अंतरराष्ट्रीय
बाबर, हसन, इमाम, रिजवान और शाहीन को पीसीबी से मिला अनुबंध

पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम, विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान, सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक, तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी और हसन अली को गुरुवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा सभी प्रारूपों में दोनों केंद्रीय अनुबंधों से सम्मानित किया गया। इन पांचों में बाबर, रिजवान और शाहीन दोनों प्रारूपों में श्रेणी ए अनुबंध में हैं। जबकि हसन के पास रेड-बॉल क्रिकेट में श्रेणी बी अनुबंध और सफेद गेंद क्रिकेट में श्रेणी सी करार है। इमाम ने रेड-बॉल क्रिकेट में श्रेणी सी और सफेद गेंद क्रिकेट में श्रेणी बी अनुबंध प्राप्त किया।
यह पहली बार है कि पीसीबी ने रेड और व्हाइट-बॉल क्रिकेट दोनों में अलग-अलग केंद्रीय अनुबंध पेश किए हैं, जो शुक्रवार से 2022/23 सीजन के लिए लागू होंगे। पीसीबी ने कहा कि इमजिर्ंग कैटेगरी में चार और खिलाड़ियों को जोड़ा गया है, जिससे पुरुषों के अनुबंध प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों की कुल संख्या 33 हो गई है, जो पिछले सीजन की तुलना में 13 अधिक है।
रेड-बॉल अनुबंध प्राप्त करने वाले 10 खिलाड़ियों में मध्य क्रम के बल्लेबाज अजहर अली को श्रेणी ए में पदोन्नत किया गया है। सलामी बल्लेबाज अब्दुल्ला शफीक और तेज गेंदबाज नसीम शाह को पहली बार सऊद शकील के साथ श्रेणी सी में रखा गया है, जिन्हें श्रेणी डी से सम्मानित सऊद शकील के साथ रखा गया है।
फवाद आलम और नौमान अली को क्रमश: श्रेणी बी और सी में रखा गया है, जबकि आबिद अली, सरफराज अहमद, शान मसूद और यासिर शाह को श्रेणी डी में अनुबंधित किया गया है। चूक में ऑलराउंडर फहीम अशरफ और तेज गेंदबाज मोहम्मद हसनैन शामिल हैं, जो अपने गेंदबाजी एक्शन के कारण निलंबित होने के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापस आ गए हैं।
सफेद गेंद के अनुबंध में, बल्लेबाज फखर जमान और लेग स्पिन ऑलराउंडर शादाब खान को श्रेणी ए अनुबंध से सम्मानित किया गया है, जबकि तेज गेंदबाज हारिस रउफ को श्रेणी बी में पदोन्नत किया गया है। बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज को कैटेगरी सी में बरकरार रखा गया है।
तेज गेंदबाज शाहनवाज दहानी और लेग स्पिनर उस्मान कादिर को इमजिर्ंग से श्रेणी डी में पदोन्नत किया गया है, जहां उनके साथ पहली बार आसिफ अली, हैदर अली, खुशदिल शाह, मोहम्मद वसीम जूनियर और जाहिद महमूद शामिल हैं।
उभरती हुई श्रेणी में, पीसीबी ने आने वाले घरेलू कलाकारों को विकसित करने और प्रोत्साहित करने की अपनी रणनीति के तहत खिलाड़ियों की संख्या तीन से बढ़ाकर सात कर दी है। इमजिर्ंग कैटेगरी के खिलाड़ी में अली उस्मान, हसीबुल्लाह, कामरान गुलाम, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद हुरैरा, कासिम अकरम (इस साल व19 वल्र्ड कप में पाकिस्तान टीम के कप्तान) और सलमान अली आगा शामिल हैं।
पीसीबी ने कहा, “मैं उन सभी को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने 2022-23 सीजन के लिए केंद्रीय अनुबंध अर्जित किया है, विशेष रूप से हमारे चार युवा खिलाड़ियों को जिन्होंने पहली बार रेड-बॉल अनुबंध प्राप्त किया है, जो हमारी दृष्टि और रणनीति को तैयार करने और विकसित करने के लिए है।”
उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि कुछ निराश खिलाड़ी होंगे, जो अनुबंध से चूक गए हैं, लेकिन मैं दोहराना चाहता हूं कि हम खुद को इन 33 खिलाड़ियों तक सीमित नहीं कर रहे हैं, जब भी आवश्यकता होगी, सूची से बाहर के खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा।”
