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गुजरात टाइटंस के लिए हर मैच में एक नया विजेता सामने आया : मोहम्मद शमी
हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का समापन हुआ, 2022 का सीजन गुजरात टाइटंस के लिए बेहतरीन रहा, जिसने अपने पहले ही सीजन में टी20 ट्रॉफी अपने नाम की। एक टीम जिसे ट्राफी का दावेदार मानने से इनकार किया गया था और मेगा नीलामी के बाद कमजोर करार दिया गया था, उसने 29 मई को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 1,04,859 प्रशंसकों के सामने राजस्थान रॉयल्स को खिताबी मुकाबले में हराकर जीत हासिल की।
अब, उनके तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने आईपीएल 2022 जीतने में गुजरात के लिए क्या काम किया, इस पर विस्तार से बताया है।
फ्रेंचाइजी द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में शमी ने खुलासा किया कि विभिन्न खिलाड़ी अलग-अलग मैचों में टीम को जिताने के लिए आगे आए।
गुजरात की जीत में, शमी, लॉकी फग्र्यूसन, शुभमन गिल, कप्तान हार्दिक पांड्या, डेविड मिलर, राशिद खान, राहुल तेवतिया और रिद्धिमान साहा ने प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता, जिसमें गिल, मिलर और पांड्या ने सीजन में दो बार इस पुरस्कार को अपने नाम किया।
उन्होंने कहा, “सबसे अच्छी बात जो देखने वाली थी, जैसे हर टीम के लिए उनके वरिष्ठ खिलाड़ी या कुछ अन्य खिलाड़ी प्रदर्शन करते हैं। लेकिन जब हम अपनी टीम को देखते हैं, तो हर मैच में (गुजरात टाइटंस के लिए), एक नया चेहरा विजेता के रूप में सामने आया, जिसे देखकर लोगों ने खूब लुत्फ उठाया और जिसका परिणाम आप अभी देख रहे हैं।”
शमी ने 6.62 की इकॉनमी रेट से पावर-प्ले में 11 विकेट हासिल किए, जो टूर्नामेंट में एक गेंदबाज द्वारा लिए गए संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट थे। उन्होंने आईपीएल 2022 में टीम का शानदार प्रदर्शन का श्रेय मैदान के बाहर के माहौल को दिया।
शमी ने कहा, “यह एक अच्छा सीजन रहा है, खासकर हम सभी के लिए। मेरे अनुसार, एक परिवार और टीम के रूप में हमारे बीच जो बॉन्डिंग थी, वह वास्तव में अच्छी तरह से दिख रही थी। (टीम) प्रबंधन ने अपनी भूमिका वास्तव में अच्छी तरह से निभाई है और किसी ने कोई दबाव महसूस नहीं होने दिया।”
गुजरात के साथ आईपीएल 2022 ट्रॉफी जीतने के बाद शमी का अगला कार्य 1 से 5 जुलाई तक एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ भारत का पांचवां टेस्ट खेलना होगा, जो पिछले साल स्थगित हो गया था।
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मेसी का शानदार प्रदर्शन, इंटर मियामी ने न्यू इंग्लैंड रेवोल्यूशन को 2-1 से हराया

लियोनेल मेसी ने एक बेहतरीन असिस्ट और मैच के आखिर में किए गए गोल की मदद से इंटर मियामी को न्यू इंग्लैंड रेवोल्यूशन के खिलाफ 2-1 से जीत दिलाई। इस जीत के साथ ही टीम ने अगले साल होने वाले कॉन्काकैफ चैंपियंस कप में अपनी जगह पक्की कर ली है।
इस जीत से मियामी एमएलएस कप प्लेऑफ से पहले ईस्टर्न कॉन्फ्रेंस में नंबर 2 सीड की स्थिति में पहुंच गई है। इस सीजन में मेसी के नाम अब 26 गोल और 16 असिस्ट हो गए हैं। इसके साथ ही वह लगातार तीसरी बार एमएलएस एमवीपी अवार्ड और लगातार दूसरी बार ‘गोल्डन बूट’ जीतने की रेस में सबसे आगे हो गए हैं।
पहले 45 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला रहा और हाफ टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इस दौरान इंटर मियामी को 28वें मिनट में एक अच्छा मौका मिला, जब मेक्सिकन खिलाड़ी बर्टेरामे ने बॉक्स के बाईं ओर से बाएं पैर से शॉट मारा, जिसे न्यू इंग्लैंड के गोलकीपर मैट टर्नर ने बचा लिया।
दूसरे हाफ में, 53वें मिनट में डेनियल गाजदाग के गोल की बदौलत मेजबान टीम (न्यू इंग्लैंड) ने खाता खोला। 69वें मिनट में इंटर मियामी ने शानदार टीम वर्क दिखाते हुए स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया। सेगोविया ने बॉक्स के अंदर एक ‘लॉब’ पास दिया, जिस पर मेसी ने हेडर से गेंद को बर्टेरामे की तरफ बढ़ाया। बर्टेरामे ने बॉक्स के बीच से एक जोरदार हेडर लगाकर गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। यह इस रेगुलर सीजन में बर्टेरामे का 10वां गोल था, जबकि मेसी का यह इस लीग सीजन का 16वां असिस्ट रहा।
