अपराध
कौन हैं जुबैर: उत्तर प्रदेश ने कहा- फैक्ट-चेकर नहीं फैक्ट्स ट्विस्टर, सुप्रीम कोर्ट ने बताया जमानत का हकदार
इस हफ्ते की शुरुआत में, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए भुगतान किया जाता था। शीर्ष अदालत को बताया गया कि ट्वीट्स जितने अधिक दुर्भावनापूर्ण होते थे, उन्हें उतना ही अधिक भुगतान किया जाता था। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने दावा कि उसने स्वीकार किया है कि उसे दो करोड़ रुपए मिले थे।
हालांकि, यूपी के वकील की जोरदार दलीलों से बेपरवाह, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे अंतरिम जमानत की स्वतंत्रता से वंचित रखने का कोई कारण नहीं दिखता है और अदालत ने उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज सभी छह प्राथमिकी में अंतरिम जमानत दे दी।
गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक जुबैर मीडिया की सुर्खियों में बने रहे। जुबैर, जो एक स्व-घोषित तथ्य-जांचकर्ता (फैक्ट चेकर) हैं, प्रावडा मीडिया फाउंडेशन द्वारा प्रवर्तित ऑल्ट न्यूज में कार्यरत हैं।
उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट में जोर देकर कहा कि जुबैर एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो पुलिस को अभद्र भाषा की सूचना देने के बजाय, सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की क्षमता वाले भाषणों और वीडियो का लाभ उठा रहे हैं और उन्होंने उन्हें बार-बार साझा किया था। वकील ने दावा किया कि उनके ट्वीट सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने के लिए हैं, जो वास्तव में उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हुई थी, जहां सांप्रदायिक तत्वों को हिंसा में शामिल होने के लिए उकसाने के लिए टिप्पणियों के साथ अपराधों के वीडियो का इस्तेमाल किया गया था।
यह कहते हुए कि क्या उन्हें पत्रकार कहा जा सकता है, इस पर संदेह है, यूपी के वकील ने जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ को जमानत की शर्त लगाने के लिए कहा और मांग की कि जुबैर को ट्वीट नहीं करना चाहिए, इसके लिए आदेश पारित किया जाए। हालांकि, जुबैर को ट्वीट करने से रोकने से इनकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा, “यह एक वकील से कहने जैसा है कि आपको बहस नहीं करनी चाहिए। हम एक पत्रकार को कैसे बता सकते हैं कि वह नहीं लिखेंगे?” यूपी के वकील ने दोहराया, “वह पत्रकार नहीं हैं..” जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे कहा कि अगर वह ट्वीट करके किसी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो अधिकारी उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं।
उसी दिन शाम 6 बजे, स्वयंभू तथ्य-जांचकर्ता जुबैर चुपचाप तिहाड़ जेल से बेसबॉल टोपी और एक मास्क पहनकर बाहर निकले। हालांकि, जेल से उनकी रिहाई उनकी पहचान के रहस्य को नहीं सुलझाती है, जो अभी खत्म नहीं हुआ है। एक ही सवाल ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया: मोहम्मद जुबैर कौन हैं? वो कहां से आया है?
