अपराध
पंजाब डीजीपी की सफाई, मूसेवाला को कभी गैंगस्टर नहीं कहा
आलोचनाओं का सामना कर रहे पंजाब के पुलिस महानिदेशक वी.के. भावरा ने सोमवार को अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी सिद्धू मूसेवाला को गैंगस्टर नहीं कहा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यहां अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक दिन पहले डीजीपी द्वारा मूसेवाला पर दिए गए एक बयान पर स्पष्टीकरण मांगा है।
अपने बयान को स्पष्ट करते हुए डीजीपी ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के लिए उनके मन में सबसे ज्यादा सम्मान है और वह पंजाब के एक प्रसिद्ध कलाकार और सांस्कृतिक प्रतीक थे।
डीजीपी ने कड़े शब्दों में हत्या की निंदा की और कहा कि जांच जारी है और अपराधियों को न्याय दिलाने के लिए जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
डीजीपी भावरा ने आगे कहा कि उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा कि मूसेवाला एक गैंगस्टर था या गैंगस्टरों से जुड़ा था।
डीजीपी ने आगे कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से गोल्डी बरार ने जिम्मेदारी ली है। जांच में हत्या के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि उन्हें मीडिया के एक वर्ग द्वारा गलत तरीके से पेश किया गया है और वह मूसेवाला का बहुत सम्मान करते हैं।
सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा में कटौती के 24 घंटे से भी कम समय में रविवार को दिनदहाड़े मानसा में उनके पैतृक गांव के पास गैंगस्टरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह 29 वर्ष के थे।
वह महिंद्रा थार एसयूवी में सवार थे, जब हमलावरों ने सिंगर और उनके दो दोस्तों पर 20 से अधिक राउंड फायर किए, उनके दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मूसेवाला को सात-आठ गोलियां लगीं।
मूसेवाला को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मानसा अस्पताल के सिविल सर्जन ने कहा कि मूसेवाला को मृत लाया गया, जबकि दो अन्य को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
यह घटना पंजाब पुलिस द्वारा पूर्व विधायकों, दो तख्तों के जत्थेदारों, डेरों के प्रमुखों और पुलिस अधिकारियों सहित 420 से अधिक लोगों की सुरक्षा वापस लेने के आदेश के एक दिन बाद हुई है।
उनके चार बंदूकधारियों में से दो को नए सरकारी आदेश के साथ वापस ले लिया गया था। जब वारदात हुई, तब मूसेवाला बिना सुरक्षा के थे।
उनकी गाड़ी बुलेट प्रूफ भी नहीं थी। पुलिस ने बताया कि आम तौर पर वह आने-जाने के लिए बुलेट प्रूफ टोयोटा फॉर्च्यूनर का इस्तेमाल करते थे।
अपराध
दिल्ली: द्वारका पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 361 विदेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर भेजा

नई दिल्ली, 6 जनवरी: राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका जिला पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत 2025 में 361 अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान की और उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया।
यह कार्रवाई पुलिस की तरफ से खास तौर पर उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ थी जो बिना वैलिड वीजा के लंबे समय से भारत में रह रहे थे और देश के संसाधनों का उपयोग कर रहे थे। इस ऑपरेशन में द्वारका जिले के विभिन्न पुलिस स्टेशनों और विशेष टीमों ने अहम भूमिका निभाई।
स्पेशल ऑपरेशन के दौरान, सबसे अधिक डिपोर्टेशन एंटी नारकोटिक्स सेल (109), पुलिस स्टेशन डाबरी (76) और स्पेशल स्टाफ ने (54) सहित अन्य स्टेशनों से भी लोगों को डिपोर्ट किया गया है। अन्य प्रमुख टीमें पुलिस स्टेशन उत्तम नगर (48), पुलिस स्टेशन बिंदापुर (40), और पुलिस स्टेशन मोहन गार्डन (19) थीं। इन टीमों ने मिलकर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया और उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया।
अवैध रूप से रह रहे नागरिकों में सबसे अधिक संख्या नाइजीरिया (187), बांग्लादेश (82), और आइवरी कोस्ट (26) सहित कई अन्य देशों के नागरिकों की थी। इनके अलावा, म्यांमार, घाना, सेनेगल, लाइबेरिया, और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल थे। विशेष ध्यान देने योग्य बात यह थी कि कई महिलाएं और बच्चे भी इन अवैध नागरिकों में शामिल थे।
दिसंबर 2025 में, पुलिस ने नाइजीरिया के 2 अवैध नागरिकों को भी डिपोर्ट किया। इन सभी नागरिकों को एफआरआरओ के सामने पेश किया गया, जहां से डिपोर्टेशन का आदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद, उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया, जहां से उन्हें उनकी संबंधित देशों में वापस भेजा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि द्वारका जिला पुलिस की यह कार्रवाई अवैध प्रवासियों के खिलाफ लगातार जारी रहेगी। पुलिस टीमों का कहना है कि वे इलाके में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ खुफिया जानकारी जुटाते रहेंगे और उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।
इससे पहले भी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर दो नाइजीरियाई नागरिकों को उनके यात्रा/व्यापार वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया था कि मिरासेल ओन्येका और मोसेस चिनोसो नाम के दो नाइजीरियाई नागरिक 31 दिसंबर को हौज खास गांव में न्यू ईयर की पार्टी के लिए जाते समय गिरफ्तार किए गए थे।
अवैध रूप से और तय समय से अधिक समय तक रहने वाले विदेशी प्रवासियों की समस्या से निपटने के लिए दक्षिण पश्चिम जिले के ऑपरेशन सेल की विशेष टीमों को खुफिया जानकारी जुटाने और ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
अपराध
युवक की पीटकर हत्या करने के मामले में दो वांछित बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार

CRIME
ग्रेटर नोएडा, 6 जनवरी: गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच सोमवार देर रात मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। दोनों आरोपी हाल ही में दर्ज हत्या के मामले में वांछित थे। पुलिस ने मौके से अवैध हथियार और कारतूस बरामद कर लिए हैं तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 5 जनवरी 2026 की रात थाना दादरी पुलिस जारचा अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे नहीं रुके और भागने का प्रयास करने लगे। शक होने पर पुलिस टीम ने उनका पीछा किया।
खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश घायल हो गए। बाद में उनकी पहचान प्रशांत उर्फ सिट्टू पुत्र बिजेंद्र, निवासी कैमराला, थाना दादरी, गौतमबुद्धनगर और प्रशांत पुत्र गजब सिंह, निवासी निजामपुर, थाना सिकंदराबाद, जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई।
पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे .315 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी 5 जनवरी 2026 को दादरी क्षेत्र में हुई एक गंभीर आपराधिक घटना में शामिल थे। आरोप है कि अभियुक्तों ने पीड़ित के चचेरे भाई मोहित पुत्र धर्मवीर और गांव के हरकेश पुत्र जतन सिंह के साथ जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी।
इस दौरान जान से मारने की धमकी दी गई और वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। घटना में गंभीर रूप से घायल हरकेश की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद मुकदमे में हत्या से संबंधित धाराएं बढ़ा दी गईं। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। देर रात हुई मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों का इलाज चल रहा है और उनके खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अपराध
मुंबई के मीरा भायंदर में नाबालिग से शोषण का सनसनीखेज मामला, ‘ऑनलाइन नीलामी’ का आरोप

crime
मुंबई, 5 जनवरी: महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र के मीरा भायंदर इलाके में एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर गंभीर शोषण, ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया। वालिव पुलिस स्टेशन की सीमा में दर्ज शिकायत के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने ही इलाके के युवक जावेद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले जावेद से उसकी जान-पहचान दोस्ती में बदली। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने चोरी-छिपे उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए और बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया। पीड़िता का दावा है कि ब्लैकमेलिंग के दबाव में आरोपी उसे मध्य प्रदेश ले गया, जहां एक कमरे में करीब छह महीने तक उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया।
पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उसके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट बनाया। आरोप है कि इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए आरोपी ने नाबालिग की तस्वीरें पोस्ट कर ‘रेट कार्ड’ जारी किया और उसे ऑनलाइन नीलाम करने की कोशिश की। यह आरोप सामने आने के बाद साइबर अपराध और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की। बताया गया है कि पीड़िता पहले से ही पारिवारिक संकट से गुजर रही थी, क्योंकि हाल ही में उसके पिता का निधन हुआ था, जिससे उसकी स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
पीड़िता की ओर से इस मामले में वालिव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम उसे धमकियां दे रहा है, जिससे वह और उसका परिवार दहशत में हैं। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की गति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
न्याय न मिलने और सुरक्षा को लेकर भयभीत पीड़िता अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही है। उसने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, अपनी सुरक्षा और जांच की मांग की है।
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