिन उन्होंने बार-बार कहा कि मध्यावधि चुनावों से पहले चुनावी नियमों पर सीनेट को कार्रवाई करनी चाहिए।

ट्रंप ने कहा, “सीनेट को ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पर आगे बढ़ना होगा। मुझे सच में लगता है कि ऐसा होना चाहिए, क्योंकि लोग इसकी उम्मीद कर रहे हैं और यह जरूरी भी है।”

उन्होंने आगे कहा क‍ि हम चाहते हैं कि नागरिकता का प्रमाण हो। और मतदाता पहचान पत्र भी होना चाहिए।

ट्रंप ने दावा किया कि कुछ रिपब्लिकन सीनेटर इन उपायों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने हाउस स्पीकर माइक जॉनसन की तारीफ की और कहा कि प्रतिनिधि सभा इस कानून को पांच बार मंजूर कर चुकी है, लेकिन यह हर बार सीनेट में जाकर अटक जाता है।

राष्ट्रपति ने डाक से मतदान की व्यवस्था की भी फिर से आलोचना की। उन्होंने बिना कोई सबूत दिए दावा किया कि यह प्रणाली धोखाधड़ी के लिए संवेदनशील है और खास तौर पर कैलिफोर्निया की चुनावी व्यवस्था पर निशाना साधा। ट्रंप ने कहा क‍ि मेल-इन बैलेट्स बहुत भ्रष्ट हैं।

उन्होंने कहा क‍ि कैलिफोर्निया चुनावों के मामले में सबसे भ्रष्ट जगहों में से एक है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में रिपब्लिकन मतदाताओं को मतपत्र प्राप्त करने में कठिनाई होती है।

रूट ने ट्रंप से कहा कि चुनाव संबंधी यह कानून शायद सीनेट से मंजूरी न पा सके। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस इसे पारित कर भी दे, तब भी इसे तुरंत कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

इसके बाद रूट ने ट्रंप से आग्रह किया कि वे अगले एक महीने के भीतर राष्ट्रीय सुरक्षा आपातकाल घोषित करें। रूट का दावा था कि इससे प्रशासन सीनेट की मंजूरी का इंतजार किए बिना फोटो पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाण की अनिवार्यता और मेल-इन वोटिंग पर सीमाएं लागू कर सकेगा।

ट्रंप की प्रतिक्रिया ने इस संभावना को ज‍िंदा रखा, लेकिन उन्होंने अपनी सरकार की ओर से इस रास्ते को अपनाने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इस कानून को पारित कर देती है तो इसे अदालत में चुनौती देना ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।

इंटरव्यू में जिस चुनावी प्रस्ताव पर चर्चा हुई, वह रिपब्लिकन पार्टी के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत संघीय चुनावों में वोटर पंजीकरण करवाते समय अमेरिकी नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण देना अनिवार्य किया जाए।

समर्थकों का कहना है कि इससे चुनावी सुरक्षा और मजबूत होगी। वहीं विरोधियों का तर्क है कि जिन योग्य नागरिकों के पास जरूरी दस्तावेज आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें वोटर पंजीकरण कराने में परेशानी हो सकती है।

अमेरिकी संघीय कानून पहले से ही गैर-नागरिकों को संघीय चुनावों में मतदान करने से रोकता है। अमेरिका में चुनाव मुख्य रूप से राज्य और स्थानीय प्रशासन की ओर से कराए जाते हैं, जो अमेरिकी संविधान और संघीय कानूनों द्वारा तय ढांचे के तहत काम करते हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

बांग्लादेश चुनावों में ज्यादातर हिंसा के लिए बीएनपी से जुड़े गुट जिम्मेदार: मानवाधिकार संगठन

Published

on

बांग्लादेश में आगामी राष्ट्रीय चुनाव से पहले हिंसा नियंत्रण एक बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। इसकी वजह कुछ महीने पहले संपन्न हुए चुनावों के दौरान या फिर बाद में हुई हिंसक गतिविधियां हैं। स्थानीय मीडिया ने मानवाधिकार संगठन के हवाले से बताया कि चुनावी हिंसा में सबसे ज्यादा सक्रिय वो गुट रहे हैं जो सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) जुड़े रहे।

ढाका के ह्यूमन राइट्स ग्रुप ‘ओधिकार’ ने अपनी मॉनिटरिंग रिपोर्ट में बताया कि बीएनपी और उसके सहयोगी चुनाव से पहले 52 फीसदी, पोलिंग के दिन 53 फीसदी और चुनाव के बाद 75 फीसदी हिंसक गतिविधियों में लिप्त पाए गए।