जुबैर ने फर्जी खबरों से निपटने के लिए 2017 में पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रतीक सिन्हा के साथ मिलकर फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज स्थापना की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, 39-40 साल की उम्र के जुबैर बेंगलुरु के रहने वाले हैं, जिन्होंने निजी एम. एस. रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएसआरआईटी) से टेलीकॉम इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। उन्होंने सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की है।
जुबैर का एक परिवार है जिसमें पत्नी, बच्चे और माता-पिता हैं। उन्होंने 2005 में अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की थी। फिर उन्होंने बेंगलुरु में एयरटेल एंटरप्राइजेज में एक इंजीनियर के रूप में काम किया और वहां दो साल तक कार्यरत रहे। जुबैर ने 2008 में नोकिया-सीमेंस नेटवर्क (एनएसएन) में शामिल होने से पहले एक साल के लिए सिस्को-एचसीएल कंपनी में काम किया और अपनी नौकरी के दौरान सभी बड़े महानगरों सहित पूरे देश की यात्रा की। जुबैर ने एक दशक तक एनएसएन के लिए काम किया।
2015 में, उन्होंने प्रावडा फाउंडेशन के निदेशक प्रतीक सिन्हा और उनकी मां निर्झरी सिन्हा से मुलाकात की। प्रतीक सिन्हा के पिता मुकुल सिन्हा ने गुजरात दंगों को लेकर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभियान चलाया था। प्रतीक के पिता, जो एक वैज्ञानिक थे और एक वकील के रूप में भी प्रशिक्षित थे, ने गुजरात में सांप्रदायिक दंगों के पीड़ितों का प्रतिनिधित्व किया और उन्होंने नानावती-शाह आयोग में निरंतर जिरह के माध्यम से नरेंद्र मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लिया, जो गोधरा ट्रेन में हुए नरसंहार, दंगे और उसके बाद कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच-पड़ताल को लेकर भी खूब सक्रिय रहे।
इस बैठक के बाद जुबैर और प्रावडा फाउंडेशन ने ऑल्ट न्यूज को एक तथ्य-जांच वेबसाइट के रूप में लेबल करके स्थापित करने के लिए हाथ मिलाया।
जुबैर को दिल्ली पुलिस ने 2018 में एक ‘हनीमून होटल’ का नाम बदलकर हिंदू भगवान हनुमान के धर्म का अपमान करने के लिए किए गए एक ट्वीट के लिए नामजद किया था। वह आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 201 और 120बी और एफसीआरए की धारा 35 के तहत दर्ज उक्त एफआईआर में जमानत पर है। वर्तमान मामले का विषय यूपी पुलिस द्वारा उसके खिलाफ दर्ज की गई कई एफआईआर हैं।
20 जुलाई को, जुबैर की तथ्य-जांचकर्ता की इमेज को तोड़ते हुए यूपी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फैक्ट-चेकिंग की आड़ में जुबैर दुर्भावनापूर्ण और उत्तेजक सामग्री को बढ़ावा दे रहा है और उसने उत्तर में हिंसा भड़काने का प्रयास भी किया है। आरोप लगाया गया कि गाजियाबाद-लोनी की घटना उनके ट्वीट के बाद हुई, जहां कुछ लोगों द्वारा एक बूढ़े व्यक्ति की पिटाई का वीडियो भी सामने आया था।
वकील ने कहा कि जुबैर ने इस वीडियो का फायदा उठाया, इसे अपने लाखों फॉलोअर्स तक पहुंचाया और गलत भावना से ट्वीट किया और ऐसे वाक्य जोड़े जिससे हिंसा भड़क गई। वकील ने कहा कि उन्होंने यह कहते हुए एक लिखित माफी मांगी थी कि तथ्यों की जांच किए बिना वह आगे बढ़ गए थे। उन्होंने आगे दावा किया कि जुबैर ट्विटर का इस्तेमाल एक माध्यम के रूप में दुष्प्रचार फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए कर रहे थे। वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दोहराया कि वह पत्रकार नहीं हैं!
अपराध
पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

पंजाब पुलिस ने एक बार फिर ड्रग और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार के साथ 4 तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्शन सीमा पार से जुड़े हैं।
पंजाब डीजीपी की ओर से एक्स पोस्ट में कहा गया, “एक बड़ी कामयाबी में फरीदकोट पुलिस ने सीमा पार हेरोइन तस्करी के एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 लोगों को पकड़ा है। इनके कब्जे से 47.3 किलो हेरोइन, 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 15 कारतूस और 2 गाड़ियां बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि पकड़े गए आरोपी पंजाब में हेरोइन और अवैध हथियारों की सीमा पार तस्करी में शामिल एक नेटवर्क से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन सादिक और फरीदकोट में एफआईआर दर्ज की गई है। इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने और इसके आगे-पीछे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
इसके पहले काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को पकड़ा था और 17 किलो हेरोइन बरामद की थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार के तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे और आगे सप्लाई के लिए हेरोइन की खेप ले रहे थे।
पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर में पकड़े गए तस्करों के खिलाफ एअफआईआर दर्ज की गई है। आगे की जांच जारी है ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क (आगे और पीछे के कनेक्शन) का पता लगाया जा सके, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क को खत्म किया जा सके। डीजीपी ने दोहराया कि पंजाब पुलिस सीमा पार तस्करी पर कड़ी नजर रख रही है और ड्रग तस्करी व संगठित आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