83वें मिनट में इंटर मियामी ने मैच का पासा पूरी तरह से पलटा। एक बेहतरीन पासिंग सीक्वेंस के बाद मेसी ने निर्णायक गोल किया। सुआरेज ने बॉक्स के बाहर बीच में मेसी को गेंद दी, जहां अर्जेंटीना के इस स्टार खिलाड़ी ने तीन डिफेंडरों को छकाया। इसके बाद सेगोविया के साथ मिलकर वह बॉक्स के अंदर पहुंचे और एक सटीक शॉट के जरिए गेंद को गोल पोस्ट के निचले दाएं कोने में पहुंचा दिया।
इस गोल के साथ मेसी के कुल गोल की संख्या 26 हो गई है, जिससे वह एमएलएस 2026 गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं। वहीं, इस रेगुलर सीजन में सेगोविया के असिस्ट की संख्या 12 हो गई है। इसके बाद 1-2 की स्कोरलाइन अंतिम सीटी बजने तक कायम रहा, जिससे इंटर मियामी ने अपने घर से बाहर खेलते हुए तीन अंक हासिल किए।
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न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज, ऋषभ पंत को मिलेगा एक और फिटनेस टेस्ट का मौका

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को अपनी फिटनेस साबित करने का एक और मौका मिलेगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए रवाना होने से पहले, उन्हें एक और फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा।
पंत को ईरानी कप मैच के दौरान, ‘रेस्ट ऑफ इंडिया’ की कप्तानी करते हुए ‘साइड स्ट्रेन’ की समस्या हुई थी। वह पिछले लगभग 10 दिनों से बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में हैं, जहां रविवार को वह एक फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाए।
‘क्रिकइन्फो’ की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड जाने की मंजूरी मिलने से पहले, वह दो दिनों के भीतर एक और फिटनेस टेस्ट देंगे। अगर वह इस बार टेस्ट पास कर लेते हैं, तो न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ तीसरे मल्टी-डे मैच के लिए इंडिया ‘ए’ टीम से जुड़ जाएंगे। यह मैच 7 नवंबर से लिंकन में शुरू होगा।
पंत को इंडिया ‘ए’ की उस टीम में शामिल किया गया था, जिसे न्यूजीलैंड दौरे पर तीन चार-दिवसीय मैच खेलने थे। ये मुकाबले टीम की तैयारियों के लिए थे। हालांकि, पंत का खेलना उनकी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर था। रिकवरी के चलते वह शुरुआती दो मुकाबलों से बाहर हो गए थे, और उनकी जगह कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया। हालांकि, पहले दो मुकाबलों में कप्तान ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की थी।
पंत को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में चुना गया था, जो 19 नवंबर से शुरू हो रही है। हालांकि, इस सीरीज में पंत का खेलना भी उनकी फिटनेस क्लीयरेंस पर ही निर्भर है।
उसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं। टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए, उनके न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ तीसरे मल्टी-डे मैच में खेलने की संभावना है। बुमराह को वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज से आराम दिया गया था।
ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि बीसीसीआई अपने इस अहम तेज गेंदबाज को न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले पूरी तरह सुरक्षित और फिट रखना चाहता है। भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों के लिहाज से यह टेस्ट सीरीज काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एशियन गेम्स के फाइनल के बाद से उन्होंने कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है; उस फाइनल में भारत ने अपनी सबसे मजबूत टीम उतारी थी। न्यूजीलैंड रवाना होने से पहले, वे पिछले हफ्ते बीसीसीआई सीओई में ट्रेनिंग कर रहे थे, ताकि खुद को खेलने के लिए पूरी तरह तैयार कर सकें।
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विश्व आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत ने अब तक जीते 20 पदक, अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा

47वीं विश्व आर्म रेसलिंग और 28वीं विश्व पैरा आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 के फाइनल के पहले दो दिनों में, भारतीय आर्म रेसलर्स ने चार स्वर्ण, दो रजत और 14 कांस्य पदक जीते। इसके साथ ही, रूस, कजाकिस्तान और तुर्की के बाद पदक तालिका में भारत ने चौथा स्थान हासिल किया।
भारत में पहली बार आयोजित हो रही इस चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के 1,700 से ज्यादा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन गुरुवार को केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, और हमीरपुर के सांसद व पूर्व केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में हुआ था। इस चैंपियनशिप का आयोजन ‘वर्ल्ड आर्म रेसलिंग फेडरेशन’ (डब्ल्यूएएफ) के अंतर्गत ‘पीपल्स आर्म रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (पीएएफआई) द्वारा किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में डब्ल्यूएएफ के अध्यक्ष एसेन हाजितोडोरोव, महासचिव मिर्सिया सिमियोनेस्कु-सिमिसेल, एशियन आर्मरेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष जीनबेक मुकाम्बेटोव और आर्मरेसलिंग ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष फिल रासमुसेन भी मौजूद थे। 29 अक्टूबर को भारत के ‘मास्टर्स’ दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण, एक रजत और सात कांस्य पदक अपने नाम किए थे। जिंसीमोल सेबेस्टियन ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और ‘ग्रैंड मास्टर महिला 80 किग्रा’ वर्ग में दोनों हाथों से स्वर्ण पदक जीते।
योगेश चौधरी ने ‘मास्टर महिला प्लस 80 किग्रा’ वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य पदक जीता, जबकि शौकत वीटी ने ‘मास्टर पुरुष 60 किग्रा’ वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य पदक हासिल किया। ग्रैंड मास्टर महिला प्लस 80 किग्रा वर्ग में दाएं हाथ की स्पर्धा में मिनिमोली जोस ने रजत और प्रीथा सी ने कांस्य पदक जीता। प्रिया पय्यान कुन्हीवीट्टिल और मिनी के ने भी अपनी-अपनी श्रेणियों में दो-दो कांस्य पदक जीते।
30 अक्टूबर को हुए लेफ्ट-आर्म फाइनल में युवा खिलाड़ियों ने आठ पदक जीते। जिमीसन मारवेन ने यूथ मेन्स 65 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता, जबकि आभास राणा (जूनियर बॉयज प्लस 90 किलोग्राम), लैथनसंगा (यूथ मेंस 55 किलोग्राम), अजय कुमार (यूथ मेंस 60 किलोग्राम) और विष्णुप्रिया पी (यूथ विमेंस 80 किलोग्राम) ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। सब-जूनियर वर्ग में आर्यन सिंह (-45 किलोग्राम), युमनाम चिंगखेई सिंह (50 किलोग्राम) और शेन सालिश (70 किलोग्राम) ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीते।
पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के अलावा भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। कुल 128 भारतीय खिलाड़ियों ने 101 में से 90 फाइनल मुकाबलों में जगह बनाई और 154 फिनिश हासिल किए। इनमें 17 खिलाड़ी ऐसे रहे जो पदक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। मास्टर मेन्स 110 किग्रा वर्ग में नवीन पॉल और ग्रैंड मास्टर विमेंस 80 किग्रा वर्ग में मिहसंगेवभा रिम्बई ने लेफ्ट और राइट आर्म दोनों स्पर्धाओं के फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया।
ये नतीजे अंतरराष्ट्रीय आर्म रेसलिंग में भारत की बढ़ती मौजूदगी को दर्शाते हैं। सब-जूनियर से लेकर ग्रैंड मास्टर तक पांच अलग-अलग आयु वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं। यह चैंपियनशिप उन खिलाड़ियों के लिए भी एक मंच है जो प्रोफेशनल सर्किट में जाना चाहते हैं। योगेश चौधरी और आभास राणा 28 नवंबर को पुणे में होने वाली ‘प्रो पंजा लीग’ के ‘गोल्ड एडिशन 2’ में हिस्सा लेंगे। ‘प्रो पंजा लीग’ और ‘पूनावाला ग्रुप’ द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत और दुनिया के कई बेहतरीन आर्म रेसलर्स के शामिल होने की उम्मीद है।
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