Connect with us
Wednesday,19-August-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

एआईएमपीएलबी ने यूपी के मदरसों का सर्वे कराने के फैसले पर उठाए सवाल

Published

on

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने राज्य में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। एआईएमपीएलबी ने इसे भाजपा शासित राज्यों द्वारा संस्थानों को निशाना बनाने का हिस्सा बताया है।

एआईएमपीएलबी के कार्यकारी सदस्य कासिम रसूल इलियास ने कहा, “उत्तर प्रदेश और असम में मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। यह अल्पसंख्यक संस्थानों को कानून के तहत संरक्षित किए जाने के बावजूद किया जा रहा है। असम में सरकार कुछ छोटे मदरसों पर बुलडोजर चला रही है, जबकि अन्य को स्कूलों में परिवर्तित कर रही है। यदि मुद्दा धार्मिक शिक्षा को प्रतिबंधित करने और इसके बजाय धर्मनिरपेक्ष शिक्षा को बढ़ावा देने का है, तो सरकार गुरुकुलों के खिलाफ वही कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?”

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने मदरसों के एक सर्वे की घोषणा करते हुए कहा कि वह शिक्षकों की संख्या, उनके पाठ्यक्रम और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करना चाहती है।

इलियास ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मदरसों की कुल संख्या का कोई स्पष्ट अनुमान नहीं है, लेकिन सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें करीब 4 फीसदी मुस्लिम बच्चे पढ़ते हैं, इनकी संख्या हजारों में होने की संभावना है।

इलियास ने इस्लामी शिक्षण की संरचना को निर्धारित करते हुए कहा कि यह अनिवार्य रूप से तीन प्रकार के संस्थानों के माध्यम से प्रसारित किया गया है- मकतब, जो हर दिन कई घंटों के लिए मस्जिदों के अंदर आयोजित धार्मिक कक्षाएं हैं, छोटे मदरसे या हिफ्ज, जहां 8-10 साल की उम्र तक के छोटे छात्रों को कुरान याद करना सिखाया जाता है और आलिमियत या बड़े मदरसे जहां छात्रों को इस्लामी विचारधारा, कुरान की व्याख्या के साथ-साथ पैगंबर मोहम्मद के शब्द और अन्य धार्मिक मामलों की शिक्षा दी जाती है।

उन्होंने कहा कि यह प्राथमिक रूप से आलिमियत के स्तर पर है कि कई मदरसे मदरसा बोर्ड से संबद्ध हैं और राज्य सरकारों से आंशिक धन और अनुदान प्राप्त करते हैं।

उन्होंने कहा, “उन मदरसों के लिए, जिन्हें सरकार द्वारा फंड नहीं दिया जाता है, वे समुदाय द्वारा जुटाए गए फंड पर आधारित होते हैं और शिक्षा, बोर्डिग और भोजन नि:शुल्क देते हैं, ताकि गरीब छात्र पढ़ाई कर सके। मदरसों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई प्रति-उत्पादक है, क्योंकि यह केवल यह सुनिश्चित करने का बोझ बढ़ाती है कि बच्चों को स्कूल में नामांकित किया जाए, क्योंकि उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार होना चाहिए।”

एआईएमपीएलबी को अंदेशा है कि मदरसों के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई छोटे निकायों तक ही सीमित नहीं रहेगी।

राष्ट्रीय समाचार

नई दिल्ली : सीएनजी पंप पर ट्रक में ब्लास्ट, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई तीन (लीड-1)

Published

on

दिल्ली में ट्रक के सीएनजी सिलेंडर में हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक अन्य घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। मृतकों में सभी लोग फ्यूल स्टेशन के कर्मचारी बताए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, बाहरी दिल्ली के टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक फ्यूल स्टेशन पर बुधवार को ट्रक में सीएनजी भरने के दौरान उसका सिलेंडर फट गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस हादसे में छह लोग घायल हुए।

मृतकों में एक की पहचान 25 वर्षीय मनीष के रूप में हुई है, जो पश्चिमी दिल्ली के बाबा हरिदास कॉलोनी का रहने वाला था। दूसरे मृतक की पहचान 32 वर्षीय सनी निजामपुर के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस ने पुष्टि की है कि तीनों मृतक सीएनजी पंप के कर्मचारी थे।

अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय ट्रक के सीएनजी सिलेंडर में गैस भरा जा रहा था। आशंका जताई गई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के अनुसार, घायल छह लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के समय वे आसपास खड़े थे और इसकी चपेट में आने से घायल हो गए।

डीएफएस ने बताया कि उसे दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर विस्फोट की सूचना मिली थी, जिसके बाद दमकल की छह गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया।

विस्फोट की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की बड़ी टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के सही कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

फायर सर्विस के एक अधिकारी ने कहा, “विस्फोट किन कारणों से हुआ, इसकी जांच की जा रही है।”

अधिकारियों ने बताया कि धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए। जांच जारी रहने तक लोगों से क्षेत्र से दूर रहने की अपील की गई है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

टैक्स नियमों के पालन के लिए भारत टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल : एक्सपर्ट

Published

on

भारत टैक्स नियमों के पालन के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल है। जीएसटीएन, इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, जिसने करदाताओं और प्रशासन दोनों के लिए व्यवस्था को आसान बनाया है। यह बयान एक्सपर्ट ने बुधवार को दिया।