मुख्य चयनकर्ता मुहम्मद वसीम ने कहा, “हमने उभरते हुए क्रिकेटरों की अपनी श्रेणी को तीन से सात तक बढ़ा दिया है, क्योंकि हमारे लिए उन क्रिकेटरों को तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है जो इसे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।”
केंद्रीय अनुबंधों की अन्य विशेषताओं में सभी प्रारूपों में मैच फीस में 10 प्रतिशत की वृद्धि और गैर-खिलाड़ी सदस्यों के लिए मैच शुल्क में 50 प्रतिशत से बढ़ाकर कुल मैच शुल्क का 70 प्रतिशत शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
अवामी लीग समर्थकों ने संयुक्त राष्ट्र में विरोध प्रदर्शन किया, पार्टी से प्रतिबंध हटाने की मांग

संयुक्त राष्ट्र, 20 मई। बांग्लादेश में अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में उसके समर्थकों ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि संयुक्त राष्ट्र यह सुनिश्चित करे कि देश में लोकतंत्र फिर से कायम हो।
यूएसए अवामी लीग के अध्यक्ष सिद्दीक रहमान ने कहा, “मोहम्मद यूनुस की गैरकानूनी सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि यह एक कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई पार्टी है।”
उन्होंने कहा कि अगर चुनाव संयुक्त राष्ट्र की मंशा के मुताबिक सभी को साथ लेकर कराए जाने हैं, तो अवामी लीग से प्रतिबंध हटाया जाना चाहिए और उसे चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतंत्र बहाल हो।
रहमान ने कहा कि भले ही यूनुस को नोबेल पुरस्कार मिला हो, लेकिन अब वह एक तानाशाह बन गए हैं। वह बिना चुनाव के सरकार चला रहे हैं और उन्होंने एक चुनी हुई वैध सरकार को हटा दिया है।
विरोध प्रदर्शन में बोलने वालों ने कहा कि अमेरिका को बांग्लादेश में लोकतंत्र फिर से बहाल करने की मांग करनी चाहिए।
यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था।
पिछले सप्ताह बांग्लादेश चुनाव आयोग ने पार्टी का पंजीकरण रद्द कर दिया, जिससे वह चुनाव में भाग लेने के लिए अयोग्य हो गई।
बांग्लादेश ने चुनाव की तारीख तय नहीं की है।
विरोध प्रदर्शन के आयोजक प्रदीप कर ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगों के साथ संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र सौंपा है।
उन्होंने कहा कि शेख हसीना ‘वैध प्रधानमंत्री हैं’, जबकि यूनुस ने “जमात-ए-इस्लामी और आतंकवादियों” की मदद से सत्ता हासिल की है।
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तानी ड्रोन के निशाने पर थे निर्दोष नागरिक, भारतीय सेना ने मार गिराया

नई दिल्ली, 10 मई। भारतीय सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान के हमले को नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान ने हमला ड्रोन के जरिए शनिवार की सुबह किया। हालांकि, पहले से सतर्क भारतीय सेना के आगे पाकिस्तान की एक नहीं चली और उसके ड्रोन जमीन पर औंधे मुंह गिरे।
बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान की सेना ने विस्फोटकों से भरे ड्रोन भारतीय आबादी क्षेत्र में भेजे थे। इनका मकसद पंजाब में सामान्य नागरिकों के ठिकानों पर हमला करना था। पाकिस्तान के ड्रोन भारत में ज्यादा से ज्यादा सामान्य नागरिकों को नुकसान पहुंचाना चाहते थे। लेकिन, पाकिस्तान के नापाक मंसूबे को भारतीय सेना ने पूरी तरह से विफल कर दिया।