अपराध
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में खाली घर से मिला नाबालिग लड़की का शव, परिवार ने जताया हत्या का शक

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शनिवार सुबह एक खाली घर से 16 साल की लड़की का शव मिला है। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार वालों ने की है। बताया जा रहा है कि लड़की उस लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लड़की का शव पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन इलाके में एक खाली घर से मिला। लड़की के जीजा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह शुक्रवार रात से लापता थी। हमने पूरी रात उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। आज सुबह वह मृत पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पता चला कि लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ संबंध था। वह ट्यूशन के लिए उनके घर जाती थी लेकिन बाद में उसने वहां ट्यूशन जाने से मना कर दिया। हमें शक है कि लड़की की हत्या की गई है। हमने सरकार से अपील की है कि उसे उचित न्याय मिले।
शनिवार सुबह लड़की का शव परिवार के ही एक खाली घर के अंदर मिला। उसके गले पर उसका स्कार्फ बंधा हुआ था।पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
अपराध
मोबाइल लूट गैंग का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; 24 मोबाइल और लैपटॉप बरामद

नोएडा के सेक्टर-63 थाने की पुलिस ने राह चलते लोगों से मोबाइल फोन और अन्य सामान लूटने व स्नैचिंग करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट और स्नैचिंग के 24 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, आठ हजार रुपए नकद, एक अवैध चाकू, एक खिलौना पिस्टल और वारदात में इस्तेमाल की गई दो हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नोएडा और आसपास के इलाकों में राह चलते लोगों को निशाना बनाकर मोबाइल और अन्य सामान छीनते थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 17 सितंबर को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सेक्टर-63 थाने की पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को एफएनजी गोल चक्कर से बहलोलपुर अंडरपास की तरफ जाने वाली सर्विस रोड से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गर्वित गोयल (20), अमन (21), रोहित कुमार (24) और हर्ष कुमार (22) के रूप में हुई है।
इस पूरे गैंग का खुलासा तब हुआ जब पुलिस के मुताबिक एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-63 में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात आरोपियों ने उसका बैग छीन लिया। बैग में लैपटॉप, चार्जर, मोबाइल फोन और पर्स रखा था। पर्स में पैन कार्ड और आधार कार्ड भी थे। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उसके खाते से 11,600 रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-63 में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। घटना के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसके बाद स्थानीय सूचना और खुफिया तंत्र की मदद से संदिग्धों की तलाश की गई। पुलिस ने अगले ही दिन चार आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में राह चलते लोगों से मोबाइल फोन और अन्य सामान की लूट व स्नैचिंग करते थे। आरोपियों के अनुसार, वारदात के बाद छीने गए सामान को राह चलते लोगों को अपनी मजबूरी बताकर बेच दिया जाता था। पुलिस अब बरामद किए गए 23 अन्य मोबाइल फोन के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये मोबाइल किन-किन घटनाओं से संबंधित हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में गर्वित गोयल मूल रूप से बुलंदशहर के दौलतपुर गांव का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के न्यू कोंडली, मयूर विहार फेज-3 में रहता है। उसकी उम्र 20 वर्ष और शिक्षा कक्षा 9 तक है। अमन की उम्र 21 वर्ष है और वह नेहरू एन्क्लेव, पांडव नगर, दिल्ली का निवासी है। उसने भी कक्षा 9 तक पढ़ाई की है। वहीं, 24 वर्षीय रोहित कुमार गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी स्थित धर्म विहार का निवासी है और कक्षा 8 तक पढ़ा है। चौथा आरोपी हर्ष कुमार 22 वर्ष का है और खोड़ा कॉलोनी के इंदिरा विहार का रहने वाला है। उसकी शिक्षा कक्षा 10 तक बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायत से संबंधित एक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और आठ हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, अमन के कब्जे से एक अवैध चाकू मिला है। पुलिस ने एक खिलौना पिस्टल भी बरामद की है। वारदात में इस्तेमाल की गई दो हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें भी पुलिस के हाथ लगी हैं। इसके अतिरिक्त, स्नैचिंग के 23 अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
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