अंतरराष्ट्रीय
रियलमी का 2023 में अपनी नंबर सीरीज में 100 प्रतिशत 5जी स्मार्टफोन लॉन्च करने का लक्ष्य
5जी की नीलामी संपन्न होने और नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्च र पूरी तरह तैयार होने के बाद भारत 5जी का स्वागत करने के लिए तैयार है। एक बार सेवाएं शुरू हो जाने के बाद, 5जी कई अवसर ला सकता है खास कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और भी बहुत कुछ। इसके साथ प्रौद्योगिकी ब्रांडों ने भी 5जी के लिए खुद को तैयार कर लिया है। रियलमी 50 लाख उपयोगकर्ताओं के साथ पहले से ही 5जी-सक्षम स्मार्टफोन से लैस है।
रियलमी 2020 में भारत में 5जी स्मार्टफोन पेश करने वाला पहला ब्रांड था, जब 5जी के बारे में बातचीत शुरू ही हुई थी। ब्रांड का मानना है कि उपयोगकर्ता उन्नत तकनीक के लिए तैयार हैं और इसकी आसान पहुंच होनी चाहिए।
पिछले दो वर्षो में, रियलमी ने सभी मूल्य खंडों में 23 5जी-सक्षम स्मार्टफोन पेश किए हैं और अपने सभी प्रयासों को देश के लिए 5जी सेलफोन बनाने के लिए निर्देशित किया है। रियलमी का 50 प्रतिशत से अधिक पोर्टफोलियो अब 5जी-सक्षम है, जिसमें रियलमी 9आई 5जी लेटेस्ट किफायती 5जी स्मार्टफोन में से एक है।
इतना ही नहीं, रियलमी ने नीलामी के दौरान उपलब्ध कराए जा रहे सभी नेटवर्क बैंडों पर ध्यान दिया और यह सुनिश्चित किया कि उसके स्मार्टफोन उन सभी बैंडों का समर्थन करे ताकि नई तकनीक को स्वीकार करते समय किसी भी उपयोगकर्ता को चुनौती का सामना न करना पड़े।
रियलमी का मानना है कि 5जी में संपूर्ण तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को एक साथ लाने की क्षमता है और इसलिए, इसने अपने अनुसंधान और विकास प्रयासों का 90 प्रतिशत 5जी प्रौद्योगिकियों और उपकरणों को समर्पित कर दिया है। इन निवेशों के परिणामों को देखा जा सकता है क्योंकि ब्रांड अब अपने एआईओटी उपकरणों को 5जी से लैस करने की दिशा में भी काम कर रहा है जिसमें रियलमी पैड एक्स पहला है।
ब्रांड ने 5जी में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने और प्रीमियम के साथ-साथ बड़े पैमाने पर उपयोगकर्ताओं के लिए इसे और अधिक सुलभ बनाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। ब्रांड अपने उत्पादों को 5जी के लिए तैयार करने के लिए नियमित ओटीए अपडेट जारी कर रहा है और इसका लक्ष्य 5जी के आधिकारिक रूप से शुरू होने से पहले 80 प्रतिशत उपयोगकर्ता 5जी तैयार करना है। अपने उपयोगकर्ताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ 5जी अनुभव लाने और 5जी उत्पादों को वैश्विक रूप से अपनाने के लिए प्रतिबद्ध होने के नाते, रियलमी ने भारत सहित दुनिया भर में सात अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है।
अधिक उपयोगकर्ताओं को 5जी स्मार्टफोन चुनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, रियलमी वर्तमान में 5जी-सक्षम स्मार्टफोन सहित अपने स्मार्टफोन रेंज पर 15,000 रुपये तक की भारी छूट प्रदान कर रहा है।
उपयोगकर्ता रियलमी 5जी फोन का आनंद ले सकते हैं जैसे कि रियलमी 9आई 5जी और नारजो 50 5जी, 10,999 रुपये से शुरू होते हैं और रियलमी जीटी एनईओ 3टी 22,999 रुपये से शुरू होते हैं। अगले साल तक, रियलमी का लक्ष्य 2023 में भारत में 23 डिवाइसों के अपने मौजूदा 5जी पोर्टफोलियो का विस्तार करना है और अगले साल इसकी नंबर सीरीज के लिए 100 प्रतिशत 5जी मॉडल लॉन्च करने का लक्ष्य है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका-ईरान में तनाव बढ़ने से सोने और चांदी करीब 2 प्रतिशत तक फिसले

GOLD
अमेरिका-ईरान में तनाव बढ़ने से सोमवार को सोने और चांदी दबाव के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 9:50 पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रै्क्ट 1.06 प्रतिशत या 1,641 रुपए की गिरावट के साथ 1,52,968 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,52,829 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,53,251 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि एमसीएक्स गोल्ड की शुरुआत मामूली गैप डाउन के साथ हुई, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी की बढ़ती दिलचस्पी के चलते यह 1,52,000 रुपए के स्तर से ऊपर बना हुआ है। अगर यह 1,55,000 रुपए से ऊपर निकलता है तो यह 1,57,000-1,58,000 रुपए के स्तर तक जा सकता है।
दूसरी ओर, 1,52,500 रुपए से नीचे टूटने पर, यह 1,51,000-1,50,000 रुपए और उससे आगे 1,48,000 रुपए तक जा सकता है।
चांदी का 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.96 प्रतिशत या 5,045 रुपए की गिरावट के साथ 2,52,100 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,52,016 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,54,089 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।
चांदी पर विश्लेषक ने कहा कि चांदी गैप डाउन के साथ 2,52,000 रुपए के आसपास बनी हुई है। इसके लिए रुकावट का स्तर 2,55,000-2,60,000 रुपए है और अगर यह इस स्तर को तोड़ता है तो 2,68,000–2,70,000 रुपए के स्तर देखने को मिल सकते हैं। अगर चांदी 2,48,000 रुपए का स्तर तोड़ती है तो यह 2,44,000-2,40,000 रुपए के स्तर तक जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में दबाव देखा जा रहा है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 1.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,814 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80 डॉलर प्रति औंस पर थी।
व्यापार
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के चलते इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत बढ़त के साथ हुए बंद

अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता की उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजार को इस हफ्ते मजबूत सपोर्ट दिया। सकारात्मक वैश्विक संकेतों, रुपए में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 504.86 अंक यानी 0.65 फीसदी की तेजी के साथ 78,493.54 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 156.80 अंक या 0.65 फीसदी चढ़कर 24,353.55 के स्तर पर बंद हुआ।
सेक्टोरल स्तर पर लगभग सभी सेक्टरों में खरीदारी का माहौल रहा। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार बाजार का रुख पूरे हफ्ते सकारात्मक बना रहा। खासतौर पर निफ्टी एफएमसीजी, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 1 से 3 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
बड़े सूचकांकों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 1.27 फीसदी की तेजी आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 1.48 फीसदी चढ़ा।
विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय बाजारों में इस हफ्ते धीरे-धीरे लेकिन स्थिर रिकवरी देखने को मिली। वैश्विक माहौल में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया। हालांकि, बाजार में सतर्कता का माहौल भी बना रहा, लेकिन लगातार खरीदारी और जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता ने इंडेक्स को मजबूती दी।
पोनमुडी आर ने कहा कि हाल के हफ्तों के मुकाबले इस बार बाजार का उतार-चढ़ाव काफी नियंत्रित रहा। गिरावट आने पर निवेशकों ने खरीदारी दिखाई, जो इस बात का संकेत है कि बाजार का सेंटिमेंट धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। हालांकि, अभी भी बाजार ऊपरी स्तर पर निर्णायक ब्रेकआउट देने में सफल नहीं हुआ है, जिससे यह साफ है कि ट्रेंड अभी बदलाव के दौर में है।
बाजार का रुख अब सतर्क आशावाद की ओर बढ़ता दिख रहा है। कच्चे तेल की नरम कीमतें, बेहतर वैश्विक संकेत और स्थिर निवेश प्रवाह इस रिकवरी को सहारा दे रहे हैं। निकट भविष्य में गिरावट का जोखिम सीमित नजर आ रहा है, जबकि तेजी की संभावना धीरे-धीरे बढ़ रही है।
इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख में भी सुधार के संकेत मिले हैं। लंबे समय से बिकवाली करने के बाद एफआईआई ने हफ्ते के आखिरी तीन सत्रों में खरीदारी की, जिससे बाजार को सहारा मिला। हालांकि, पूरे हफ्ते के आधार पर उनका निवेश लगभग 250 करोड़ रुपए की हल्की निकासी के साथ नकारात्मक ही रहा।
दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई), जो अब तक बाजार को लगातार सपोर्ट दे रहे थे, हफ्ते के आखिरी सत्रों में मुनाफावसूली करते नजर आए। पूरे हफ्ते में डीआईआई की ओर से करीब 6,300 करोड़ रुपए की निकासी दर्ज की गई।
इसके बावजूद, बाजार में स्थिरता बनाए रखने में घरेलू निवेशकों की भूमिका अब भी मजबूत बनी हुई है और वे आगे भी बाजार को संरचनात्मक सहारा देते रहेंगे।
व्यापार
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई 2 प्रतिशत तक की गिरावट

पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने की उम्मीद के बीच शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के खत्म होने की उम्मीदों के कारण आई है।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जो शुरुआती कारोबार में दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया और इसमें 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
वहीं, अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी करीब 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया।
हालांकि, इससे पहले के कारोबारी सत्र में ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट करीब 5 प्रतिशत की तेजी के साथ 99.39 डॉलर पर बंद हुआ था। इसी तरह, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई भी 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 93.32 डॉलर पर बंद हुआ था।
घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली, जहां यह 2.6 प्रतिशत तक गिरकर 8,625 रुपए तक आ गया।
ट्रेडर्स को उस समय राहत मिली जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान ने 20 साल से ज्यादा समय तक परमाणु हथियार नहीं रखने का प्रस्ताव दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि हिजबुल्लाह इस अहम समय में समझदारी दिखाएगा। अगर ऐसा होता है तो यह उनके लिए बड़ा मौका होगा। अब और हिंसा नहीं, हमें आखिरकार शांति चाहिए।”
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि आगे क्या होता है, लेकिन मुझे लगता है कि हम ईरान के साथ समझौते के काफी करीब हैं।”
शेयर बाजार की बात करें तो वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। वहीं घरेलू बाजार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी सपाट खुले। हालांकि बाद में इनमें थोड़ी तेजी देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई, जहां प्रमुख इंडेक्स 1 प्रतिशत तक नीचे रहे।
वहीं, अमेरिका में वॉल स्ट्रीट हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जहां नैस्डैक 0.36 प्रतिशत और एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
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