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि शनिवार तड़के सुबह लगभग पांच बजे, पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार पंजाब के अमृतसर की ओर कई कामिकेज ड्रोन भेजे। कामिकेज ड्रोन एक खतरनाक आत्मघाती मानव रहित हवाई वाहन होते हैं। ये ड्रोन विस्फोटक के साथ उड़ान भरते हैं। पेलोड यानी विस्फोटक समेत ड्रोन अपने लक्ष्य से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
पाकिस्तानी सेना द्वारा भेजे गए इन ड्रोनों का लक्ष्य भारत में अमृतसर की घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों पर हमला करना था। हालांकि, भारतीय सेना की वायु रक्षा प्रणाली की सतर्कता और तेज प्रतिक्रिया के चलते, ये ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही कुछ ही क्षणों में पहचान लिए गए। सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने इन्हें ट्रैक किया और तुरंत ही नष्ट कर दिया।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में तैनात त्वरित प्रतिक्रिया वाली वायु रक्षा तोपों का उपयोग कर गनर्स ने इन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। इन पाकिस्तानी ड्रोन का मलबा अमृतसर के रिहायशी इलाकों में नहीं गिरा और कोई जनहानि नहीं हुई।
रक्षा जानकार बताते हैं कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि इन ड्रोनों में उच्च विस्फोटक सामग्री थी। पाकिस्तानी ड्रोन में मौजूद इस विस्फोटक सामग्री का उद्देश्य निर्दोष नागरिकों को अधिकतम क्षति पहुंचाना था। यह पाकिस्तान की ओर से उकसावे की एक नई और गंभीर हरकत मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय
जम्मू एयरफोर्स बेस पर विस्फोट की खबर निकली झूठी, पाकिस्तान के फेक दावों की खुली पोल

नई दिल्ली, 9 मई। पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा पर लगातार हमले की कोशिश जारी है, लेकिन भारतीय सेना की तरफ से भी पाकिस्तानी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक दावों के साथ पोस्ट भी शेयर किए जा रहे हैं। ऐसी ही एक पोस्ट में दावा किया गया कि जम्मू एयरफोर्स बेस पर विस्फोट हुआ है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने जम्मू एयरफोर्स बेस पर विस्फोट के पाकिस्तान के दावों की पोल खोल दी है। पीआईबी के फैक्ट चेक में पुष्टि हुई है कि जिस तस्वीर को जम्मू एयरफोर्स बेस का बताया जा रहा है, वह तस्वीर साल 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर हुए ब्लास्ट की है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, “भारत में जम्मू एयरफोर्स बेस पर कई विस्फोटों के झूठे दावों के साथ एक पुरानी तस्वीर प्रसारित की जा रही है। पीआईबी फैक्ट चेक में पता चला है कि यह तस्वीर अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर हुए विस्फोट की है। उस समय की एक रिपोर्ट का लिंक भी शेयर किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “गलत सूचना के झांसे में न आएं। शेयर करने से पहले हमेशा पुष्टि करें।”
इससे पहले, पीआईबी फैक्ट चेक ने पाकिस्तान द्वारा गुजरात के हजीरा पोर्ट पर हमले की झूठी खबरों का भी खंडन किया था।
पीआईबी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ खूब वायरल हो रही है कि गुजरात के हजीरा पोर्ट पर हमला हुआ है। लेकिन, यह इससे जुड़ा हुआ वीडियो नहीं है। यह वीडियो तेल टैंकर विस्फोट को दर्शा रहा है और 7 जुलाई 2021 की है। इस वीडियो को शेयर न करें।
पीआईबी फैक्ट चेक में एक और वीडियो के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें दावा किया जा रहा था कि यह जालंधर पर ड्रोन स्ट्राइक का वीडियो है। जबकि यह वीडियो फॉर्म फायर का है। इस वीडियो को शेयर न करने की अपील की गई है।
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