बांग्लादेश के जाने-माने अखबार द डेली स्टार ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी चुनाव से पहले दर्ज 15 फीसदी, चुनाव के दिन 13 फीसदी और चुनाव के बाद 9 फीसदी गतिविधियों में शामिल थे।

ये नतीजे सोमवार को ढाका में सेंटर ऑन इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट फॉर एशिया एंड द पैसिफिक (सीआईआरडीएपी) में हुई चर्चा के दौरान पेश किए गए।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 के चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय तौर पर हिंसक और डराने-धमकाने की घटनाएं जारी रहीं।

बांग्लादेश के सभी जिलों में से चटगांव, कॉक्स बाजार, भोला, मैमनसिंह और ढाका मुख्य हॉटस्पॉट के तौर पर उभरे। यहां मुख्य तौर पर लोगों को डराया-धमकाया गया था। वहीं पोस्ट-इलेक्शन मारपीट, संपत्ति को नुकसान और हत्या जैसी वारदातें ज्यादा दर्ज की गईं। चुनाव से पहले 62 घटनाएं दर्ज की गईं।

चटगांव में सबसे ज्यादा 11 घटनाएं दर्ज की गईं, उसके बाद कॉक्स बाजार में आठ घटनाएं हुईं। ढाका और मैमनसिंह में पांच-पांच घटनाएं जबकि सिराजगंज में चार घटनाएं दर्ज की गईं। चुनाव से पहले हुई 34 घटनाओं में अधिकारियों ने किसी न किसी तरह की कार्रवाई की, जबकि 28 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ओधिकार ने वोटिंग के दिन 19 चुनाव क्षेत्रों में 32 घटनाएं रिकॉर्ड की, जिसमें मैमनसिंह में सात और भोला में छह वारदातें अंजाम दी गईं। द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, चटगांव में चार जबकि कॉक्स बाजार और फेनी में तीन-तीन मामले संज्ञान में आए।

32 घटनाओं में से 17 में बीएनपी और उसके सहयोगी शामिल थे, जबकि चार में जमात और उसके सहयोगी। दो में इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के कार्यकर्ता शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक 11 मामलों में कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं हुई, जबकि सात मामलों में क्या कार्रवाई हुई, यह पता नहीं चल सका।

पिछले महीने, ओधिकार ने बताया कि इस साल अप्रैल और जून के बीच बांग्लादेश में मॉब लिंचिंग में 33 लोग मारे गए, जबकि पूरे देश में राजनीतिक हिंसा में 41 लोगों की जान चली गई और 970 घायल हुए।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र20 minutes ago

मुंबई नगर निगम के ‘एफ-साउथ’ और ‘एच-ईस्ट’ वार्ड ने कार्रवाई करते हुए दादर और सांताक्रूज इलाकों में 15 दुकानें हटाईं

महाराष्ट्र2 hours ago

मुंबई: होटल बिल पेमेंट को लेकर हुए विवाद के बाद हत्या से सनसनी, पुलिस ने किया ऑपरेशन, 24 घंटे के अंदर मर्डर मिस्ट्री सुलझाई, दो गिरफ्तार आरोपियों ने किया कबूल

व्यापार2 hours ago

भारत में स्थापित ऊर्जा क्षमता 552 गीगावाट हुई, गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी करीब 54 प्रतिशत

राजनीति2 hours ago

मानसून सत्र राहुल गांधी के अहंकार की वजह से बाधित हुआ : प्रह्लाद जोशी

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

जम्मू-कश्मीर : डीजीपी ने पुलिस और सीएपीएफ के साथ हाइब्रिड बैठक की अध्यक्षता की

मनोरंजन3 hours ago

कभी महज 50 रुपए महीने कमाते थे शम्मी कपूर, थिएटर से शुरु किया था बॉलीवुड के ‘याहू स्टार’ बनने तक का सफर

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

नेपाल: पांच महीने बाद स्वदेश लौटे पूर्व पीएम देउबा

मनोरंजन4 hours ago

पांच दशक तक राज करने वाले दिलीप कुमार को अमिताभ ने बताया हिंदी सिनेमा का पिलर

व्यापार4 hours ago

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात अप्रैल-जुलाई में 9.17 अरब डॉलर के पार पहुंचा

व्यापार4 hours ago

एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली मामले में अंतरिम रिपोर्ट एक महीने से पहले आने की उम्मीद, सरकार ने दिए जांच तेज करने के आदेश

अपराध2 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन4 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

मनोरंजन2 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति3 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

व्यापार3 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

राजनीति4 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

रुझान