राष्ट्रीय राजधानी में एसोचैम द्वारा आयोजित 23वें अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन के साइडलाइन में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पीडब्ल्यूसी में इनडायरेक्ट टैक्स के पार्टनर प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि भारत टैक्स के नियमों के पालन के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल है। देश का जीएसटी प्लेटफॉर्म ‘जीएसटीएन’ इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, जहां करदाता और प्रशासन साथ मिलकर काम करते हैं। यही स्थिति, इनकम टैक्स के साथ है।

उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में टेक्नोलॉजी टैक्स प्रणाली का एक अहम हिस्सा बन गई है और सरकार की नीतियों में इस पर फोकस किया जाना चाहिए।

एसोचैम में इंटरनेशनल टैक्स पर टास्क फोर्स के चेयरमैन राकेश नांगिया कहा कि हर कोई टैक्स सिस्टम को आसान बनाना, कम कानूनी विवाद और जल्दी रिफंड चाहता है। साथ ही सभी चाहते हैं कि ग्लोबल बिजनेस पर अचानक या आक्रामक तरीके से टैक्स न लगाया जाए। हालांकि, ऐसा समय-समय पर होता रहता है और यह टैक्स सिस्टम का ही एक हिस्सा है।

कार्यक्रम में बोलते हुए नांगिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कराधान अब केवल तेजी से बदलने वाले दौर में नहीं, बल्कि एक व्यापक संरचनात्मक परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर चुका है। उनके अनुसार, टाइगर ग्लोबल फैसला, नया आयकर कानून, वैश्विक न्यूनतम कर व्यवस्था और एआई आने वाले समय की कर व्यवस्था को आकार देंगे।

वहीं, एसोचैम की डायरेक्ट टैक्स पर नेशनल काउंसिल के चेयरमैन संदीप चौफला ने कहा कि सरकारें अपने कर आधार को सुरक्षित रखना चाहती हैं, जबकि करदाता स्पष्टता और निश्चितता की अपेक्षा रखते हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान ने यूएई के दावे को किया खारिज, मिसाइल दागने का लगाया था आरोप

Published

on

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरान ने उसके क्षेत्र की ओर मिसाइलें दागी थीं।

यूएई ने मंगलवार को दावा किया था कि उसे ईरान से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता चला। इसके बाद ईरान की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ने ईरान पर लगाए आरोपों पर खेद जताते हुए कहा, ” यूएई का यह कदम अच्छे पड़ोसी के सिद्धांत के विपरीत है और क्षेत्रीय देशों के बीच विश्वास कायम करने तथा पश्चिम एशिया में असुरक्षा बढ़ने से रोकने के प्रयासों को नुकसान पहुंचाता है।”

उन्होंने क्षेत्रीय देशों से ईरान के खिलाफ ‘‘बेबुनियाद’’ आरोप लगाने से बचने की अपील की। बघाई ने कहा, ” क्षेत्र में पहले से ही अमेरिका और इजरायल की उन गतिविधियों के कारण जटिल स्थिति बनी हुई है, जिन्हें ईरान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए नुकसानदायक मानता है।” उन्होंने कथित फॉल्स-फ्लैग अभियानों के इतिहास का भी हवाला दिया।

चीन की समाचार एजेंसी सिंहुआ के अनुसार, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया था कि दोनों में से पहली मिसाइल देश के क्षेत्रीय जल से बाहर गिरी, जबकि दूसरी उसके क्षेत्रीय जल के भीतर गिरी। मंत्रालय ने कहा था कि देश हाई अलर्ट पर है और अपनी सुरक्षा, संप्रभुता तथा स्थिरता को प्रभावित करने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यूएई ने कहा था कि मिसाइलों का निशाना समुद्री यातायात था। हालांकि, घटना में अब तक किसी के हताहत होने या नुकसान की सूचना नहीं है।

इस बीच, यूएई के विदेश मंत्रालय ने बुधवार तड़के सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि उसने ईरान के साथ अगले आदेश तक सभी व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन निलंबित कर दिए हैं।

मंत्रालय के रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक अफरा अल हमेली ने कहा कि यह फैसला क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को प्रभावित करने वाले बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है।

यूएई ने साथ ही कहा कि वह क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए संवाद, सहयोग और क्षेत्रीय एकीकरण को आवश्यक माध्यम मानता है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

नई दिल्ली : सीएनजी पंप पर ट्रक में ब्लास्ट, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई तीन (लीड-1)

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

टैक्स नियमों के पालन के लिए भारत टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल : एक्सपर्ट

खेल3 hours ago

‘उन्होंने हम पर दबाव बनाया,’ हार के बाद श्रीलंकाई कप्तान ने राहुल-पड्डिकल की साझेदारी को सराहा

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

भारत की ऑटो इंडस्ट्री ने लागत दबाव के बावजूद पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया : रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

ईरान ने यूएई के दावे को किया खारिज, मिसाइल दागने का लगाया था आरोप

महाराष्ट्र4 hours ago

मुंबई की मेयर रितु तावड़े मीडिया पर 25 लाख रुपये खर्च करने के आरोप से बरी

मनोरंजन5 hours ago

कभी ‘बेबी नाज’ बनकर जीता था दिल, फिर बनीं श्रीदेवी की आवाज, ऐसा था कुमारी नाज का सफर

व्यापार5 hours ago

एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज को एक ग्लोबल टेक कंपनी से मिला 75 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

दिल्ली में 10 से 12 जनवरी तक होगा ‘विकसित भारत यंग इंडिया डायलॉग 2027’, एक करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

दिल्ली में 10 से 12 जनवरी तक होगा ‘विकसित भारत यंग इंडिया डायलॉग 2027’, एक करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन2 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

व्यापार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति3 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

व्यापार1 week ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

रुझान